24.1 C
Delhi
16 February 2026, Monday
Home Blog Page 39

Bihar News : भभुआ के सिवों नहर से 42 वर्षीय युवक का शव बरामद, जांच में जुटी पुलिस

Bhabua
भभुआ के सिवों नहर से शव बरामद.

Bihar News : भभुआ थाना क्षेत्र के सिवों गांव स्थित नहर में शनिवार सुबह एक युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है. नहर में शव तैरते देख ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी.

मृतक की पहचान सिवों गांव निवासी नचकु तिवारी के 42 वर्षीय पुत्र सुधाकर तिवारी के रूप में की गयी है. बताया जा रहा है कि गांव के उत्तर दिशा में बह रही नहर में शव मिलने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गये.

सूचना मिलने के बाद भभुआ थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नहर से बाहर निकलवाया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है. फिलहाल मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है. पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच हर बिंदु पर की जा रही है.

इसे भी पढ़ें-18 जनवरी को होगी प्रवेश परीक्षा, उम्मीदवारों के लिए सिटी स्लिप उपलब्ध

Bihar News : अंतरराज्यीय बस अड्डा के लिए उपजाऊ भूमि चयनित, 21 रैयतों से होगी जमीन की खरीद

भागलपुर
पीएम किसान योजना में पंजीकरण व e-KYC बढ़ाने पर जोर.

Bihar News : बिहार के भागलपुर में प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस अड्डा के निर्माण की दिशा में जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है. अगरपुर मौजा में स्थित 10.58 एकड़ भूमि को इस परियोजना के लिए चिह्नित किया गया है. जिला भू-अर्जन कार्यालय की ओर से प्रारंभिक अधिसूचना जारी करते हुए कुल 21 रैयतों को भूमि से संबंधित पक्षकार के रूप में सूचीबद्ध किया गया है. चयनित भूखंड वर्तमान में खेती योग्य है और इसे उपजाऊ कृषि भूमि की श्रेणी में रखा गया है.

सामाजिक प्रभाव आकलन में नहीं दिखा प्रतिकूल असर

भूमि अधिग्रहण से पहले राज्य स्तरीय सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन इकाई द्वारा विस्तृत अध्ययन कराया गया. मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित बस अड्डा परियोजना से स्थानीय स्तर पर किसी भी सार्वजनिक संसाधन को नुकसान नहीं पहुंचेगा. अध्ययन में यह स्पष्ट किया गया है कि आसपास मौजूद शिक्षण संस्थान, धार्मिक स्थल, श्मशान, कब्रगाह, चारागाह, खेल मैदान और अन्य सामुदायिक सुविधाएं परियोजना से अप्रभावित रहेंगी.

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भूमि अर्जन के कारण किसी प्रकार का विस्थापन नहीं होगा, क्योंकि चयनित क्षेत्र में आवासीय संरचनाएं मौजूद नहीं हैं. इस कारण पुनर्वास से जुड़ी कोई समस्या सामने आने की संभावना नहीं जताई गई है.

भूमि अर्जन से 21 रैयत होंगे प्रभावित

सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन के दौरान यह सामने आया है कि प्रस्तावित भूमि अर्जन से कुल 21 रैयत सीधे तौर पर प्रभावित होंगे. रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह भूमि राज्य या केंद्र सरकार की किसी आरक्षित या पूर्व आवंटित श्रेणी में शामिल नहीं है. वर्तमान में इस जमीन का उपयोग कृषि कार्य के लिए किया जा रहा है, जो संबंधित रैयतों की आय का प्रमुख स्रोत है.

जनसुनवाई और सर्वेक्षण की प्रक्रिया के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी राय रखी. उपस्थित जन समुदाय ने अध्ययन रिपोर्ट पर सहमति जताते हुए यह अपेक्षा रखी कि प्रभावित रैयतों को नियमानुसार मुआवजा और समाधान उपलब्ध कराया जाएगा.

इसे भी पढ़ें-पब्लिक टॉयलेट के संचालन को लेकर प्रक्रिया तेज, 16 जनवरी को खुलेगी निविदा

कृषि व राजस्व अधिकारियों की समिति ने की स्थल जांच

कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों की गठित समिति ने प्रस्तावित स्थल का भौतिक निरीक्षण कर अपनी संयुक्त जांच रिपोर्ट सौंप दी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अर्जन के लिए चयनित भूमि पूरी तरह सिंचित है और इसकी उर्वरता अच्छी मानी जाती है. समिति के अनुसार परियोजना की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए केवल न्यूनतम आवश्यक क्षेत्र का ही चयन किया गया है.

जांच के दौरान अन्य संभावित स्थलों पर भी विचार किया गया, लेकिन वे तकनीकी और व्यावहारिक दृष्टि से उपयुक्त नहीं पाए गए. समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि आसपास समान क्षेत्रफल की बंजर या अनुपयोगी भूमि उपलब्ध नहीं है. अधिकारियों का मानना है कि इस भूमि के अधिग्रहण से लोकहित की पूर्ति होगी और भागलपुर में अंतरराज्यीय बस अड्डा निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा.

इसे भी पढ़ें-भागलपुर को मिला नया नगर आयुक्त, किसलय कुशवाहा को सौंपी गई जिम्मेदारी

इसे भी पढ़ें-बिहार के इस हाइवे का बदला नाम, जून तक वाहनों के लिए खोलने की तैयारी

इसे भी पढ़ें-भागलपुर में e-KYC और फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान की डीएम ने की समीक्षा

Bhagalpur News : पब्लिक टॉयलेट के संचालन को लेकर प्रक्रिया तेज, 16 जनवरी को खुलेगी निविदा

Public toilet
एआइ जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर.

Bhagalpur News : भागलपुर नगर निगम क्षेत्र में संचालित पब्लिक टॉयलेट, यूरिनल और कम्युनिटी टॉयलेट के संचालन एवं रखरखाव को लेकर निगम प्रशासन ने ठोस कदम उठाते हुए प्रक्रिया तेज कर दी है. इन सार्वजनिक सुविधाओं को अब कांट्रैक्ट के आधार पर संचालित करने की तैयारी शुरू हो गई है. इसके लिए संबंधित निविदा जारी कर दी गई है, जिसे 16 जनवरी को खोला जाएगा.

निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चयनित एजेंसी को तीन वर्षों के लिए कुल 14 पब्लिक टॉयलेट, यूरिनल और कम्युनिटी टॉयलेट के ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. निगम प्रशासन का उद्देश्य है कि इन सार्वजनिक शौचालयों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके और शहर की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार लाया जा सके.

तीन साल के लिए होगा संचालन और रखरखाव

नगर निगम की ओर से जारी निविदा के अनुसार चयनित कांट्रैक्टर को निर्धारित मानकों के तहत शौचालयों की साफ-सफाई, रखरखाव और उपयोगकर्ताओं को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी. निगम का मानना है कि पेशेवर एजेंसी के माध्यम से संचालन होने से सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति में सुधार आएगा और आम लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी.

इसे भी पढ़ें-भागलपुर को मिला नया नगर आयुक्त, किसलय कुशवाहा को सौंपी गई जिम्मेदारी

शहर के प्रमुख स्थानों पर हैं पब्लिक टॉयलेट

भागलपुर शहर में पब्लिक टॉयलेट बूढ़ानाथ मंदिर के समीप, दल्लू बाबू धर्मशाला के पास, कोतवाली चौक, बस स्टैंड, कंपनी बाग (विश्वविद्यालय के पास), जिला स्कूल के सामने और बरारी सीढ़ी घाट पर स्थित हैं. इन स्थानों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं, जिससे इन शौचालयों की उपयोगिता काफी अधिक है.

यूरिनल और कम्युनिटी टॉयलेट भी शामिल

इसके अलावा शहर में यूरिनल आकाशवाणी चौक, महात्मा गांधी पथ पर बड़ी पोस्ट ऑफिस के पास, मनाली चौक, होली फैमिली के सामने और सैंडिस कंपाउंड में स्थित हैं. नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में कम्युनिटी टॉयलेट भी संचालित किए जा रहे हैं, जिनका उपयोग स्थानीय लोग नियमित रूप से करते हैं.

नगर निगम प्रशासन का कहना है कि निविदा खुलने के बाद चयन प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर ली जाएगी, ताकि निर्धारित समय पर कांट्रैक्टर की बहाली कर इन सार्वजनिक शौचालयों के संचालन को व्यवस्थित किया जा सके. इससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है.

इसे भी पढ़ें-बिहार के इस हाइवे का बदला नाम, जून तक वाहनों के लिए खोलने की तैयारी

इसे भी पढ़ें-भागलपुर में e-KYC और फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान की डीएम ने की समीक्षा

Bihar News : बिहार के इस हाइवे का बदला नाम, जून तक वाहनों के लिए खोलने की तैयारी

NH-33
एनएच-33 एआइ जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर.

Bihar News : मुंगेर से मिर्जाचौकी तक निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड फोरलेन अब एनएच-80 के नाम से नहीं जाना जाएगा. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इसकी पहचान बदलते हुए इसे एनएच-33 के रूप में चिन्हित किया है. वर्ष 2022-23 में परियोजना की शुरुआत के समय इसे एनएच-80 नाम दिया गया था, लेकिन अब आधिकारिक तौर पर इसका नाम बदल दिया गया है.

भागलपुर जिले से होकर गुजरने वाला करीब 98 किलोमीटर लंबा यह फोरलेन बिहार के महत्वपूर्ण सड़क प्रोजेक्ट्स में शामिल है. एनएचएआई की ओर से इसे जून तक आम आवागमन के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है. हालांकि, परियोजना के अधिकांश हिस्से तय समय से पीछे चल रहे हैं, जिसको लेकर प्राधिकरण ने कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है.

चार पैकेज में चल रहा निर्माण

ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना को कुल चार पैकेजों में विभाजित कर बनाया जा रहा है. पहले पैकेज के तहत मुंगेर से खड़िया-पिपरा गांव तक 26 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जा रहा है. इस हिस्से पर करीब 981 करोड़ रुपये की लागत आ रही है. पहले इसका लक्ष्य अगस्त 2024 तय किया गया था, लेकिन काम की धीमी रफ्तार के कारण अब इसे जून 2026 तक पूरा करने की संभावना जताई जा रही है. वर्तमान में इस पैकेज का लगभग 60 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है.

इसे भी पढ़ें-भागलपुर को मिला नया नगर आयुक्त, किसलय कुशवाहा को सौंपी गई जिम्मेदारी

दूसरे पैकेज में खड़िया गांव से भागलपुर बाइपास के पुरानी सराय तक करीब 29 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है. इस हिस्से में काम अपेक्षाकृत बेहतर गति से चला है और अब तक लगभग 87 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. पहले इसे मार्च 2024 तक पूरा किया जाना था, लेकिन अब इसे मार्च तक चालू करने की तैयारी की जा रही है.

तय समय से पीछे चल रही परियोजना

तीसरे पैकेज के अंतर्गत चौधरीडीह से रसलपुर के बीच 32 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण हो रहा है. इस हिस्से की अनुमानित लागत करीब 1012 करोड़ रुपये है. यहां अब तक लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा हुआ है. पहले इसे अप्रैल 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अब इसकी समयसीमा बढ़ाकर जून 2026 कर दी गई है.

चौथे और अंतिम पैकेज में रसलपुर से मिर्जाचौकी तक 36 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है. इस पैकेज की लागत करीब 892 करोड़ रुपये बताई जा रही है. अब तक करीब 73 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. इसका लक्ष्य भी पहले अगस्त 2024 रखा गया था, जिसे संशोधित कर जून 2026 कर दिया गया है.

एनएचएआई के परियोजना निदेशक के अनुसार सभी पैकेजों में निर्माण कार्य को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि जून तक इस फोरलेन को चरणबद्ध तरीके से वाहनों के लिए खोला जा सके. यह सड़क चालू होने के बाद मुंगेर, भागलपुर और आसपास के इलाकों में यातायात को सुगम बनाने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी.

इसे भी पढ़ें-भागलपुर में e-KYC और फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान की डीएम ने की समीक्षा

इसे भी पढ़ें-एसएफसी के लिए CMR आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू, बागवाड़ी में हुआ उद्घाटन

इसे भी पढ़ें-गणतंत्र दिवस परेड की तैयारियां 20 जनवरी से सैंडिस कंपाउंड में होंगी शुरू

Bhagalpur : भागलपुर को मिला नया नगर आयुक्त, किसलय कुशवाहा को सौंपी गई जिम्मेदारी

Municipal Commissioner Kislay Kushwaha
भागलपुर के नये नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा (फाइल फोटो)

Bhagalpur News : भागलपुर नगर निगम को नया नेतृत्व मिल गया है. किसलय कुशवाहा को भागलपुर का नया नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को तबादले से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी. वर्तमान में वे वैशाली जिले के महुआ अनुमंडल में अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में कार्यरत थे. वहीं, मौजूदा नगर आयुक्त शुभम कुमार को नालंदा जिले का उप विकास आयुक्त (DDC) बनाया गया है. अगले दो से तीन दिनों के भीतर प्रभार सौंपने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है.

नये नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा के सामने शहर में चल रही विकास योजनाओं को गति देने के साथ-साथ प्रशासनिक स्थिरता कायम रखना एक बड़ी जिम्मेदारी होगी. लगातार हो रहे तबादलों के कारण नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी असर पड़ता रहा है, जिसे दुरुस्त करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा.

तीन साल में चार नगर आयुक्त, औसतन आठ माह का ही कार्यकाल

पिछले तीन वर्षों की स्थिति पर नजर डालें तो जनवरी 2023 के बाद से भागलपुर में कोई भी नगर आयुक्त लंबे समय तक नहीं टिक सका. इस दौरान केवल डॉ. योगेश सागर का कार्यकाल लगभग एक वर्ष का रहा. उनके अलावा नीतीन कुमार सिंह, डॉ. प्रीति और शुभम कुमार का कार्यकाल सात से आठ महीने के बीच ही सिमट कर रह गया.

डॉ. योगेश सागर और नीतीन कुमार सिंह के कार्यकाल में नगर सरकार के साथ कई मुद्दों पर टकराव की स्थिति बनी रही, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हुआ. वहीं डॉ. प्रीति के समय आपसी समन्वय के जरिए मतभेदों को काफी हद तक सुलझाने का प्रयास किया गया.

शुभम कुमार के समय विकास कार्यों को मिली रफ्तार

27 मई 2025 को भागलपुर नगर निगम में पदभार ग्रहण करने वाले शुभम कुमार का कार्यकाल करीब सात महीने का रहा. इस अवधि में नगर निगम और मेयर के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला. शहर के सौंदर्यीकरण पर खास ध्यान दिया गया. स्टेशन चौक के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ कई लंबित योजनाओं को स्वीकृति दिलाकर उन्हें धरातल पर उतारने का काम किया गया.

लंबे समय से बंद पड़े प्याऊ का जीर्णोद्धार कर जलापूर्ति व्यवस्था को फिर से चालू किया गया. इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं पर काम आगे बढ़ाया गया, जिससे शहर में सकारात्मक माहौल बना.

सफाई एजेंसियों पर नियंत्रण अब भी चुनौती

नगर निगम क्षेत्र में वर्षों से कार्यरत सफाई एजेंसियों की कार्यशैली पर अब तक ठोस नियंत्रण नहीं हो सका है. पिछले ढाई से तीन वर्षों में कई नगर आयुक्त आये और चले गये, लेकिन सफाई एजेंसियों में बदलाव या सख्त कार्रवाई का कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया. इसका सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है, जो लगातार सवालों के घेरे में रही है.

नगर सरकार और निगम प्रशासन की ओर से समय-समय पर बेहतर सफाई व्यवस्था लागू करने की कोशिशें जरूर हुईं, लेकिन व्यावहारिक स्तर पर वे सफल नहीं हो सकीं. नगर सरकार ने कई बार एजेंसियों को हटाने की बात कही, पर यह कदम अमल में नहीं लाया जा सका.

पूर्व नगर आयुक्त डॉ. प्रीति ने अपने कार्यकाल में सफाई एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने तक की टिप्पणी फाइलों में दर्ज की थी, लेकिन उसका भी कोई प्रभाव दिखाई नहीं दिया. मौजूदा हालात में शहर के अधिकांश इलाकों में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है, जिससे आम लोगों को रोजमर्रा की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

अब देखना होगा कि नये नगर आयुक्त किशलय कुशवाहा इन पुरानी समस्याओं से कैसे निपटते हैं और क्या वे शहर के विकास व सफाई व्यवस्था को स्थायी दिशा दे पाते हैं.

इसे भी पढ़ें-भागलपुर में e-KYC और फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान की डीएम ने की समीक्षा

इसे भी पढ़ें-एसएफसी के लिए CMR आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू, बागवाड़ी में हुआ उद्घाटन

इसे भी पढ़ें-गणतंत्र दिवस परेड की तैयारियां 20 जनवरी से सैंडिस कंपाउंड में होंगी शुरू

Bhagalpur News : भागलपुर में e-KYC और फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान की डीएम ने की समीक्षा

e-KYC and Farmer Registration
e-KYC और फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान की डीएम ने की समीक्षा.

Bhagalpur News : भागलपुर जिले में किसानों के ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्रेशन को लेकर चल रहे अभियान का जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जिला ग्रामीण विकास अभिकरण कार्यालय पहुंचकर जायजा लिया. उन्होंने मौके पर उपलब्ध संसाधनों, कर्मियों की तैनाती और कार्य की गति की जानकारी ली.

अधिकारियों ने बताया कि भागलपुर के सभी प्रखंडों और पंचायतों में यह कार्य निरंतर जारी है, जहां किसान सलाहकारों, राजस्व कर्मियों और कृषि समन्वयकों की मदद से किसानों का पंजीकरण कराया जा रहा है. प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र किसान पंजीकरण से वंचित न रह जाए.

जानकारी दी गई कि ई-केवाईसी के माध्यम से आधार आधारित पहचान सत्यापन किया जा रहा है, जबकि फार्मर रजिस्ट्रेशन में आधार और भूमि अभिलेखों को जोड़कर किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है. यह प्रक्रिया पीएम-किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न कृषि योजनाओं के लाभ समय पर उपलब्ध कराने में सहायक होगी.

प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपने आधार और मोबाइल नंबर के साथ नजदीकी सीएससी या पंचायत स्तर पर संचालित शिविरों में पहुंचकर ई-केवाईसी और एफआर कार्य जल्द पूरा करा लें.

इसे भी पढ़ें-एसएफसी के लिए CMR आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू, बागवाड़ी में हुआ उद्घाटन

Bhagalpur News : एसएफसी के लिए CMR आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू, बागवाड़ी में हुआ उद्घाटन

Bhagalpur Dm
CMR आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू.

Bhagalpur News : भागलपुर जिले में सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) की आपूर्ति को लेकर शुक्रवार को बागवाड़ी स्थित बाजार समिति परिसर से एसएफसी को चावल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने मौके पर पहुंचकर फीता काटा और पूरी व्यवस्था का जायजा लिया.

आपूर्ति शुरू होने से पहले चावल की तौल कराई गई, जिसमें जिलाधिकारी स्वयं मौजूद रहे. इस दौरान जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी सतीश कुमार मिश्रा सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे.

सीएमआर आपूर्ति कार्य निर्धारित नियमों और गुणवत्ता मानकों के तहत कराया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लाभुकों तक समय पर चावल पहुंचाने में सहूलियत होगी.

इसे भी पढ़ें-औरंगाबाद में ADM की गाड़ी से हाइवा की टक्कर, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

Aurangabad News : औरंगाबाद में ADM की गाड़ी से हाइवा की टक्कर, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

Aurangabad News
औरंगाबाद में एडीएम की गाड़ी से हाइवा की टक्कर.

Aurangabad News : दाउदनगर से औरंगाबाद आ रही एडीएम की सरकारी गाड़ी में एक हाइवा ने जोरदार टक्कर मार दी. इस हादसे में वाहन में सवार सभी लोग बाल-बाल बच गए. घटना के बाद कुछ देर के लिए सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

भरथौली पुल के पास हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत भरथौली पुल के समीप हुई. बताया गया कि एडीएम की गाड़ी दाउदनगर की ओर से औरंगाबाद आ रही थी, जबकि हाइवा विपरीत दिशा यानी दाउदनगर की ओर जा रही थी. इसी दौरान हाइवा चालक ने अचानक टक्कर मार दी, जिससे एडीएम की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई.

इसे भी पढ़ें-सुबह टहलने निकले अधेड़ को स्कॉर्पियो ने मारी टक्कर, इलाज के दौरान वाराणसी में मौत

चालक की सूझबूझ से टली अनहोनी

टक्कर लगते ही एडीएम की गाड़ी के चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को नियंत्रित किया और सड़क किनारे नीचे उतार दिया. इससे किसी बड़ी घटना से बचाव हो सका. हालांकि वाहन के साइड हिस्से में नुकसान हुआ है, लेकिन किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.

हाइवा चालक फरार, कुछ देर तक लगा जाम

हादसे के बाद हाइवा चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया. दुर्घटना के कारण करीब 15 मिनट तक सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही. सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना और जम्होर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए जांच-पड़ताल शुरू की.

पुलिस कर रही जांच

पुलिस का कहना है कि हाइवा चालक की पहचान और वाहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है. आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. मामले में आगे की कार्रवाई जांच के बाद की जाएगी.

इसे भी पढ़ें-दानापुर में हाईवा से टकराई इनोवा क्रिस्टा, युवक की मौत

इसे भी पढ़ें-18 जनवरी को होगी प्रवेश परीक्षा, उम्मीदवारों के लिए सिटी स्लिप उपलब्ध

इसे भी पढ़ें-बीपीएससी ने लिपिक पदों के टाइपिंग और कंप्यूटर परीक्षा की तिथियां घोषित की

Road Accident : सुबह टहलने निकले अधेड़ को स्कॉर्पियो ने मारी टक्कर, इलाज के दौरान वाराणसी में मौत

Road Accident
स्कॉर्पियो की टक्कर से अधेड़ की मौत.

Road Accident : बिहार के भभुआ में मॉर्निंग वॉक के लिए निकले 52 वर्षीय अधेड़ की शुक्रवार सुबह स्कॉर्पियो की टक्कर से मौत हो गई. मृतक की पहचान वार्ड संख्या 6 निवासी स्व. श्रीनिवास तिवारी के पुत्र अशोक तिवारी के रूप में की गई है. घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई, वहीं परिजनों ने मामले को महज सड़क हादसा मानने से इनकार करते हुए भूमि विवाद में हत्या की आशंका जताई है.

सुबह टहलने निकले थे, स्कॉर्पियो सवार ने मारी टक्कर

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, अशोक तिवारी शुक्रवार सुबह करीब 7.30 बजे अपने घर से मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे. इसी दौरान वार्ड संख्या 6 में अधिवक्ता लक्ष्मीकांत तिवारी के घर के पास एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उन्हें जोरदार धक्का मार दिया. टक्कर के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया.

इसे भी पढ़ें-दानापुर में हाईवा से टकराई इनोवा क्रिस्टा, युवक की मौत

इलाज के दौरान वाराणसी में हुई मौत

हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल अशोक तिवारी को तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया. वहां हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया. इसके बाद परिजन बेहतर इलाज के लिए उन्हें वाराणसी लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. मौत के बाद वाराणसी में ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया.

भूमि विवाद में हत्या का आरोप, जांच में जुटी पुलिस

इधर, मृतक के परिजनों ने इस घटना को दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश बताते हुए भूमि विवाद में विपक्षी लोगों पर हत्या कराने का आरोप लगाया है. मामले को लेकर भभुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है. फिलहाल इस संबंध में कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है. आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है. पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य सुरागों के आधार पर मामले की छानबीन में जुटी है.

इसे भी पढ़ें-18 जनवरी को होगी प्रवेश परीक्षा, उम्मीदवारों के लिए सिटी स्लिप उपलब्ध

इसे भी पढ़ें-बीपीएससी ने लिपिक पदों के टाइपिंग और कंप्यूटर परीक्षा की तिथियां घोषित की

ऑनलाइन पैटर्न पर होगी डीएलएड प्रवेश परीक्षा, तारीख तय; 150 मिनट में हल करने होंगे 120 प्रश्न

BSEB DElEd Exam Pattern
ऑनलाइन परीक्षा देते स्टूडेंट्स. फोटो (AI Generated)

BSEB DElEd Exam Pattern : बिहार में प्राथमिक शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए डीएलएड प्रवेश परीक्षा को लेकर तस्वीर अब काफी हद तक साफ हो चुकी है. बिहार स्कूल एग्जाम बोर्ड की ओर से परीक्षा कार्यक्रम और एग्जाम पैटर्न पहले ही जारी कर दिया गया है, जिससे उम्मीदवारों को अपनी तैयारी की दिशा तय करने में आसानी मिल रही है.

डीएलएड कोर्स में नामांकन के लिए यह प्रवेश परीक्षा बेहद अहम मानी जाती है. हर साल बड़ी संख्या में छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं और इसी के आधार पर सरकारी व निजी प्रशिक्षण संस्थानों में दाखिला मिलता है.

11 दिसंबर से शुरू हुई थी आवेदन प्रक्रिया

बिहार स्कूल एग्जाम बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 11 दिसंबर 2025 से शुरू की थी. इच्छुक उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन करने के लिए 9 जनवरी 2026 तक का समय दिया गया था. तय अवधि के भीतर बड़ी संख्या में छात्रों ने फॉर्म भरे हैं. आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर परीक्षा तिथि और आयोजन व्यवस्था पर टिकी हुई है.

19 जनवरी से 18 फरवरी के बीच होगी परीक्षा

बोर्ड की ओर से जारी सूचना के अनुसार डीएलएड प्रवेश परीक्षा का आयोजन 19 जनवरी 2026 से 18 फरवरी 2026 के बीच किया जाएगा. परीक्षा एक से अधिक दिनों और अलग-अलग शिफ्ट में आयोजित हो सकती है. किस अभ्यर्थी की परीक्षा किस दिन और किस शिफ्ट में होगी, इसकी जानकारी एडमिट कार्ड के माध्यम से दी जाएगी. एडमिट कार्ड परीक्षा से कुछ दिन पहले आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाने की संभावना है.

कंप्यूटर आधारित होगी पूरी परीक्षा

डीएलएड प्रवेश परीक्षा इस बार भी पूरी तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के रूप में आयोजित की जाएगी. उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर कंप्यूटर के माध्यम से प्रश्न हल करने होंगे. ऑनलाइन मोड होने के कारण प्रश्न पत्र में पारदर्शिता बनी रहेगी और मूल्यांकन प्रक्रिया भी तेज होगी.

इसे भी पढ़ें-BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का इंटरव्यू शेड्यूल जारी, जानें डिटेल्स

120 प्रश्न, 150 मिनट का समय

परीक्षा पैटर्न की बात करें तो इसमें कुल 120 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे. प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा, यानी परीक्षा कुल 120 अंकों की होगी. अभ्यर्थियों को प्रश्न हल करने के लिए 150 मिनट यानी 2 घंटे 30 मिनट का समय दिया जाएगा. ऐसे में समय प्रबंधन की भूमिका काफी अहम होगी.

Bihar DElEd Exam Subjects

क्रम संख्याविषयप्रश्नों की संख्यानिर्धारित अंक
1सामान्य हिंदी / उर्दू (General Hindi / Urdu)2525
2गणित (Mathematics)2525
3विज्ञान (Science)2020
4सामाजिक अध्ययन (Social Studies)2020
5सामान्य अंग्रेजी (General English)2020
6तार्किक एवं विश्लेषणात्मक क्षमता (Logical & Analytical Reasoning)1010
कुल120120

शिक्षाविदों का मानना है कि परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए उम्मीदवारों को मॉक टेस्ट और ऑनलाइन प्रैक्टिस पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि कंप्यूटर आधारित परीक्षा के माहौल से पहले ही परिचित हो सकें.

तैयारी में जुटे अभ्यर्थी

परीक्षा की तारीख सामने आने के बाद अब अभ्यर्थियों ने अपनी तैयारी तेज कर दी है. विषयवार अभ्यास, पुराने प्रश्नों का अध्ययन और समय सीमा में प्रश्न हल करने की रणनीति पर खास फोकस किया जा रहा है. डीएलएड प्रवेश परीक्षा को लेकर आने वाले दिनों में एडमिट कार्ड और अन्य दिशा-निर्देश भी बोर्ड की ओर से जारी किए जाएंगे.

इसे भी पढ़ें-बिहार पुलिस चालक सिपाही परीक्षा के नतीजे जारी, 1 ट्रांसजेंडर भी उत्तीर्ण, कब होगा फिजिकल टेस्ट?

इसे भी पढ़ें-2 जनवरी की परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, ऐसे करें डाउनलोड 

इसे भी पढ़ें-नाबार्ड ने निकाली वेकेंसी; 44 पद, ₹70,000 सैलरी – ऐसे करें Apply

इसे भी पढ़ें-बिहार STET 2025 रिजल्ट जल्द होगा जारी, ऐसे करें डाउनलोड