Bihar Bhumi: बिहार में राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों की हड़ताल के बीच राज्य सरकार ने सख्त लेकिन नरम संदेश दिया है. उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री Vijay Kumar Sinha ने कहा है कि जो अंचलाधिकारी और अन्य राजस्व अधिकारी अगले 24 घंटे के भीतर काम पर लौट आते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जाएगी.
सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि तय समय सीमा के भीतर ड्यूटी पर लौटने वाले अधिकारियों को राहत दी जाएगी, ताकि प्रशासनिक कामकाज सामान्य रूप से चल सके.
काम पर लौटने वालों को मिलेगी राहत
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि जो अधिकारी निर्धारित समय के भीतर अपनी ड्यूटी पर लौट आएंगे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. इसके साथ ही हड़ताल के दौरान की अवधि का समायोजन भी किया जा सकता है.
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उन्होंने कहा कि इस अवधि को छुट्टियों के रूप में समायोजित करने पर विचार किया जाएगा, जिससे संबंधित अधिकारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े. सरकार चाहती है कि प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित न हो और जनता के काम समय पर होते रहें.
मार्च महीना राजस्व विभाग के लिए अहम
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च का महीना राजस्व विभाग के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है. इस दौरान कई महत्वपूर्ण अभियान चल रहे हैं, जो सीधे तौर पर आम लोगों से जुड़े हुए हैं.
उन्होंने बताया कि इस समय सरकार की कई योजनाओं और कार्यक्रमों को जमीन पर लागू करने का काम तेजी से चल रहा है. इनमें मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा, राजस्व महाअभियान और ई-मापी अभियान जैसे कार्यक्रम प्रमुख हैं.
इन अभियानों के कारण राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका काफी अहम हो जाती है, क्योंकि जमीन, दाखिल-खारिज, प्रमाण पत्र और अन्य कई सेवाएं अंचल कार्यालयों के माध्यम से ही संचालित होती हैं.
46 लाख आवेदनों के निपटारे का लक्ष्य
विजय कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि राजस्व महाअभियान के तहत राज्यभर से लगभग 46 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं. सरकार का लक्ष्य है कि इन सभी आवेदनों का निपटारा 31 मार्च तक कर दिया जाए.
उन्होंने कहा कि अगर इस समय अधिकारी हड़ताल पर रहते हैं तो इससे लाखों लोगों के काम प्रभावित हो सकते हैं. इसलिए सरकार चाहती है कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए जल्द से जल्द काम पर लौटें.
उन्होंने यह भी कहा कि अंचल कार्यालयों में जमीन से जुड़े मामलों, प्रमाण पत्रों और अन्य राजस्व सेवाओं से संबंधित बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं. ऐसे में इन सेवाओं का प्रभावित होना आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है.
दबाव की राजनीति से समाधान संभव नहीं
उपमुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि सुधार उप समाहर्ताओं से जुड़ा जो मुद्दा उठाया जा रहा है, वह सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन आता है. अगर अधिकारी काम पर लौटते हैं, तो उस विषय पर भी सकारात्मक तरीके से विचार किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत और सहयोग से ही संभव है. दबाव या टकराव की राजनीति से समाधान नहीं निकलता.
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि अगर अधिकारी जनता के काम को ईमानदारी से पूरा करेंगे और अच्छे परिणाम देंगे, तो सरकार उनके अधिकारों और मांगों पर जरूर विचार करेगी.
जनहित और सुशासन सरकार की प्राथमिकता
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता हमेशा जनहित और सुशासन रही है. सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अधिकारियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और उनकी मांगों को समझती है. हालांकि इसके साथ प्रशासनिक अनुशासन और जिम्मेदारी का पालन करना भी उतना ही जरूरी है.
सरकार की कोशिश है कि जनता से जुड़े काम समय पर पूरे हों और राजस्व विभाग की सेवाएं बिना किसी बाधा के लोगों तक पहुंचती रहें.
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