Bihar News: बिहार में राजस्व अधिकारियों की चल रही हड़ताल के बीच सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने यह कार्रवाई प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से की है. डिप्टी सीएम Vijay Kumar Sinha की निगरानी में विभाग ने साफ संकेत दिया है कि कामकाज बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. निलंबित अधिकारियों में अररिया, पटना सदर और पूर्वी चंपारण के पदाधिकारी शामिल हैं. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब राज्य में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य चल रहे हैं और हड़ताल के कारण उनकी रफ्तार प्रभावित हो रही है.
निलंबन के बाद नई तैनाती
कार्रवाई के तहत तीनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय पूर्णिया आयुक्त कार्यालय निर्धारित किया गया है. विभागीय नियमों के तहत यह कदम उठाया गया है, जिससे सेवा अनुशासन को बनाए रखा जा सके.
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हड़ताल से जुड़ाव बना वजह
सूत्रों के अनुसार, जिन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, उनका संबंध हड़ताल कर रहे संगठन से बताया जा रहा है. सरकार ने इसे कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए यह निर्णय लिया है. यह कार्रवाई अन्य अधिकारियों के लिए भी चेतावनी मानी जा रही है.
सरकार का कड़ा रुख
डिप्टी सीएम Vijay Kumar Sinha ने स्पष्ट किया कि सरकारी कामकाज में बाधा या अनुशासनहीनता को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे.
कामकाज पर पड़ा असर
सरकार की समीक्षा में यह सामने आया है कि राज्य में करीब आधे राजस्व अधिकारी ही सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं. वित्तीय वर्ष के अंतिम दौर में यह स्थिति प्रशासन के लिए चुनौती बन रही है, क्योंकि कई जरूरी फाइलें और प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं.
जरूरी योजनाएं प्रभावित
राजस्व विभाग इस समय कई महत्वपूर्ण कार्यों में जुटा है, जिनमें आगामी स्व-गणना प्रक्रिया की तैयारियां भी शामिल हैं. इसके अलावा भूमि से जुड़े प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे आम लोगों को भी परेशानी हो सकती है.
काम पर लौटने का मौका
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि जो अधिकारी जल्द काम पर लौटेंगे, उनके प्रति नरमी बरती जा सकती है. इससे हड़ताल खत्म करने की दिशा में रास्ता निकलने की उम्मीद जताई जा रही है.
भ्रामक सूचना पर भी नजर
सरकार ने यह साफ किया है कि गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर भी कार्रवाई होगी. प्रशासन का कहना है कि अफवाह या भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
पूर्व अधिकारी के मामले की जांच
इसी बीच, सेवा छोड़कर राजनीति में सक्रिय हुए पूर्व राजस्व अधिकारी आदित्य शिवम शंकर के आचरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है. समिति में महेंद्र पाल को अध्यक्ष और मोना झा व नवाजिश अख्तर को सदस्य बनाया गया है.
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