Bihar Diwas 2026: बिहार दिवस 2026 के अवसर पर राजधानी पटना में तीन दिवसीय भव्य समारोह रविवार से शुरू होने जा रहा है. इस आयोजन को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं और शहर के प्रमुख स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी. गांधी मैदान, श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल और रवींद्र भवन में लगातार तीन दिनों तक अलग-अलग विधाओं के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे. कार्यक्रमों के साथ-साथ विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी भी आम लोगों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे लोगों को सीधा लाभ मिल सके.
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पहले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार शुरुआत
समारोह के पहले दिन रविवार को शाम पांच बजे से गांधी मैदान में मशहूर गायिका सोना मोहपात्रा अपने गीतों से समां बांधेंगी. वहीं श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में प्रख्यात कत्थक नृत्यांगना नीलम चौधरी अपनी प्रस्तुति देंगी. इसके अलावा प्राची पल्लवी साहू समकालीन नृत्य और रमिंदर खुराना ओडिसी नृत्य प्रस्तुत करेंगी. रवींद्र भवन में पंडित जगत नारायण पाठक ध्रुपद गायन से शास्त्रीय संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध करेंगे. इसके साथ ही कमलेश कुमार सिंह लोकगीत गाएंगे और नारायण मिश्रा समकालीन गीतों की प्रस्तुति देंगे. किलकारी के कलाकारों द्वारा भिखारी ठाकुर के प्रसिद्ध नाटक ‘गबरघिचोर’ का मंचन भी किया जाएगा.
दूसरे दिन शान और कवि सम्मेलन का जलवा
23 मार्च को गांधी मैदान में लोकप्रिय गायक शान की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रहेगी. इसी दिन रवींद्र भवन में दरभंगा घराने के मल्लिक ब्रदर्स ध्रुपद गायन करेंगे. इसके साथ ही हास्य और कविता के मंच पर पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा, शंभू शिखर, सान्या राय, संजीव मुकेश और पद्मिनी शर्मा अपनी रचनाओं से दर्शकों को मनोरंजन का भरपूर मौका देंगे. नाट्य प्रेमियों के लिए बिज्येंद्र कुमार टांक के निर्देशन में ‘बैजयंती’ नाटक का मंचन होगा. वहीं श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में सुदीपा घोष की नृत्य नाटिका ‘बुद्ध चरित’ प्रस्तुत की जाएगी, जबकि सांद्रा पिशारड़ी और अमीना शानवास मोहिनीअट्टम युगल नृत्य से मंच सजाएंगी.
समापन दिन पापोन की प्रस्तुति बनेगी खास आकर्षण
24 मार्च को समारोह के अंतिम दिन प्रसिद्ध गायक पापोन अपनी प्रस्तुति देंगे. इसी दिन पंडित रामजी मिश्रा ध्रुपद गायन, डॉ एन विजयलक्ष्मी भरतनाट्यम और डॉ पाशा विशेष प्रस्तुति देंगे. चंदन तिवारी लोकगीतों के जरिए दर्शकों को झूमने पर मजबूर करेंगे. उदय शंकर शैली पर आधारित ‘बिहार दर्पण’ नृत्य नाटिका भी प्रस्तुत की जाएगी. इसके अलावा आलोक राज और अशोक कुमार प्रसाद गजल गायन से माहौल को और खास बनाएंगे.
स्टॉलों पर मिलेगी योजनाओं की जानकारी
समारोह के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी. इन स्टॉलों के माध्यम से लोगों को योजनाओं के लाभ और प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया जाएगा, ताकि वे सीधे इनका फायदा उठा सकें.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, सीसीटीवी से निगरानी
कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई है. गांधी मैदान और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक पुलिस बल की तैनाती की गई है. पूरे परिसर को चार सेक्टरों में बांटकर प्रत्येक सेक्टर में एडीएम और डीएसपी स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है. कुल 94 मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारी 56 स्थानों पर तैनात रहेंगे. इसके अलावा 128 सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी. नियंत्रण कक्ष में भी 13 मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.
तीन दिन तक चलेगा उत्सव का माहौल
कुल मिलाकर बिहार दिवस 2026 का यह आयोजन कला, संस्कृति और परंपरा का संगम बनने जा रहा है. तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में लोग न केवल मनोरंजन का आनंद लेंगे, बल्कि राज्य के विकास और उपलब्धियों की झलक भी देख सकेंगे.
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