Jamshedpur News: जमशेदपुर में पाइप के जरिये प्राकृतिक गैस यानी पीएनजी की आपूर्ति अब पहले से कहीं तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगी. केंद्र सरकार ने इस परियोजना को मिशन मोड में पूरा करने का फैसला लिया है, जिसके बाद शहर और आसपास के शहरी इलाकों में नेटवर्क विस्तार को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. नई दिल्ली में गुरुवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जमशेदपुर समेत कोल्हान क्षेत्र के निकायों से पीएनजी परियोजना की प्रगति और आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई. बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि आने वाले हफ्तों में पाइपलाइन बिछाने, कनेक्शन देने और समन्वय व्यवस्था को जमीन पर तेजी से लागू किया जाएगा.
दिल्ली से हुई समीक्षा, कोल्हान के निकायों को मिला स्पष्ट निर्देश
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास कातिकिथला और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने संयुक्त रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस परियोजना की समीक्षा की. इस बैठक में जमशेदपुर अक्षेस, मानगो नगर निगम, जुगसलाई नगर परिषद और कोल्हान क्षेत्र के अन्य शहरी निकायों के अधिकारी शामिल हुए.
बैठक में गेल के अधिकारियों ने भी भाग लिया और बताया कि शहरों में पीएनजी नेटवर्क की बेहतर प्लानिंग के लिए “पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान” का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसका उद्देश्य भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क को व्यवस्थित ढंग से विकसित करना और निर्माण के दौरान तकनीकी बाधाओं को कम करना है.
सोनारी और कदमा में जल्द शुरू होगा विस्तार कार्य
स्थानीय स्तर पर पीएनजी विस्तार को लेकर बैठक में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा सोनारी और कदमा इलाके को लेकर हुई. इन क्षेत्रों के वार्ड संख्या 2 और 6 में पीएनजी नेटवर्क बढ़ाने के लिए जल्द ही अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी जारी किए जाने की बात सामने आई. जैसे ही यह औपचारिक अनुमति मिलेगी, वहां पाइपलाइन बिछाने और घरों तक कनेक्शन देने का काम तेज गति से शुरू कर दिया जाएगा.
बैठक के दौरान जमशेदपुर अक्षेस और मानगो नगर निगम की ओर से उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार ने शहर में पीएनजी विस्तार की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और संभावित विस्तार क्षेत्रों की जानकारी साझा की. इससे आगे की कार्ययोजना को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तय करने में मदद मिली.
तीन सप्ताह में देनी होगी वार्डवार कार्ययोजना
केंद्रीय स्तर से सभी नगर निकायों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे अगले तीन सप्ताह के भीतर एक समयबद्ध और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करें. इस योजना में वार्ड स्तर पर लक्ष्य तय करने, प्राथमिकता वाले इलाकों की पहचान करने और उन क्षेत्रों को पहले शामिल करने पर जोर दिया गया है, जहां पाइपलाइन का बुनियादी ढांचा पहले से उपलब्ध है.
इसके साथ ही जिला प्रशासन और नगर निकायों के समन्वय से एक विशेष टास्क फोर्स या क्विक रिस्पांस टीम बनाने का निर्देश भी दिया गया है. यह टीम उपायुक्त और नगर आयुक्त के नेतृत्व में प्रतिदिन परियोजना की प्रगति की निगरानी करेगी. इसके अलावा स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित और कुशल प्लंबरों का डाटा भी तैयार किया जाएगा, ताकि कनेक्शन देने और सुरक्षा मानकों को लागू करने में कोई ढिलाई न हो.
रोजाना निगरानी के लिए बनेगा नया पोर्टल
पीएनजी परियोजना को सिर्फ कागजों तक सीमित न रहने देने के लिए इसकी डेली मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी की जा रही है. इसके तहत एक नया ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाएगा, जहां प्रतिदिन की प्रगति दर्ज होगी. इससे काम की पारदर्शिता बढ़ेगी और यह भी पता चलता रहेगा कि किस इलाके में कितनी प्रगति हुई है.
कुल मिलाकर, जमशेदपुर में पीएनजी विस्तार को अब प्रशासनिक प्राथमिकता मिल चुकी है. यदि तय समयसीमा के भीतर मंजूरी, मैपिंग और बुनियादी काम पूरे हो जाते हैं, तो शहर के हजारों घरों तक पाइपलाइन आधारित गैस सुविधा पहुंचने का रास्ता काफी हद तक साफ हो जाएगा.
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