Bhagalpur News: भागलपुर का मुख्य बाजार पूर्वी बिहार के बड़े कारोबारी इलाकों में गिना जाता है, लेकिन यहां बुनियादी सुविधा के तौर पर पेयजल की समुचित व्यवस्था तक नहीं है. हाल यह है कि बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोगों, खासकर बाहर से पहुंचने वाले ग्राहकों को पीने का पानी खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है. कोतवाली चौक और वेराइटी चौक पर लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए प्याऊ रखरखाव के अभाव में बेकार पड़े हैं, जबकि इनारा चौक पर पहले से मौजूद प्याऊ को बेहतर सुविधा के नाम पर हटाया गया, लेकिन लंबे समय बाद भी वहां कोई नई व्यवस्था खड़ी नहीं हो सकी. इससे रोज बाजार आने वाले हजारों लोगों को गर्मी में राहत नहीं मिल पा रही है.
पूर्वी बिहार से आने वाले ग्राहकों को झेलनी पड़ रही परेशानी
भागलपुर का यह बाजार सिर्फ शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के कई जिलों और कस्बों के लोगों के लिए भी प्रमुख खरीदारी केंद्र है. गोड्डा, दुमका, बांका, नवगछिया, जमालपुर, सुलतानगंज, बेलहर और पीरपैंती समेत कई इलाकों से हर दिन बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं. लेकिन इतने बड़े बाजार में पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव लोगों के लिए सीधी परेशानी बन गया है.
बाजार क्षेत्र में आने वाले लोगों को गर्मी के दिनों में सबसे ज्यादा दिक्कत पानी को लेकर उठानी पड़ रही है. जहां सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था राहत दे सकती थी, वहीं वहां या तो सुविधा बंद है या फिर पूरी तरह हट चुकी है. ऐसे में बाहर से आने वाले ग्राहक और स्थानीय खरीदार दोनों को जेब ढीली कर पानी खरीदना पड़ रहा है.
मारवाड़ी टोला लेन का प्याऊ बना बेकार ढांचा
मारवाड़ी टोला लेन में नगर निगम प्रशासन की ओर से डेढ़ साल पहले पांच लाख रुपये से अधिक की लागत से एक नया प्याऊ बनाया गया था. लेकिन निर्माण के बाद भी यह लोगों के किसी काम नहीं आ सका. अब तक न तो स्थानीय दुकानदारों को इसका लाभ मिला और न ही बाजार आने वाले लोगों को इससे कोई राहत मिल पाई.
स्थिति सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं है. मुख्य बाजार की कई गलियों, चौक-चौराहों और व्यस्त हिस्सों में कमोबेश यही हाल बना हुआ है. जहां पेयजल की व्यवस्था दिखती है, वहां उसका उपयोग नहीं हो पा रहा, और जहां जरूरत सबसे ज्यादा है, वहां सुविधा या तो अधूरी है या गायब है. इससे यह साफ हो रहा है कि व्यवस्था कागज पर बनी, लेकिन जमीन पर राहत नहीं पहुंच सकी.
इनारा चौक पर पुरानी व्यवस्था हटी, नई अब तक नहीं बनी
इनारा चौक पर पहले एक प्याऊ मौजूद था, लेकिन बेहतर सुविधा देने के नाम पर उसे तोड़कर हटा दिया गया. उम्मीद थी कि वहां नई और बेहतर पेयजल व्यवस्था तैयार की जाएगी, लेकिन एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी काम आगे नहीं बढ़ सका. इससे लोगों की उम्मीदें भी अधर में लटकी हुई हैं.
वहीं वेराइटी चौक पर भी पुरानी पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत बनी हुई है. बाजार क्षेत्र में गर्मी के मौसम के दौरान पानी की मांग बढ़ने लगती है, ऐसे में ऐसी स्थिति लोगों की परेशानी को और बढ़ाने वाली साबित हो रही है. बड़े बाजार के हिसाब से यहां की मौजूदा स्थिति को बेहद कमजोर माना जा रहा है.
पार्षद ने कहा- गर्मी से पहले शुरू होगी व्यवस्था
मुख्य बाजार क्षेत्र वार्ड 38 के अंतर्गत आता है. स्थानीय पार्षद अश्विनी जोशी मोंटी ने कहा है कि इनारा चौक पर पहले मौजूद प्याऊ को डेढ़ साल पहले बेहतर व्यवस्था बनाने के उद्देश्य से हटाया गया था, लेकिन स्थानीय विवाद की वजह से मामला आगे नहीं बढ़ सका. उन्होंने बताया कि वेराइटी चौक पर पुरानी व्यवस्था में सुधार किया जाएगा.
उन्होंने यह भी कहा कि नए प्याऊ में पाइप लीकेज की समस्या होने के कारण कनेक्शन नहीं हो सका था. अब जल्द ही इसे चालू कराने की तैयारी है. साथ ही दावा किया गया है कि पूरे बाजार क्षेत्र में एक साल के भीतर पेयजल की स्मार्ट व्यवस्था विकसित की जाएगी. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि यह आश्वासन जमीन पर कब तक उतरता है.
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