Bihar Rail : ट्रेन से सफर करने वालों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. अब उन ट्रेनों में यात्रियों को अतिरिक्त पैसा नहीं देना होगा, जिन्हें सुपरफास्ट के नाम पर चलाया जा रहा था लेकिन उनकी रफ्तार तय मानक से कम थी. रेलवे बोर्ड के निर्देश के बाद पूर्व मध्य रेलवे ने अपने वाणिज्य विभाग को इस फैसले को लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं. इस बदलाव से पटना जंक्शन से यात्रा करने वाले यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और किराए में कमी देखने को मिलेगी. अलग-अलग श्रेणियों के यात्रियों को औसतन 15 से 75 रुपए तक की राहत मिलने का अनुमान है.
धीमी रफ्तार बनी कारण, बदला दर्जा
रेलवे के अनुसार, जिन ट्रेनों की औसत गति 55 किलोमीटर प्रति घंटा से कम पाई गई, उनका सुपरफास्ट दर्जा समाप्त कर दिया गया है. इसमें हावड़ा-देहरादून रूट समेत कई प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं. अधिकारियों का कहना है कि लगातार देरी और तय स्पीड मानक को पूरा नहीं करने के कारण यह फैसला लिया गया है. इससे अब ये ट्रेनें सामान्य मेल या एक्सप्रेस श्रेणी में मानी जाएंगी और यात्रियों से अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा.
55 किमी प्रति घंटा से कम स्पीड पर बदला दर्जा
- विभूति एक्सप्रेस
- उपासना एक्सप्रेस
- कुंभ एक्सप्रेस
- हिमगिरी एक्सप्रेस
किराए में 5 से 12 प्रतिशत तक की कमी
सुपरफास्ट का टैग हटने के बाद टिकट की कीमत में 5 से 12 प्रतिशत तक कमी आएगी. जानकारी के अनुसार, स्लीपर श्रेणी में करीब 30 रुपए, एसी-2 और एसी-3 में लगभग 45 रुपए और एसी-1 में भी किराया घटाया गया है. वहीं सामान्य श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्रियों को करीब 15 रुपए तक की राहत मिलेगी. इस फैसले का फायदा हर वर्ग के यात्रियों को मिलेगा, जिससे यात्रा पहले के मुकाबले थोड़ी सस्ती हो जाएगी.
इन ट्रेनों पर लागू हुआ फैसला
जिन ट्रेनों से सुपरफास्ट का दर्जा हटाया गया है, उनमें विभूति एक्सप्रेस, उपासना एक्सप्रेस, कुंभ एक्सप्रेस और हिमगिरी एक्सप्रेस शामिल हैं. इन सभी ट्रेनों की स्पीड तय मानक से कम पाई गई थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया.
देशभर में होगी समीक्षा
रेलवे बोर्ड ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सभी जोनों में ट्रेनों की गति की समीक्षा शुरू कर दी है. हाल ही में संसद की एक समिति के साथ हुई बैठक में यह बात सामने आई थी कि कई ट्रेनें कागजों में सुपरफास्ट हैं, लेकिन वास्तविकता में उनकी गति कम है. इसी को ध्यान में रखते हुए अब देश के 17 जोनों में करीब 900 ट्रेनों की जांच की जा रही है. इसके बाद या तो ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई जाएगी या फिर किराए में कमी की जाएगी.
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