Nitish Kumar: बिहार की राजनीति में इन दिनों नई हलचल देखने को मिल रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव लड़ने की संभावित योजना की चर्चा तेज होते ही सत्ता के गलियारों में कई तरह के सवाल उठने लगे हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर नीतीश कुमार सक्रिय राज्य राजनीति से हटकर दिल्ली की ओर रुख करते हैं, तो बिहार की कमान आखिर किसके हाथ में जाएगी.
इसी मुद्दे को लेकर अब विपक्ष भी हमलावर हो गया है. राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा पर तीखा निशाना साधा है और कहा है कि जो आशंका उन्होंने विधानसभा चुनाव के समय जताई थी, वही अब धीरे-धीरे सच साबित होती दिख रही है.
#WATCH | Patna: On Bihar CM Nitish Kumar going to the Rajya Sabha, Leader of Opposition in the Bihar Assembly, Tejashwi Yadav, says, "… I always said 'Nitish ji ko ghoda toh chadaya hai dulha banake lekin phera kisi aur ke sath dila raha hai'… The BJP has completely hijacked… pic.twitter.com/kQ4x7mGBUM
— ANI (@ANI) March 5, 2026
तेजस्वी का आरोप: भाजपा ने सीएम को पूरी तरह ‘कंट्रोल’ कर लिया
मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा की राजनीति का तरीका ऐसा है कि वह किसी भी राज्य में ऐसे नेता को ज्यादा मजबूत नहीं होने देना चाहती जो सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूती से आगे बढ़ाता हो. उन्होंने कहा कि ओबीसी, अति पिछड़ा, दलित या आदिवासी समाज से आने वाले नेताओं को अक्सर सीमित भूमिका में ही रखा जाता है.
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तेजस्वी ने आरोप लगाया कि भाजपा कई राज्यों में ऐसे मुख्यमंत्रियों को आगे करती है जो सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग से आते हैं, लेकिन असली फैसले कहीं और से होते हैं. उनके मुताबिक बिहार में भी यही स्थिति बनती दिख रही है और अब मुख्यमंत्री पूरी तरह भाजपा के राजनीतिक नियंत्रण में दिखाई दे रहे हैं.
कई राज्यों के उदाहरण देकर साधा निशाना
आरजेडी नेता ने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों में भाजपा ने अपने सहयोगी दलों को धीरे-धीरे कमजोर करने की रणनीति अपनाई है. उन्होंने तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि समय के साथ वहां क्षेत्रीय दलों की राजनीतिक ताकत घटती चली गई.
तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा संस्थाओं का इस्तेमाल कर अपने राजनीतिक सहयोगियों को हाशिए पर धकेलने की कोशिश करती है. उनका कहना था कि बिहार की जनता इस पूरे घटनाक्रम को ध्यान से देख रही है और आने वाले समय में इसका असर राजनीति पर जरूर पड़ेगा.
‘रबर स्टैम्प’ मुख्यमंत्री की आशंका
तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर राज्य की सत्ता महागठबंधन के पास रहती तो शायद आज यह स्थिति नहीं बनती. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के विकास में नीतीश कुमार की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता और उन्होंने राज्य के लिए कई अहम काम किए हैं.
साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर भाजपा के नेतृत्व में नया मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो वह सिर्फ औपचारिक भूमिका में रह जाएगा. उनके मुताबिक वास्तविक निर्णय कहीं और से होंगे और मुख्यमंत्री की भूमिका सीमित रह सकती है.
पुरानी राजनीतिक आशंका फिर हुई चर्चा में
विधानसभा चुनाव के दौरान आरजेडी नेताओं ने दावा किया था कि अगर भाजपा की सीटें जेडीयू से ज्यादा हो जाती हैं तो भविष्य में नीतीश कुमार की राजनीतिक स्थिति कमजोर हो सकती है. उस समय यह बात सिर्फ एक राजनीतिक आरोप की तरह कही जा रही थी, लेकिन अब राज्यसभा को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच वही बयान फिर से चर्चा में आ गए हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर नीतीश कुमार वास्तव में राज्यसभा की ओर रुख करते हैं, तो बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. ऐसे में आने वाले दिनों में सत्ता संतुलन और नेतृत्व को लेकर नई रणनीतियां भी सामने आ सकती हैं.
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