Bihar Tourism: बिहार सरकार अब पर्यटन क्षेत्र को मजबूती देने के लिए नई योजना लागू कर रही है. फरवरी से पटना को राज्य के 40 प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों से जोड़ने के लिए 100 इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों का परिचालन शुरू किया जाएगा. इस कदम से न केवल पर्यटकों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा मिलेगी, बल्कि आम लोगों के लिए भी अंतर-जिला आवागमन आसान हो जाएगा. अनुमान है कि इस योजना से करीब दो लाख लोग प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे.
सीधी बस सेवा: पटना से बोधगया और अन्य स्थानों तक
नई व्यवस्था में पटना से कैमूर, बोधगया, नवादा, सासाराम, बेतिया, बांका, बीटीआर समेत अन्य पर्यटन स्थलों तक सीधी बस सेवा उपलब्ध होगी. रूट का चयन यात्रियों की संख्या और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखकर किया गया है. परिवहन विभाग ने राज्य पथ परिवहन निगम को सभी स्थलों का सर्वेक्षण कर रूट तय करने का निर्देश दिया है.
किराया सुलभ और सुविधाजनक
बसों का किराया यात्रियों की सुविधा और आमदनी के हिसाब से तय किया जाएगा. नॉन एसी बसों का किराया 150 से 600 रुपये और एसी बसों का 200 से 700 रुपये के बीच रखा जा सकता है. परिवहन विभाग ने बताया कि अंतिम निर्णय सरकार स्तर पर लिया जाएगा, ताकि यात्रा सभी के लिए किफायती हो.
आधुनिक सुविधाएं और पर्यावरणीय लाभ
पुरानी बसों की जगह अब इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसें चलेंगी, जिससे प्रदूषण कम होगा और संचालन लागत भी घटेगी. बसों में आरामदायक सीटें, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, म्यूजिक सिस्टम और लगेज रखने की सुविधा होगी. कुछ बसों में सीट बेल्ट, फर्स्ट एड किट और पानी की बोतल भी उपलब्ध होगी. यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशिक्षित ड्राइवर और गाइड की तैनाती भी की जाएगी.
पर्यटन और रोजगार पर असर
साल 2024 में बिहार में 6.06 करोड़ घरेलू और 7.36 लाख विदेशी पर्यटक आए. बेहतर परिवहन सुविधा से इन आंकड़ों में वृद्धि होने की संभावना है. 2026-27 में लगभग 200 नई बसें शामिल की जाएंगी, जिसमें 100 लोकल रूट और 100 स्टेट रूट पर चलेंगी. इसके अलावा केंद्र सरकार से 400 और इलेक्ट्रिक बसें मिलने की योजना है. इस पहल से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार और आमदनी के अवसर भी बढ़ेंगे.
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