Assembly Elections 2026: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक मजबूत करने की तैयारी कर ली है. राज्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, इंडिया रिजर्व बटालियन और अन्य राज्यों की सशस्त्र पुलिस की सैकड़ों कंपनियां पहले ही पहुंच चुकी हैं. आगामी 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होना है, ऐसे में आयोग ने किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए व्यापक तैनाती की रणनीति अपनाई है. शुरुआती चरण में 480 कंपनियों की तैनाती पूरी कर ली गई है और आने वाले दिनों में यह संख्या तेजी से बढ़ाई जाएगी, ताकि मतदान से पहले पूरे राज्य में सुरक्षा का मजबूत घेरा तैयार हो सके.
चरणबद्ध तरीके से पहुंचेगी अतिरिक्त फोर्स
चुनाव आयोग ने सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाकर कुल 2400 कंपनियां करने का फैसला लिया है. इसके तहत 1920 अतिरिक्त कंपनियों को अलग-अलग तारीखों में राज्य भेजा जाएगा. योजना के अनुसार 31 मार्च तक 300 कंपनियां, 7 अप्रैल तक फिर 300, 10 अप्रैल को 300, 13 अप्रैल को 277 और 17 अप्रैल को 743 कंपनियां राज्य में तैनात हो जाएंगी. इस चरणबद्ध तैनाती का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान से पहले हर संवेदनशील क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा बल मौजूद रहे.
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दो चरणों में मतदान, पहले से पूरी तैयारी
राज्य में मतदान दो चरणों में कराया जाएगा. पहला चरण 23 अप्रैल को जबकि दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा. चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि दोनों चरणों के मतदान से पहले सभी केंद्रीय बलों की तैनाती पूरी कर ली जाएगी. इसका मकसद मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त बनाना है.
मतदान के बाद भी जारी रहेगी सुरक्षा निगरानी
मतदान समाप्त होने के बाद भी सुरक्षा बलों की भूमिका खत्म नहीं होगी. लगभग 200 कंपनियां ईवीएम, स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्रों की सुरक्षा में तैनात रहेंगी, जो परिणाम घोषित होने तक वहां मौजूद रहेंगी. इसके अलावा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 500 कंपनियां अगले आदेश तक राज्य में ही तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी तरह की हिंसा या तनाव को रोका जा सके.
हिंसा के अनुभव से लिया गया फैसला
पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए आयोग ने इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरती है. मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 1700 कंपनियों को वापस भेज दिया जाएगा. आयोग ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर विस्तृत तैनाती योजना तैयार की जाए.
फोर्स मूवमेंट की जिम्मेदारी CRPF के पास
केंद्रीय बलों की आवाजाही और उनकी तैनाती का जिम्मा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को सौंपा गया है. पश्चिम बंगाल सेक्टर के महानिरीक्षक शलभ माथुर को राज्य स्तरीय समन्वयक बनाया गया है. राज्य सरकार को यह भी कहा गया है कि बलों के लिए परिवहन, ठहरने और अन्य जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं.
23 मार्च को जारी होगी पूरक मतदाता सूची
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी भी साझा की है. तार्किक विसंगति वाले मामलों की जांच के बाद तैयार की गई पहली पूरक मतदाता सूची अब 23 मार्च को जारी की जाएगी. पहले इसे 20 मार्च को प्रकाशित किया जाना था.
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