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Asha Bhosle: भारतीय संगीत क्षेत्र से एक बेहद दुखद समाचार सामने आया है, जहां मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले का 12 अप्रैल को निधन हो गया. बताया जा रहा है कि उन्हें चेस्ट इंफेक्शन की समस्या के बाद मुंबई स्थित ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी हालत गंभीर बनी रही और अंततः उन्होंने अंतिम सांस ली. दशकों तक अपनी अनोखी आवाज से श्रोताओं के दिलों पर राज करने वाली आशा भोसले का जाना संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है.
संगीत में अपनी अलग पहचान बनाने वाली कलाकार
आशा भोसले ने शुरुआत से ही अपनी बहन लता मंगेशकर के साथ संगीत की दुनिया में कदम रखा, लेकिन जल्द ही उन्होंने अपनी अलग शैली और पहचान स्थापित कर ली. उनकी आवाज की रेंज और अलग-अलग प्रकार के गीतों को सहजता से गाने की क्षमता ने उन्हें विशिष्ट बना दिया.
पुरस्कारों से सजा लंबा करियर
अपने लंबे करियर में आशा भोसले को कई बड़े सम्मान प्राप्त हुए. उन्होंने कुल 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड अपने नाम किए, जो उन्हें 1960 के दशक के अंत से 1970 के दशक के अंत तक मिले. इसके अलावा 1996 में फिल्म ‘रंगीला’ के लिए विशेष सम्मान और 2001 में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी उन्हें प्रदान किया गया.
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज उपलब्धि
उनकी उपलब्धियों में एक बड़ा नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी शामिल है. वर्ष 2011 में उन्हें 20 से अधिक भाषाओं में 11,000 से ज्यादा गीत रिकॉर्ड करने के लिए यह सम्मान मिला, जो उनकी बहुआयामी प्रतिभा को दर्शाता है.
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करियर
आशा भोसले को भारत सरकार की ओर से दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और पद्म विभूषण जैसे उच्च सम्मान भी मिले. उन्होंने भारतीय संगीत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई.
सदाबहार गीतों की यादगार विरासत
उनकी आवाज में गाए कई गीत आज भी श्रोताओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं. ‘दम मारो दम’, ‘परदे में रहने दो’, ‘दिल चीज क्या है’ और ‘जिंदगी एक सफर है सुहाना’ जैसे गाने उनकी विरासत को हमेशा जीवित रखते हैं.
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