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Ashes 2025-26 : सिडनी में स्टार्क ने फिर झुकाया स्टोक्स का सिर, टेस्ट इतिहास में बनाया नया रिकॉर्ड

Ashes 2025-26
सिडनी में स्टार्क ने फिर झुकाया स्टोक्स का सिर.

Ashes 2025-26: एशेज सीरीज 2025-26 के आखिरी टेस्ट में मिचेल स्टार्क ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बेन स्टोक्स उनके सामने क्यों असहज नजर आते हैं. सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ने इंग्लैंड के कप्तान को आउट कर ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया, जो अब तक कोई गेंदबाज नहीं बना पाया था. यह विकेट स्टार्क के करियर की एक और बड़ी उपलब्धि बन गया.

नई गेंद के साथ स्टार्क की सटीक शुरुआत

पहली पारी में गेंद संभालते ही स्टार्क ने इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बना दिया. 51वें ओवर में आई वह गेंद निर्णायक साबित हुई, जब स्टोक्स गेंद की मूवमेंट को पढ़ नहीं सके. हल्का सा एज लगा और विकेट के पीछे खड़े एलेक्स कैरी ने मौका नहीं गंवाया. मैदानी अंपायर ने पहले नॉटआउट दिया, लेकिन स्टीव स्मिथ के रिव्यू ने फैसला पलट दिया. स्टोक्स बिना खाता खोले 11 गेंदों में पवेलियन लौटे.

स्टोक्स बनाम स्टार्क: आंकड़े साफ कहानी कहते हैं

इस विकेट के साथ स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट में बेन स्टोक्स को 14वीं बार आउट किया. इसी के साथ उन्होंने रविचंद्रन अश्विन को पीछे छोड़ते हुए यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. अश्विन ने स्टोक्स को 13 बार आउट किया था. अब इस सूची में स्टार्क सबसे ऊपर हैं, जबकि नाथन लियोन और रवींद्र जडेजा उनके बाद आते हैं. यह आंकड़े बताते हैं कि स्टोक्स के लिए स्टार्क लंबे समय से सबसे कठिन गेंदबाज रहे हैं.

पूरी सीरीज में संघर्ष करते दिखे इंग्लैंड कप्तान

मौजूदा एशेज सीरीज में बेन स्टोक्स का बल्ला अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका. खासकर स्टार्क के सामने उनका रिकॉर्ड बेहद कमजोर रहा. इस सीरीज में स्टोक्स ने स्टार्क की 114 गेंदों पर सिर्फ 39 रन बनाए हैं और उनका औसत 7.80 रहा है. पांच बार वह इसी गेंदबाज का शिकार बने हैं, जो इंग्लैंड के लिए चिंता का विषय रहा.

स्टार्क के करियर का अहम मोड़

स्टोक्स को आउट करना मिचेल स्टार्क का टेस्ट करियर का 430वां विकेट था. इस एशेज सीरीज में वह अब तक 28 बल्लेबाजों को पवेलियन भेज चुके हैं. टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफल लेफ्ट आर्म गेंदबाज बनने से स्टार्क अब सिर्फ चार विकेट दूर हैं. अगर वह यह आंकड़ा छू लेते हैं तो रंगना हेराथ को पीछे छोड़ देंगे, जिन्होंने 93 टेस्ट मैचों में 433 विकेट हासिल किए थे.

जो रूट ने संभाली इंग्लैंड की पारी

इंग्लैंड की ओर से जो रूट एक बार फिर संकटमोचक की भूमिका में नजर आए. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट का अपना 41वां शतक पूरा किया. माइकल नेसर की गेंद पर दो रन लेकर रूट ने इस उपलब्धि तक पहुंच बनाई. हालांकि कप्तान स्टोक्स का जल्दी आउट होना इंग्लैंड के लिए बड़ा झटका साबित हुआ. अब दूसरी पारी में स्टोक्स के पास खुद को साबित करने का अंतिम अवसर होगा.

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Assam Earthquake Video : कैमरे में कैद भूकंप की दहशत, जलते-बुझते नजर आए बल्ब, कांपी धरती

Earthquake
बंगाल में चार दिनों में 39 झटकों से दहशत.

Assam Earthquake Video : असम के मध्य हिस्से में सोमवार तड़के भूकंप के तेज झटकों से लोग सहम गए. भूकंप की तीव्रता 5.1 मापी गई है. हालांकि अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है. भूकंप इतना तेज था कि कई इलाकों में लोग नींद से जाग गए और घरों से बाहर निकल आए.

मोरीगांव में था भूकंप का केंद्र

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की ओर से जारी जानकारी के अनुसार भूकंप सुबह 4 बजकर 17 मिनट पर दर्ज किया गया. इसका केंद्र ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी किनारे स्थित मोरीगांव जिला रहा. भूकंप की गहराई जमीन के भीतर करीब 50 किलोमीटर बताई गई है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भूकंप के वीडियो

भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. इन वीडियो में घरों के भीतर रखे सामान के हिलने और बिजली के बल्बों के अचानक जलने-बुझने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं, जिससे भूकंप की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है.

असम के कई जिलों में महसूस हुए झटके

भूकंप का असर असम के बड़े हिस्से में देखा गया. कामरूप महानगर, नगांव, पूर्वी व पश्चिमी कार्बी आंगलोंग, होजाई, दीमा हसाओ, गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव, कछार, करीमगंज, हैलाकांडी, धुबरी, दक्षिण शालमारा-मानकाचर और ग्वालपाड़ा जिलों में लोगों ने झटके महसूस किए.

इसके अलावा ब्रह्मपुत्र के उत्तरी तट के दर्रांग, तामुलपुर, सोनितपुर, बिश्वनाथ, उदलगुड़ी, नलबाड़ी, बजाली, बारपेटा, बक्सा, चिरांग, कोकराझार, बोंगाईगांव और लखीमपुर जिलों में भी धरती हिलती महसूस की गई.

अन्य राज्यों और पड़ोसी देशों में भी असर

भूकंप का असर असम तक सीमित नहीं रहा. अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों के अलावा पूरे मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी झटके महसूस किए गए. पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भी लोगों ने कंपन महसूस होने की बात कही है. इसके साथ ही भूटान, बांग्लादेश और चीन के कुछ क्षेत्रों में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए.

भूकंप के बाद घरों से बाहर निकले लोग

अचानक आए भूकंप से लोग घबरा गए और कई स्थानों पर लोग अपने घरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों में इकट्ठा होते नजर आए. प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है पूर्वोत्तर भारत

विशेषज्ञों के अनुसार पूर्वोत्तर भारत भूकंपीय जोन में आता है, जहां भूकंप की घटनाएं अपेक्षाकृत अधिक होती हैं. ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है.

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बिहार में फिर चलेंगी बंद चीनी मिलें, गन्ना मंत्री ने किया एलान!

Bihar Sugarcane Industries
बिहार में फिर चलेंगी बंद चीनी मिलें.

Bihar Sugarcane Industries News : बिहार सरकार ने वर्षों से ठप पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने की दिशा में ठोस पहल शुरू कर दी है. राज्य के गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान ने स्पष्ट किया कि एनडीए सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है. उनका कहना है कि मिलों के पुनः संचालन से गन्ना उत्पादकों को सीधा फायदा मिलेगा, साथ ही ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

बांका में एनडीए कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत

रविवार की शाम गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान बांका जिले के अमरपुर शहर पहुंचे. गोला चौक स्थित एक व्यावसायिक परिसर में उनके आगमन पर एनडीए कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया. संजय पासवान बेगूसराय जिले के बखरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के वरिष्ठ नेता भी हैं.

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चीनी मिलों के पुनरुद्धार के लिए विशेष समिति गठित

मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने के लिए सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में एक विशेष समिति का गठन किया है. यह समिति तेजी से काम कर रही है और सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य समय पर मिले. सरकार चाहती है कि बिहार एक बार फिर चीनी उत्पादन के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाए.

एनडीए कार्यकर्ताओं के साथ हुई चर्चा

अमरपुर में आयोजित बैठक के दौरान मंत्री ने एनडीए कार्यकर्ताओं से संवाद किया. इस दौरान क्षेत्र से जुड़ी कई समस्याओं को उनके सामने रखा गया. मंत्री संजय पासवान ने सभी मुद्दों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया. बैठक में बड़ी संख्या में एनडीए के कार्यकर्ता मौजूद रहे.

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Bhagalpur News : भागलपुर स्टेशन से 54 बोतल शराब के साथ युवक गिरफ्तार, RPF ने एक्साइज को सौंपा

Bhagalpur Rpf
भागलपुर स्टेशन से 54 बोतल शराब के साथ युवक गिरफ्तार.

Bhagalpur News : भागलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर छह पर गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने एक युवक को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया. यह कार्रवाई आज दिनांक 4 जनवरी 2026 को प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार गिरी के नेतृत्व में उप निरीक्षक कोमल स्मृति एवं पोस्ट के अन्य स्टाफ द्वारा की गई.

छापेमारी के दौरान पुलिस ने अल्ताफ अंसारी (उम्र 22 वर्ष), निवासी गोड्डा, झारखंड को 54 बोतल शराब के साथ पकड़ा. कार्रवाई दोपहर करीब 12.30 बजे की गई.

मौके पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरफ्तार युवक एवं बरामद शराब को आगे की कार्रवाई के लिए एक्साइज डिपार्टमेंट, भागलपुर को सुपुर्द कर दिया गया. एक्साइज विभाग द्वारा मामले में अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है.

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Tur Dal Chaat Ki Recipe : शाम की भूख के लिए हेल्दी ऑप्शन; घर पर ऐसे बनाएं तूर दाल की चटपटी चाट

Tur Dal Chaat Ki Recipe
शाम की भूख के लिए हेल्दी ऑप्शन.

Tur Dal Chaat Ki Recipe : अगर आप शाम के समय कुछ हल्का, पौष्टिक और स्वाद से भरपूर खाने का मन बना रहे हैं, तो तूर दाल से बनी चाट एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. आमतौर पर दाल को रोज़मर्रा के खाने तक सीमित समझा जाता है, लेकिन इससे स्वादिष्ट चाट भी तैयार की जा सकती है. तूर दाल में प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन को बेहतर रखने में मदद करता है. कम तेल और आसान सामग्री से बनने वाली यह चाट बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है.

तूर दाल चाट के लिए जरूरी सामग्री

  1. उबली हुई तूर दाल – 1 कप
  2. प्याज – 1 (बारीक कटा)
  3. टमाटर – 1 (बारीक कटा)
  4. हरी मिर्च – 1 (बारीक कटी)
  5. हरा धनिया – थोड़ी मात्रा (कटा हुआ)
  6. नींबू का रस – स्वाद अनुसार
  7. चाट मसाला – 1 चम्मच
  8. भुना जीरा पाउडर – आधा चम्मच
  9. नमक – स्वादानुसार
  10. लाल मिर्च पाउडर – इच्छानुसार
  11. इमली की चटनी – वैकल्पिक

तूर दाल चाट बनाने का तरीका

सबसे पहले दाल तैयार करें

तूर दाल को धोकर प्रेशर कुकर में उबाल लें. ध्यान रखें कि दाल ज्यादा न गले, केवल नरम रहे.

दाल को ठंडा होने दें

उबालने के बाद दाल का अतिरिक्त पानी निकाल दें और इसे ठंडा होने दें, ताकि चाट का टेक्सचर सही रहे.

सब्ज़ियां मिलाएं

अब एक बर्तन में दाल डालें और इसमें प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया डालकर हल्के हाथ से मिलाएं.

मसालों से बढ़ाएं स्वाद

इस मिश्रण में नमक, चाट मसाला, भुना जीरा पाउडर, लाल मिर्च और नींबू का रस डालें. सभी चीज़ों को अच्छी तरह मिलाएं.

चटनी डालें (अगर चाहें)

खट्टा-मीठा स्वाद पसंद करने वालों के लिए इसमें इमली की चटनी भी डाली जा सकती है.

परोसने का तरीका

तैयार चाट को तुरंत परोसें. ऊपर से हरा धनिया या सेव डालकर इसे और आकर्षक बनाया जा सकता है.

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Road Accident : दानापुर में हाईवा से टकराई इनोवा क्रिस्टा, युवक की मौत

road accident
दानापुर में हाईवा से टकराई इनोवा क्रिस्टा।

Road Accident : दानापुर में रूपसपुर थाना क्षेत्र के रूपसपुर ओवरब्रिज पर शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ. तेज रफ्तार इनोवा क्रिस्टा कार ने आगे चल रहे हाईवा में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. हादसे में कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई.

कार के उड़ गए परखच्चे

टक्कर इतनी थी कि इनोवा क्रिस्टा के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए. कार चालक वाहन के अंदर बुरी तरह फंस गया, जिससे उसे बाहर निकालने में काफी समय लगा.

मौके पर पहुंची पुलिस

हादसे की सूचना मिलते ही रूपसपुर थानाध्यक्ष शशि भूषण सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. कड़ी मशक्कत के बाद चालक को कार से बाहर निकाला गया और गंभीर हालत में राजा बाजार स्थित पारस अस्पताल ले जाया गया.

अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने चालक को मृत घोषित कर दिया. मृतक की पहचान हवाई अड्डा थाना क्षेत्र के जगदेव पथ स्थित निकेत आनंद के रूप में हुई है.

घर लौटते समय हुआ हादसा

मृतक के भाई नवीन कुमार ने बताया कि निकेत शनिवार रात गोला रोड से अपनी इनोवा क्रिस्टा कार से घर लौट रहा था. इसी दौरान रूपसपुर ओवरब्रिज पर यह हादसा हुआ.

परिजनों में कोहराम

मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. घर में चीख-पुकार मच गई और परिजन रो-रोकर बेहाल हो गए.

हाईवा जब्त, चालक गिरफ्तार

पुलिस ने हादसे में शामिल हाईवा को जब्त कर लिया है और उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है. पूरे मामले की जांच की जा रही है.

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जेल में बंद आरजेडी नेता मुन्ना शुक्ला की तबीयत बिगड़ी, पटना के IGIMS में इलाज जारी

Munna Shukla
मुन्ना शुक्ला की तबीयत बिगड़ी.

Munna Shukla: भागलपुर जेल में बंद आरजेडी के बाहुबली नेता मुन्ना शुक्ला की तबीयत अचानक खराब हो गई है. स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने के बाद उन्हें भागलपुर जेल से पटना स्थित बेऊर जेल में स्थानांतरित किया गया. फिलहाल मुन्ना शुक्ला का इलाज पटना के IGIMS अस्पताल में किया जा रहा है.

मुन्ना शुक्ला को कौन-सी स्वास्थ्य समस्या हुई?

करीब 15 दिन पहले मुन्ना शुक्ला को आंख में दर्द की शिकायत हुई थी. शुरुआत में उनका इलाज भागलपुर में ही कराया गया था, लेकिन लगातार परेशानी बने रहने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें पटना जाकर बेहतर इलाज कराने की सलाह दी.

जेल प्रशासन के मुताबिक, जांच के दौरान मुन्ना शुक्ला की आंख के रेटिना में समस्या पाई गई. हालात गंभीर होते देख जेल प्रशासन ने तुरंत उन्हें पटना के बेऊर जेल में शिफ्ट करने का फैसला लिया. इसके बाद उन्हें IGIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है. जानकारी के अनुसार, उनका मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाना है और इलाज की प्रक्रिया फिलहाल जारी है.

चुनाव से पहले बदली गई थी जेल

बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ही मुन्ना शुक्ला को लालगंज जेल से भागलपुर जेल ट्रांसफर किया गया था. उस समय आरोप लगाया गया था कि वे जेल में रहते हुए फोन के जरिए कुछ लोगों से बातचीत कर रहे थे, जिससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी. इसी कारण प्रशासन ने उन्हें दूसरी जेल में शिफ्ट किया था. हालांकि, उस वक्त उनकी बेटी शिवानी शुक्ला ने बिहार सरकार पर साजिश के तहत उनके पिता को शिफ्ट करने का आरोप लगाया था.

किस मामले में हैं जेल में बंद

गौरतलब है कि पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद हत्याकांड में विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला को दोषी ठहराया गया है. अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इस फैसले के खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जहां फिलहाल मामले में फैसला सुरक्षित रखा गया है. अब देखना होगा कि इलाज के बाद उनकी सेहत में कब तक सुधार होता है.

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Bihar RERA : बिहार में अब घर खरीदना सुरक्षित, रेरा दिखाएगा भरोसेमंद बिल्डर

Bihar RERA
बिहार में अब घर खरीदना सुरक्षित. (Photo : AI)

Bihar RERA : बिहार में फ्लैट या प्लॉट खरीदने वाले लोगों के लिए अब एक बड़ी सुविधा शुरू हो गई है.
अब यह आसानी से देखा जा सकता है कि कौन सा रियल एस्टेट प्रोजेक्ट भरोसेमंद है और किस बिल्डर की प्रगति समय पर हो रही है. बिहार रियल एस्टेट रेगुलरिटी अथॉरिटी (RERA) ने सभी निबंधित प्रोजेक्ट और बिल्डरों की नई रैंकिंग जारी की है, जिसे उनकी वेबसाइट पर एक क्लिक में देखा जा सकता है.

खरीदारी से पहले समझ पाएंगे जोखिम

नई रैंकिंग में यह साफ किया गया है कि कौन-से प्रोजेक्ट में निर्माण समय पर चल रहा है, खरीदारों से प्राप्त राशि सही तरीके से खर्च हो रही है या नहीं और कितनी शिकायतें दर्ज हैं.
इससे घर खरीदने वाले पहले से बेहतर अंदाजा लगा सकते हैं कि प्रोजेक्ट कितना सुरक्षित है और जोखिम कितना है.

खरीदारों के सामने आएगी सच्चाई

अब तक ज्यादातर खरीदार केवल बिल्डर के दावों पर भरोसा करते थे, लेकिन रेरा की इस नई व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो गई है.
तिमाही प्रगति रिपोर्ट (QPR) की नई ऑनलाइन प्रणाली में सभी बिल्डरों को समान फॉर्मेट में जानकारी देना आवश्यक है, जिससे आंकड़े आसानी से समझे जा सकते हैं.

RERA अध्यक्ष का संदेश

रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने कहा कि यह पहल घर खरीदारों का भरोसा बढ़ाएगी और बिल्डरों पर समय से और ईमानदारी से काम पूरा करने का दबाव बनेगा. उन्होंने खरीदारों से अपील की है कि जो लोग निबंधित प्रोजेक्ट में बुकिंग करा चुके हैं, वे अपनी जानकारी रेरा की वेबसाइट पर अपडेट करें.
इससे वे अपने प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी सीधे मोबाइल पर देख सकेंगे.

खरीदार कर सकते हैं तुलना

RERA की नई पहल से खरीदार अब विभिन्न प्रोजेक्ट और बिल्डरों के प्रदर्शन की तुलना कर सकते हैं.
बिहार रियल एस्टेट प्रोजेक्ट क्वालिटी (BRQ) के तहत परियोजनाओं का मूल्यांकन उनके निर्माण की गति, पैसे के सही उपयोग और शिकायतों की स्थिति के आधार पर किया जाता है.
वहीं बिल्डर क्वालिटी (BPQ) उनके अनुभव, सक्रिय प्रोजेक्ट की संख्या और समय पर निर्माण पूरा करने की क्षमता को ध्यान में रखकर तय की जाती है.

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Jharkhand Weather : झारखंड में कोहरा का कहर; 4 से 6 जनवरी के बीच ठंड और बढ़ेगी, 15 जिलों में येलो अलर्ट जारी

Cold Wave Alert
4 से 6 जनवरी के बीच ठंड और बढ़ेगी.

Jharkhand Weather : झारखंड में मौसम की स्थिति को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कई जिलों के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी है. विभाग ने राज्य के 15 जिलों में अगले दो दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है. यह चेतावनी 4 जनवरी को सुबह 8:30 बजे तक प्रभावी रहेगी.

मौसम विभाग के अनुसार गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में दृश्यता कम रहने की आशंका है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है.

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गुमला में दर्ज हुआ सबसे कम तापमान

ताजा मौसम आंकड़ों के मुताबिक राज्य में सबसे अधिक ठंड गुमला में महसूस की गई, जहां न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. डाल्टनगंज और पाकुड़ में तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि खूंटी में यह 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 12.3 डिग्री सेल्सियस रहा.

आने वाले दिनों में और बढ़ेगी ठंड

रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 4 जनवरी से 6 जनवरी के बीच तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है. उनके अनुसार इस अवधि में न्यूनतम तापमान करीब तीन डिग्री सेल्सियस तक और नीचे जा सकता है, जिससे ठंड का असर और तेज होगा.

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School Closed in Katihar : कटिहार में गिरते तापमान के बीच प्रशासन का फैसला, कक्षा 1 से 5 तक स्कूल बंद

school closed
कटिहार में फिर कक्षा 8 तक के स्कूल.

School Closed in Katihar : कटिहार जिले में पड़ रही तेज ठंड ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है. मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्राथमिक स्तर के बच्चों के लिए स्कूल संचालन पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया है. जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के निर्देश पर इससे जुड़ा आदेश जारी किया गया है.

मौसम की स्थिति को देखते हुए लिया गया निर्णय

प्रशासन का कहना है कि जिले में लगातार कम तापमान बना हुआ है, जिससे छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है. इसी आधार पर एहतियातन यह कदम उठाया गया है.

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प्राथमिक स्तर की पढ़ाई पर अस्थायी रोक

जारी निर्देशों के अनुसार कटिहार जिले के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा एक से लेकर कक्षा पांच तक की पढ़ाई 6 जनवरी तक नहीं होगी. यह व्यवस्था प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी लागू रहेगी.

उच्च कक्षाओं के लिए सीमित समय में स्कूल संचालन

कक्षा छह और उससे ऊपर के छात्रों के लिए स्कूल बंद नहीं किए गए हैं, लेकिन उनके लिए समय सारिणी में बदलाव किया गया है. अब इन कक्षाओं की पढ़ाई केवल सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे के बीच ही कराई जा सकेगी. तय समय के अलावा कोई भी शैक्षणिक गतिविधि मान्य नहीं होगी.

आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर अलग व्यवस्था

बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों को सीमित अवधि के लिए खोलने की अनुमति दी गई है. ये केंद्र दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक संचालित होंगे ताकि बच्चों को गर्म भोजन दिया जा सके.

स्कूल प्रबंधन को दिए गए स्पष्ट निर्देश

जिला प्रशासन ने सभी विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे बदली हुई समय-सारिणी के अनुसार अपनी कक्षाओं और गतिविधियों की योजना तैयार करें.

अन्य कार्य सामान्य रूप से चलते रहेंगे

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह आदेश केवल शिक्षण कार्यों पर लागू होगा. स्कूलों और संस्थानों से जुड़े प्रशासनिक और कार्यालयीन कार्य पहले की तरह जारी रहेंगे.

प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए चल रही कक्षाएं और निर्धारित परीक्षाएं इस आदेश के दायरे में शामिल नहीं हैं. इनसे संबंधित सभी कार्यक्रम अपने तय शेड्यूल के अनुसार चलते रहेंगे.

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