Nitish Kumar Resigns: बिहार की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से आधिकारिक तौर पर इस्तीफा दे दिया है. 16 मार्च 2026 को राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने जाने के बाद उन्होंने अब उच्च सदन जाने का फैसला किया है.
नीतीश कुमार के इस फैसले के साथ उनका संसदीय और विधायी सफर एक नए पड़ाव पर पहुंच गया है. इसके साथ ही वह उन नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने लोकतंत्र के चारों सदनों का प्रतिनिधित्व किया है.
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#WATCH | Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar resigns as Member of the Legislative Council (MLC) following his elections as a Member of the Rajya Sabha (MP). pic.twitter.com/kmoLHotWXE
— ANI (@ANI) March 30, 2026
1985 में विधायक बनकर शुरू हुआ था सफर
नीतीश कुमार ने अपने विधायी जीवन की शुरुआत 1985 में नालंदा जिले की हरनौत विधानसभा सीट से विधायक बनकर की थी. इसके बाद 1989 में वह पहली बार नौवीं लोकसभा के सदस्य बने. इसके बाद उनकी सक्रिय भूमिका राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर बनी रही.
साल 2006 से वह लगातार बिहार विधान परिषद के सदस्य के रूप में जुड़े रहे. अब 2026 में राज्यसभा सदस्य के रूप में उनकी नई भूमिका तय हो गई है. इसी के साथ उनके नाम विधानसभा, लोकसभा, विधान परिषद और राज्यसभा—चारों सदनों का हिस्सा रहने का रिकॉर्ड जुड़ गया है.
इस्तीफे से पहले मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक
विधान परिषद से इस्तीफा देने से पहले मुख्यमंत्री आवास पर जदयू के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक भी हुई. इस बैठक में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, विजय कुमार चौधरी और अशोक चौधरी समेत कई नेता मौजूद रहे.
बताया जा रहा है कि बैठक में आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चा हुई. इसके बाद नीतीश कुमार ने विधान परिषद की सदस्यता छोड़ने का औपचारिक फैसला लिया.
राज्यसभा के लिए पहले ही चुने जा चुके हैं
नीतीश कुमार 16 मार्च 2026 को राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे. उसी के बाद से यह माना जा रहा था कि वह विधान परिषद की सदस्यता छोड़ सकते हैं. अब उनके इस्तीफे के साथ इस पर औपचारिक मुहर लग गई है.
फिलहाल उनके इस कदम को बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है. आने वाले दिनों में राज्यसभा में उनकी एंट्री के बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है.
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