Nitish Kumar Rajya Sabha : पटना में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित जेडीयू की बैठक शुक्रवार को काफी भावुक माहौल में हुई. मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद पार्टी के कई विधायक और नेता भावनात्मक नजर आए. बैठक के दौरान कई नेताओं ने उनसे अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील भी की.
फैसले पर नेताओं ने जताई भावनाएं
मुख्यमंत्री आवास में हुई इस बैठक में जेडीयू के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने खुलकर अपनी बातें रखीं. चर्चा के दौरान कई नेता भावुक हो गए और उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे राज्यसभा जाने के फैसले पर एक बार फिर विचार करें.
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बैठक से बाहर निकलने के बाद विधायक विनय चौधरी ने कहा कि उन्हें इस तरह के फैसले की उम्मीद नहीं थी. उन्होंने बताया कि पार्टी के नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन मुख्यमंत्री अपने निर्णय पर कायम रहे. विनय चौधरी के मुताबिक, यह पल कई नेताओं के लिए भावनात्मक था और बैठक में मौजूद कई लोगों की आंखें नम हो गई थीं.
राज्यसभा जाने के फैसले पर हुई लंबी चर्चा
बैठक के दौरान वरिष्ठ नेता विजेंद्र यादव ने भी मुख्यमंत्री से राज्यसभा जाने के फैसले पर दोबारा विचार करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री की भूमिका बेहद अहम रही है और पार्टी के कार्यकर्ता उन्हें राज्य की राजनीति में सक्रिय रूप में देखना चाहते हैं.
हालांकि मुख्यमंत्री ने नेताओं को भरोसा दिलाया कि राज्यसभा जाने के बावजूद उनका ध्यान बिहार की राजनीति और पार्टी के संगठन पर बना रहेगा. उन्होंने कहा कि वे बिहार में ही रहेंगे और पार्टी के कामकाज तथा राज्य की राजनीतिक स्थिति पर लगातार नजर रखेंगे.
नेताओं को दिया भरोसा
बैठक के बाद पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि बैठक का माहौल भावनात्मक जरूर था, लेकिन मुख्यमंत्री ने सभी नेताओं को आश्वस्त किया कि उनके फैसले से पार्टी की दिशा पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि वे पार्टी और राज्य के मामलों पर नजर बनाए रखेंगे. इसलिए किसी भी नेता या कार्यकर्ता को परेशान होने की जरूरत नहीं है.
निशांत कुमार के राजनीति में आने पर सहमति
बैठक में मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. कई नेताओं ने कहा कि पार्टी की अगली पीढ़ी को आगे आने का मौका मिलना चाहिए.
बताया गया कि लंबे समय से पार्टी के कुछ नेता चाहते थे कि निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में भूमिका निभाएं. बैठक में इस प्रस्ताव पर कई विधायकों ने समर्थन जताया. बाद में निशांत कुमार ने भी सक्रिय राजनीति में आने के लिए अपनी सहमति दी.
कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल
निशांत कुमार के राजनीति में आने की सहमति के बाद बैठक का माहौल थोड़ा सकारात्मक भी नजर आया. पार्टी नेताओं ने इसे संगठन के लिए नई शुरुआत के तौर पर देखा.
पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि जेडीयू के कार्यकर्ताओं की लंबे समय से यह इच्छा रही है कि निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में आएं. उनका मानना है कि इससे संगठन में नई ऊर्जा आएगी और कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ेगा.
नई पीढ़ी को जिम्मेदारी देने की चर्चा
नीरज कुमार ने यह भी कहा कि फिलहाल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ही हैं और पार्टी से जुड़े सभी महत्वपूर्ण फैसले उन्हीं के नेतृत्व में लिए जाएंगे. हालांकि पार्टी के अंदर नई पीढ़ी को जिम्मेदारी देने को लेकर चर्चा जरूर शुरू हो गई है.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में आते हैं तो जेडीयू में नेतृत्व की नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा.
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