Chandrashekhar Azad : भीम आर्मी प्रमुख और नगीना लोकसभा सीट के नवनिर्वाचित सांसद चंद्रशेखर आजाद के एक विवादित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और इसके साथ बिहार में भी सियासत गरमा गई है. बीजेपी के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने सांसद चंद्रशेखर के बयान पर कहा कि वह अगर ऐसा सोचते हैं कि सनातन का विरोध करके दलितों का वह बड़ा नेता बन जाएंगे तो यह उनकी भारी भूल है.
यूपी की नगीना सीट से सांसद बने चंद्रशेखर आजाद (फाइल फोटो)
BJP Reaction : Bihar में भी सियासत गरमा गई है. जहां बीजेपी ने चंद्रशेखर आजाद को नया मुल्ला बनने की बात कह दी है. वहीं] दूसरी ओर इस पूरे मामले में आरजेडी ने बीजेपी पर हमला किया तो धार्मिक मामलों में समर्थन किया है.
बिहार बीजेपी के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने चंद्रशेखर आजाद के बयान पर हमला करते हुए सोमवार (01 जुलाई) को कहा, “भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद जी नया-नया मुल्ला बने हैं. इसलिए प्याज कुछ ज्यादा खा रहे हैं. ज्यादा प्याज खाने से कोई सेहतमंद नहीं होता है. चंद्रशेखर आजाद अपने आस्तीन पर सनातन विरोधी होने का तगमा लगाना चाहते हैं. “
दलित समाज सनातन धर्म का अटूट अंग है. किसी धर्म विशेष की तुष्टिकरण के लिए सनातन धर्म का अपमान नहीं करें. चंद्रशेखर जी बताएं कि कांवड़ यात्रा के दौरान किस अस्पताल को बंद किया जाता है, किस रास्ते को बंद किया जाता है, बल्कि आम लोगों को सहूलियत के लिए दूसरा रास्ता दिया जाता है.”
जानें, सांसद चंद्रशेखर आजाद ने क्या कहा है?
चंद्रशेखर आजाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रहा है. इसमें वह लोगों को संबोधित करते हुए कह रहे हैं कि मैंने अपनी बात कई बार नेशनल मीडिया में पूछी है कि अगर हिंदू धर्म की आस्था है कि दस दिन कांवड़ चलता है, फिर सारे होटल और अस्पताल बंद हो जाते हैं. अस्पताल बंद होने से कोई कहीं और जगह जाता है. कितनी परेशानी होती है, लेकिन उनकी आस्था को देखते हुए लोग सहते हैं.
Three New Criminal Law :तीन नये आपराधिक कानून आज 1 जुलाई, 2024 से लागू हो चुके हैं.दुष्कर्म पीड़िताओं का बयान कोई महिला पुलिस अधिकारी ही लेगी. थाने में भी अब ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेंगे. .. और भी जानें बदलावक्या हुआ?
New Criminal Law
New Criminal Law: देश में तीन नये आपराधिक कानून लागू हो चुके हैं. भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में व्यापक बदलाव आएंगे. ब्रिटिश काल के कानूनों का अंत हो चुका है. भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने ब्रिटिश काल के क्रमश: भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम का स्थान ले लिया है.
दुष्कर्म पीड़िताओं का बयान अब लेगी कोई महिला पुलिस अधिकारी
इस नये कानूनों के तहत आपराधिक मामलों में फैसला मुकदमा पूरा होने के 45 दिन के अंदर आयेगा. पहली सुनवाई के 60 दिन के भीतर आरोप तय कर दिए जाएंगे. दुष्कर्म पीड़िताओं का बयान कोई महिला पुलिस अधिकारी ही लेगी, साथ ही उसके अभिभावक या रिश्तेदार की मौजूदगी में बयान दर्ज किया जाएगा. मेडिकल रिपोर्ट 7 दिन के अंदर देनी होगी. राजद्रोह की जगह देशद्रोह लाया गया है. सभी तलाशी तथा जब्ती की कार्रवाई की वीडियोग्राफी होगी जो जरूरी है.
ZERO FIR, पुलिस में ऑनलाइन शिकायत
नये कानूनों के लागू हो जाने से ‘जीरो एफआईआर’, पुलिस में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराना, ‘एसएमएस’ (मोबाइल फोन पर संदेश) के जरिये समन भेजने जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के तहत लोगों को सहूलियत दी गयी है. सभी जघन्य अपराधों के वारदात स्थल की वीडियोग्राफी जरूरी जैसे प्रावधान नये कानून में शामिल हैं.
New Criminal Law : जानें.. नये कानूनों के बारे में
1.महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर एक नया अध्याय जोड़ा गया है. किसी बच्चे को खरीदना और बेचना जघन्य अपराध की श्रेणी में आएगा. किसी नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के लिए मृत्युदंड या उम्रकैद का प्रावधान नए कानून में जोड़ा गया है.
2. नए कानूनों के तहत अब कोई भी व्यक्ति पुलिस थाना गये बिना इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यम से घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज कराने में सक्षम है. इससे मामला दर्ज कराना आसान और तेज हो जाएगा. पुलिस द्वारा फौरी कार्रवाई की जा सकेगी.
3. ‘जीरो एफआईआर’ से अब कोई भी व्यक्ति किसी भी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज करा सकता है. भले ही अपराध उसके अधिकार क्षेत्र में न हुआ हो.
4. नए कानून में गिरफ्तारी की सूरत में व्यक्ति को अपनी पसंद के किसी व्यक्ति को अपनी स्थिति के बारे में सूचित करने का अधिकार दिया गया है. इससे गिरफ्तार व्यक्ति को तुरंत सहयोग प्राप्त होगा.
5. नए कानूनों में महिलाओं व बच्चों के खिलाफ अपराधों की जांच को प्राथमिकता दी गयी है. इससे मामले दर्ज किए जाने के दो महीने के अंदर जांच पूरी की जाएगी. नए कानूनों के तहत पीड़ितों को 90 दिन के भीतर अपने मामले की प्रगति पर नियमित रूप से जानकारी पाने का अधिकार होगा.
6. नए कानूनों में, महिलाओं व बच्चों के साथ होने वाले अपराध पीड़ितों को सभी अस्पतालों में निशुल्क प्राथमिक उपचार या इलाज मुहैया कराया जाएगा.
7. आरोपी तथा पीड़ित दोनों को अब प्राथमिकी, पुलिस रिपोर्ट, आरोपपत्र, बयान, स्वीकारोक्ति और अन्य दस्तावेज 14 दिन के भीतर पाने का अधिकार होगा.
8. अदालतें वक्त रहते न्याय देने के लिए मामले की सुनवाई में अनावश्यक विलंब से बचने के वास्ते अधिकतम दो बार मुकदमे की सुनवाई स्थगित कर सकती हैं.
9. नए कानूनों में सभी राज्य सरकारों के लिए गवाह सुरक्षा योजना लागू करना जरूरी है. ऐसा इसलिए ताकि गवाहों की सुरक्षा व सहयोग सुनिश्चित किया जाए और कानूनी प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता व प्रभाव बढ़ाया जाए.
10. पीड़ित को अधिक सुरक्षा देने तथा दुष्कर्म के किसी अपराध के संबंध में जांच में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए पीड़िता का बयान पुलिस द्वारा ऑडियो-वीडियो माध्यम के जरिए दर्ज किया जाएगा.
11. महिलाओं, पंद्रह वर्ष की आयु से कम उम्र के लोगों, 60 वर्ष की आयु से अधिक के लोगों तथा दिव्यांग या गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को पुलिस थाने आने से छूट दी जाएगी. वे अपने निवास स्थान पर ही पुलिस सहायता प्राप्त कर सकते हैं.
Bhagalpur News : भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी को नयी दिल्ली में राष्ट्रीय आयोग बाल अधिकार संरक्षण, नयी दिल्ली की ओर से बेस्ट Performing डिस्ट्रिक्ट का पुरस्कार प्रदान किया गया.
Bhagalpur DM
Bhagalpur DM : गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के कमलों से स्मृति चिह्न प्रदान कर उन्हें पुरस्कार से नवाजा गया है. यह पुरस्कार प्रिवेंशन ऑफ ड्रग्स एंड सब्सटेंस एब्यूज एक युद्ध नशे के विरुद्ध के लिए बनाये गये ज्वाइंट एक्शन प्लान को बखूबी अपने जिले के सरजमीं पर उतरने के लिए दिया गया है. ड्रग्स दुरुपयोग एवं अवैध दुर्व्यपार के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर प्रदान किया गया है.
15 मार्च तक मेंटेनेंस कार्य पूरा करने का डेडलाइन किया है तय
Bhagalpur News: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की तैयारी में एनएच विभाग का भागलपुर डिवीजन भी जुट गया है. वह सुलतानगंज के अपने निरीक्षण भवन (आइबी) का मेंटेनेंस करायेगा. इस पर वह 12 लाख 16 हजार रुपये तक खर्च करेगा.
Shravani Mela 2024 : एनएच विभाग 12 लाख कहां खर्च कर सुलतानगंज में खानसमा के साथ आपने आइबी का पेंटिंग सहित डे टू डे मेंटेनेंस करायेगा और इसकी प्लानिंग उन्होंने कर ली है. मेंटेनेंस कार्य प्रक्रिया भी अपनाने लगी है. काम एजेंसी के माध्यम से करायेगा और इसको बहाल के लिए निविदा जारी की है. निविदा 06 जुलाई को खोली जायेगी और कार्य एजेंसी चयनित करेगी
चयनित एजेंसी के लिए 15 मार्च तक मेंटेनेंस कार्य पूरा करना होगा अनिवार्य
छह जुलाई के जब निविदा खोली जायेगी, तो कार्य एजेंसी का चयन भी हो जायेगा चयनित कार्य एजेंसी के लिए 15 मार्च तक मेंटेनेंस कार्य पूरा करना अनिवार्य होगा.
कांवरियों की सुविधाओं व प्रशासनिक प्रबंधन का कार्य के लिए भी बाहल होगी एजेंसी
जिला प्रशासन भी सुलतानगंज में कांवरियों व श्रद्धालुओं की सुविधाओं व प्रशासनिक प्रबंधन का कार्य एजेंसी के माध्यम से करायेगी. निविदा जारी की है. इच्छुक व्यक्तियों, फर्म, आपूर्तिकर्ता से भाड़े व आपूर्ति के लिए निविदा जारी की है. यह पांच जुलाई को खोली जयेगी. अपरिहार्य कारणवश उक्त तिथि को निविदा नहीं खोली जा सकी, तो यह आठ व 10 जुलाई को खोलकर आपूर्तिकर्ता का चयन किया जायेगा. वहां टेंट व पंडाल, विद्युतीकरण एवं अन्य सामग्रियों की आपूर्ति व निर्माण का कार्य होगा. आमंत्रण कार्ड, फ्लैक्स, बैनर्र, होर्डिंग आदि की छपाई की जानी है. सीसीटीवी कैमरा, वीडियोग्राफी, स्टील फोटोग्राफी व पब्लिक काउटिंग मशीन का इंस्टॉलेशन मोबाइल एप व सर्वर पर रखरखाव संबंधी कार्य कराया जाना है.
Three Criminal Laws : तीन नये क्रिमिनल लॉ एक जुलाई यानी सोमवार से लागू होने जा रहे हैं. कानून में बड़े बदलाव होंगे, आइए जानते हैं कि अब पुलिस किन मामलों में हथकड़ी लगा सकती है?
New Criminal Laws
Three Criminal Laws: आईपीसी की जगह भारतीय न्याय संहिता, सीआरपीसी की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा रंहिता और 1872 के इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य संहिता लाने वाले हैं. ये तीनों कानून एक जुलाई से लागू हो जाएंगे. तीनों नये कानूनों को लाने का खास मकसद अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आउटडेटेड नियम कायदों को हटाना और उनकी जगह आज की जरूरत के मुताबिक कानून लागू करना है.
अब देशभर में कही भी जीरो एफआएआर दर्ज की जा सकेगी. वहीं, कुछ मामलों में पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अपने सीनियर से मंजूरी नहीं लेनी पड़ेगी. पुलिस कुछ आरोपियों को हथकड़ी लगाकर भी गिरफ्तार कर सकती है. कानून में वो क्या बदलाव होगा जिससे पुलिस कुछ आरोपियों को हथकड़ी लगा सकती है. आइए जानते हैं.
किन अपराधियों को लगायी जा सकेगी हथकड़ी?
इस धारा के अनुसार, यदि कोई कैदी आदतन अपराधी है या फिर पहले से हिरासत से भाग चुका है या फिर संगठित अपराध या फिर आतंकवादी गतिविधि में शामिल रहा है, किसी ड्रग्स से जुड़े अपराध करता आया है, हथियार या गोला बारूद, हत्या, दुष्कर्म, एसिड अटैक, नकली सिक्कों और नोटों की तस्करी, मानव तस्करी, बच्चों के खिलाफ यौन अपराध या फिर राज्य के खिलाफ अपराध में शामिल रहा हो तो ऐसे कैदी को हथकड़ी लगाकर गिरफ्तार किया जा सकता है या फिर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जा सकता है.
इसके अलावा अबतक किसी अपराधी पर ट्रायल तभी शुरू होता था जब वो अदालत में मौजूद हो, लेकिन अब नए कानून के तहत किसी भगौड़ या फरार अपराधी पर भी केस चलाया जा सकेगा. इसी तरह नए कानून के तहत काफी कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे.
हथकड़ी को लेकर क्या है नियम?
सुप्रीम कोर्ट ने 1980 में प्रेम शंकर शुक्ला बनाम दिल्ली सरकार मामले में फैसला सुनाते हुए हथकड़ी के इस्तेमाल को अनुच्छेद 21 के तहत असंवैधानिक करार दिया था. अपने फैसले में कोर्ट ने कहा था कि यदि किसी कैदी को हथकड़ी लगाने की जरूरत महसूस होती है तो उसका कारण दर्ज करना होगा और मजिस्ट्रेस से अनुमति लेनी होगी. अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 43 (3) में गिरफ्तारी या अदालत में पेश करते समय कैदी को हथकड़ी लगाने का प्रावधान किया गया है.
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New Criminal Laws : एक जुलाई से देश में 3 नये आपराधिक कानून लागू हो रहे हैं. इसके तहत कई कानून बदल जायेंगे. इसमें बुजुर्गों की गिरप्तारी को लेकर भी बदलाव होने वाला है.
New Criminal Laws
Three Criminal Laws: देश में एक जुलाई से आईपीसी की जगह भारतीय न्याय संहिता, सीआरपीसी की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और 1872 के इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य संहिता लेने वाले हैं. इन तीन कानूनों के चलते देश के लॉ सिस्टम में काफी कुछ बदलने वाला है. भगोड़े आरोपियों पर केस चलाने से लेकर बुजुर्गों की गिरप्तारी में भी काफी कुछ बदलाव देखने को मिलेगा. हथकड़ी से लेकर एफआईआर तक में भी बदलाव दिखेगा.
कानून में बुजुर्गों की गिरफ्तारी को लेकरहुआ ये बदलाव
गिरफ्तारी के नियमों में वैसे तो बहुत ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35 में एक नया सब सेक्शन 7 जोड़ा गया है. इससे छोटे-छोटे अपराधियों और बुजुर्गों की गिरफ्तारी को लेकर नियम बनाया गया है.
धारा 35 (7) के अनुसार, ऐसे अपराध जिनमें तीन साल या उससे कम की सजा का प्रावधान है. उनमें आरोपी की गिरफ्तारी से पहले DSP या फिर उससे ऊपर की रैंक के अफसर की अनुमति लेनी होगी. वहीं, यदि आरोपी की उम्र 60 साल या उससे ज्यादा है तो उसकी गिरफ्तारी के लिए भी यही नियम लागू होगा.
दया याचिका पर भी अब होगा नया नियम
किसी भी फैसले में मौत की सजा पाए दोषी को अपनी सजा कम करवाने या माफी के लिए आखिरी रास्ता दया याचिका होती है. जब सभी कानूनी रास्ते बंद हो जाते हैं तो दोषी के पास राष्ट्रपति के सामने दया याचिका दायर करने का अधिकार होता है. अब तक जब दोषी के पास सारे रास्ते खत्म हो जाते थे तो दया याचिका के लिए कोई सीमा नहीं थी. लेकिन अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 472 (1) के तहत, सारे कानूनी रास्ते खत्म होने के बाद दोषी को 30 दिन के अंदर राष्ट्रपति के सामने दया याचिका दायर करनी होगी. इसके बाद राष्ट्रपति का दया याचिका पर जो भी फैसला होगा उसकी जानकारी 48 घंटे के अंदर केंद्र सरकार को राज्य सरकार के गृह विभाग और जेल के सुपरिंटेंडेंट को देनी होगी.
नए कानून में पुलिस कस्टडी को लेकर भी सख्ती की गई है. अब तक आरोपी को गिरफ्तार करने के तारीख से ज्यादा से ज्यादा 15 दिनों के लिए पुलिस कस्टडी में भेजा जा सकता था. उसके बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाता था जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाता था, लेकिन नए कानून के मुताबिक, किसी आरोपी की गिरफ्तारी के 60 से 90 दिनों के अंदर किसी भी समय 15 दिनों की कस्टडी मांग सकती है.
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New Criminal Laws : भारतीय न्याय संहिता, भारतीय सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम नामक तीन नए आपराधिक कानून 1 जुलाई, 2024 से लागू हो जायेंगे. इसके लागू होते ही आयेगा बदलाव, जानें क्या-क्या होंगे बदलाव?
New Criminal Laws
New Criminal Laws: तीन नये आपराधिक कानून, 1 जुलाई, 2024 (सोमवार) से लागू हो जायेंगे. भारतीय न्याय संहिता कानून अब आईपीसी (इंडियन पीनल कोड) की जगह लेगा. ये तोनों बिल संसद के शीतकालीन सत्र में पारित किये गये थे.
नये कानून में धारा 375 और 376 की जगह दुष्कर्म की धारा 63 होगी. सामूहिक दुष्कर्म की धारा 70 होगी, हत्या के लिए धारा 302 की जगह धारा 101 होगी. भारतीय न्याय संहिता में 21 नये अपराधों को जोड़ा गया है, जिसमें एक नया अपराध मॉब लिंचिंग है. इसमें मॉब लिंचिंग पर भी कानून बनाया गया है. 41 अपराधों में सजा को बढ़ाया गया है. साथ ही 82 अपराधों में जुर्माना बढ़ाया गया है.
आइए बताते हैं कुछ अहम बदलाव के बारे में
कानून में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर एक नया अध्याय जोड़ा गया है. इसमें बच्चे को खरीदना या बेचना एक जघन्य अपराध की श्रेणी में रखा गया है, जिसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है.
नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म के लिए मौत की सजा या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है.
नए कानून के मुताबिक, आपराधिक मामलों में सुनवाई समाप्त होने के 45 दिनों के भीतर फैसला आएगा. पहली सुनवाई के 60 दिनों के भीतर आरोप तय किए जाएंगे. सभी राज्य सरकारों को गवाहों की सुरक्षा और सहयोग सुनिश्चित करने के लिए गवाह सुरक्षा योजनाएं लागू करना होगा.
बलात्कार पीड़िताओं के बयान महिला पुलिस अधिकारी की ओर से पीड़िता के अभिभावक या रिश्तेदार की मौजूदगी में दर्ज किए जाएंगे. मेडिकल रिपोर्ट सात दिनों के भीतर पूरी होनी चाहिए.
नये कानून में अब उन मामलों के लिए सजा का प्रावधान शामिल है, जिसके तहत महिलाओं को शादी का झूठा वादा करके या गुमराह करके छोड़ दिया जाता है.
अब गंभीर अपराधों के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों का घटनास्थल पर जाना और साक्ष्य एकत्र करना अनिवार्य होगा.
इसके अलावा नए कानून में महिलाओं के खिलाफ अपराध के पीड़ितों को 90 दिनों के भीतर अपने मामलों पर नियमित अपडेट प्राप्त करने का अधिकार होगा. सभी अस्पतालों को महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराध के मामले में मुफ्त इलाज करना जरूरी होगा.
आरोपी और पीड़ित दोनों को 14 दिनों के भीतर एफआईआर, पुलिस रिपोर्ट, चार्जशीट, बयान, इकबालिया बयान और अन्य दस्तावेजों की कॉपी प्राप्त करने का अधिकार है.
इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक संचार के माध्यम से घटनाओं की रिपोर्ट की जा सकेगी, जिससे पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत समाप्त हो सकेगी. साथ ही व्यक्ति FIR को अपने अधिकार क्षेत्र वाले थाने के बजाए भी दर्ज करा सकता है.
लिंग की परिभाषा में अब ट्रांसजेंडर लोग भी शामिल होंगे, जो समानता को बढ़ावा देता है. महिलाओं के खिलाफ कुछ अपराधों के लिए जब भी संभव हो, पीड़ित के बयान महिला मजिस्ट्रेट की ओर से ही दर्ज किए जाने का प्रावधान है.
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Bihar Politics : प्रशांत किशोर ने सीधे तौर पर यह कह दिया कि इस बार नीतीश बाबू जो बात करना है कर लीजिए. विधानसभा के बाद जनता ऐसे कुर्सी से उतारेगी कि कुछ बात करने लायक नहीं रहेंगे.
Prashant Kishor
Prashant Kishore : जेडीयू कार्यकारणी की बैठक के बीच जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार पर जोरदार हमला करते हुए बोला है कि बिहार की जनता इस बार कुर्सी से उन्हें ऐसा उतारेगी की कुछ बात करने लायक नहीं रहेंगे. सही नियत से किया गया काम कभी बेकार नहीं जाता.
नीतीश कुमार पर प्रशांत किशोर काहमला
Prashant Kishore ने कहा कि लोकसभा चुनाव में अगर बीजेपी को बड़ा बहुमत आ जाता तो एक बार में नीतीश कुमार की कहानी बीजेपी खत्म कर देती और अपने लोग को कुर्सी पर बैठा सकती थी. Bihar की जनता को लगता कि बीजेपी का नया मुख्यमंत्री बना है तो क्यों न इनको मौका दिया जाये.
वहीं जेडीयू के नेताओं का कहना है कि 2024 के चुनाव नतीजों ने देश की राजनीति में यह स्पष्ट कर दिया है कि राजनीति नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द घूमती है. जिनको लगता था कि नीतीश कुमार अब खत्म हो गए हैं, लेकिन इस बार के चुनाव में बिहार ने दिखा दिया कि नीतीश कुमार की प्रासंगिकता आज भी वैसी ही है.
प्रशांत ने आगे कहा कि नियति देखिए और पदयात्रा जो शुद्धता से की जा रही है उसकी ताकत देखिए. ऊपर वालों ने ऐसी व्यवस्था बना दी है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही रहेंगे. बिहार की जनता भी चाहती है कि 2025 के बाद नीतीश कुमार नहीं चाहिए.
प्रशांत किशोर अपनी जन सुराज पार्टीबनाएगें
बता दें कि प्रशांत किशोर कई बार कह चुके हैं नीतीश कुमार को 2025 के विधानसभा चुनाव में जनता नकार देगी, क्योंकि अब प्रशांत किशोर को भी बिहार में अपनी राजनीति करनी है. प्रशांत 2025 से पहले अपनी पार्टी जनसुराज का ऐलान करने वाले हैं. उन्होंने आरजेडी, जेडीयू और बीजेपी से अलग एक नयी पार्टी और नए विजन के साथ लोगों के सामने ऑपशन रखा है.
T20 World Cup 2024: भारत ने डेथ ओ वर में अपना शानदार बॉलिंग की बदौलत साउथ अफ्रीका पर सात रनों से जीत दर्ज की. India ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीत लिया.
T20 World Cup 2024: भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर टी20 वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया. भारत ने सांसें रोक देने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका को 7 रन से हराकर दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीत लिया है. डेथ ओवरों में दमदार गेंदबाजी की बदौलत भारत ने दक्षिण अफ्रीका को जीत की दहलीज से वापस भेज दिया. भारत की इस जीत पर देश के कई नेताओं ने बधाई दी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो संदेश जारी कर टीम इंडिया को बधाई दी. उन्होंने कहा, “इस भव्य विजय के लिए सभी देशवासियों की तरफ से बहुत-बहुत बधाई. आज 140 करोड़ देशवासी आपके शानदार प्रदर्शन को लेकर गर्व महसूस कर रहे हैं. खेल के मैदान में आपने वर्ल्ड कप जीता, लेकिन देश के गांव, गली महल्लों में आपने सबका दिल जीत लिया है.”
कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर टीम इंडिया को जीत की बधाई दी. कांग्रेस ने लिखा, “भारतीय क्रिकेट टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए साउथ अफ्रीका को हराकर T20 वर्ल्डकप जीत लिया है. पूरे देश को टीम इंडिया पर नाज़ है. हर खिलाड़ी ने देश को गौरवान्वित किया है.”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने टीम इंडिया को बधाई देते हुए एक्स पोस्ट कर कहा, “रोमांचक फाइनल में टीम इंडिया ने 17 साल बाद टी-20 वर्ल्ड कप जीता. मैच में विराट कोहली, अक्षर पटेल और अर्शदीप सिंह चमके. इस अविश्वसनीय जीत पर हर भारतीय को गर्व है. आपकी उपलब्धियों का हमेशा जश्न मनाया जाएगा और उन्हें संजोया जाएगा. हम भविष्य के मैचों में आपका समर्थन और उत्साहवर्धन जारी रखने के लिए तत्पर हैं.”
विराट कोहली प्लेयर ऑफ दी मैच
विराट कोहली को प्लेयर ऑफ दी मैच दिया गया. विराट ने फाइनल मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी की. उन्होंने 59 गेंदों का सामना किया, जिसमें 6 चौकों और दो छक्कों की मदद से 76 रन बनाए.
2007 में धोनी ने दिलाया था भारत को ट्रॉफी
भारत ने 2007 में पहला टी20 विश्व कप जीता था और आखिरी आईसीसी खिताब 2013 में महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में दक्षिण अफ्रीका में चैम्पियंस ट्रॉफी जीती थी. पिछले साल भारत में वनडे विश्व कप फाइनल में टीम आस्ट्रेलिया से हार गई थी.
भारत की ओर से हार्दिक पांड्या ने चटकाए सबसे अधिक विकेट
भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट हार्दिक पांड्या ने चटकाए. उन्होंने 3 ओवर में 20 रन देकर तीन विकेट लिए्, जबकि अर्शदीप सिंह और जसप्रीत बुमराह ने दो-दो विकेट चटकाए. अक्षर पटेल ने एक विकेट लिए.
दक्षिण अफ्रीका की ओर से हेनरिक क्लासेन ने सबसे ज्यादा रन बनाया
दक्षिण अफ्रीका की ओर से हेनरिक क्लासेन ने सबसे ज्यादा रन बनाया. उन्होंने 27 गेंदों में 5 छक्कों और 2 चौकों की मदद से 52 रन बनाए. डीकॉक ने 31 गेंदों में 4 चौकों और एक छक्के की मदद से 39 रन की पारी खेली. स्टब्स ने 21 गेंदों में 3 चौकों और एक छक्के की मदद से 31 रन की पारी खेली.
जानिए..कैसे मुश्किल में फंस कई थी टीम इंडिया
रोहित शर्मा की ही तरह शानदार फॉर्म में चल रहे सूर्यकुमार यादव के आउट होने से भारत को हरारा झटका लगा. उन्हें कैगिसो रबाडा ने फाइन लेग पर कैच आउट कराया. भारत ने पावरप्ले के भीतर ही तीन विकेट गंवा दिये. छह ओवर के बाद भारत का स्कोर तीन विकेट पर 45 रन था. दूसरे छोर से विकेटों का पतन देख रहे कोहली ने बीच के ओवरों में संभलकर खेला. उन्होंने पहले ही ओवर में हालांकि मार्को जेनसन को तीन चौके लगाये थे. कोहली ने अपनी पारी का पहला छक्का रबाडा को 18वें ओवर में लगाया. दूसरे छोर से अक्षर ने अपने टी20 कैरियर की सबसे उपयोगी पारी खेलते हुए दक्षिण अफ्रीका के स्पिनरों को अच्छे स्ट्रोक्स लगाये. उन्होंने एडेन माक्ररम, महाराज और तबरेज शम्सी को एक एक छक्का लगाया. इसके अलावा रबाडा को भी गगनभेदी छक्का जड़ा. भारत ने सातवें से 15वें ओवर के बीच में 72 रन बनाये और अक्षर का विकेट गंवाया. रबाडा की उछलती गेंद पर कोहली एक रन लेना चाहते थे लेकिन गेंद विकेटकीपर क्विंटोन डिकॉक के पास गई और दूसरे छोर से अक्षर काफी आगे आ चुके थे. डिकॉक ने गिल्लियां बिखेरने में देर नहीं की. शिवम दुबे ने 17 गेंद में 27 रन बनाये. कोहली ने आखिरी पांच ओवर में दो छक्के जड़े. भारत ने आखिरी पांच ओवर में 58 रन बनाये और तीन विकेट गंवाये.
Bihar Special Status: केंद्र सरकार से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलने की मांग लंबे समय से की जा रही है.RJD भी पहले JDU से गुजारिश कर चुकी है कि उसे केंद्र सरकार से बिहार को उसका हक मिलना चाहिए.
Bihar Special Status : JDU की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है. कार्यकारिणी की बैठक दिल्ली में हुई है. संजय झा पार्टी के पहले कार्यकारी अध्यक्ष हैं. बैठक में संजय झा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव खुद पार्टी अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लेकर पहुंचे. बैठक में पार्टी को अपना पहला कार्यकारी अध्यक्ष मिला है, वहीं कार्यकारी अध्यक्ष बनते ही BJP की टेंशन भी बढ़ा दी है.
जेडीयू की बैठक में इस बात को माना गया कि बिहार को विशेष राज्य के दर्जा दिए जाने का इंतजार काफी लंबे समय से है. बिहार के लिए केंद्र सरकार से स्पेशल कैटेगरी स्टेटस (विशेष राज्य) देने या स्पेशल पैकेज की मांग कर एक प्रस्ताव भी पारित हुआ. राज्य के आर्थिक विकास के लिए इस पर फैसला करना बेहद जरूरी हो गया है.
#WATCH | Delhi: After party's national executive meeting, JD(U) leader KC Tyagi says, "…He (CM Nitish Kumar) has announced in front of the national executive that now he will always be a part of the NDA alliance. We will go to the Supreme Court regarding the reservation stayed… pic.twitter.com/P1wpMEEin4
सुप्रीम कोर्ट में देंगे बिहार आरक्षण कानून को चुनौती
जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा कि बिहार आरक्षण कानून पर लगी रोक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी. उन्होंने कहा कि हम बिहार को विशेष राज्य का दर्ज दिलाने के लिए लड़तेरहेंगे. केसी त्यागी ने कहा, “उन्होंने (सीएम नीतीश कुमार) राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सामने ऐलान किया है कि अब वह हमेशा एनडीए गठबंधन का हिस्सा रहेंगे.
लड़ते रहेंगे बिहार के विशेष दर्जे के लिए
जेडीयू के वरिष्ठ नेता ने कहा, “राज्यसभा सांसद संजय झा को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है. हम विशेष दर्जा और आर्थिक पैकेज के लिए लड़तेरहेंगे.” जेडीयू नेता अशोक चौधरी ने कहा कि 2025 विधानसभा चुनाव में अभी बहुत समय है. बैठक में नीट को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया है. संजय झा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है. वह पार्टी को मजबूत करेंगे. पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया जाएगा. राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में तय हुआ कि 2025 का चुनाव नीतीश की अगुवाई में लड़ाजाएगा.