Bihar News: पटना में उस वक्त हलचल मच गई जब आंध्र प्रदेश से आई पुलिस टीम ने एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार करने की कार्रवाई शुरू की. फायर सर्विस में आईजी पद पर तैनात एम. सुनील नायक के सरकारी आवास पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और अंदर दस्तावेजों की जांच की गई.
ट्रांजिट रिमांड की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक आंध्र प्रदेश पुलिस अधिकारी को ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले जा सकती है. आईपीएस अधिकारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत मामला दर्ज है. यह केस आंध्र प्रदेश के नरसापुरम से जुड़े पूर्व सांसद Raghu Rama Krishna Raju की शिकायत पर आधारित बताया जा रहा है.
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2021 की गिरफ्तारी से जुड़ा विवाद
बताया जाता है कि वर्ष 2021 में एम. सुनील नायक आंध्र प्रदेश में सीआईडी में पदस्थापित थे. उसी दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री Y. S. Jagan Mohan Reddy और उनकी पार्टी के खिलाफ कथित टिप्पणी के बाद पूर्व सांसद के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था. सीआईडी टीम ने उन्हें हिरासत में लिया था.
पूर्व सांसद ने आरोप लगाया था कि गुंटूर स्थित सीआईडी कार्यालय में पूछताछ के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की कोशिश की गई. इस संबंध में गुंटूर में शिकायत दर्ज कराई गई थी.
कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुआ केस
साल 2023 में अदालत के निर्देश पर मुख्यमंत्री, दो आईपीएस अधिकारियों और अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया. इन्हीं अधिकारियों में एम. सुनील नायक का नाम भी शामिल है.
2005 बैच के बिहार कैडर के इस अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. फिलहाल पटना स्थित आवास पर कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं.
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