Bhagalpur News : भागलपुर के टाउन हॉल में आयोजित भूमि सुधार जनकल्याण संवाद के दौरान सुनवाई की कार्रवाई पीरपैंती प्रखंड से शुरू की गई. पहली सुनवाई पीरपैंती के सिरमतपुर निवासी अजय कुमार सिंह के मामले से हुई. उन्होंने बताया कि उनके पूर्वजों की जमीन आजादी से पूर्व की है और 1977 के सर्वे में दखल में उनका नाम दर्ज है. वर्तमान में उनके पास एक धूर भी जमीन नहीं बची है. घर बनाने के लिए कोई जगह नहीं है. जमीन का एक हिस्सा पर घर बना है, जबकि बाकी हिस्सा बांसबिट्टा है.
अंचलाधिकारी द्वारा इसे सरकारी जमीन बताते हुए घेरने की बात कही गई. इस पर डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यह नहीं चलेगा और मामले की जांच कराई जाएगी.
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संवाद कार्यक्रम में विकास कुमार ने पावर प्लांट के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे में भेदभाव का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि छह मौजा में से चार मौजा को डेढ़ गुणा और दो मौजा को गुणा मुआवजा दिया जा रहा है, जो न्यायोचित नहीं है. सभी मौजा के लिए समान मुआवजे का प्रावधान होना चाहिए.

संबंधित सीओ ने बताया कि पुराने नियम के तहत चार मौजा के लिए डेढ़ गुणा मुआवजे का प्रावधान था, जबकि शेष दो मौजा के लिए प्रावधान से पहले नया नियम लागू हो गया. आदेश मिलने पर जयघोषा की राशि बढ़ाई जा सकती है. इस पर नियमसंगत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.
बाखरपुर पंचायत के धीरज कुमार ने बताया कि उनकी एक एकड़ 98 डिसमिल जमीन है, जिस पर जबरन कब्जा कर लिया गया है. एक ही केवाला दो बार कराया गया है. 47 डिसमिल जमीन छोड़ी गई थी, जिस पर भी भूमाफिया का कब्जा है. सीओ ने बताया कि वे चार माह पहले आए हैं और उनके पास इस संबंध में कोई आवेदन नहीं आया है. डिप्टी सीएम ने आवेदन देने का निर्देश देते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर दोनों पक्षों को सुनकर जांच कर निष्पादन किया जाए.

सबौर के संजीव कुमार सुमन ने बताया कि उनकी जमीन की मापी दो बार हो चुकी है, लेकिन पोजिशन कायम नहीं हो पाई है. उनसे पूछा गया कि मापी से संतुष्ट हैं या नहीं, जिस पर उन्होंने सहमति जताई. बाउंड्री नहीं हो पाने की समस्या बताने पर मंगलवार को बाउंड्री कराने की बात कही गई. डिप्टी सीएम ने सीओ को थाना की मदद लेकर बाउंड्री कराने का निर्देश दिया.
विकास कुमार तिवारी ने बताया कि उन्होंने म्यूटेशन के लिए चार बार आवेदन किया, लेकिन हर बार खारिज कर दिया गया. बताया गया कि खाता-खसरा में जमीन दर्ज नहीं है. 2018 में केस रिजेक्ट कर दिया गया था. उन्हें बताया गया कि सीओ स्तर से खारिज आदेश को सीओ स्वयं रिवर्स नहीं कर सकते. डीसीएलआर के यहां आवेदन देने पर निर्देश मिलने के बाद उचित कार्रवाई होगी.
अरविंद कुशवाहा ने बताया कि वे विक्रमशिला खुदाई स्थल के भूस्थापित हैं, लेकिन अब तक कोई लाभ नहीं मिला है. सीओ ने बताया कि फाइल भेजी गई है. डिप्टी सीएम ने अलग से सीओ से मिलने को कहा.

वीरेंद्र कुमार ने बताया कि वे 2023 से जमीन की मापी के लिए दौड़ रहे हैं. सीओ ने बताया कि केवाला में ओवरराइट है. प्रधान सचिव ने आश्वस्त किया कि मुख्यालय स्तर से मामले की जांच होगी और न्याय मिलेगा.
प्रवीण कुमार राय ने बताया कि उनके पिता का निधन हो चुका है, इसके बावजूद उनके जीवित होने का फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन पर कब्जा कर लिया गया है. सीओ को एक सप्ताह में मामले का निपटारा करने का निर्देश दिया गया. डिप्टी सीएम ने कहा कि फर्जीवाड़े पर यहीं से एफआईआर दर्ज कराने की शुरुआत की जाए.
गोपाल कृष्ण ने बताया कि 2021 में बंटवारा हुआ था, लेकिन रिश्तेदार ने गलत चौहद्दी दिखाकर जमीन बेच दी और म्यूटेशन भी करा लिया. डीसीएलआर के आदेश से म्यूटेशन रद्द हो गया है, लेकिन धोखाधड़ी का मामला दर्ज नहीं हुआ. इस पर एसएसपी को मामले को देखने का निर्देश दिया गया.
विपिन दास ने बताया कि उन्हें 1976 में पर्चा मिला था. दस लोगों की पर्चा वाली जमीन है, लेकिन दखल नहीं दिलाया जा रहा है. बताया गया कि सरकार की नीति के अनुसार कालांतर में दी गई जमीन सीलिंग के लिए 30 वर्षों तक होती थी. यदि जमीन उपयोगी होगी तो नहीं मिलेगी, अन्यथा मिलेगी. डीएम को आवेदन भेजने की बात कही गई.
नाथनगर के मो. हसनेन अंसारी ने बताया कि जलापूर्ति विभाग की जमीन का गलत तरीके से म्यूटेशन करा लिया गया है. डिप्टी सीएम ने सरकार की जमीन बचाने के लिए आगे आने पर उनकी सराहना की और कहा कि निश्चित रूप से मामले को देखा जाएगा.

अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि उनकी जमीन सारथू में है. ऑनलाइन जमाबंदी नहीं हुई है. जमाबंदी का पन्ना फटा हुआ है और म्यूटेशन का मामला भी अटका है. प्रधान सचिव ने विभागीय कमी स्वीकार करते हुए कहा कि फी जमा कर मापी के लिए आवेदन करने पर समाधान होगा. संवाद कार्यक्रम में हर प्रखंड से दो-तीन आवेदकों की सुनवाई की गई.
दिव्यांग को मंच पर बुलाकर सुनी पीड़ा, एसएसपी को जांच का आदेश
बाथ थाना क्षेत्र के धांधी बेलारी निवासी दिव्यांग रामदेव मंडल ने बताया कि उनकी 12 डिसमिल जमीन, जो दाखिल में है, को थानाध्यक्ष ने खाली करवा दिया. पहले ग्रामीणों ने आग लगा दी थी. जमीन गैरमजरूआ नहीं है और अगर है तो कभी मापी कर नहीं बताया गया. डिप्टी सीएम के निर्देश पर दिव्यांग को जवानों की मदद से मंच पर लाया गया. एसएसपी को स्वयं जांच करने और डीएम को थाने से रिपोर्ट लेने का निर्देश दिया गया. डिप्टी सीएम ने उनके रहने की उचित व्यवस्था का भी निर्देश दिया.
डीसीएलआर को फटकार, तीन तारीख में निष्पादन का आदेश
कहलगांव के अंतीचक निवासी कुमोद कुमार वर्मा ने बताया कि पिता के नाम की जमीन में भाई ने अधिक म्यूटेशन करा लिया है. 2008 से आवेदन देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई. डिप्टी सीएम ने डीसीएलआर को फटकार लगाते हुए तीन तारीख में मामले के निष्पादन का आदेश दिया और कहा कि आवेदन में नाम-पता और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से लिखें.
सीओ की उम्र देख वीआरएस पर सवाल, एसएसपी को तत्काल निर्देश
खरीक की गीता देवी ने बताया कि उनका म्यूटेशन आवेदन खारिज कर दिया गया है. सीओ ने बताया कि मां द्वारा दानपत्र और दूसरे पक्ष द्वारा वसीयत के आधार पर दावा किया जा रहा है. डीसीएलआर को 15 दिन में निष्पादन का निर्देश दिया गया. सीओ की अधिक उम्र और लड़खड़ाती बोली देख डिप्टी सीएम ने वीआरएस लेने के बारे में पूछा. गीता देवी के पुत्र ने जान से मारने की धमकी की बात कही, जिस पर एसएसपी को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया गया.
जांच के बिना आवेदन शून्य करने पर सख्त चेतावनी
डिप्टी सीएम ने कहा कि बिना जांच आवेदनों को शून्य करने की शिकायत मिली है. ऐसा करने वालों को शून्य कर दिया जाएगा. हर आवेदन की समीक्षा कर नियमसंगत कार्रवाई करनी होगी. म्यूटेशन खारिज होने पर 30 दिनों के भीतर डीसीएलआर के यहां अपील की जा सकती है.
हर अंचल कार्यालय में गार्ड की तैनाती का आदेश
डिप्टी सीएम ने अंचल कार्यालयों की सुरक्षा को लेकर एसएसपी को गार्ड की तैनाती का आदेश दिया. 15 तारीख से पहले सभी लंबित आवेदनों का निष्पादन करने को कहा गया. आम नागरिकों से अपील की गई कि भूमि संबंधी किसी भी शिकायत के लिए 18003456215 पर कॉल करें, त्वरित समाधान किया जाएगा.
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