Marine Drive In Buxar: बक्सर दौरे पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंगा किनारे सड़क परियोजना को लेकर बड़ा संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि पटना-कोईलवर के बाद इस कॉरिडोर को आगे बढ़ाकर बक्सर तक ले जाने की योजना है. सरकार ने इसे कनेक्टिविटी, उद्योग और रोजगार के लिहाज से अहम पहल बताया है.
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बक्सर दौरे के दौरान जिले के लिए कई बड़े विकास संकेत दिये और गंगा किनारे सड़क संपर्क को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की. उन्होंने कहा कि पटना से कोईलवर तक जिस तर्ज पर मरीन ड्राइव कॉरिडोर पर काम आगे बढ़ रहा है, उसी क्रम में इसे आगे बढ़ाकर बक्सर तक ले जाने की योजना बनायी जा रही है. उनके मुताबिक, यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गंगा तटवर्ती क्षेत्रों में आवागमन, निवेश और शहरी विस्तार को भी नई दिशा दे सकती है. इस घोषणा को बक्सर और आसपास के इलाकों के लिए एक बड़ी आधारभूत संरचना पहल के रूप में देखा जा रहा है.
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पटना-बक्सर यात्रा समय में और कमी लाने की तैयारी
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में सड़क नेटवर्क में हुए सुधार का सीधा असर लोगों की यात्रा पर पड़ा है. उन्होंने बताया कि पहले पटना से बक्सर तक पहुंचना समय और परेशानी दोनों के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता था, लेकिन अब सड़क ढांचे में बदलाव के कारण यात्रा पहले की तुलना में काफी आसान हुई है. उनका कहना था कि राज्य सरकार की प्राथमिकता अब केवल मौजूदा मार्गों को बेहतर करना नहीं, बल्कि ऐसे वैकल्पिक और तेज संपर्क मार्ग तैयार करना है, जिससे पश्चिम बिहार के लोगों को राजधानी तक निर्बाध पहुंच मिल सके. गंगा किनारे विकसित होने वाली सड़क इसी सोच का हिस्सा मानी जा रही है.
बक्सर-चौसा मार्ग और गंगा पुल पर भी जोर
सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में बक्सर-चौसा मार्ग को चौड़ा और आधुनिक बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इस सड़क को फोरलेन में विकसित करने के लिए आवश्यक जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जा रही है. इसके साथ ही बक्सर में गंगा नदी पर प्रस्तावित फोरलेन पुल को भी इलाके की कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद अहम बताया गया. उनके अनुसार, इस पुल के बनने से न केवल बक्सर की आवाजाही आसान होगी, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच संपर्क को भी नई मजबूती मिलेगी. सरकार का मानना है कि सड़क और पुल परियोजनाएं मिलकर इस पूरे क्षेत्र के आर्थिक नक्शे को बदल सकती हैं.
औद्योगिक निवेश के लिए तैयार हो रहा बक्सर
उपमुख्यमंत्री ने बक्सर को भविष्य के औद्योगिक केंद्र के रूप में भी पेश किया. उन्होंने कहा कि जिला अब केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां उद्योग आधारित विकास को भी गति दी जा रही है. उनके अनुसार, क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों का दायरा बढ़ रहा है और आने वाले समय में यहां बड़े विनिर्माण निवेश देखने को मिल सकते हैं. उन्होंने विशेष रूप से यह संकेत दिया कि पेय पदार्थ और निर्माण सामग्री से जुड़े उद्योग बक्सर और उसके आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को तेज कर सकते हैं. सरकार की कोशिश है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और उत्पादन दोनों का आधार मजबूत किया जाये.
रोजगार, निवेश और पलायन रोकने पर फोकस
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार की बड़ी प्राथमिकताओं में से एक रोजगार सृजन है और इसके लिए औद्योगिक विकास को आधार बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यदि सड़क, पुल और उद्योग एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो इसका सबसे बड़ा लाभ स्थानीय युवाओं को मिलेगा. उनके मुताबिक, सरकार चाहती है कि बिहार के लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े और उन्हें अपने ही जिले या आसपास काम के अवसर मिलें. उन्होंने यह भी कहा कि विकास परियोजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से मजबूत बनाना है. बक्सर को इसी व्यापक विकास दृष्टि का अहम हिस्सा बताया गया.
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