Jharkhand Weather Alert: झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. सोमवार को हुई बेमौसम बारिश ने खासकर किसानों की चिंता बढ़ा दी है. कई इलाकों में तेज बारिश और हवा की वजह से फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं. इसी बीच मौसम विभाग के रांची केंद्र ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि राज्य में अगले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है. ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम को हल्के में नहीं लेने की सलाह दी गई है.
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 7 अप्रैल से 9 अप्रैल 2026 तक झारखंड के कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है. खास तौर पर मध्य और दक्षिणी झारखंड में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है. इन इलाकों में बादल गरजने, वज्रपात होने और तेज हवा चलने के आसार जताए गए हैं. विभाग के मुताबिक इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
इन जिलों में ज्यादा दिखेगा असर
मौसम विभाग ने जिन जिलों में ज्यादा असर की संभावना जताई है, उनमें रांची, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, खूंटी, गुमला, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं. इन क्षेत्रों में बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा. ऐसे में लोगों को बेवजह खुले में निकलने से बचने की सलाह दी गई है.
मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिल सकता है. विभाग के अनुमान के मुताबिक रांची में अधिकतम तापमान 32 डिग्री से घटकर 31 डिग्री तक जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 डिग्री से 17 डिग्री के आसपास रह सकता है. इसके अलावा बोकारो, हजारीबाग और रामगढ़ में भी तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है.
इन इलाकों में बारिश का असर रहेगा कम
राज्य के उत्तर और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में बारिश का प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है. देवघर, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जैसे जिलों में बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन वहां मौसम की तीव्रता कम रहने का अनुमान है. वहीं उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कोडरमा, चतरा और पलामू जैसे इलाकों में तापमान अधिक रह सकता है, हालांकि वहां भी हल्की बारिश या तेज हवा का असर देखने को मिल सकता है.
मौसम विभाग ने मौजूदा हालात को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है. इसका सीधा मतलब है कि मौसम अचानक खतरनाक रूप ले सकता है और लोगों को पहले से सतर्क रहने की जरूरत है. खासकर बिजली गिरने और तेज हवा के कारण नुकसान की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
लोगों और किसानों के लिए जारी की गई सलाह
विभाग ने साफ कहा है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें. पेड़ों के नीचे खड़ा होना भी खतरनाक साबित हो सकता है. वहीं किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए पहले से जरूरी इंतजाम करने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवा और बारिश के चलते खेतों में नुकसान बढ़ सकता है.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 10 अप्रैल से मौसम में सुधार के संकेत मिल सकते हैं. बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं और तापमान फिर से बढ़ने लग सकता है. फिलहाल अगले कुछ दिन तक सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव मानी जा रही है.
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