Bhagalpur News : भागलपुर जिले में बालू घाटों की नीलामी लंबे समय से अटकी हुई है, जिस पर अब खान एवं भू-तत्व विभाग ने कड़ा रुख अपना लिया है. करीब पांच साल से लंबित पांच घाटों की प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर विभागीय स्तर पर नाराजगी जाहिर की गई है. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर हाल में प्रक्रिया पूरी कर राजस्व लक्ष्य हासिल किया जाए. इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जा रही है ताकि आगे ऐसी स्थिति न बने.
लंबित घाटों की नीलामी पर तेज करें प्रक्रिया
विभागीय निर्देश में कहा गया है कि जिला स्तर पर समन्वय की कमी के कारण नीलामी प्रक्रिया प्रभावित हुई है. जिला खनिज विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल जिला समाहर्ता के साथ तालमेल बनाकर अनिलामित बालू घाटों के लिए निविदा आमंत्रित करें. साथ ही पूरी प्रक्रिया को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि राजस्व संग्रह में किसी प्रकार की कमी न हो.
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राजस्व लक्ष्य पूरा करने के लिए सख्त कदम
खान विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी संभावित मदों से राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए. संचालित बालू घाटों से देय किस्तों का समय पर भुगतान कराया जाए और बकाया राशि की वसूली में तेजी लाई जाए. इसके अलावा दंड मद में लक्ष्य प्राप्ति के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित छापेमारी कर कार्रवाई करने को कहा गया है.
ईंट भट्टों और खनन गतिविधियों पर निगरानी बढ़ेगी
जिले में संचालित ईंट भट्टों और अन्य खनन कार्यों की जांच को भी प्राथमिकता दी गई है. संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निरीक्षण कार्य पूरा कर सभी से देय राशि का भुगतान सुनिश्चित कराएं. खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़े मामलों में तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए नियमित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है.
संचालन व्यवस्था और कानून-व्यवस्था में सुधार पर जोर
संचालित बालू घाटों में पहुंच पथ, नो-एंट्री और कानून-व्यवस्था जैसी समस्याओं के समाधान के निर्देश भी दिए गए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि संचालन में आने वाली हर समस्या को जिला प्रशासन के संज्ञान में लाकर उसका त्वरित समाधान कराया जाए. साथ ही सभी विभागों से रॉयल्टी और मालिकाना शुल्क की नियमित रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने को कहा गया है.
जवाबदेही तय, अनियमितता पर होगी कार्रवाई
विभाग ने स्पष्ट किया है कि हर अधिकारी अपने क्षेत्र में समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करे. बालू घाटों और ईंट भट्टों से संबंधित राजस्व का सही रिकॉर्ड रखा जाए और किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं. तय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाएगी.
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