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Bhagalpur News : बाइपास के टोल प्लाजा को मिला एंबुलेंस, दुर्घटना होने पर 5 से 10 मिनट के अंदर सायरन बजाते पहुंचेगी

Bhagalpur News

Ambulance Facility : भागलपुर के बाइपास पर स्थित टोल प्लाजा को एंबुलेंस मिल गया है. एनएचएआइ की ओर से बेसिक लाइफ सपोर्ट श्रेणी की एंबुलेंस उपलब्ध करायी गयी है. बाइपास रोड पर अब दुर्घटना होने पर 5 से 10 मिनट के अंदर सायरन बजाते हुए एंबुलेंस पहुंच जायेगी और इस तरह से मेडिकल सहायता मिल सकेगी.

Bhagalpur News : बाइपास के टोल प्लाजा को मिला एंबुलेंस, दुर्घटना होने पर 5 से 10 मिनट के अंदर सायरन बजाते पहुंचेगी टोल प्लाजा
भागलपुर बाइपास रोड पर स्थित टोल प्लाजा

Bhagalpur News : बाइपास टोल प्लाजा को लंबे समय के बाद एंबुलेंस मिला है. टोल प्लाजा प्रबंधन का कहना है कि एंबुलेंस सेवा दोगच्छी से लेकर औद्योगिक थाने तक ही रहेगी. इसके बाहर का लोकेशन नहीं ली जाएगी. इसमें दो इमरजेंसी मेडिकल टीम के सदस्य और दो चालक भी मिले हैं. सड़क पर किसी भी तरह का हादसा होने पर घायल को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया जा सकेगा. अभी तक बाइपास में एंबुलेंस के लिए लोगों को काफी लंबा इंतजार करना पड़ता था, जिससे लोग घायल को किसी वाहन का इंतजाम कर अस्पताल पहुंचाते थे. एंबुलेंस के लिए एनएचएआइ के टोल फ्री नंबर 1033 पर कॉल किया जा सकता है. टोल प्लाजा के प्रबंधक बजरंग सिंह के अनुसार एंबुलेंस के लिए सेवा निर्धारित है. टोल फ्री नंबर सूचना देने पर लोकेशन बतानी होगी. अगर टोल रोड से हटकर किसी सड़क पर हादसा है तो जीपीएस में लोकेशन नहीं आयेगी. एनएचएआइ ने बाइपास टोल प्लाजा को एंबुलेंस उपलब्ध करा दी है.

North Bihar की नदियां उफनायी, बाढ़ के पानी में फंसे 58 किसानों को किया गया रेस्क्यू

North Bihar Flood

Bihar Flood: North Bihar में पहाड़ी और गंडक नदियां उफना गयी है. कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है और तबाही मचा रहा है. बगहा के दियारा में 58 किसान और मजदूर बाढ़ के पानी में फंस गए थे. एसडीआरएफ ने बचा लिया है.

North Bihar की नदियां उफनायी, बाढ़ के पानी में फंसे 58 किसानों को किया गया रेस्क्यू North Bihar Flood 2
North Bihar Flood

Bihar Flood:  गंडक, बागमती, लालबकैया, बूढ़ी गंडक समेत पहाड़ी अधवारा समूह की नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. नेपाल के जल प्रतिबंधित क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के कारण ऐसा हुआ है. बगहा के कैलाश नगर और रामनगर दियारा में गंडक नदी में 58 मजदूर और किसान फंसे गए थे. एसडीआरएफ ने बचा लिया है. बैरगनिया में खेत से लौट रहे एक किसान की बागमती में डूबने से मौत हो गई.

East Champaran : खतरे के निशान पर पहुंचीं पांच नदियां

पूर्वी चंपारण जिले की पांच नदियां उफना गयी हैं. खतरे के निशान पर पानी बहने लगा है. लालबकेया गोआबारी मेंं 71.12 एमटीआर, लालबेगिया सिकरहना में 63.195 एमटीआर, गंडक चटिया में 69.147 एमटीआर, डुमरियाघाट गंडक में 62.22 एमटीआर व अहिरौलिया बूढ़ी गंडक में 59.62 एमटीआर पानी का स्तर है. हालात को देख इन क्षेत्रों में प्रशासनिक मुस्तैदी बढ़ा दी गयी है.

डीएम सौरभ जोरवाल ने इन इलाकों के अंचलाधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है. संग्रामपुर से पुछरिया गांव को जोड़ने वाली सड़क पर गंडक का पानी चढ़ गया है. बताया गया है कि जिस गति से पानी बढ़ रहा है, अगर यही गति रही तो बाढ़ तय है. कुछ जगहों पर निचले इलाकों में पानी घुसने की सूचना है. बंजरिया में चैलहां-फुलवार मुख्य मार्ग के बुधवा नासी डायवर्सन पर जलजमाव के कारण आवागमन बाधित है.

गंडक नदी : छोड़ा गया चार लाख 44 हजार क्यूसेक पानी

बगहा शहर के पारस नगर, शास्त्री नगर और मंगलपुर समेत कई जगहों पर गंडक नदी का दबाव है. गंडक बराज से रविवार को गंडक नदी में चार लाख 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद लोगों में भय का माहौल है. मसान नदी के कारण झारमहुई और बरिअरवा गांव का सड़क संपर्क टूट गया है. पहाड़ी नदियों के उफान पर होने से रामनगर इलाके के इमिरती-कटहरवा समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है.

Breaking News: झारखंड के देवघर में बड़ा हादसा, गिरी 3 मंजिली इमारत, 3 की मौत, कोहराम

देवघर में हादसा

Jharkhand News: देवघर यानी, बाबानगरी में सुबह-सुबह एक बड़ा हादसा हो गया. सीता होटल के पास 3 मंजिली इमारत गिर गयी. इसमें 3 लोगों के दबकर मौत हो गयी.

Breaking News: झारखंड के देवघर में बड़ा हादसा, गिरी 3 मंजिली इमारत, 3 की मौत, कोहराम देवघर हदसा
देवघर में 3 मंजिली इमारत गिर गयी.

Breaking News : बाबानगरी देवघर शहर में रविवार (7 जुलाई) की सुबह-सुबह एक बड़ा हादसा हो गया. सीता होटल के नजदीक 3 मंजिली इमारत गिर गयी और इसमें 3 लोगों की मौत हो गयी. मृतकों के नाम मनीष दत्त द्वारी, सुनील कुमार (38) और सुनील की पत्नी सोनी देवी शामिल हैं. 4 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. सभी का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है. 3 बच्चों को स्थानीय लोगों की मदद से पहले ही निकाल लिया गया था. तकरीबन आठ घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हुआ.

स्थानीय लोगों ने पीहू और सुभानी को मलबे से निकाला सुरक्षित

बमबम बाबा पथ हंसकुप मुहल्ले में जिस वक्त हादसा हुआ, वहां भवन में 3 परिवार की 3 महिला समेत 9 लोग अंदर थे. मुहल्ले वालों ने 2 लड़कियों सुभानी कुमारी और पीहू कुमारी को निकाला, लेकिन 3 महिला सहित 7 लोग फंसे रह गए. दिनेश वर्णवाल, दिनेश की पत्नी अनुपमा देवी, सुनील कुमार यादव, सुनील की पत्नी सोनी देवी व सुनील का पुत्र सत्यम कुमार मलबे में फंसे रहे. सभी को निकालने में एनडीआरएफ की टीम जुटी.

इस हादसे की सूचना मिलते ही गोड्डा के सांसद डॉ निशिकांत दुबे घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि सुबह 6 बजे सूचना मिली कि एक इमारत गिर गई है. लोग परेशान हैं. सभी लोग आ गए, लेकिन रेस्क्यू टीम 1 घंटे बाद पहुंची. प्रशासन के लोग देर से पहुंचे. डॉ दुबे ने कहा कि 10-12 साल पहले देवघर में एक बड़ी दुर्घटना हुई थी, तब केंद्र सरकार ने एनडीआरएफ की एक स्थायी टीम को देवघर में तैनात किया था. इस टीम ने ही रोप-वे हादसे के समय लोगों की जान बचाई थी.

Breaking News: झारखंड के देवघर में बड़ा हादसा, गिरी 3 मंजिली इमारत, 3 की मौत, कोहराम देवघर बड़ा हादसा 1
देवघर में 3 मंजिली इमारत गिर गयी.

 निशिकांत दूबे ने कहा कि देवघर के रोप-वे में खराबी के बारे में जैसे ही पता चला मैंने गृह मंत्री, गृह सचिव को फोन किया. जिला प्रशासन को फोन किया. तब तक गृह सचिव एक्टिव हो चुके थे. लेकिन, आज यहां प्रशासन सभी लोगों के बाद आया है.

उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि जितने भी लोग मलबे के नीचे दबे हैं, सभी सुरक्षित होंगे. एम्स को भी अलर्ट कर दिया है. जिला प्रशासन से कहा है कि यहां जो लोग घायल हैं, उन्हें एम्स ले जाएं. एम्स के डायरेक्टर ने 5-7 बेड की व्यवस्था कर रखी है.

मलबे के अंदर से आ रहीं हैं आवाजें

देवघर के उपायुक्त विशाल सागर ने कहा कि सूचना मिलते ही हमने एनडीआरएफ की टीम को काम पर लगाया. दो लोगों को रिकवर किया गया है. प्रोटोकॉल के साथ सदर अस्पताल में मेडिकल टीम को तैनात कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि मलबे के अंदर से आवाजें आ रहीं हैं. कुछ लोग अभी फंसे हैं. डीसी ने बताया कि यहां कुछ कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था. संभवत: मकान कमजोर रहा होगा, जिसकी वजह से ऐसी घटना हुई है. मकान क्यों गिरा, इसकी जांच करवाई जाएगी.

चलाया जा रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

जेसीबी और मजदूरों को बुलाकर गिरी हुई इमारत का मलबा हटवाया जा रहा है. पहला रेस्क्यू सुबह 8:30 बजे हुआ. एनडीआरएफ टीम ने अनुपमा देवी को बाहर निकाला. दूसरा रेस्क्यू 9:35 बजे हुआ. अनुपमा के पति मनीष दत्त द्वारी को निकालकर एनडीआरएफ टीम ने सदर अस्पताल भेजा.

इन घायलों का चल रहा इलाज

  • दिनेश बर्नवाल
  • मुन्नी बर्नवाल
  • सत्यम
  • अनुपमा देवी

इन लोगों की हो गई मौत

  • मनीष दत्त द्वारी (50)
  • सुनील यादव (35)
  • सुनील यादव की पत्नी सोनी देवी (28)

Nawada News: बिहार के नवादा में वज्रपात का कहर, 02 लोगों की मौत, 03 झुलसे

Nawada News

Bihar News: बिहार के नवादा में वज्रपात से दो लोगों की मौत हो गयी है. इस घटना के बाद इलाके में कोहराम मच गया है. वहीं, पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

Nawada News: बिहार के नवादा में वज्रपात का कहर, 02 लोगों की मौत, 03 झुलसे व्रजपात 2
वज्रपात (फाइल फोटो)

Nawada News:  आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई है. मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. मामला रविवार का है. नवादा के दो अलग-अलग स्थानों की घटना है. इसमें एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गई है. वहीं, अलग-अलग स्थान पर आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोग जख्मी भी हो गये हैं. रोह और पकरीबरावां प्रखंड में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोग जख्मी हुए हैं.

खेत में काम कर रहे थे किसान, मौत

पहली घटना रोह प्रखंड के महाकार गांव की है. जहां खेत में काम करने के दौरान सुदामा यादव की 48 वर्षी पत्नी लीला देवी की मौत हो गई. मृतका के बेटे सुभाष कुमार ने बताया कि उसकी मां खेत में मूंग तोड़ रही थी, तभी तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरी. जिससे उसकी मां की मौत हो गई. एक घंटा के बाद जब लोगों ने खेत में गिरा हुआ उन्हें देखा तो उठाकर अस्पताल में ले गए. जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया. 

थाना प्रभारी विनय कुमार ने कहा कि आकाशीय बिजली गिरने से महिला की मौत हुई है. खेत में काम कर रही थी. इसी दौरान यह घटना घटी है. मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है.

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

दूसरी घटना पकरीबरावां प्रखंड के बरेवा बीघा गांव की है. यहां भी आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई. मृतक की पहचान स्व. भगवती यादव के 48 वर्ष से पुत्र राजेश यादव के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि राजेश यादव अपने घर से जानवर लेकर जा रहे थे. तभी तेज बारिश आ गई और फिर वह जानवर को छोड़कर एक पेड़ के नीचे जाकर बैठ गए. इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरी. जिससे घटनास्थल पर राजेश यादव की मौत हो गई.

Kulgam Encounter: सुरक्षा बलों ने कश्मीर में ढेर किए 04 आतंकी, 01 जवान शहीद

Jammu Kashmir Encounter
Jammu Kashmir Encounter

Kulgam Encounter: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों के छिपे होने की सूचना सुरक्षा बलों को मिली, तो सर्च ऑपरेशन चलाया. इस दौरान आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. इस पर सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की.

Kulgam Encounter: सुरक्षा बलों ने कश्मीर में ढेर किए 04 आतंकी, 01 जवान शहीद Jammu Kashmir Encounter 2
Jammu Kashmir Encounter (Image Source: india.com)

Jammu Kashmir Encounter: शनिवार (6 जुलाई) की सुबह से जम्मू कश्मीर के कुलगाम में दो जगहों पर सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ चल रही है. इस इलाके में सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसमें एक जवान शहीद हो गया. इसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई थी. इस बीच सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है. सैन्य बलों ने इस मुठभेड़ में कुलगाम जिले में चार आतंकवादियों को ढेर कर दिया.

पूरे इलाके में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती

जम्मू कश्मीर पुलिस ने दोनों जगहों पर आतंकियों के साथ मुठभेड़ होने की सूचना दी थी. सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ से प्रभावित इलाकों की घेराबंदी कर दी है. साथ ही आम नागरिकों की सुरक्षा के लेकर इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात कर दिए गए हैं.

हाल के कुछ दिनों में इन क्षेत्रों में आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है. पिछले महीने ही सुरक्षा बलों ने डोडा जिले के गंडोह इलाके में तीन आतंकवादियों को सफलतापूर्वक मार गिराया था.

इससे पहले सुरक्षा बलों ने पुलवामा में दो आतंकियों को मार गिराया था. ये दोनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा की ब्रांच द रेजिस्टेंस फ्रंट के दो शीर्ष कमांडर थे, जो पुलवामा जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ के दौरान एक घर में फंस गए थे, वे इस घर को छिपने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे.

मिला था आतंकियों के छिपे होने का इनपुट

सीआरपीएफ, सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस की ओर से संयुक्त अभियान के तहत यह कार्रवाई की जा रही है. कुलगाम में पहले एनकाउंटर के कुछ घंटों बाद ही जिले के एक और फ्रिसल गांव के चिंगम इलाके में मुठभेड़ शुरू गई. सुरक्षा बलों को इलाके में लश्कर के आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत कार्रवाई की.

Hathras भगदड़ : भोले बाबा की बढ़ेगी मुश्किलें, दर्ज हुआ पटना सिविल कोर्ट में केस

Hathras Stampede

Hathras Stampede Case: हाथरस भगदड़ छोटी-मोटी भगदड़ नहीं थी. इसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी. इसमें कई लोगों पर FIR हो चुकी है और जांच की कार्रवाई चल रही है. वहीं, इस बीच अब मामले में पटना से भी बड़ा अपडेट सामने आया है. पटना में भी मामला दर्ज हुआ है.

Hathras भगदड़ : भोले बाबा की बढ़ेगी मुश्किलें, दर्ज हुआ पटना सिविल कोर्ट में केस cm yogi adityanath 1
Hathras Stampede : File Photo

Hathras भगदड़:  उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक सत्संग के दौरान भगदड़ हुई थी. इसमें 121 लोगों की जान चली गई. कई लोगों पर FIR दर्ज हो चुकी है. इस बीच अब पटना से बड़ा अपडेट सामने आया है. इस मामले को लेकर पटना सिविल कोर्ट में केस दर्ज हुआ है. भोले बाबा पर पटना में मुकदमा दर्ज हुआ है. पहले ही यूपी में मामला दर्ज हो चुका है. यूपी पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है. साथ ही भोले बाबा की संपत्ति की भी जानकारी ली जा रही है. भोले बाबा की मुश्किलें बढेंगी.

बाबा की कहानी कोरोना काल के बाद हुई थी शुरू

सूरज पाल जाटव के बाबा बनने की कहानी कोरोना के बाद शुरू हुई थी. इस दौरान उसके अनुयायियों ने संपत्ति भी बनाई. यही वजह है कि 2020 और उसके बाद के जमीन आंवटन संबंधी फाइलों को खंगाला जा रहा है.

हाथरस में हुई थी भगदड़ दो जुलाई को

Hathras भगदड़ : दो जुलाई को स्वयंभू संत और उपदेशक नारायण साकार हरि उर्फ ‘भोले बाबा’ के सत्संग के दौरान भगदड़ हुई थी. इसमें 121 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें ज्यादातर महिलाएं शामिल थीं. यूपी में दर्ज एफआईआर के अनुसार, कार्यक्रम में 2.50 लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे, जबकि प्रशासन ने केवल 80 हजार लोगों को ही अनुमति दी थी. एफआईआर के अनुसार, सत्संग आयोजकों ने सबूत छिपाकर तथा बाबा के अनुयायियों की चप्पलें और अन्य सामान पास के खेतों में फेंक कर कार्यक्रम में मौजूद लोगों की वास्तविक संख्या को छिपाने की कोशिश की थी.

बताया जाता है कि भगदड़ तब मची जब कई श्रद्धालु उपदेशक के पैरों की मिट्टी लेने के लिए दौड़े थे. उनका मानना था कि इससे उनकी सभी बीमारियां ठीक हो सकती हैं. वहीं, हादसे के बाद से ही भोले बाब फरार है. 

Kundali Milan: मॉर्डन जमाने में सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गयी है कुंडली मिलान, शादी से पहले ये कितना जरुरी है ?

Kundali Milan
जानें, कुंडली मिलान कितना जरूरी है

Kundali Milan: इस मॉर्डन जमाने में कुंडली मिलान सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गयी है. लेकिन, लेकिन शादी से पहले यह कितना जारूरी है, कुंडली का क्यों मिलान करते हैं और कितने गुणों की होती है, यह हम जानेंगे. यानी, विवाह से पूर्व कुंडली मिलाने का महत्व को समझेंगे.

Kundali Milan: आज भी ज्यादातर लोग शादी से पहले कुंडली मिलान करवाते है ताकि वर-कन्या का वैवाहिक जीवन सुखमय हो. दरअसल, हिंदू धर्म में विवाह सिर्फ एक परंपरा नहीं है, बल्कि जन्म-जन्मांतर का साथ माना जाता है. जानेंगे… शादी से पहले कुंडली मिलान क्यों किया जाता है, क्या है इसका महत्व, शादी के लिए कितने गुण मिलना जरुरी होता है?

Kundali Milan: मॉर्डन जमाने में सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गयी है कुंडली मिलान, शादी से पहले ये कितना जरुरी है ? Kundali Milan 5
Kundali Milan : File Photo

कुंडली मिलान क्यों जरुरी है ?

Kundali Milan Importance : शादी से पहले वर-वधू कुंडली और राशि के मिलान से पता लगाया जाता है कि विवाह के बाद दोनों सुखी रहेंगे या नहीं, ये संबंध सफल होगा या नहीं, संतान सुख है या नहीं, मांगलिक दोष तो नहीं आदि. कुंडली के जरिए ये भी देखा जाता है कि दांपत्य जीवन में भविष्य में किसी तरह की कोई बाधा तो नहीं आने वाली है. अगर बाधा है तो उसे कैसे दूर किया जा सकता है. यही कारण है कि विवाह को सफल बनाने के लिए कुंडली मिलान जरुरी माना जाता है.

कुंडली मिलान में ये चीजें देखी जाती है

कुंडली मिलान से लोग सिर्फ गुण मिलना ही समझते हैं लेकिन, शादी के लिए और भी कई चीजों को देखा जाता है. वैवाहिक नजरिए से कुंडली मिलान इन 5 महत्वपूर्ण आधार पर किया जाता है.

  • वर्ण (Varan), अंक 1 – वर्ण में वर और वधू की जाति को ध्यान में रखता है, वर्ण को चार भागों बांटा गया है, ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र. वर्ण लड़का-लड़की के बीच मानसिक अनुकूलता को तय करता है.
  • वश्य (Vashya), अंक 2  – इस गुण से ये पता लगाने में मदद मिलती है कि कौन किस पर हावी रहेगा, किसका कंट्रोल ज्यादा होगा.
  • तारा (Tara), अंक 3 – इस गुण में वर और वधू के नक्षत्र का मिलान होता है. दोनों का स्वास्थ जीवन देखा जाता है.
  • योनी (Yoni), अंक 4 – वर-वधू के शारीरिक संबंध कैसे होगा, इसके लिए योनि गुण देखा जाता है. योनि 14 जानवरों में बांटा गया है जो मनुष्य के व्यक्तित्व को दर्शाते हैं. इसमें घोड़ा, हाथी, भेड़, सांप, नेवला, कुत्ता, बिल्ली, चूहा, गाय, भैंस, चीता, हिरन, बंदर और शेर.
  • ग्रह मैत्री (Grah Metri), अंक 5 – ग्रह मैत्री में लड़का-लड़की के आपसी स्नेह, मित्रता, आदि देखे जाते हैं. वर एवं कन्या के राशि स्वामी से ग्रह मैत्री देखी जाती है.
  • गण (Gana), अंक 6  – गण के जरिए लड़का-लकड़ी के स्वभाव, व्यक्तित्व का मिलान किया जाता है. ये 3 आधार पर तय होता है. देव (व्यक्ति के अंदर सात्विक गुण), मानव (रजो गुण), राक्षस (व्यक्ति के अंदर तमो गुण).
  • भकूट (Bhukuta), अंक 7 – भकूट का संबंध जीवन और आयु से होता है. विवाह के बाद दोनों का एक-दूसरे का संग कितना रहेगा, यह भकूट से जाना जाता है
  • नाड़ी (Nadi), अंक 8 – नाड़ी का संबंध संतान और संतान के मामलों से संबंधित है. दोनों के शारीरिक संबंधों से उत्पत्ति कैसी होगी, यह नाड़ी पर निर्भर करता है. नाड़ी के 3 प्रकार हैं – आदि, मध्य और अंत

ये भी देखें

सिर्फ गुण मिलने से किसी की शादी की सफलता और असफलता का पैमाना तय नहीं होता. गुण मिलान तो कुंडली मिलाने का एक छोटा सा हिस्सा है. ज्योतिष के आधार पर 18 गुण से कम हो तो विवाह सफल नहीं माना लेकिन 36 में से 36 गुण का मिलना भी सुखी वैवाहिक जीवन की निशानी नहीं है, क्योंकि गुण के अलावा कुंडली में बाकी ग्रहों की स्थिति, विवाह स्थान के स्वामी की स्थिति देखना भी महत्वपूर्ण है.

सबसे Importance कुंडली मिलान क्या है ?

किसी भी व्यक्ति की कुंडली (जन्मपत्री) उसकी जन्म तारीख, समय और स्थान के आधार पर बनाई जाती है. शादी के लिए वर-वधु की कुंडली देखकर गुण, चंद्र की स्थिति, मंगल दोष देखा जाता है.

आसान भाषा में अगर समझें तो शादी के लिए कुंडली मिलान (Kundali Matching) वो प्रक्रिया है जिसके जरिए ये पता लगाया जाता है कि विवाह के बाद लड़का-लड़की का वैवाहिक जीवन कैसा होगा. दोनों एक दूसरे के लिए बने है या नहीं. कुंडली या गुण मिलान के लिए युगल के ग्रह चंद्रमा की स्थिति को ध्यान में रखा जाता है.

Bhagalpur Lohia Bridge : अतिक्रमणकारी दुकानदार अब नहीं फैला सकेंगे गंदगी, लगेगा आर्थिक दंड

Bhagalpur News

Bhagalpur News : लोहिया पुल पर अतिक्रमणकारी दुकानदार अब गंदगी नहीं फैला सकेंगे. ऐसा करेंगे तो उन्हें आर्थिक दंड लगेगा. ये फैसला मेयर डा बसुंधरा लाल ने 5 जुलाई शुक्रवार को बैठक में ली है. शहर की साफ सफाई के संदर्भ में बैठक की और निर्देश का पालन करने कही. साथ ही यह हिदायत दी है कि 10 दिनों के बाद फिर बैठक बुलायी जायेगी. सभी संबंधित प्रभारी अपना-अपना कार्य प्रतिवेदन 10 दिन के बाद प्रस्तुत करना सुनिश्चित करेंगे.

Bhagalpur Lohia Bridge : बिहार के भागलपुर में लोहिया पुल के ऊपर या नीचे किसी दुकानदार की ओर गंदगी फैलायी गयी, तो उन्हें आर्थिक दंड देना होगा. यह बातें मेयर ने बैठक में कही और निर्देशित किया गया कि वहां विशेष नजर रखी जाये. यदि तय समय सीमा के बाहर कूड़ा-कचरा, यत्र -तत्र फैलाया जाता है तो हर हाल में दंड देना होगा. यह प्रक्रिया निरंतर चलती रहेगी. मार्केट एरिया में लगातार कैंपेनिंग करने के लिए अतिक्रमण दस्ता व सफाई प्रभारी को निर्देशित किया गया. वहीं, कचरा प्रबंधन के लिए माइकिंग के जरिये लोगों को बताया जायेगा कि सुबह 10 बजे के पहले और रात 08 बजे के बाद ही कूड़ा फेंकने का प्रावधान रहेगा. इस बीच यदि कोई भी गंदगी यत्र तत्र फैलता है तो वह आर्थिक दंड के भागी होंगे. साथ ही उन पर कड़ी कार्रवाई भी की जायेगी.

सुनिश्चित करें सभी जोन में सर्वे करना

मेयर डा बसुंधरा लाल ने कही कि सभी जोन में स्थित होटल, रेस्टोरेंट, लॉज, विवाह भवन का सर्वे करना सुनिश्चित करें. यह देखें कि कितने पंजीकृत तौर पर कार्यरत हैं और कितने पंजीकृत नहीं है. जो पंजीकृत नहीं है उन्हें पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा. साथ ही कचरा निस्तारण के लिए सभी को मार्गदर्शन दिया जाना सुनिश्चित करें.

कचरा से खाद बनाने के लिए निर्मित पिट का उपयोग करें

गीला व सूखा कचरा को रिसाइकल कर उर्वरक बनाने के लिए पिट बनाया गया है उसे ज्यादा से ज्यादा उपयोग में लाया जाये. भूतनाथ परिसर स्थित नवनिर्मित पिट का उपयोग करने के लिए मेयर ने निर्देशित किया.

कचरा प्वाइंट चिन्हित कर स्थल पर प्लेटफॉर्म बनाएं

शहर के सभी जोन में स्थित कचरा प्वाइंट को चिन्हित कर उक्त स्थल पर प्लेटफॉर्म बनाया जाये, जिससे कचरा उठाने के बाद भी गंदगी न फैल सके. साथ ही उक्त सभी स्थल पर चुना व ब्लीचिंग पाउडर की सुविधा उपलब्ध करायी जाये.

दुरुस्त कराया जयेगा शौचालय

सभी जोन में जितने भी पब्लिक व कम्युनिटी टॉयलेट स्थित हैं. सभी का सर्वे किया जाये कि वहां क्या समस्या है. पानी, लाइट, दरवाजा, अतिक्रमण आदि सभी समस्याओं का आकलन कर जल्द से जल्द सभी शौचालय को दुरुस्त किया जाये.

मेडिकल वेस्ट जहां-तहां फेंकने पर लगेगा आर्थिक दंड, होगी कड़ी कार्रवाई

मेडिकल एजेंसी यत्र -तत्र मेडिकल वेस्ट को फेंकते हैं उन पर विशेष ध्यान रखा जायेगा. तत्पश्चात संबंधित पर आर्थिक दंड के साथ-साथ कड़ी कार्रवाई भी की जायेगी.

Mayor meets Education Minister : बिहार के भागलपुर City की मेयर ने ये रखी मांग, नेत्रहीन विद्यालय में शिक्षकों की करायी जाये भर्ती

Bhagalpur News

Mayor meets Education Minister : बिहार के शिक्षा मंत्री से भागलपुर सिटी की मेयर डा बसुंधरा लाल ने मुलाकात की और उनसे नेत्रहीन मध्य विद्यालय की समस्याओं पर बातचीत की. मेयर ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी है.

Bhagalpur News : बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार से मेयर डॉ बसुंधरा लाल ने मुलाकात कर उनसे नेत्रहीन मध्य विद्यालय की समस्याओं पर बातचीत की. साथ ही ज्ञापन सौंप कर यथाशीघ्र निराकरण का अनुरोध किया. मेयर ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी है, जिससे शिक्षा का कार्य सुचारू रूप से नहीं चल रहा है. इसलिए विद्यालय में स्थायी शिक्षकों की भर्ती यथाशीघ्र करायी जाये. जबतक स्थायी शिक्षकों की भर्ती नहीं होती है, तब तक कुछ शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर लगाया जाये.

विद्यालय भवन काफी जर्जर स्थिति में है

Mayor meets Education Minister : मेयर ने कहा कि प्रतिनियुक्ति दृष्टिबाधित शिक्षकों का विशेष ध्यान रखा जाये. विद्यालय भवन काफी जर्जर स्थिति में है. विद्यालय के आवासीय एवं शैक्षणिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए नये भवन का निर्माण कराना आवश्यक है. विद्यालय में छात्रों की सीटों की संख्या बढ़ायी जाये. विद्यालय में पारंपरिक शिक्षा के साथ कौशल शिक्षा की व्यवस्था कराना भी अपेक्षित है. खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मैदान का समतलीकरण कराना भी जरूरी है.

Ganga rising : बिहार के भागलपुर में आठ सेंटीमीटर बढ़ी गंगा, खतरे के निशान से 6.63 मीटर नीचे

Bhagalpur News

Ganga rising : बिहार के भागलपुर में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़रहा है. पिछले 24 घंटे में शुक्रवार को आठ सेंटीमीटर गंगा बढ़ी है. पिछले दिनों यह 26.97 मीटर पर थी और आठ सेंटीमीटर बढ़ने के साथ अब 27.05 मीटर पर आ गयी है.

Bhagalpur News : गंगा का जलस्तर बढ़ने की रफ्तार थोड़ी तेज हो गयी है. हालांकि, यह अभी खतरे के निशान से काफी नीचे हैं. खतरे का निशान 33.68 मीटर निर्धारित है. यानी, गंगा खतरे के निशान से 6.63 मीटर नीचे है. लेकिन, गंगा का जल स्तर जिस हिसाब से बढ़ रही है वह इसके किनारे रहने वाले की मुश्किलें बढ़ा सकती है. गंगा किनारे रहने वाले अभी से ही इस बात के लिए तैयार है कि उन्हें ऊंचे स्थान पर शरण लेने के लिए घर छोड़ना ही पड़ेगा.

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