Imran Khan Son Kasim Khan reacts on father death news: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान एक बार फिर से रहस्यमय परिस्थितियों में सुर्खियों में हैं. रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद इमरान से पिछले तीन हफ्तों से न उनकी बहनें मिल पाई हैं और न ही उनके वकील. स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि उनके जिंदा होने पर सवाल उठने लगे हैं. हालांकि जेल प्रशासन ने मौत की खबरों को खारिज किया है और कहा है कि इमरान खान पूरी तरह स्वस्थ हैं, लेकिन परिवार को अब तक उनसे मिलने या बात करने की अनुमति नहीं मिली है.
My father has been under arrest for 845 days. For the past six weeks, he has been kept in solitary confinement in a death cell with zero transparency. His sisters have been denied every visit, even with clear court orders allowing access. There have been no phone calls, no… pic.twitter.com/VZm26zM4OF
— Kasim Khan (@Kasim_Khan_1999) November 27, 2025
बेटे कासिम ने उठाए बड़े सवाल — “हमारे पास जीवित होने का कोई प्रमाण नहीं.”
इमरान खान के छोटे बेटे कासिम खान ने पहली बार खुलकर कड़ा बयान जारी किया है. एक्स पर पोस्ट किए गए अपने संदेश में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनके पिता को “पूरी तरह अकेलेपन और एकांतवास” में रख रही है और परिवार को मुलाकात से जानबूझकर वंचित किया जा रहा है. कासिम ने लिखा — “हमारे पास आज की तारीख तक यह साबित करने का कोई सबूत नहीं है कि हमारे पिता जीवित हैं. अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद न कोई मुलाकात हुई है, न कॉल, न कोई आधिकारिक जानकारी मिली है.”
उन्होंने कहा कि इमरान को गिरफ्तारी के 845 दिन हो चुके हैं और पिछले छह हफ्तों से उन्हें ऐसी कोठरी में रखा गया है जहां बाहरी दुनिया से बिल्कुल भी संपर्क नहीं है. कासिम का दावा है कि वह और उनके भाई किसी भी माध्यम से अपने पिता तक नहीं पहुंच पा रहे हैं.
“सूचना को जानबूझकर रोका जा रहा है” — गंभीर आरोप.
कासिम खान ने मौजूदा हालात को “सुनियोजित सूचना-अवरोध” बताया. उनके अनुसार, यह किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत नहीं बल्कि पिता की वास्तविक स्थिति को छिपाने के उद्देश्य से किया जा रहा है. उन्होंने अडियाला जेल का जिक्र करते हुए कहा कि यह जेल वैसे भी कुख्यात है और मौत की सजा पाने वाले कैदियों और खतरनाक अपराधियों को रखने के लिए जानी जाती है, जिससे समर्थकों और परिजनों की चिंता और बढ़ गई है.
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दखल की अपील
अपने बयान के अंत में कासिम खान ने वैश्विक संस्थाओं से मदद की मांग की और चेतावनी दी कि पाकिस्तान सरकार और उसके संचालक “इमरान खान की जान से जुड़ी किसी भी स्थिति के लिए जिम्मेदार होंगे.” उन्होंने कहा — “मैं संयुक्त राष्ट्र, वैश्विक मानवाधिकार संगठनों और लोकतांत्रिक देशों से अपील करता हूँ कि हस्तक्षेप करें, जीवित होने का प्रमाण मांगें और अदालत द्वारा आदेशित मुलाकात को सुनिश्चित करवाएँ.”
दोनों बेटों की बढ़ी चिंता — वायरल हुआ पॉडकास्ट
The situation isn't just serious anymore – it's desperate. Far more desperate than anyone is willing to admit!
— Namkeen Chai نمکین چائے (@enigmaakh) November 27, 2025
When a man's own sons are forced to ask for proof of life, understand this: the line has already been crossed.#WHEREISIMRANKHAN @Kasim_Khan_1999@MarioNawfal… pic.twitter.com/Jdruc4sA4R
जेल में मुलाकात पर अनौपचारिक प्रतिबंध जारी रहने के बीच इमरान खान के दोनों बेटे, कासिम और सुलेमान, हाल ही में एक पॉडकास्ट में पहली बार खुलकर सामने आए. उन्होंने कहा कि इमरान की सजा में “मृत्यु जैसे प्रावधान” जोड़ दिए गए हैं, जिससे उनकी चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
जेल प्रशासन और सरकार का जवाब — “मौत की अफवाहें झूठी हैं.”
अडियाला जेल प्रशासन ने इन सभी आशंकाओं को खारिज किया है. अधिकारियों ने जियो न्यूज को बताया कि इमरान खान पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें “बेहतरीन सुविधाएं” दी जा रही हैं. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि इमरान को ऐसा भोजन, जिम, टीवी और रहन-सहन की सुविधा मिलती है “जो आम कैदियों को तो दूर, फाइव स्टार होटल में भी दुर्लभ है.”
PTI की जिद — “प्रूफ ऑफ लाइफ अभी चाहिए.”
सरकार के आश्वासन के बावजूद PTI का रुख सख्त है. पार्टी ने कहा है कि जब तक परिवार को मिलने नहीं दिया जाता और आधिकारिक बयान के साथ Proof of Life नहीं जारी होता, तब तक संदेह खत्म नहीं होगा. बुधवार को अडियाला जेल के बाहर स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब इमरान की तीन बहनों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मुलाकात की मांग को लेकर धरना दिया. प्रदर्शन तब शांत हुआ जब जेल अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मुलाकात की व्यवस्था की जाएगी.
संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया — मानवाधिकारों का सम्मान हो.
संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता ने कहा है कि विश्व संस्था ने पाकिस्तान से आग्रह किया है कि इमरान खान के मानवाधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया के अधिकारों का सम्मान किया जाए. उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों में निष्पक्षता और कानूनी प्रक्रिया की पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है.
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