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16 February 2026, Monday
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E-Rickshaw Kalyan Yojana : ई-रिक्शा कल्याण योजना से बेरोजगारी होगी दूर, बस उठाएं ये कदम

E-Rickshaw
ई-रिक्शा कल्याण योजना से बेरोजगारी होगी दूर.

E-Rickshaw Kalyan Yojana : उत्तराखंड सरकार ने बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ई-रिक्शा कल्याण योजना शुरू की है. इस योजना का उद्देश्य युवाओं को कम ब्याज दर पर ऋण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे ई-रिक्शा खरीदकर अपना रोजगार शुरू कर सकें. योजना सहकारिता विभाग के माध्यम से संचालित की जा रही है और इसका लक्ष्य राज्य में युवाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है.

योजना का मकसद

ई-रिक्शा कल्याण योजना का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर देना है. इस योजना के जरिए युवा पर्यावरण-अनुकूल वाहनों के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं.

योजना के लाभ

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर ऋण दिया जाता है. इसके अलावा, लाभार्थी केंद्र सरकार की बीमा योजनाओं का लाभ भी ले सकते हैं.

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना: ₹12 वार्षिक प्रीमियम पर ₹2 लाख तक दुर्घटना बीमा.

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना: 18 से 50 वर्ष के आयु वर्ग के लाभार्थियों को ₹330 वार्षिक प्रीमियम पर जीवन बीमा.

आवेदन कैसे करें (ऑफलाइन)

ई-रिक्शा खरीदने के लिए ऋण के लिए आवेदक को नजदीकी सहकारी बैंक में आवेदन करना होगा. प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • संबंधित सहकारी बैंक से आवेदन पत्र प्राप्त करें.
  • बैंक में खाता खोलना अनिवार्य है.
  • आवेदक और दो जमानतदार बैंक के नाममात्र सदस्य बने.
  • आवेदन पत्र सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करें.
  • बैंक द्वारा आवेदन की जांच के बाद ऋण स्वीकृत किया जाएगा और राशि सीधे ई-रिक्शा डीलर को जारी होगी.
  • लाभार्थी ऋण की राशि दैनिक या मासिक किस्तों में 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ चुका सकेगा.

आवश्यक दस्तावेज

  • ई-रिक्शा डीलर का कोटेशन
  • दो जमानतदारों का विवरण
  • उत्तराखंड स्थायी निवासी प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • सहकारी बैंक का बैंक स्टेटमेंट
  • स्थानीय पते वाला वोटर आईडी कार्ड
  • बिजली या पानी का बिल
  • वैध ड्राइविंग लाइसेंस
  • किराए के मकान में रहने वालों के लिए किरायानामा प्रमाण पत्र

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Delhi Bulldozer Action : दिल्ली में अतिक्रमण के खिलाफ बुल्डोजर एक्शन, विरोध करने वाले 10 लोग पुलिस हिरासत में

Delhi Bulldozer Action
दिल्ली में अतिक्रमण के खिलाफ बुल्डोजर एक्शन.

Delhi Bulldozer Action : दिल्ली में तुर्कमान गेट के पास MCD ने आज सुबह दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की. अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान 4000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले निर्माणों को हटाने के लिए चलाया गया. कार्रवाई के दौरान 32 JCB मशीनों का इस्तेमाल किया गया, ताकि मलबा जल्दी और सुरक्षित तरीके से हटाया जा सके.

पत्थरबाजी की स्थिति को किया नियंत्रित

कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस और अधिकारियों पर पत्थर फेंककर अशांति पैदा करने की कोशिश की. ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, सेंट्रल रेंज, मधुर वर्मा ने कहा कि स्थिति तुरंत नियंत्रण में ले ली गई और न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया गया. किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है.

FIR दर्ज, संदिग्ध हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट पर हुई पत्थरबाजी के सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की. अब तक करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस CCTV फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग की मदद से पत्थर फेंकने वालों की पहचान कर रही है. अधिकारियों ने बताया कि चार-पाँच संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है.

मलबा हटाने का काम जारी

सिटी एसपी जोन (CSPZ) के डिप्टी कमिश्नर विवेक अग्रवाल ने कहा कि अभियान रात भर चला और मलबा हटाने का काम कल तक जारी रहेगा. अधिकारियों ने कार्रवाई की सफलता पर संतोष जताया और कहा कि पुलिस ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित किया.

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Aaj Ka Mausam : झारखंड के कई जिलों में अभी रहेगी सिहरन; गुमला का तापमान 2.2 डिग्री

Aaj Ka Mausam
झारखंड के कई जिलों में अभी रहेगी सिहरन.

Aaj Ka Mausam: राज्य में ठंड ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बुधवार को कई इलाकों में शीतलहर का असर बना रह सकता है. खासकर पलामू प्रमंडल और दक्षिणी छोटानागपुर के कुछ जिलों में लोगों को कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ सकती है. प्रभावित जिलों में पलामू, गढ़वा, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं.

हालांकि राहत की खबर यह है कि गुरुवार से तापमान में हल्का इजाफा होने के आसार हैं. न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है. इसके साथ ही 8 से 11 जनवरी के बीच रांची सहित कई हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है. बादलों की मौजूदगी से सुबह के समय कुहासा रहेगा, लेकिन ठंड की तीव्रता कुछ कम हो सकती है. वहीं 8 जनवरी को लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और खूंटी में फिर से शीतलहर चलने की आशंका बनी हुई है.

गिरते तापमान ने बढ़ाई परेशानी

मंगलवार को राज्यभर में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ असर दिखाया. करीब 15 जगहों पर न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई. सुबह और देर रात घने कोहरे और सिहरन भरी ठंड के कारण आम जनजीवन प्रभावित रहा. हालात को देखते हुए राज्य सरकार पहले ही एहतियाती कदम उठाते हुए 8 जनवरी 2026 तक सभी श्रेणी के स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी कर चुकी है.

गुमला रहा सबसे ठंडा

तापमान के लिहाज से मंगलवार को गुमला सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां पारा 2.2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया. कांके में 2.5 डिग्री, खूंटी में 3.7 डिग्री, मेदिनीनगर में 4.6 डिग्री और राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

कोहरे का सीधा असर दृश्यता पर भी पड़ा. मेदिनीनगर में विजिबिलिटी घटकर 300 मीटर तक पहुंच गई, जबकि देवघर और रांची में यह 600 से 700 मीटर के बीच रही. खराब मौसम की वजह से हवाई परिचालन पर भी असर देखा गया और उड़ान सेवाएं प्रभावित रहीं.

न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस)

जिलान्यूनतम तापमान (°C)
जमशेदपुर9.3
पाकुड़6.5
बोकारो6.7
धनबाद7.0
चाईबासा7.4
दुमका6.0
लोहरदगा3.9
गिरिडीह6.0
लातेहार6.9
रामगढ़6.0
सरायकेला6.8
सिमडेगा6.0

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BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का इंटरव्यू शेड्यूल जारी, जानें डिटेल्स

BPSC 70th Exam Interview Schedule
BPSC 70th Exam Interview (सांकेतिक फोटो AI Generated)

BPSC 70th Exam Interview Schedule : बिहार लोक सेवा आयोग ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के मुख्य लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों के लिए इंटरव्यू कार्यक्रम घोषित कर दिया है. लंबे समय से साक्षात्कार तिथि का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह एक अहम अपडेट है. आयोग ने रोल नंबर के आधार पर इंटरव्यू शेड्यूल जारी किया है.

21 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक होंगे साक्षात्कार

बीपीएससी द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, 70वीं संयुक्त मुख्य परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों के इंटरव्यू प्रथम चरण में 21 जनवरी 2026 से शुरू होकर 28 फरवरी 2026 तक आयोजित किए जाएंगे. सभी साक्षात्कार बिहार लोक सेवा आयोग के कार्यालय, पटना में संपन्न होंगे.

रोल नंबर के आधार पर तय की गई इंटरव्यू तिथियां

आयोग ने इंटरव्यू कार्यक्रम को रोल नंबर के अनुसार व्यवस्थित किया है, जिससे उम्मीदवार आसानी से अपनी निर्धारित तारीख की जानकारी प्राप्त कर सकें. जिन अभ्यर्थियों का रोल नंबर सूची में शामिल है, उन्हें उसी दिन आयोग कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य होगा.

इंटरव्यू शेड्यूल ऐसे करें डाउनलोड

  1. उम्मीदवार सबसे पहले बिहार लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएं.
  2. होमपेज पर उपलब्ध Latest Notifications या Notice सेक्शन में प्रवेश करें.
  3. वहां “70th Combined Competitive Examination Interview Schedule” लिंक पर क्लिक करें.
  4. लिंक खोलने पर पीडीएफ फाइल उपलब्ध होगी, जिसमें रोल नंबर वाइज इंटरव्यू तिथियां दी गई हैं.
  5. अभ्यर्थी अपना रोल नंबर देखकर शेड्यूल डाउनलोड कर सकते हैं.

उम्मीदवारों को मिलेगी तैयारी और यात्रा में सहूलियत

रोल नंबर के अनुसार इंटरव्यू डेट जारी होने से उम्मीदवारों को अपनी तैयारी और यात्रा की योजना बनाने में सुविधा मिलेगी. आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि पर ही साक्षात्कार के लिए उपस्थित होना होगा.

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बंगाल में किस वजह से 2 लोगों की हुई मौत?, परिवारों का दावा- नाम कटने की आशंका से बढ़ा तनाव

मौत
सांकेतिक तस्वीर.

West Bengal : पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम के बीच दो लोगों की मौत का मामला सामने आया है. कूचबिहार और सिलीगुड़ी से जुड़ी इन घटनाओं को लेकर मृतकों के परिवारों ने आरोप लगाया है कि मतदाता सत्यापन से जुड़ी प्रक्रिया के कारण उत्पन्न मानसिक दबाव ही मौत की वजह बना.

कूचबिहार में महिला की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में मौत

कूचबिहार जिले के बोरो हल्दीबारी इलाके की रहने वाली 55 वर्षीय मालिन रॉय की मौत जलपाईगुड़ी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में हुई. परिजनों के अनुसार, मालिन रॉय को अचानक दौरा पड़ा था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. इलाज के दौरान उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उनका निधन हो गया. परिवार का कहना है कि हाल के दिनों में वह एसआईआर से जुड़े मामलों को लेकर मानसिक रूप से परेशान थीं.

सिलीगुड़ी के चूनाभट्टी में खादेम मृत पाए गए

सिलीगुड़ी के पास चूनाभट्टी इलाके में मंगलवार को 57 वर्षीय मोहम्मद खादेम का शव बरामद किया गया. शव फूलबारी क्षेत्र में एक खाली पड़े पुलिस क्वार्टर के पास मिला. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया.

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोहम्मद खादेम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है.

मतदाता सत्यापन से जुड़ा मामला

परिजनों के अनुसार, वर्ष 2002 की मतदाता सूची में मोहम्मद खादेम का नाम दर्ज नहीं था. इसी वजह से उन्हें हाल ही में एसआईआर के तहत सत्यापन और सुनवाई प्रक्रिया में शामिल होना पड़ा था. परिवार का दावा है कि इस प्रक्रिया के बाद से ही वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगे थे.

परिवार का आरोप, तनाव बना मौत की वजह

खादेम के परिवार का कहना है कि वोटर लिस्ट से नाम हटने की आशंका और सत्यापन की प्रक्रिया ने उन पर गहरा मानसिक दबाव डाला. परिजनों के मुताबिक, वह इस विषय को लेकर काफी चिंतित रहते थे और सामान्य व्यवहार में भी बदलाव दिख रहा था.

महापौर ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात

घटना की जानकारी मिलने के बाद सिलीगुड़ी के महापौर गौतम देब चूनाभट्टी पहुंचे. उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी. साथ ही हरसंभव सहायता का भरोसा भी दिलाया.

एसआईआर प्रक्रिया को लेकर बढ़ी चिंता

लगातार सामने आई इन घटनाओं के बाद एसआईआर प्रक्रिया को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है. स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठने लगे हैं कि सत्यापन जैसी प्रशासनिक प्रक्रियाओं के दौरान आम नागरिकों पर पड़ने वाले मानसिक प्रभाव को किस तरह कम किया जाए.

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लंदन में फिलिस्तीन का दूतावास खुला, नए साल की शुरुआत ऐतिहासिक पल के साथ

Embassy Of Palestine In London
लंदन में फिलिस्तीन का दूतावास खुला.

Embassy Of Palestine In London: सोमवार को लंदन में फिलिस्तीन राज्य का दूतावास पहली बार औपचारिक रूप से खोला गया. इस कदम को ब्रिटेन और फिलिस्तीन के बीच कूटनीति में नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है. लंदन में रहने वाले फिलिस्तीनी समुदाय ने इस ऐतिहासिक मौके पर जश्न और एकजुटता का प्रदर्शन किया.

राजदूत हुसाम जोमलोत का संदेश

ब्रिटेन में फिलिस्तीन के राजदूत हुसाम जोमलोत ने दूतावास के बाहर लगी पट्टिका का अनावरण किया. उन्होंने इसे फिलिस्तीनी लोगों के संघर्ष और अधिकारों का प्रतीक बताया. जोमलोत ने सोशल मीडिया पर समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि यह दूतावास शांति, सम्मान, न्याय और स्वतंत्रता का प्रतीक है. उन्होंने यह भी कहा कि फिलिस्तीन हर चुनौती के बावजूद कायम रहेगा.

समारोह में बोले राजदूत

उद्घाटन समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जोमलोत ने कहा कि नए साल की शुरुआत इस तरह के ऐतिहासिक पल के साथ होना गर्व की बात है. उनका कहना था कि यह कदम न केवल ब्रिटेन-फिलिस्तीन संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि फिलिस्तीनी लोगों की दशकों पुरानी आकांक्षा, यानी आत्मनिर्णय और स्वतंत्रता, को भी नया बल देगा.

ब्रिटेन की मान्यता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

यह कदम सितंबर 2025 में ब्रिटेन द्वारा फिलिस्तीन को औपचारिक मान्यता देने के बाद आया. उस समय ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अन्य पश्चिमी देशों के साथ मिलकर फिलिस्तीन को स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता देने की घोषणा की. इजरायल ने इस कदम का विरोध किया और गाजा में हमास को अपना मुख्य विरोधी मानते हुए सुरक्षा चिंताओं को प्रमुखता दी.

फिलिस्तीन का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व

फिलिस्तीन पश्चिम एशिया का एक ऐतिहासिक क्षेत्र है, जिसकी सभ्यता और संस्कृति हजारों वर्षों पुरानी है. यरुशलम, गाजा और वेस्ट बैंक तीनों धर्मों—यहूदी, ईसाई और मुस्लिम—के लिए पवित्र माने जाते हैं. 1949 में इजरायल की स्थापना के बाद से यह मामला अंतरराष्ट्रीय राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है.

संघर्ष और मानवीय स्थिति

फिलिस्तीनी लोग लंबे समय से स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र की मांग कर रहे हैं. हाल के दशकों में यह संघर्ष कब्जा, हिंसा और मानवीय संकट का रूप ले चुका है, खासकर गाजा और वेस्ट बैंक में. बावजूद इसके, फिलिस्तीनी समाज ने अपनी पहचान, संस्कृति और आत्मनिर्णय की आकांक्षा बनाए रखी है.

भविष्य की उम्मीद

कई देशों द्वारा फिलिस्तीन को मान्यता देना इस लंबे संघर्ष में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जाता है. अब लंदन में दूतावास खुलना फिलिस्तीनी जनता की स्वतंत्रता और न्याय की उम्मीदों का प्रतीक बन गया है. यह कदम ब्रिटेन-फिलिस्तीन संबंधों को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर फिलिस्तीन की उपस्थिति को दर्शाने में महत्वपूर्ण साबित होगा.

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Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri Collection : कार्तिक-अनन्या की फिल्म फिर फिसली!, आंकड़े देखकर हो जाएंगे हैरान

Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri
कार्तिक-अनन्या की फिल्म फिर फिसली!

Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri Collection : कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे की फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ फिर फिसलती नजर आ रही है. बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रही है. रिलीज के शुरुआती दिन से ही फिल्म दर्शकों को अपनी ओर खींचने में नाकाम रही और ओपनिंग डे से लेकर अब तक इसका रोजाना कलेक्शन सिंगल डिजिट में ही रहा. वीकेंड में भी मूवी के कलेक्शन में कोई विशेष बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली.

13वें दिन की कमाई

सैक्निल्क की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने अपने 13वें दिन मात्र 0.02 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की है. अभी शाम को फाइनल आंकड़े आने बाकी हैं. इस समय तक फिल्म ने कुल 32.32 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है.

बजट के मुकाबले प्रदर्शन

फिल्म का अनुमानित बजट 90 करोड़ रुपये बताया गया है. ऐसे में यह साफ है कि अब तक की कमाई भी बजट का आधा हिस्सा नहीं छू पाई है. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की धीमी कमाई दर्शकों की निराश प्रतिक्रिया और टिकट खिड़की पर कमजोर पकड़ का संकेत देती है.

कुल मिलाकर बॉक्स ऑफिस स्थिति

‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ के प्रदर्शन को देखते हुए कहा जा सकता है कि यह फिल्म फिलहाल हिट या ब्रेकआउट कमाई देने में असफल रही है. आलोचक और दर्शक प्रतिक्रिया से भी यही संकेत मिलता है कि फिल्म ने मार्केट में अपेक्षित आकर्षण पैदा नहीं किया.

फिल्म के निर्माताओं और सितारों के लिए यह चुनौतीपूर्ण दौर है, क्योंकि अब उन्हें 90 करोड़ के बजट के हिसाब से कमाई बढ़ाने के लिए किसी भी रणनीति पर ध्यान देना होगा.

कलेक्शन रिपोर्ट

FilmDayCollection (₹ Crore)
तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी17.75
तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी25.25
तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी35.50
तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी45.00
तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी51.75
तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी61.75
तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी71.85
तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी81.30
तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी90.50
तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी100.65
तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी110.70
तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी120.30
तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी130.02
Total32.32

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Bihar Electricity : बिजली बिल और सेवाओं में गड़बड़ी पर सख्ती, अब CMO के डैशबोर्ड से होगी सीधी निगरानी

Bihar Electricity
बिजली बिल और सेवाओं में गड़बड़ी पर सख्ती.

Bihar Electricity: बिहार में बिजली आपूर्ति और उससे जुड़ी उपभोक्ता सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है. अब राज्य में बिजली की गुणवत्ता, उपभोक्ताओं को मिलने वाली सुविधाएं और शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर से की जाएगी. सरकार का स्पष्ट संकेत है कि बिजली सेवाओं में अनावश्यक देरी और लापरवाही को अब स्वीकार नहीं किया जाएगा.

ऊर्जा विभाग को जारी हुए निर्देश

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से ऊर्जा विभाग को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि बिजली से संबंधित सभी सेवाओं की नियमित समीक्षा और निगरानी सुनिश्चित की जाए. नए बिजली कनेक्शन, मीटर इंस्टॉलेशन, बिल से जुड़ी शिकायतों, पोल और लाइन से संबंधित कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा. इन सभी कार्यों की प्रगति की जानकारी अब सीधे सीएमओ तक पहुंचाई जाएगी.

अब तक ये प्रक्रियाएं विभागीय स्तर पर ही समीक्षा तक सीमित रहती थीं, लेकिन नए निर्देशों के तहत सीएमओ के डैशबोर्ड पर हर सेवा की स्थिति दर्ज होगी.

ऑनलाइन डैशबोर्ड से होगी रियल टाइम निगरानी

राज्य सरकार एक विशेष ऑनलाइन डैशबोर्ड के माध्यम से बिजली सेवाओं की निगरानी करेगी. इस प्लेटफॉर्म पर जिलेवार और क्षेत्रवार जानकारी उपलब्ध रहेगी. इसमें यह भी दर्ज होगा कि किसी उपभोक्ता को सेवा मिलने में कितना समय लगा और यदि देरी हुई तो उसका कारण क्या था.

सरकार ने साफ किया है कि यदि देरी जानबूझकर की गई या लापरवाही का मामला सामने आया, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

जवाबदेही तय करने पर जोर

मॉनीटरिंग प्रक्रिया के तहत यह भी जांच की जाएगी कि सेवा में देरी तकनीकी या संरचनात्मक कारणों से हुई या फिर प्रशासनिक उदासीनता इसका कारण रही. सरकार का मानना है कि लंबे समय से जवाबदेही तय न होने के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ती रही है. अब हर शिकायत और हर देरी का रिकॉर्ड रखा जाएगा और उसी आधार पर जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी.

सरकार का उद्देश्य बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना और उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत करना बताया जा रहा है.

बिजली दरों को लेकर जनसुनवाई

इसी क्रम में बिहार विद्युत नियामक आयोग मंगलवार को पटना में जनसुनवाई आयोजित करेगा. इस सुनवाई में बिजली दरों, नई नीतियों और अन्य मुद्दों पर उपभोक्ताओं, सामाजिक संगठनों और हितधारकों की राय ली जाएगी. बिजली वितरण कंपनियां आयोग के सामने अपनी वार्षिक राजस्व आवश्यकता का ब्योरा रखेंगी, जबकि उपभोक्ताओं को आपत्ति और सुझाव दर्ज कराने का अवसर मिलेगा. जनसुनवाई के बाद आयोग अंतिम निर्णय लेगा.

उपभोक्ताओं को क्या लाभ होगा?

सीएमओ स्तर की निगरानी से सरकार को उम्मीद है कि बिजली सेवाओं में पारदर्शिता आएगी और शिकायतों का समाधान तय समय में होगा. यह पहल प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम मानी जा रही है और इससे यह संकेत मिलता है कि राज्य सरकार उपभोक्ता अनुभव को प्राथमिकता देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है.

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5,520mAh बैटरी और 108MP कैमरे के साथ Redmi Note 15 5G इंडिया में लॉन्च, फीचर्स और कीमत जानें

Redmi Note 15 5G
Redmi Note 15 5G भारत में लॉन्च

Redmi : कंपनी Xiaomi की सब-ब्रांड Redmi ने साल की शुरुआत भारतीय बाजार में नए प्रोडक्ट लॉन्च के साथ की है. कंपनी ने भारत में अपना नया स्मार्टफोन Redmi Note 15 5G पेश किया है. इसके साथ ही Redmi Pad 2 Pro 5G टैबलेट को भी लॉन्च किया गया है. Redmi का नया स्मार्टफोन मिड-रेंज कैटेगरी में उतारा गया है, जिसमें बड़े डिस्प्ले, पावरफुल बैटरी और लेटेस्ट प्रोसेसर जैसे फीचर्स शामिल किए गए हैं.

कंपनी का कहना है कि यह डिवाइस उन यूजर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो किफायती दाम में प्रीमियम अनुभव चाहते हैं. लॉन्च के साथ ही फोन की कीमत और सेल की तारीख की भी जानकारी दी गई है.

5,520mAh बैटरी और 108MP कैमरे के साथ Redmi Note 15 5G इंडिया में लॉन्च, फीचर्स और कीमत जानें Redmi Note 15 5G 1
Redmi Note 15 5G

डिजाइन और मजबूती

Redmi Note 15 5G का लुक पहले के मॉडल्स से अलग रखा गया है. फोन के पीछे की तरफ गोल आकार का बड़ा कैमरा यूनिट दिया गया है, जो डिजाइन का मुख्य आकर्षण है. बैक पैनल प्लास्टिक से बना है, लेकिन उस पर खास टेक्सचर दिया गया है, जिससे फोन हाथ में फिसलता नहीं है. डिवाइस की मोटाई सिर्फ 7.35mm है, जिससे यह काफी पतला नजर आता है. साथ ही, इसे IP66 रेटिंग दी गई है, जो इसे धूल और हल्के पानी के छींटों से सुरक्षित बनाती है.

स्क्रीन से जुड़ी जानकारी

फोन में 6.77 इंच का कर्व्ड AMOLED पैनल दिया गया है. यह डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है. कंपनी के अनुसार, स्क्रीन की अधिकतम ब्राइटनेस 3,200 निट्स तक जाती है, जिससे तेज धूप में भी विजिबिलिटी बनी रहती है. फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर की सुविधा भी दी गई है.

हार्डवेयर और परफॉर्मेंस

Redmi Note 15 5G में Qualcomm का Snapdragon 6 Gen 3 चिपसेट लगाया गया है. इसके साथ UFS 2.2 स्टोरेज दी गई है. यह सेटअप सामान्य उपयोग, वीडियो स्ट्रीमिंग, ऐप्स चलाने और गेमिंग जैसे कामों के लिए संतुलित परफॉर्मेंस देने के लिए डिजाइन किया गया है.

कैमरा क्षमताएं

फोटोग्राफी के लिए फोन में डुअल रियर कैमरा सिस्टम दिया गया है. इसमें 108 मेगापिक्सल का मुख्य कैमरा शामिल है, जिसके साथ 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड सेंसर दिया गया है. मेन कैमरा ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन के साथ आता है और 4K रिजॉल्यूशन में 30fps पर वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा देता है. फ्रंट में 20 मेगापिक्सल का कैमरा लगाया गया है, जो सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के काम आता है.

बैटरी और चार्जिंग

फोन में 5,520mAh की बैटरी दी गई है. यह 45W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है. कंपनी ने जानकारी दी है कि चार्जिंग अडैप्टर फोन के बॉक्स में ही उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे यूजर्स को अलग से चार्जर खरीदने की जरूरत नहीं होगी.

कीमत और बिक्री

Redmi Note 15 5G की बिक्री भारत में 9 जनवरी 2026 से शुरू की जाएगी. फोन का 8GB रैम और 128GB स्टोरेज वेरिएंट ₹22,999 की कीमत पर उपलब्ध होगा. वहीं, 8GB रैम और 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत ₹24,999 तय की गई है. कंपनी ने बैंक ऑफर्स के तहत ₹3,000 तक की अतिरिक्त छूट मिलने की भी बात कही है.

कुल मिलाकर, Redmi Note 15 5G को ऐसे उपभोक्ताओं के लिए पेश किया गया है, जो मिड-रेंज बजट में बड़े डिस्प्ले, मजबूत बैटरी और भरोसेमंद परफॉर्मेंस वाला स्मार्टफोन तलाश रहे हैं.

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IRCTC Scam Case : तेजस्वी यादव की याचिका पर CBI से मांगा जवाब, 14 जनवरी की सुनवाई पर टिकी निगाहें

Lalu Yadav And Tejashwi Yadav
तेजस्वी यादव की याचिका पर CBI से मांगा जवाब.

IRCTC Scam Case : आईआरसीटीसी घोटाला मामले में राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव द्वारा दायर याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी किया है. अदालत ने जांच एजेंसी से इस मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है. अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी.

इस प्रकरण की सुनवाई न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ के समक्ष हुई. अदालत ने स्पष्ट किया कि सीबीआई को तेजस्वी यादव की याचिका में उठाए गए सभी कानूनी बिंदुओं पर अपना जवाब दाखिल करना होगा. इसी तारीख को पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की याचिका पर भी सुनवाई निर्धारित की गई है.

निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख

तेजस्वी यादव ने निचली अदालत के उस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है, जिसके तहत उनके खिलाफ आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत आरोप तय किए गए थे. याचिका में कहा गया है कि आरोप तय करने का आदेश बिना ठोस आधार के पारित किया गया और यह कानून की स्थापित कसौटियों पर खरा नहीं उतरता.

तेजस्वी यादव की ओर से यह भी आग्रह किया गया है कि जब तक हाईकोर्ट इस मामले में अंतिम निर्णय न ले, तब तक निचली अदालत में चल रही आगे की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए. अदालत ने इस मांग पर सीबीआई से जवाब मांगा है.

अक्टूबर 2025 का आदेश बना विवाद की जड़

गौरतलब है कि 13 अक्टूबर 2025 को निचली अदालत ने इस मामले में अहम आदेश पारित किया था. अदालत ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव सहित कुल 11 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए आरोप तय किए थे.

निचली अदालत का मत था कि उपलब्ध साक्ष्यों से यह संकेत मिलता है कि रेलवे मंत्री रहते हुए पद का दुरुपयोग किया गया और सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल निजी हितों को लाभ पहुंचाने के लिए हुआ. अदालत ने इसे प्रथम दृष्टया आपराधिक कदाचार का मामला माना था.

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किन धाराओं में तय हुए थे आरोप

निचली अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत भी आरोप तय करने के निर्देश दिए थे. इसके अंतर्गत धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोप शामिल हैं.

इस आदेश के दायरे में लालू प्रसाद यादव के अलावा प्रदीप कुमार गोयल, राकेश सक्सेना, भूपेंद्र कुमार अग्रवाल, राकेश कुमार गोगिया और विनोद कुमार अस्थाना को भी आरोपी बनाया गया था.

क्या है आईआरसीटीसी होटल आवंटन विवाद

यह मामला भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के अंतर्गत आने वाले दो होटलों के संचालन से जुड़ा हुआ है. जांच एजेंसी का आरोप है कि रेलवे मंत्रालय के तत्कालीन कार्यकाल में इन होटलों का संचालन नियमों को दरकिनार कर एक निजी कंपनी को सौंपा गया.

सीबीआई के अनुसार, इस निर्णय से संबंधित निजी पक्षों को आर्थिक लाभ पहुंचा और सरकारी हितों को नुकसान हुआ. एजेंसी का दावा है कि पूरा घटनाक्रम पूर्व नियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया गया.

कई नाम शामिल, ट्रायल पर टिकी निगाहें

निचली अदालत ने अपने आदेश में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव के साथ-साथ मेसर्स लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी, विजय कोचर, विनय कोचर, सरला गुप्ता और प्रेम चंद गुप्ता के खिलाफ भी धोखाधड़ी के आरोप तय करने के निर्देश दिए थे.

14 जनवरी की सुनवाई से तय होगी आगे की राह

अब यह मामला 14 जनवरी की सुनवाई पर आ टिका है. इस दिन दिल्ली हाईकोर्ट यह तय कर सकता है कि निचली अदालत द्वारा तय किए गए आरोपों पर रोक लगाई जाए या नहीं. साथ ही, लालू प्रसाद यादव की याचिका पर होने वाली सुनवाई भी इस पूरे प्रकरण की दिशा को प्रभावित कर सकती है.

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, हाईकोर्ट का अगला आदेश यह तय करेगा कि आईआरसीटीसी मामले में ट्रायल की प्रक्रिया आगे कैसे बढ़ेगी और आरोपियों को कितनी कानूनी राहत मिल सकती है.

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