इस खबर में क्या है?
Asha Bhosle : मुंबई से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले का इलाज के दौरान निधन हो गया. 92 वर्ष की उम्र में उन्होंने मुंबई स्थित अस्पताल में अंतिम सांस ली. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, लंबे समय से चल रहे इलाज के दौरान उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उनका निधन हो गया. अपनी अनोखी आवाज और शानदार गायन शैली के लिए पहचानी जाने वाली आशा भोसले को संगीत जगत में हमेशा याद किया जाएगा.
आशा भोसले का गाना दम मारो दम
सदाबहार आवाज का लंबा सफर
आशा भोसले ने अपने करियर में 20 से अधिक भाषाओं में हजारों गीत गाए. उनकी गायकी की खासियत यह रही कि उन्होंने हर तरह के जॉनर में अपनी आवाज का जादू बिखेरा और भारतीय सिनेमा में एक अलग पहचान बनाई. दशकों तक उनका संगीत श्रोताओं के बीच लोकप्रिय बना रहा.
‘दम मारो दम’ और विवाद की कहानी
1971 में आई फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ का गीत ‘दम मारो दम’ उनके करियर के सबसे चर्चित गीतों में से एक रहा. यह गाना देव आनंद और जीनत अमान पर फिल्माया गया था. उस समय जीनत अमान के हिप्पी लुक और नशे के दृश्य को लेकर काफी विवाद हुआ था. कई लोगों ने इसे युवाओं पर गलत प्रभाव डालने वाला बताया और इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ माना गया.
विवाद से लेकर आइकॉनिक दर्जे तक
विवाद बढ़ने के बाद इस गीत को कुछ जगहों पर प्रसारण से भी हटा दिया गया था. हालांकि फिल्म की कहानी नशे के दुष्प्रभाव को ही दर्शाती थी. समय के साथ यही गाना भारतीय सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और आइकॉनिक गीतों में शामिल हो गया. आज भी ‘दम मारो दम’ नई पीढ़ी के बीच बेहद लोकप्रिय है और इसे एक क्लासिक गीत माना जाता है.
संगीत में अमर विरासत
आशा भोसले की आवाज ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया है. उनके गाए गीत आज भी संगीत प्रेमियों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं और उनकी विरासत भारतीय संगीत में हमेशा जीवित रहेगी.
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