All Party Meeting: संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति और इसके भारत पर संभावित प्रभाव पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक का उद्देश्य भारतीय ऊर्जा आपूर्ति और प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया गया.
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने साझा किया अनुभव
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक के बाद बताया कि सभी विपक्षी दलों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श हुआ. उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा और घरेलू ऊर्जा जरूरतों के लिए सरकार ने विभिन्न तैयारियाँ पहले ही कर रखी हैं. मंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष ने सरकार के कदमों को समझा और सभी सवालों का संतोषजनक जवाब प्राप्त किया.
#WATCH दिल्ली: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "आज सर्वदलीय बैठक बुलाकर सरकार ने विपक्ष के साथियों के साथ चर्चा की और पश्चिम एशिया में चल रहे संकट की जानकारी दी… पश्चिम एशिया में जो स्थिति है उससे भारत पर प्रभाव पड़ेगा और भारतीयों के लिए सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए हैं, उस… pic.twitter.com/4SBQtq2xuJ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 25, 2026
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की बैठक की अगुवाई
बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की. गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने हिस्सा लिया. विपक्षी नेताओं में कांग्रेस और अन्य दलों के वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद थे. बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सरकार संकट प्रबंधन में पूरी तरह सक्षम है और किसी भी नागरिक असुविधा को रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.
तृणमूल कांग्रेस और राहुल गांधी की गैरमौजूदगी
तृणमूल कांग्रेस ने बैठक में भाग नहीं लिया. इसी प्रकार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी अपने पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के कारण बैठक में शामिल नहीं हुए. बैठक से एक दिन पहले उन्होंने इसकी जानकारी सार्वजनिक की थी.
प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में दी थी जानकारी
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कहा था कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए सात विशेष समूहों का गठन किया गया है, जो आवश्यक सेवाओं और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मामलों पर ध्यान देंगे. उन्होंने बताया कि वैश्विक ऊर्जा संकट गंभीर होता जा रहा है, लेकिन भारत के पास इसे नियंत्रित करने की पूरी तैयारी है.
ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित, जहाज देश में पहुंच रहे
मिडिल ईस्ट की स्थिति के बावजूद, भारत के लिए एलपीजी और अन्य ऊर्जा संसाधनों के जहाज सुरक्षित रूप से देश की ओर बढ़ रहे हैं. इन जहाजों में एलपीजी और अन्य आवश्यक सामग्री भरी हुई है, और आने वाले दिनों में भारतीय बंदरगाहों पर सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित की जा रही है. इस तरह, भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर किसी प्रकार का जोखिम नहीं है और सभी जहाजों का परिचालन सतर्कता के साथ किया जा रहा है.
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