IIT Patna School Dispute: पटना हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद बिहटा स्थित IIT पटना परिसर में बुधवार को फाउंडेशन एकेडमी स्कूल को लेकर टकराव की स्थिति बन गई. स्कूल पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को मुख्य गेट पर ही रोक दिया गया. इसके बाद मौके पर मौजूद अभिभावकों ने नाराजगी जताई और प्रशासन पर अदालत के आदेश का पालन नहीं करने का आरोप लगाया. इस घटनाक्रम से परिसर के बाहर तनाव बढ़ गया और काफी देर तक विरोध की स्थिति बनी रही.
19 मार्च के नोटिस पर कोर्ट ने लगाई थी रोक
फाउंडेशन एकेडमी से जुड़ा यह मामला सिविल रिट संख्या 4819/2026 से संबंधित है. इस प्रकरण की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आलोक कुमार सिन्हा की पीठ ने 19 मार्च को जारी बंदी नोटिस पर रोक लगाई थी. अदालत ने एक अप्रैल से स्कूल को सामान्य रूप से चलाने का निर्देश दिया था. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया था कि विद्यालय के संचालन में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं डाली जाएगी. अदालत ने यह टिप्पणी भी की थी कि करीब 800 छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए.
बुधवार को स्कूल पहुंचे बच्चे, लेकिन गेट से ही लौटा दिए गए
बुधवार सुबह जब बच्चे अपने अभिभावकों और शिक्षकों के साथ स्कूल पहुंचे, तो उन्हें परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया. स्कूल के कर्मचारियों को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली. इससे वहां मौजूद लोगों में असंतोष बढ़ गया. छात्रों और अभिभावकों के साथ-साथ शिक्षकों को भी गेट पर रोक दिए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई. लोगों का कहना था कि अदालत के आदेश के बाद ऐसी कार्रवाई समझ से परे है.
अभिभावकों ने जताया आक्रोश
मौके पर मौजूद अभिभावकों ने कहा कि हाईकोर्ट ने जब साफ तौर पर स्कूल संचालन की अनुमति दी है, तो फिर बच्चों को अंदर जाने से रोकना गलत है. उनका कहना था कि यह सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को प्रभावित करने वाला मामला है. अभिभावकों ने मांग की कि स्कूल को तुरंत खोला जाए और कक्षाएं शुरू कराई जाएं. इसी को लेकर वहां विरोध प्रदर्शन भी हुआ.
प्राचार्या अभा कुमार भी गेट नंबर-1 पर रोकी गईं
इसी दौरान स्कूल की प्राचार्या अभा कुमार पटना हाईकोर्ट के आदेश की प्रति लेकर IIT पटना के रजिस्ट्रार ए. के. ठाकुर से मिलने पहुंचीं. हालांकि, उन्हें भी गेट नंबर-1 पर ही रोक दिया गया. बताया गया कि वह काफी देर तक वहीं इंतजार करती रहीं, लेकिन रजिस्ट्रार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला. उन्हें अंदर जाने की इजाजत भी नहीं दी गई.
सुरक्षा कर्मियों को दिए गए थे सख्त निर्देश
जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा कर्मियों को पहले से यह निर्देश दिया गया था कि फाउंडेशन एकेडमी से जुड़े किसी भी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाए. इतना ही नहीं, किसी तरह का संदेश भी स्वीकार नहीं करने को कहा गया था. इसी वजह से स्कूल प्रबंधन की ओर से संपर्क करने की कोशिश भी सफल नहीं हो सकी.
रजिस्ट्रार ने किसी का फोन नहीं उठाया
इस पूरे मामले में IIT पटना के रजिस्ट्रार ए. के. ठाकुर से संपर्क करने की भी कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई कॉल रिसीव नहीं किया. बताया गया कि फाउंडेशन एकेडमी की ओर से, अभिभावकों की ओर से और पत्रकारों की ओर से उनसे संपर्क साधने का प्रयास हुआ, लेकिन किसी को भी जवाब नहीं मिला.
पहले स्कूल बंद करने और परिसर खाली करने का दिया गया था नोटिस
गौरतलब है कि IIT पटना प्रशासन ने 19 मार्च को एक नोटिस जारी कर फाउंडेशन एकेडमी स्कूल को बंद करने और 30 मार्च तक परिसर खाली करने का निर्देश दिया था. इस आदेश के खिलाफ स्कूल प्रबंधन ने पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इसके बाद अदालत ने उस नोटिस पर रोक लगा दी थी.
अब 5 मई 2026 को होगी अगली सुनवाई
फिलहाल इस मामले में अदालत ने प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है. इस प्रकरण की अगली सुनवाई 5 मई 2026 को तय की गई है. अब इस पूरे विवाद पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजर बनी हुई है.
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