Vigilance Raid in Bhagalpur : भागलपुर से सोमवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है. निगरानी विभाग की टीम ने एसडीएम कार्यालय में छापेमारी कर 70 हजार रुपये रिश्वत लेते दो कर्मियों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. गिरफ्तार किए गए दोनों कर्मियों की पहचान लिपिक मयंक कुमार और स्टोनो प्रेम कुमार के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि दोनों लंबे समय से रिश्वतखोरी के खेल में शामिल थे. निगरानी विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर इस पूरे मामले का खुलासा किया और जैसे ही रिश्वत की रकम का लेनदेन हुआ, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया.
बिहार के भागलपुर से बड़ी खबर. एसडीएम कार्यालय में निगरानी टीम की छापेमारी, 70 हजार रुपये घूस लेते दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तार. लिपिक मयंक कुमार और स्टेनो प्रेम कुमार शामिल.
— HelloCities24 (@Hc24News) March 30, 2026
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सेवा संपुष्टि के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, नाथनगर आपूर्ति कार्यालय में कार्यरत अभीजित कुमार से सेवा संपुष्टि के नाम पर 70 हजार रुपये की मांग की गई थी. इस मांग को लेकर उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था. बताया जा रहा है कि इस वजह से अभीजित कुमार काफी परेशान थे. जब उन पर दबाव बढ़ता गया, तब उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत निगरानी विभाग से की. शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और इसकी जांच शुरू की. शुरुआती जांच में शिकायत को सही पाए जाने के बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष योजना तैयार की गई.
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डीएसपी के नेतृत्व में बनी थी नौ सदस्यीय टीम
मामले में कार्रवाई के लिए निगरानी विभाग के मुख्यालय से डीएसपी बिंध्यांचल प्रसाद के नेतृत्व में नौ सदस्यीय टीम गठित की गई थी. टीम ने पूरे मामले पर नजर रखते हुए जाल बिछाया और रिश्वत के लेनदेन के समय एसडीएम कार्यालय में छापेमारी की. जैसे ही रिश्वत की रकम का आदान-प्रदान हुआ, टीम ने बिना देर किए दोनों कर्मियों को रंगेहाथ पकड़ लिया. इस कार्रवाई को पूरी सतर्कता और गोपनीयता के साथ अंजाम दिया गया. गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया और उनसे पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर दी गई.
पटना ले जाकर हो रही पूछताछ
कार्रवाई के बाद गिरफ्तार दोनों कर्मियों को पटना ले जाया गया है, जहां उनसे पूछताछ जारी है. निगरानी विभाग अब इस पूरे मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रहा है. यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इस रिश्वतखोरी के नेटवर्क में और लोग तो शामिल नहीं हैं. फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक दफ्तरों में हलचल तेज हो गई है और सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश गया है.
प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप
भागलपुर में निगरानी विभाग की इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. एसडीएम कार्यालय में हुई इस गिरफ्तारी ने सरकारी दफ्तरों में चल रहे भ्रष्टाचार के मामलों पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय स्तर पर भी इस कार्रवाई की चर्चा तेज है. माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के बाद अन्य विभागों में भी सतर्कता बढ़ेगी. फिलहाल निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है.
सृजन घोटाले का आरोपी रहा प्रेम कुमार
स्टोनो प्रेम कुमार सृजन घोटाले का भी आरोपी बताया जाता है. पूर्व में डीएम कार्यालय में कार्यरत थे और काफी दिनों तक जेल में भी रहे थे.
प्रेम कुमार की भूमिका: भागलपुर डीएम के तत्कालीन पीए (PA) सह स्टेनो प्रेम कुमार इस घोटाले में एक मुख्य कड़ी निकले थे, जिन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर सरकारी फंड को डायवर्ट करने में सक्रिय भूमिका निभाई थी. भागलपुर का सृजन घोटाला (Srijan Scam) बिहार के सबसे बड़े और बहुचर्चित घोटालों में से एक है, जो 2017 में सामने आया था. यह घोटाला लगभग ₹1000 करोड़ से अधिक का माना जाता है, जिसमें सरकारी बैंक खातों से राशि को गैर-सरकारी संस्था ‘सृजन महिला विकास सहयोग समिति’ के खातों में अवैध रूप से ट्रांसफर किया गया था.
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