Anant Singh: मोकामा से विधायक अनंत सिंह की रिहाई को लेकर राजनीतिक और स्थानीय हलकों में हलचल तेज हो गई है. पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब उनकी जेल से बाहर आने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और सोमवार 23 मार्च को उनकी रिहाई तय मानी जा रही है. जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 2 बजे तक वे बेऊर जेल से बाहर आ सकते हैं. करीब चार महीने तक जेल में रहने के बाद उनकी वापसी को लेकर समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. जेल के बाहर और उनके आवास पर स्वागत की तैयारियां तेज हो गई हैं, जिससे साफ है कि उनकी रिहाई एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखी जा रही है.
जमानत के बाद पहली गतिविधि, मंदिर जाएंगे अनंत सिंह
रिहाई के अगले ही दिन अनंत सिंह का कार्यक्रम भी तय बताया जा रहा है. 24 मार्च की सुबह वे बड़हिया के महारानी स्थान मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे. यह यात्रा बख्तियारपुर पुरानी रोड के रास्ते पूरी की जाएगी. धार्मिक कार्यक्रम के जरिए वे अपनी सार्वजनिक उपस्थिति की शुरुआत करेंगे, जिसे समर्थक एक खास संदेश के रूप में भी देख रहे हैं.
बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
रिहाई से पहले ही उनके समर्थकों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. उनके घर पर चहल-पहल बढ़ गई है और स्वागत की योजनाएं बनाई जा रही हैं. उनकी लग्जरी गाड़ी लैंड क्रूजर को भी तैयार किया जा रहा है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि रिहाई के बाद उनका काफिला पूरे जोर-शोर से निकलेगा.
नवंबर 2025 में हुई थी गिरफ्तारी
अनंत सिंह को दुलारचंद हत्याकांड के सिलसिले में नवंबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था. तब से वे पटना के बेऊर जेल में बंद थे. करीब चार महीने बाद अब उन्हें जमानत मिली है, जिसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है.
इस दौरान वे एक बार 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव में मतदान के लिए जेल से बाहर आए थे. वोट डालने के बाद वे वापस जेल चले गए थे. उस समय भी उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा को तेज कर दिया था.
चुनावी राजनीति से दूरी का संकेत
राज्यसभा चुनाव के दौरान ही अनंत सिंह ने एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया था. उन्होंने संकेत दिया था कि अब वे खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे और आगे की जिम्मेदारी उनके परिवार के सदस्य संभालेंगे. इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई थीं.
अब उनकी रिहाई के बाद यह देखना अहम होगा कि वे अपने इस फैसले पर कायम रहते हैं या फिर राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हैं. उनकी अगली रणनीति को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों और समर्थकों की नजर बनी हुई है.
इसे भी पढ़ें-हाईकोर्ट से अनंत सिंह को मिली जमानत, बेऊर जेल से रिहाई का रास्ता साफ

