Bihar Electricity: बिहार में 1 अप्रैल से बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिलिंग का नया तरीका लागू किया जा रहा है. इसके तहत अब पूरे दिन बिजली की कीमत एक जैसी नहीं रहेगी. बिजली उपयोग के अलग-अलग समय के आधार पर अलग दरें लागू होंगी. इस नई व्यवस्था को टाइम ऑफ डे यानी TOD टैरिफ नाम दिया गया है. सरकार और बिजली कंपनियों का कहना है कि इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं को खर्च कम करने का मौका मिलेगा और बिजली व्यवस्था पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी घटाया जा सकेगा.
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दिन के अलग-अलग समय में अलग होगी बिजली की कीमत
नई व्यवस्था के तहत सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक के समय को ऑफ-पीक अवधि माना गया है. इस समय बिजली की दर सामान्य कीमत की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम रहेगी. ऐसे में यदि उपभोक्ता इस समय अधिक बिजली का उपयोग करते हैं, तो उनके बिल में राहत मिल सकती है. वहीं शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक की अवधि को पीक आवर माना गया है. इस दौरान बिजली की मांग अधिक रहती है, इसलिए इस समय बिजली उपयोग करने पर घरेलू उपभोक्ताओं को 10 प्रतिशत और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को 20 प्रतिशत तक अधिक भुगतान करना होगा. रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक बिजली की सामान्य दर लागू रहेगी.
स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को होगा सीधा असर
यह नई व्यवस्था खासतौर पर उन उपभोक्ताओं पर लागू होगी, जिनके घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं. बिजली कंपनियों के मुताबिक, यदि उपभोक्ता अपने बिजली इस्तेमाल का समय थोड़ा बदल दें, तो वे बिना खपत कम किए भी अपने बिल में बचत कर सकते हैं. यानी केवल उपयोग का समय बदलकर भी खर्च कम किया जा सकता है.
बिजली खपत का समय बदलकर हो सकती है बचत
उदाहरण के तौर पर यदि कोई उपभोक्ता हर दिन 2 यूनिट बिजली की खपत शाम के समय करने के बजाय दिन में कर लेता है, तो उसे प्रतिदिन लगभग 3 रुपये तक की बचत हो सकती है. यही बचत महीने भर में करीब 90 रुपये तक पहुंच सकती है. इस तरह नई व्यवस्था का फायदा सीधे तौर पर उन लोगों को मिल सकता है, जो अपने उपयोग का समय समझदारी से तय करेंगे.
125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा जारी रहेगी
सरकार की ओर से यह साफ किया गया है कि 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी. राज्य के करीब 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता इस योजना का लाभ ले रहे हैं और उनका बिजली बिल लगभग शून्य आता है. ऐसे में नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल यह बताना है कि यदि बिजली का इस्तेमाल सही समय पर किया जाए, तो खर्च में और राहत मिल सकती है.
भारी उपकरण दिन में चलाने पर कम आ सकता है बिल
आसान भाषा में समझें तो TOD टैरिफ ऐसा सिस्टम है, जिसमें बिजली इस्तेमाल का समय सीधे आपके बिल को प्रभावित करेगा. यदि वॉशिंग मशीन, गीजर, एसी जैसे ज्यादा बिजली खपत वाले उपकरण दिन के समय चलाए जाते हैं, तो खर्च कम हो सकता है. वहीं शाम के पीक समय में इनका इस्तेमाल कम करना अधिक फायदेमंद रहेगा. इससे उपभोक्ताओं के बिल में राहत मिल सकती है और राज्य में बिजली की कुल खपत को भी बेहतर तरीके से संतुलित किया जा सकेगा.
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