Bihar Politics : केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के शीर्ष नेता चिराग पासवान ने घोषणा की है कि खरमास समाप्त होते ही वे बिहार के विभिन्न हिस्सों में व्यापक जनसंपर्क अभियान की शुरुआत करेंगे. इस अभियान को ‘आभार यात्रा’ का नाम दिया गया है, जिसके माध्यम से वे चुनावों में एनडीए और अपनी पार्टी को मिले समर्थन के लिए जनता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करेंगे.
पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में चिराग पासवान ने कहा कि यह यात्रा केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं होगी, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम बनेगी. उन्होंने यह भी संकेत दिए कि जनवरी के अंतिम सप्ताह तक संगठनात्मक स्तर पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं.
आज बिहार प्रदेश कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री आदरणीय श्री @iChiragPaswan जी ने प्रेस कांफ्रेंस कर मीडिया के साथियों को संबोधित किया। pic.twitter.com/DKTYxW7wsp
— Lok Janshakti Party (Ramvilas) (@LJP4India) January 11, 2026
आभार यात्रा का फोकस कार्यकर्ता और आम मतदाता
चिराग पासवान के अनुसार, हालिया लोकसभा चुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी को जो समर्थन मिला है, वह जनता और जमीनी कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है. आभार यात्रा के दौरान वे जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में जाकर पार्टी से जुड़े लोगों से मुलाकात करेंगे.
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जीत का वास्तविक आधार वही कार्यकर्ता होता है, जो गांव, वार्ड और बूथ स्तर पर पार्टी के लिए काम करता है, और यह यात्रा उसी समर्पण को सम्मान देने का प्रयास है.
संगठन में जवाबदेही और पुनर्गठन पर जोर
चिराग पासवान ने यह स्पष्ट किया कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से लेकर राज्य इकाई तक संगठनात्मक ढांचे में बदलाव किए जाएंगे. कई पदाधिकारियों को नई भूमिकाएं दी जाएंगी, ताकि सरकार और संगठन के बीच तालमेल बेहतर हो सके.
उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर नजर रखी जाएगी और उनसे जनता के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा की जाएगी. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह कदम पार्टी को अधिक सक्रिय और नियंत्रित ढांचे की ओर ले जा सकता है.
दही-चूड़ा आयोजन से एनडीए में समन्वय का संकेत
चिराग पासवान ने बताया कि 15 जनवरी को आयोजित पारंपरिक दही-चूड़ा कार्यक्रम के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया है. इस अवसर पर एनडीए गठबंधन से जुड़े प्रमुख नेताओं की उपस्थिति प्रस्तावित है.
राजनीतिक दृष्टि से इस आयोजन को गठबंधन की एकजुटता और आपसी तालमेल को मजबूत करने की कवायद माना जा रहा है.
विपक्षी खेमे पर सवाल, नेतृत्व को बताया कमजोर
विपक्ष को लेकर चिराग पासवान ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां आपसी असहमति खुलकर सामने आ रही है. उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का नेतृत्व स्पष्ट दिशा तय करने में असफल दिखाई दे रहा है.
तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद वे सार्वजनिक चर्चा से दूरी बनाए हुए हैं और हार की जिम्मेदारी स्वीकार करने से बच रहे हैं. चिराग ने यह भी दावा किया कि विपक्ष के कुछ जनप्रतिनिधि सत्तापक्ष के संपर्क में हैं, हालांकि उन्होंने दोहराया कि एनडीए को किसी अतिरिक्त समर्थन की आवश्यकता नहीं है.
राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने के संकेत
चिराग पासवान की प्रस्तावित आभार यात्रा को बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों की सक्रियता का संकेत माना जा रहा है. एक ओर यह एनडीए की स्थिति को मजबूत करने का प्रयास है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों के लिए दबाव बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है. खरमास के बाद राज्य का सियासी माहौल एक बार फिर तेज होता दिख रहा है.
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