Bihar News: सरस्वती पूजा को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के मोर्चे पर पूरी तैयारी कर ली है. कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात संचालन को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है. डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम और एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर सुरक्षा रणनीति को अंतिम रूप दिया.
बैठक में अधिकारियों को बताया गया कि पूरे आयोजन को तीन अलग-अलग चरणों में नियंत्रित किया जाएगा. पहला चरण पूजा की तैयारियों से जुड़ा होगा, दूसरा चरण पूजा के दौरान लागू रहेगा और तीसरा चरण विसर्जन के समय प्रभावी होगा. प्रशासन का मानना है कि निरंतर निगरानी और बेहतर समन्वय से ही किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सकता है.
जिलाधिकारी, पटना एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना द्वारा सरस्वती पूजा की प्रशासनिक तैयारियों की अनुमंडलवार समीक्षा की गई। पदाधिकारियों को सभी स्टेकहोल्डर्स से सार्थक समन्वय तथा सुदृढ़ संवाद कायम रखने, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सतत क्रियाशील रखने, अफवाहों का त्वरित खंडन करने, पूर्व… pic.twitter.com/qQTiMu4mSh
— District Administration Patna (@dm_patna) January 16, 2026
तीन स्तरों पर लागू होगी सुरक्षा योजना
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरस्वती पूजा के दौरान किसी भी तरह की चूक को गंभीरता से लिया जाएगा. पूजा शुरू होने से पहले संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा, पूजा समितियों को नियमानुसार अनुमति दी जाएगी और तैयारियों की नियमित जांच होगी. पूजा के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी जाएगी. इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर सूचना फ्लैक्स लगाए जाएंगे, जिनमें निगरानी की जानकारी दी जाएगी. विसर्जन के समय ड्रोन कैमरों से भी हालात पर पैनी नजर रखी जाएगी.
अफवाहों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश
प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी भ्रामक सूचना को लेकर सख्त रुख अपनाया है. सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं. किसी भी अफवाह की पहचान होते ही उसका तत्काल खंडन किया जाएगा. साथ ही खुफिया तंत्र को मजबूत करने और पहले से चिन्हित उपद्रवी तत्वों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई करने को कहा गया है. आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए क्विक रिस्पांस और मेडिकल टीम भी तैनात रहेंगी.
होटल और हॉस्टल की गतिविधियों पर नजर
त्योहार के दौरान शहर के होटल, लॉज और हॉस्टल की नियमित जांच की जाएगी. विशेष रूप से छात्रावासों में रह रहे छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के दौरान असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. बिना अनुमति के पंडाल लगाने या जुलूस निकालने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे और इसकी जिम्मेदारी सीधे संबंधित थाने की होगी.
गंगा में विसर्जन पर रोक, बनाए गए कृत्रिम तालाब
गंगा नदी को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से पटना नगर निगम ने इस बार अलग व्यवस्था लागू की है. सरस्वती पूजा की मूर्तियों और पूजन सामग्री का विसर्जन केवल चिन्हित कृत्रिम तालाबों में ही किया जाएगा. पाटलिपुत्र अंचल में मिनार घाट, अजीमाबाद अंचल में भद्र घाट और मित्तन घाट, बांकीपुर अंचल में लॉ कॉलेज घाट तथा पटना सिटी अंचल में कंगन घाट और दमराही घाट पर विशेष तालाब तैयार किए जा रहे हैं. नियमों की अनदेखी करने वालों पर जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई होगी.
विसर्जन के बाद सफाई पर रहेगा फोकस
विसर्जन संपन्न होने के बाद नगर निगम की ओर से घाटों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा. घाटों की सफाई, कचरे के निस्तारण, रोशनी और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी तय एजेंसियों को दी गई है. इसके साथ ही प्लास्टिक मुक्त अभियान के तहत घाटों पर जागरूकता टीमें मौजूद रहेंगी, जो लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करेंगी.
इसे भी पढ़ें-दानापुर में 2 तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में गांजा और नशीले पदार्थ बरामद
इसे भी पढ़ें-शादी के 5 महीने बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, ससुराल पर लगा हत्या का आरोप

