Exit Poll Misses: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दो चरणों के मतदान के बाद आए लगभग सभी एग्जिट पोल इस बार उम्मीद के मुताबिक साबित हुए. भले ही सीटों के आंकड़ों में हर एजेंसी की भविष्यवाणी पूरी तरह मेल नहीं खाई, लेकिन एनडीए की सत्ता में वापसी को लेकर लगभग सभी एग्जेंसियां एकमत रहीं. इनमें ‘पोल डायरी’ का अनुमान सबसे अधिक सटीक रहा. उसने एनडीए को 184–209 सीटों का आकलन दिया था, जबकि परिणामों में गठबंधन को 203 सीटें (समाचार लिखे जाने तक) मिल चुकी हैं.
2025 के एग्जिट पोल में एनडीए की वापसी की स्पष्ट भविष्यवाणी
इस बार मतदान समाप्त होने के बाद कुल 16 एग्जिट पोल सामने आए. इनमें से 15 ने साफ तौर पर कहा कि एनडीए फिर से सत्ता हासिल करेगा. इन पोल्स में एनडीए का सीट अनुमान न्यूनतम 133 और अधिकतम 209 के बीच रहा. यह रेंज बताती है कि अधिकांश एजेंसियों ने जनता के रुझान को करीब-करीब पकड़ लिया था.
दो विधानसभा चुनाव जहां एग्जिट पोल बुरी तरह चूके
बीते एक दशक में बिहार के दो विधानसभा चुनाव ऐसे रहे हैं, जिनमें एग्जिट पोल पूरी तरह गलत साबित हुए. वर्ष 2015 और 2020 दोनों ही चुनावों में टीवी चैनलों और सर्वे एजेंसियों ने एनडीए और महागठबंधन के प्रदर्शन को लेकर जो तस्वीर दिखाई, वास्तविक नतीजे उसके ठीक उलट आए. यही वजह है कि इस बार के एग्जिट पोल की सटीकता विशेष रूप से चर्चा में रही.
2015 और 2020: दो बड़े चुनावी उदाहरण जहां एग्जिट पोल फ्लॉप
2015 के बिहार चुनाव में आज तक–सिसेरो सहित कई एजेंसियों ने भाजपा नीत एनडीए को बहुमत के करीब दिखाया था. जबकि हकीकत में महागठबंधन ने 178 सीटों के विशाल आंकड़े के साथ सरकार बनाई. ठीक यही स्थिति 2020 के चुनाव में भी देखी गई. लगभग सभी एग्जिट पोल में महागठबंधन को बहुमत का दावा किया गया, पर मतगणना में एनडीए 125 सीटें जीतकर सरकार तक पहुंच गया, जबकि महागठबंधन 110 सीटों पर सिमट गया.
एजेंसी/चैनल का नाम
एनडीए
महागठबंधन
आज तक-सिसेरो
113 से 127
111 से 123
एबीपी न्यूज
108
130
टुडे चाणक्य
155
85
टाइम्स नाऊ-सी वोटर्स
111
122
न्यूज नेशन
115 से 119
120 से 124
न्यूज एक्स-सीएनएक्स
90 से 100
130 से 140
2015 में एनडीए को बढ़त दिखाने वाली भविष्यवाणियां
2015 के एग्जिट पोल आंकड़ों पर नज़र डालें तो आज तक–सिसेरो ने एनडीए को 113–127 सीटों की संभावित रेंज दी थी. टुडे चाणक्य ने 155 सीटें तक का अनुमान जताया. न्यूज नेशन ने 115–119 और टाइम्स नाऊ–सी वोटर्स ने 122 सीटें तक बताईं. दूसरी ओर कुछ पोल्स ने महागठबंधन को 130–140 के आसपास दिखाया था. लेकिन परिणामों में भाजपा सिर्फ 53 सीटें जीत सकी और एनडीए कुल 58 सीटों पर सिमट गया.
2020: महागठबंधन की सरकार की भविष्यवाणी फेल
2020 के चुनाव में भी एग्जिट पोल्स की भविष्यवाणी जमीन पर टिक नहीं पाई. अधिकांश पोल्स में महागठबंधन की सरकार बनने की बात कही गई थी. इंडिया टीवी ने एनडीए को 90–110 सीटें और महागठबंधन को 103–120 सीटें बताई थीं. आज तक के सर्वे में एनडीए को 69–91 और महागठबंधन को 139–161 सीटें दी गई थीं. रिपब्लिक टीवी और न्यूज 24 ने भी एनडीए को 91–119 और महागठबंधन को 116–138 सीटें मिलने की संभावना व्यक्त की थी. हालांकि परिणामों में एनडीए ने सरकार बनाई और सारी भविष्यवाणियां उलट गईं.
Bihar Election Result: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का जनादेश स्पष्ट है—नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन भारी बहुमत के साथ एक बार फिर सत्ता पर काबिज होने जा रहा है. भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि जदयू दूसरी सबसे बड़ी शक्ति बनी है. तेजस्वी यादव अपनी सीट बचाने में सफल जरूर रहे, पर उनकी पार्टी और महागठबंधन गठबंधन को भाजपा–जदयू–लोजपा आर–रालोमो–हम की संयुक्त ताकत के आगे करारी हार झेलनी पड़ी. पूरा महागठबंधन सिर्फ 33 सीटों पर सिमट गया.
महागठबंधन में अंतर्कलह, एनडीए में सहज तालमेल
एनडीए की जीत की पृष्ठभूमि में सबसे बड़ा तत्व गठबंधन का आंतरिक तालमेल रहा. जहां तेजस्वी यादव महागठबंधन में खुद को मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में स्थापित करने के लिए लगातार दबाव बनाते रहे, वहीं एनडीए में नीतीश कुमार की भूमिका को लेकर किसी तरह की अनिश्चितता नहीं दिखी. यह अलग बात है कि भाजपा नेतृत्व ने औपचारिक रूप से कभी यह घोषणा नहीं की कि नीतीश ही सीएम पद के उम्मीदवार होंगे, लेकिन गठबंधन की चुनावी मशीनरी में कोई दरार नजर नहीं आई.
महागठबंधन में समन्वय की कमी, सीट बंटवारे में विवाद
तेजस्वी को आधिकारिक रूप से सीएम उम्मीदवार घोषित न करने से राजद–कांग्रेस के रिश्तों में लगातार खटास बनी रही. चुनाव घोषित होने से पहले भी और उसके बाद भी महागठबंधन की बैठकों में टकराव और असहमति की बातें खुलकर सामने आती रहीं. वहीं एनडीए के भीतर सीट बंटवारे से लेकर प्रचार रणनीति तक हर मुद्दे पर एकसमान गति दिखी, जो चुनाव नतीजों में भी साफ झलकी.
तेजस्वी के रोजगार वादों पर लोगों ने भरोसा नहीं किया
राजद नेता तेजस्वी यादव ने हर परिवार को रोजगार जैसी कई आकर्षक घोषणाएं कीं, लेकिन मतदाताओं—खासकर युवाओं और महिलाओं—ने इन्हें विश्वसनीय नहीं माना. इस बार के जनादेश में यह साफ दिखा कि मतदाताओं ने जातीय समीकरणों से ऊपर उठकर विकास, स्थिरता और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी. नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास मॉडल को लोगों ने ज्यादा भरोसेमंद माना.
महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये ने बदली चुनावी हवा
महिलाओं के बैंक खातों में चुनाव से पहले 10,000 रुपये ट्रांसफर करने का निर्णय एनडीए के लिए बड़ा गेमचेंजर बना. इससे पहले सरकारी नियुक्तियों में तेजी का भी फायदा सरकार को मिला. शराबबंदी जैसे फैसलों ने पहले ही नीतीश सरकार के लिए महिला वोटरों में मजबूत आधार बना रखा था, जिस पर 10,000 रुपये की राशि और 35% आरक्षण की घोषणा ने अतिरिक्त समर्थन जोड़ दिया.
नौकरियों में आरक्षण और शिक्षक सुविधाओं ने बनाई महिला समर्थक छवि
महिला आरक्षण के अलावा सरकार ने महिला शिक्षकों को स्कूटी खरीदने पर टैक्स में राहत दी और दूर के स्कूलों में पोस्टिंग होने पर आवास खोजने में सहायता जैसी योजनाएं लागू कीं. इससे महिलाओं में आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा की भावना मजबूत हुई, जो सीधे एनडीए के वोट बैंक में बदल गई. जनादेश यह भी दर्शाता है कि मतदाता अभी भी लालू राज के दौर की अव्यवस्था को लेकर सतर्क हैं.
लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों का नकारात्मक प्रभाव इस चुनाव में भी दिखाई दिया. युवाओं ने तेजस्वी की घोषणाओं को अविश्वसनीय माना और महागठबंधन को विकल्प के रूप में गंभीरता से नहीं लिया. नतीजा यह हुआ कि एनडीए को 200 से अधिक सीटें मिलीं और नवीनतम आंकड़ों के अनुसार गठबंधन 205 सीटों पर आगे है, जो इसकी अभूतपूर्व जीत को पुख्ता करता है.
यहां देखें बिहार की 243 सीटों का रिजल्ट, किसने की जीत हासिल और कौन हारा
Bihar Election Result 2025 : भागलपुर की तीन प्रमुख विधानसभा सीटों—बिहपुर, गोपालपुर और सुल्तानगंज—में इस बार नोटा ने उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज की है. मतगणना के दौरान सामने आए आंकड़ों ने यह स्पष्ट किया कि हजारों मतदाताओं ने किसी भी उम्मीदवार को न चुनते हुए नोटा का विकल्प दबाया. यह रुझान बताता है कि चुनावी माहौल में मतदाताओं का एक तबका अभी भी राजनीतिक विकल्पों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है.
बिहपुर में 3,269 मतदाताओं ने नोटा को चुना, जो कुल मतदान का 1.87 प्रतिशत है. वहीं गोपालपुर में नोटा ने तीनों सीटों में सबसे अधिक प्रभाव दिखाया और 4,782 वोट हासिल किए, जो 2.50 प्रतिशत है. सुल्तानगंज में भी स्थिति अलग नहीं रही और 4,108 लोगों ने नोटा पर भरोसा जताया, जिसका प्रतिशत 1.96 रहा. इन आंकड़ों से साफ है कि तीनों क्षेत्रों में वोटरों ने असंतोष व्यक्त करने के लिए नोटा को एक प्रभावी माध्यम बनाया.
Bihar Election Result 2025 : भागलपुर जिले की तीनों विधानसभा सीटों—बिहपुर, गोपालपुर और सुल्तानगंज—के पोस्टल बैलेट परिणाम शुक्रवार को मतगणना केंद्र में सार्वजनिक कर दिए गए. डाक मतों की गिनती ने मुख्य परिणामों की दिशा को और स्पष्ट करते हुए विजयी प्रत्याशियों की बढ़त को अतिरिक्त मजबूती दी. पहले रुझानों से ही संकेत मिल रहा था कि पोस्टल बैलेट का पैटर्न ईवीएम मतों से अलग नहीं होगा, और अंतिम आंकड़ों ने इसे पूरी तरह साबित कर दिया.
बिहपुर: भाजपा उम्मीदवार को पोस्टल बैलेट में सबसे बड़ी बढ़त
बिहपुर सीट पर भाजपा प्रत्याशी कुमार शैलेंद्र ने डाक मतों में सबसे ज्यादा 219 वोट हासिल किए, जिससे उनकी बढ़त निर्णायक दिखी. वीआईपी की अर्पणा कुमारी को 107 और जन सुराज पार्टी के पवन चौधरी को 32 पोस्टल बैलेट मिले. पोस्टल बैलेट के पैटर्न ने यहां भी मुख्य मतों की दिशा की पुष्टि कर दी.
गोपालपुर में जदयू को साफ लाभ, विपक्ष पीछे
गोपालपुर में जदयू उम्मीदवार शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को 177 डाक मत प्राप्त हुए. वीआईपी प्रत्याशी प्रेम सागर उर्फ डबलू यादव को 96 और जन सुराज पार्टी के मंटू सिंह को 44 वोट मिले. नतीजों ने साफ किया कि ईवीएम और पोस्टल बैलेट—दोनों में एक ही रुझान कायम रहा.
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सुल्तानगंज में भी दोहराया गया वही ट्रेंड
सुल्तानगंज में जदयू के ललित नारायण मंडल को 189 पोस्टल बैलेट मिले, जिससे उन्हें बढ़त मजबूत करने में सहजता मिली. कांग्रेस के ललन कुमार को 31 और जन सुराज पार्टी के राकेश कुमार को 38 डाक मत प्राप्त हुए. यहां भी वोटरों की पसंद दोनों स्तरों पर एक जैसी रही.
पोस्टल बैलेट ने तीनों सीटों पर रुझान को पक्का किया
तीनों विधानसभा क्षेत्रों के डाक मतों ने यह साफ कर दिया कि मतदाताओं की पसंद ईवीएम और पोस्टल बैलेट—दोनों में समान रही. विजयी उम्मीदवारों को हर स्तर से मजबूत समर्थन मिला, जिससे अंतिम परिणाम बिल्कुल स्पष्ट हो गए.
Bihar Election Result 2025 : भागलपुर की बिहपुर, गोपालपुर और सुल्तानगंज विधानसभा सीटों के नतीजे शुक्रवार को महिला आईटीआई कॉलेज में शांतिपूर्ण माहौल में पूरी हुई मतगणना के बाद घोषित कर दिए गए. पूरे दिन चली गिनती के दौरान न कहीं तनाव की स्थिति बनी, न ही किसी तरह का विवाद खड़ा हुआ. तीनों सीटों पर मुकाबला लगभग एकतरफा रहा और हर क्षेत्र में विजेताओं ने शुरुआती राउंड से लेकर अंतिम चरण तक अपनी बढ़त कायम रखी, जो अंत में निर्णायक जीत में बदल गई.
बिहपुर में भाजपा प्रत्याशी कुमार शैलेंद्र ने 91,458 मतों के साथ 52.39% वोट हासिल कर जीत दर्ज की. वीआईपी की अर्पणा कुमारी 61,433 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं. जन सुराज पार्टी के पवन चौधरी को 8,821 मत मिले. पूरे चुनावी गणना के दौरान शैलेंद्र की बढ़त कभी कम नहीं हुई और अंतिम राउंड तक वे सबसे आगे रहे.
गोपालपुर: जदयू के बुलो मंडल की एकतरफा जीत
गोपालपुर सीट पर जदयू के शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने 1,08,630 वोट और 56.75% वोट शेयर के साथ प्रचंड जीत हासिल की. वीआईपी प्रत्याशी प्रेम सागर उर्फ डबलू यादव 50,495 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे. जन सुराज पार्टी के मनकेश्वर सिंह (मंटू सिंह) को 4,701 मत मिले. शुरुआती चरणों से ही बुलो मंडल की बढ़त स्पष्ट थी, जो राउंड दर राउंड और मजबूत होती गई.
सुल्तानगंज: जदयू के ललित नारायण मंडल ने मारी बाज़ी
सुल्तानगंज विधानसभा में भी जदयू ने अपना प्रभाव बनाए रखा. ललित नारायण मंडल ने 1,08,712 वोट और 51.81% वोट प्रतिशत के साथ जीत दर्ज की. कांग्रेस के ललन कुमार को 2,754 वोट मिले, जबकि जन सुराज पार्टी के राकेश कुमार ने 4,402 वोट हासिल किए. यहां भी मतगणना के हर दौर में ललित नारायण मंडल की स्थिति मजबूत बनी रही.
शांतिपूर्ण रहा मतगणना केंद्र
महिला आईटीआई कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी. मतगणना हॉल में प्रवेश से लेकर अंतिम परिणाम तक पूरी प्रक्रिया बिना किसी अवरोध के संपन्न हुई. प्रशासन ने इसे शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतगणना के रूप में सफलतापूर्वक संचालित किया.
Bihar Election Result 2025 LIVE: बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर मतगणना जारी है और शुरुआती दौर में भाजपा के नीतिश मिश्र और लोकगायिका से नेता बनीं मैथिली ठाकुर आगे चल रही हैं. सीटों पर पहले से ही कांटे की टक्कर की उम्मीद थी, लेकिन शुरुआती राउंड ने भाजपा खेमे में उत्साह बढ़ा दिया है.
वहीं, आरजेडी के दिग्गज नेता समीर महासेठ और पूर्व मंत्री चंद्रशेखर पिछड़ते दिख रहे हैं. हालांकि, चुनावी नतीजों में कई बार रुझान बदलते हैं, इसलिए फाइनल तस्वीर आने में अभी समय है.
रिकॉर्ड वोटिंग और महिलाओं की ऐतिहासिक भागीदारी
इस बार बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों—6 नवंबर और 11 नवंबर—में संपन्न हुए. मतदाताओं का उत्साह इस कदर था कि राज्य में पहली बार मतदान प्रतिशत 65% के पार पहुंच गया. इतना ही नहीं, पिछले चुनावों की तुलना में पाँच लाख से अधिक महिलाओं ने पुरुषों के मुकाबले अधिक मतदान किया, जिससे बिहार देश में केरल के बाद दूसरा ऐसा राज्य बन गया, जहां महिलाओं ने वोटिंग में पुरुषों को पीछे छोड़ा है.
काउंटिंग सेंटरों पर बढ़ी हलचल, रुझान पलटने का सिलसिला जारी
सुबह से ही काउंटिंग सेंटरों पर हलचल बढ़ गई है. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और प्रत्येक राउंड के बाद दलों के दफ्तरों और मीडिया में सरगर्मी तेज होती जा रही है. जैसे-जैसे रुझान साफ होते जाएंगे, यह भी तय होगा कि किस सीट पर किसकी जीत होगी और कौन इस बार चुनावी बिसात पर मात खाएगा.
नतीजों की पूरी और ताज़ा अपडेट आप यहां लगातार पा सकते हैं.बस जुड़े रहिए…
Rajasthan High Court Civil Judge Result 2025: राजस्थान हाईकोर्ट ने सिविल जज भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा अहम अपडेट जारी कर दिया है. काफी समय से प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह राहत की खबर है — मेन्स परीक्षा 2025 का परिणाम अब आधिकारिक वेबसाइट hcraj.nic.in पर उपलब्ध है. रिजल्ट देखने के बाद योग्य उम्मीदवारों को अब इंटरव्यू राउंड के लिए बुलाया जाएगा.
इस भर्ती के आवेदन 1 मार्च 2025 से शुरू हुए थे और उम्मीदवारों को फॉर्म भरने के लिए 30 मार्च तक का समय मिला था. इसके बाद 27 जुलाई को प्रारंभिक परीक्षा हुई थी, जिसका परिणाम 19 अगस्त को जारी किया गया था. अब न्यायालय ने मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है.
रिजल्ट ऐसे डाउनलोड करें
उम्मीदवार hcraj.nic.in पर जाएं.
“Recruitment” या “Results” टैब पर क्लिक करें.
“Civil Judge Mains Result 2025” लिंक खोलें.
अपना रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर भरें और सबमिट करें.
स्क्रीन पर रिजल्ट दिखाई देगा, जिसे डाउनलोड कर सुरक्षित रखें.
हाईकोर्ट ने मेन्स परीक्षा के साथ श्रेणीवार कट-ऑफ मार्क्स भी जारी किए हैं. सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 150 अंक आवश्यक रहे, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 147 और PwBD (LD) श्रेणी के लिए 106 अंक रखे गए हैं. इससे स्पष्ट है कि इस बार सामान्य वर्ग में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी रही.
PAK vs SL: रावलपिंडी में खेले गए पहले वनडे के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बड़ी कार्रवाई की है. शाहीन अफरीदी की कप्तानी वाली टीम को धीमी ओवर गति के कारण मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना भरना होगा. टीम ने यह गलती स्वीकार कर ली, जिसके बाद औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी.
चार ओवर पीछे रही पाक टीम, लगा 20 प्रतिशत फाइन
आईसीसी की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के तहत खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को समय पर ओवर पूरे न करने पर दंड का प्रावधान है. प्रत्येक ओवर के विलंब पर मैच फीस का 5 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है. रावलपिंडी में पाकिस्तान टीम निर्धारित समय से चार ओवर पीछे रह गई थी. इस आधार पर कुल 20 प्रतिशत का जुर्माना लगाया गया.
मैदानी अंपायर एलेक्स व्हार्फ और आसिफ याकूब, तीसरे अंपायर शरफुद्दौला इब्ने शाहिद और चौथे अंपायर राशिद रियाज ने यह आरोप तय किया. बाद में एमिरेट्स आईसीसी मैच रेफरी पैनल के अली नकवी ने इस निर्णय को अनुमोदित किया. कप्तान शाहीन अफरीदी ने जिम्मेदारी लेते हुए इसे तुरंत स्वीकार कर लिया.
रावलपिंडी में धमाका, सीरीज पर मंडराया खतरा
वनडे मैच से कुछ ही घंटे पहले इस्लामाबाद की एक अदालत के बाहर हुए आत्मघाती विस्फोट में 12 लोगों की मौत और कई घायल हो गए थे. इस घटना के बाद श्रीलंका टीम ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई. आठ खिलाड़ियों ने स्वदेश लौटने की इच्छा जाहिर की, जिससे सीरीज पर अनिश्चितता छा गई. हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने सुरक्षा का भरोसा दिलाया, जिसके बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने सीरीज जारी रखने का फैसला किया. दोनों देशों के बीच बाकी मुकाबले शुक्रवार और रविवार को रावलपिंडी में ही खेले जाएंगे.
सलमान अली आगा ने संभाली पारी, पाकिस्तान ने ली बढ़त
मैच में श्रीलंका ने टॉस जीतकर पाकिस्तान को पहले बल्लेबाजी का मौका दिया. शुरुआती झटकों के बाद सलमान अली आगा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने करियर का दूसरा शतक पूरा किया. उन्होंने 300 रन के लक्ष्य की नींव रखी और टीम को 299/5 तक पहुंचाया. हुसैन तलत ने 63 गेंदों में 62 रनों की तेजतर्रार पारी खेली और सलमान का अच्छा साथ निभाया. जवाब में श्रीलंका की टीम वानिंदु हसरंगा के 52 गेंदों में 59 रनों के बावजूद जीत से 6 रन दूर रह गई. पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस राउफ ने चार महत्वपूर्ण विकेट लेकर टीम को जीत दिलाई. इस जीत के साथ पाकिस्तान ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली.
आईसीसी का सख्त रुख जारी
आईसीसी हाल के महीनों में ओवर रेट उल्लंघनों पर लगातार सख्ती बरत रहा है. इंग्लैंड, भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी टीमों को भी ऐसे मामलों में आर्थिक दंड झेलना पड़ा है. पाकिस्तान पर लगा यह जुर्माना आगामी मुकाबलों के लिए टीम को चेतावनी की तरह है, ताकि अगली बार ओवर गति में कोई चूक न हो.
Delhi Bomb Blast: दिल्ली ब्लास्ट मामले में केंद्र सरकार ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है. नरेंद्र मोदी सरकार ने अल-फलाह विश्वविद्यालय से संबंधित वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य एजेंसियों को निर्देश जारी किए हैं. साथ ही विश्वविद्यालय के सभी दस्तावेजों और खातों का फॉरेंसिक ऑडिट भी कराया जाएगा.
NAAC ने अल-फलाह विश्वविद्यालय को भेजा कारण बताओ नोटिस
राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) ने अल-फलाह विश्वविद्यालय को अपनी वेबसाइट पर फर्जी मान्यता प्रमाणपत्र दिखाने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है. नोटिस में कहा गया है कि विश्वविद्यालय ने खुद को मान्यता प्राप्त संस्थान के रूप में प्रस्तुत किया, जबकि न तो उसे मान्यता प्राप्त है और न ही उसने इसके लिए आवेदन किया है. एनएएसी ने कहा कि अल-फलाह विश्वविद्यालय ने अपनी वेबसाइट पर तीन कॉलेजों—अल फलाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, ब्राउन हिल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, और अल-फलाह स्कूल ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग—को “नैक ग्रेड ए” संस्थान बताया, जबकि इन कॉलेजों की मान्यता क्रमशः 2018 और 2016 में समाप्त हो चुकी है.
विश्वविद्यालय से मांगा गया स्पष्टीकरण
एनएएसी ने विश्वविद्यालय से निर्देशित किया है कि वह अपनी वेबसाइट और अन्य सार्वजनिक दस्तावेजों से झूठे दावों को तुरंत हटाए. साथ ही, यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि अब तक उसने नैक की नई मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए आवेदन क्यों नहीं किया.
2014 में मिला था विश्वविद्यालय का दर्जा
जानकारी के मुताबिक, अल-फलाह संस्थान की शुरुआत 1997 में एक इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में हुई थी. 2013 में इसे एनएएसी से ‘ए’ ग्रेड मिला और 2014 में हरियाणा सरकार ने इसे विश्वविद्यालय का दर्जा दिया. यह विश्वविद्यालय चिकित्सा महाविद्यालय भी संचालित करता है.
दिल्ली धमाके में 13 की मौत, तीन डॉक्टर गिरफ्तार
सोमवार को लाल किले के पास एक कार में हुए शक्तिशाली विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए. यह हमला “सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल” के खुलासे के कुछ ही घंटे बाद हुआ था. गिरफ्तार आरोपियों में अल-फलाह विश्वविद्यालय से जुड़े तीन चिकित्सक भी शामिल हैं, जिनसे एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं.
Terrorists Arrest: दिल्ली बम धमाके के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं. इसी बीच सोपोर के मोमिनाबाद इलाके में पुलिस और सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान चलाकर दो हाइब्रिड आतंकियों को गिरफ्तार किया है.
सोपोर में चला संयुक्त अभियान
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आतंकियों की पहचान शब्बीर नजर और शब्बीर मीर के रूप में हुई है. दोनों के पास से हथियार, गोला-बारूद और कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है. कश्मीर जोन पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं और मामले की जांच जारी है.
J&K | Two hybrid terrorists, Shabir Najar & Shabir Mir, arrested during a joint operation launched by Police and Security Forces in Moominabad, Sopore. Incriminating materials, arms & ammunition recovered. Investigation going on: Kashmir Zone Police pic.twitter.com/BEhLL7e2cd
इसके साथ ही सुरक्षा बलों ने पुंछ जिले के छह सीमावर्ती इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया है. सेना, सीआरपीएफ और विशेष अभियान समूह (SOG) की संयुक्त टीम सलवाह जंगल, बरेला कास, कस्बलारी, बग्योटे, परनई परियोजना, नक्का मंझारी और गुरसाई मूरी क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रही है. अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली विस्फोट के बाद पूरे जम्मू-कश्मीर में अलर्ट बढ़ा दिया गया है. स्थानीय लोगों से भी किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की गई है.
काउंटर इंटेलिजेंस की छापेमारी जारी
इससे पहले काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने ‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल’ और दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके की जांच के सिलसिले में घाटी में 13 ठिकानों पर छापेमारी की थी. सूत्रों के अनुसार, करीब 15 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और कई डिजिटल उपकरणों के साथ आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं.