Bihar Electricity Bill : नए साल की शुरुआत में ही बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए महंगाई की आहट सुनाई दे रही है. राज्य में बिजली दरों में बढ़ोतरी की तैयारी की जा रही है. यदि प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लग जाती है तो संशोधित दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी. प्रस्ताव के तहत बिजली की दर में 35 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी और छोटे दुकानदारों के फिक्स चार्ज में 50 रुपये की कटौती को लेकर आज जनसुनवाई होगी.
कितने समय तक लागू रहेंगी नई दरें
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बिहार विद्युत विनियामक आयोग के कोर्ट रूम में आज इस प्रस्ताव पर सुनवाई तय है. आयोग के अध्यक्ष आमिर सुबहानी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे. सुनवाई के दौरान आम उपभोक्ताओं की राय सुनी जाएगी. इसके बाद साउथ और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों तथा विभिन्न संगठनों के तर्कों पर विचार किया जाएगा. सभी तथ्यों की समीक्षा के बाद ही आयोग अंतिम निर्णय लेगा. स्वीकृति मिलने पर यह फैसला 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगा.
इन शहरों में भी रख सकेंगे अपनी बात
जानकारी के अनुसार बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी, स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर और बिहार ग्रिड कंपनी ने आयोग को अलग-अलग प्रस्ताव सौंपे हैं, जिन पर विचार किया जाएगा. पटना की जनसुनवाई में जो लोग शामिल नहीं हो पाएंगे, उनके लिए वैकल्पिक तिथियां भी तय की गई हैं. 15 जनवरी को बेगूसराय के कलेक्ट्रेट सभागार, 19 जनवरी को गया कलेक्ट्रेट सभागार और 5 फरवरी को विद्युत भवन मुख्यालय-2 स्थित आयोग के कोर्ट रूम में सुनवाई होगी, जहां उपभोक्ता अपनी राय रख सकते हैं.
किन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
यदि बिजली दर बढ़ाने का फैसला होता है तो ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मौजूदा एक स्लैब व्यवस्था बनी रहेगी. इसके तहत 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त मिलेगी. हालांकि, तय सीमा से अधिक खपत करने पर प्रति यूनिट 35 पैसे अतिरिक्त चुकाने होंगे. वहीं 100 यूनिट से कम बिजली इस्तेमाल करने वाले शहरी और ग्रामीण दुकानदारों को भी ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा. व्यवसायिक उपभोक्ताओं के लिए एकल स्लैब तय कर दर 8.14 रुपये प्रति यूनिट रखने का प्रस्ताव है.
कहां मिल सकता है राहत
बिजली दरों में बढ़ोतरी के साथ ही स्लैब व्यवस्था में बदलाव का भी प्रस्ताव रखा गया है. साउथ और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने शहरी क्षेत्रों में दो स्लैब को एक करने का सुझाव दिया है. वर्तमान में शहरी इलाकों में पहला स्लैब 7.42 रुपये और दूसरा स्लैब 8.95 रुपये प्रति यूनिट है. यदि दोनों को मिलाकर एक स्लैब बना दिया जाता है तो दर 7.77 रुपये प्रति यूनिट हो जाएगी. ऐसे में 125 यूनिट मुफ्त बिजली के बाद उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट करीब 1.18 रुपये की राहत मिल सकती है.
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