ग्रुप A में भारत, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश
पाकिस्तान जाकर भारत के खेलने में संशय बरकरार
IND vs PAK Champions Trophy 2025: टूर्नामेंट अब 19 फरवरी से 9 मार्च के बीच खेला जायेगा. आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी पाकिस्तान कर रहा है. भारत और पाकिस्तान के बीच 1 मार्च 2025 को लाहौर में होगा. सिर्फ बीसीसीआई की ओर से सहमति बाकी है.
पीसीबी ने चैंपियंस ट्रॉफी के अस्थायी कार्यक्रम में 1 मार्च को भारत और पाकिस्तान का मैच रखा है. सिर्फ अभी बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड) की ओर से सहमति बाकी है. यह जानकारी बुधवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) बोर्ड के एक सीनियर सदस्य ने दी है. टूर्नामेंट अगले साल 19 फरवरी से नौ मार्च तक खेला जाएगा, जिसमें 10 मार्च ‘रिजर्व डे’ होगा. पता चला है कि पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने 15 मैच का कार्यक्रम सौंप दिया है, जिसमें भारत के मैच सुरक्षा और ‘लॉजिस्टिकल’ कारणों से लाहौर में ही रए गए हैं.
क्या पाकिस्तान जाएगा भारत?
पिछली बार पाकिस्तान ने 2023 में ‘हाइब्रिड मॉडल’ के हिसाब से एशिया कप की मेजबानी की थी, जिसमें भारत ने अपने मैच श्रीलंका में खेले थे क्योंकि सरकार ने खिलाड़ियों को सीमा के बाहर यात्रा करने की अनुमति नहीं दी थी. सूत्र की मानें, तो ‘आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के प्रतिभागी देशों के (बीसीसीआई के इतर) सभी बोर्ड प्रमुखों ने पूरा समर्थन दिया है, लेकिन बीसीसीआई सरकार से सलाह मशविरा करके आईसीसी को अपडेट करेगा’ आईसीसी किसी भी बोर्ड को अपनी सरकार की नीति के खिलाफ जाने के लिए बाध्य नहीं कर सकता, जिससे यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मामले में बीसीसीआई कब फैसला करता है.
कराची, लाहौर और रावलपिंडी में मैच आईसीसी बोर्ड के सदस्य के अनुसार, ‘पीसीबी ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के 15 मैच के कार्यक्रम का मसौदा सौंप दिया है, जिसमें सात मैच लाहौर में, तीन मैच कराची में और पांच मैच रावलपिंडी में रखे गए हैं. पहला मैच कराची में रखा गया है जबकि दो सेमीफाइनल कराची और रावलपिंडी में जबकि फाइनल लाहौर में कराया जाएगा. भारत के सभी मैच (टीम के क्वालीफाई करने के स्थिति में सेमीफाइनल सहित) लाहौर में रखे गए हैं’
भारत-पाकिस्तान ग्रुप ए में भारत को ग्रुप ए में पाकिस्तान, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के साथ रखा गया है. ग्रुप बी में ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और अफगानिस्तान शामिल हैं हाल में आईसीसी के टूर्नामेंट प्रमुख क्रिस टेटले ने पीसीबी चेयरमैन नकवी से इस्लामाबाद में मुलाकात की थी. इससे पहले विश्व संस्था की सुरक्षा टीम ने स्थल और अन्य इंतजामों का मुआयना किया था.
Hemant Soren News : झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेंगे. इससे पहले चंपई सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.
Champai Soren Resignation: झारखंड के सीएम चंपाई सोरेन ने बुधवार को राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. इसके बाद नयी सरकार के गठन का दावा पेश किया गया है. हेमंत सोरेन राज्य के नये मुख्यमंत्री होंगे. ये निर्णय मुख्यमंत्री आवास में सत्ता पक्ष के विधायकों की बैठक में लिया गया. बैठक में झामुमो, कांग्रेस व राजद के विधायक मौजूद थे.
झारखंड के मुख्यमंत्री बनेंगे हेमंत सोरेन
कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने कहा कि सत्ता पक्ष के विधायकों की बैठक हुई. चंपाई सोरेन अपने पद से इस्तीफा देंगे और हेमंत सोरेन झारखंड के नए मुख्यमंत्री बनेंगे.
इस साल जनवरी में मुख्यमंत्री पद से दिया था इस्तीफा
जमीन घोटाले से जुड़े मनी लाउंड्रिंग मामले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था. इसके बाद उन्होंने 31 जनवरी 2024 की देर रात को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद चंपाई सोरेन नए मुख्यमंत्री बनाए गए थे. 2 फरवरी 2024 को उन्होंने 12वें सीएम के रूप में शपथ ली थी.
चुन लिया हमने नया नेता कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि हमने अपना नया नेता चुन लिया है. चंपाई सोरेन राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे. इसके बाद सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा.
सत्ता पक्ष के विधायकों ने की मुख्यमंत्री आवास पर बैठक
झारखंड में सत्ता पक्ष के विधायकों की बैठक बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में हुई. लंबी चली इस बैठक में तय हुआ कि मुख्यमंत्री चंपई सोरेन अपने पद से इस्तीफा देंगे और हेमंत सोरेन राज्य की बागडोर संभालेंगे. सत्तारुढ़ दल ने राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात का वक्त मांगा. राजभवन से समय मिलने के बाद चंपाई सोरेन व हेमंत सोरेन समेत अन्य नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात की. इसके बाद चंपाई सोरेन ने अपना इस्तीफा सौंप दिया.
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Hathrasभगदड़: हाथरस में सत्संग के दौरान हुए दर्दनाक हादसे के बाद अब तक कुल 121 लोगों की मौत हो चुकी है. कितने लोगों के ऊपर एफआईआर दर्ज हुई है, यह हादसा कैसे हुआ… इस घटना की पूरी जानकारी यहां पढ़ें.
Hathrasभगदड़ : हाथरस में दर्दनाक हादसे होने से 121 लोगों की मौत हो चुकी है. पुलिस ने बाबा के मुख्य सेवादार देवप्रकाश माथुर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है.CM योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को खुद हाथरस पहुंचकर सबसे पहले अस्पतालों में भर्ती घायलों से मुलाकात की. इसके बाद अधिकारियों से हादसे में सभी घायलों और मृतकों के परिवार को हर संभव मदद और मुआवजा देने की बात कही है.
पोस्टमार्टम के रिपोर्ट में जो लिखा है वो इस प्रकार है दक्षिण दिशा 20 एकड़ का भूखंड 7 दिनों की तैयारी में तैयार किया गया था. वहीं जीटी रोड के करीब बाबा का पंडाल लगाया गया था. पंडाल की उत्तरी छोर पर बाबा का मंच बना था. मंच लगभग 10 फीट ऊंचा था. बारिश से बचने के लिए शामियाना भी लगाया गया था. बाबा को घुटनों में दर्द की समस्या है. इसलिए मंच पर चढ़ने वाली सीढ़ियों सिर्फ चार इंच की ऊंचाई पर बनाई गई थी.
अब इतने मरे
हाथरस हादसे में अब तक कुल 121 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, कई घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है. जिनकी हालत गंभीर है. उन्हें दूसरे अस्पतालों में भेजा जा रहा है.
लोगों को रोक रहे थे बाबा के आर्मी
बाबा के लिए हाईवे से मंच पर पहुंचने के लिए 300 मीटर लंबी विशेष खड़ंजे की सड़क बनाई गई थी. 50 फुट बाय 50 फुट राइट का मंच था, सत्संग में पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं थी. बारिश से बचने के लिए नीले रंग के शामियाना का इस्तेमाल किया गया था.10 फीट ऊंचा मंच धातु की रोड और ऊपर बास का प्रयोग किया गया था. आखरी 5 मिनट में भक्तों को बाबा के काफिले के पास जाने से रोकने के लिए बाबा की ब्लैक आर्मी कोशिश कर रही थी.
मरने वालों में महिलाएं और बच्चे
हाथरस हादसे में ज्यादातर मरने वालों में महिलाएं और बच्चे शामिल थे. क्योंकि सभा की जिस ओर महिलाएं व बच्चे खड़ेथे.उस ओर ही लोगों की भीड़ ने हमलावर हो गई थी. जिससे वहां मौजूद महिलाएं और बच्चे इसकी चपेट में आ गए.
अनुमति की सीमा से कितने गुने ज्यादा लोग थे
हाथरस बाबा की सत्संग में प्रशासन की ओर से कुल 80 हजार लोगों की इजाजत दी गई थी. लेकिन सभा स्थल पर 2.5 लाख लोग पहुंच गए थे. प्रशासन की ओर से भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे.जिसके कारण बेकाबू हुई भीड़ के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ.
अब तक की कार्रवाई
हाथरस हादसे के बाद से प्रशासन की ओर से सबसे पहले इस हादसे के लिए जांच टीम बनाई गई. हाथरस भगदड़ स्थल की जांच के लिए फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई है. पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने कहा कि मुख्य सचिव ने शासन के निर्देश को अवगत कराया है. मामले में एफआईआर करवाई जा रही है. सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी. मामले की मंडलायुक्त और एडीजी जोन के द्वारा जांच कराई जा रही है. 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट दी जाएगी. वहीं सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है. वहीं सीएम योगी ने इस पूरी घटना की जांच की रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर मांगी थी.
किन किन के खिलाफ केस दर्ज हुए
सत्संग हादसे में मुख्य सेवादार देवप्रकाश समेत अन्य आयोजकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है. कोतवाली सिकंदराराऊ के एसएचओ आशीष कुमार के मुताबिक इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 110, 126 (2), 223, 238 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है.
कितने केस दर्ज हुए
हाथरस हादसे कांड में अब तक केवल एक ही एफआईआर दर्ज हुई है. वो भी बाबा के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं हुआ है. बाबा के मुख्य सेवादार देवप्रकाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है. वहीं सेवादार को ही इस हादसे का मुख्य आरोपी बनाया गया है.
कब मची भगदड़
बाबा की गाड़ियों का काफिला निकलते ही भक्त दो दिशा से जीटी रोड नेशनल हाईवे की तरफ लोग भागे. पहले दिशा लगभग 10 फुट चौड़ी, 300 मीटर खड़ंजे की अस्थाई सड़क थी, जो बाबा की गाड़ियों के लिए ही बनाई गई थी. दूसरी दिशा से पंडाल का मुख्य द्वार जहां से हज़ारों की संख्या में भक्त हाईवे पहुंचकर बाबा के दर्शन की कोशिश कर रहे थे.बाबा का काफिला आगे निकलते ही लाखों की भीड़ तेजी से नेशनल हाईवे पर पहुंची. लेकिन वहां पहले से मौजूद महिलाओं और बच्चों को सबसे पहले भगदड़ का शिकार होना पड़ा.जीटी रोड की उत्तरी दिशा में मौजूद खेतों में गिरकर, खास तौर पर खेत के पास बनी छोटी नाली में एक के ऊपर एक गिरने से अधिकांश लोगों की मौत हुई.
पुलिस को खबर थी कि भोले बाबा नारायण साकार विश्व बाबा हरि की मैनपुरी जिले के बिछवा इलाके में स्थित राम कुटी आश्रम में छिपा है. पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए पूरी योजना बनाई. पुलिस की टीम ने बाबा को पकड़ने के लिए राम कुटी आश्रम को चारों तरफ से घेर लिया है. यहां कई थानों की टीम मौजूद थी. लेकिन बाबा पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया.
इंतजाम कैसे थे
बाबा के सत्संग के लिए आयोजकों ने 80 हजार लोगों की अनुमति मांगी थी. लेकिन सत्संग के दौरान ढ़ाई लाख के करीब श्रद्धालु पहुंच गए. मगर इसके अनुकूल सुरक्षा और व्यवस्था नहीं की गई थी. बाबा के आयोजकों के साथ-साथ प्रशासन ने भी इस पर लापरवाही बरती. जिसके कारण यह हादसा हुआ.
मुआवजा की घोषणा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाथरस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजन को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाथरस में हुए हादसे में मारे गए प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. इसके अलावा सभी घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.
कितने घायल हैं
हाथरस में सत्संग के दौरान हुई भगदड़ के बाद वहां 121 लोगों की मौत हो गई है. वहीं सैकड़ों घायलों का इलाज जारी है. अभी तक कितने लोग घायल है. इसकी अभी तक कोई भी डेडलाइन जारी नहीं की गई है.
इन अस्पतालों में इलाज चल रहा है
हाथरस में हुए हादसे के बाद मृतकों/घायलों को एटा अस्पताल ले जाया गया था.सिकंदराराऊ स्थित ट्रॉमा सेंटर में भी घायलों को भर्ती कराया गया.इसके साथ ही अलीगढ़ और उसके नजदीक जिलों के अस्पतालों में घायलों को भेजा गया.
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Delhi CM अरविंद केजरीवाल को अभी राहत नहीं मिली है. अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 12 जुलाई तक बढ़ा दी गयी है. दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार (3 जुलाई, 2024) को न्यायिक हिरासत की अवधि को बढ़ा दिया. अब देखना है कि 12 जुलाई को भी राहत मिलती है या नहीं.
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CM Yogi In Hathras: CM योगी आदित्यनाथ Hathras पहुंचे और वहां भगदड़ में पीड़ितों और उनके परिजनों से मुलाकात की. सीएम ने पत्रकारों से वार्ता की और मौके की जानकारी दी.
CM Yogi In Hathras (Source photo: Aaj Tak)
CM Yogi In Hathras : Uttar Pradesh के हाथरस में सत्संग के दौरान मची भगदड़ में घायलों से मिलने पहुंचे सीएम Yogi Adityanath ने बताया कि कुल 121 लोगों की मौत हुई है. मरने वाले 121 लोगों में 6 लोग अन्य राज्यों यानी, एमपी, हरियाणा और राजस्थान से थे. सीएम ने हाथरस के जिला अस्पताल में 31 घायलों से मुलाकात की. पहले राहत और बचाव का कार्य किया गया. इसके बाद कहा कि जो लोग अस्पताल में भर्ती हैं, उसमें अधिकत खतरे से बाहर हैं. उन्होंने कहा कि वहां पीड़ितों से बात की है. यूपी के हाथरस ,बंदायू, एटा, ललितपुर, आगरा, फिरोजाबाद, संभल और पीलीभीत निवासी मारे गए हैं. सीएम ने कहा कि घटना के तह तक जाने के लिये हमने व्यवस्था बनाई है.
सीएम ने बताया कि सेवादारों को धक्का दिया गया. एडीजी आगरा और अलीगढ़ कमिश्नर की कमेटी ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट दी है. उन्हें कहा गया है हादसे तक तह तक जाना है. इस घटना में पहले से एफआईआर दर्ज हो गया है. कारवाई चल रही है.
सीएम ने कहा कि कथावाचक के मंच से उतारने के दौरान कथावाचक को छुने के दौरान महिलाओं का दल आगे गया. इस दौरान हादसा हुआ. सेवादार भी वहां थे. ऐसे मामलों में सेवादार प्रशासन को अंदर नहीं आने देना चाहते. जब स्थिति उनके हाथ से बाहर निकली तब प्रशासन को जानकारी दी.
कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं…’ सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग दुखद घटना में राजनीति कर रहे है. कुछ लोग चोरी भी और सीनाजोरी भी कर रहे. सज्जन के संबध किसके साथ है, ये सब दिख रहा है.
सीएम ने कहा इस घटना के पीछे साजिश है. पहले से एफआईआर दर्ज हो गया है. कारवाई चल रहाी है. सीनियर अधिकारी लगातार कैंप कर रहे है.
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Bihar News : बिहार के भागलपुर में जर्जर जिला अभियोजन का कार्यालय की जगर नया भवन और नवगछिया में नदी थाना भवन बनेगा और इसको मंजूरी मिल गयी है. दोनों भवनों के निर्माण पर करीब 03 करोड़ 15 लाख खर्च ओगा.
Bihar News : भागलपुर में जर्जर जिला अभियोजन कार्यालय की जगह नया भवन और नवगछिया में नदी थाना भवन (जी प्लस वन) को बनाने का निर्माण बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम एजेंसी के माध्यम से करायेगा. भवनों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है. विद्युतीकरण के साथ दोनों जगहों पर बिल्डिंग बनेगा.
File Photo
बिल्डिंग बनाने के लिए बहाल की जाने लगी है एजेंसी
भागलपुर और नवगछिया, दोनों जगहों के बिल्डिंग को बनाने के लिए साल भर का समय निर्धारित किया है. यानी, चयनित एजेंसी के लिए साल भर में बिल्डिंग बनाकर तैयार करना अनिवार्य होगा. कार्य एजेंसी की बहाली की जाने लगी है. जारी निविदा के तहत 29 जुलाई को तकनीकी बिड खोला जायेगा. जितनी भी एजेंसियां टेंडर भरेगी, उनके कागजातों का मूल्यांकन कर फाइनेंसियल बिड खोलेगा और चयनित करेगा. इसके बाद उन्हें वर्क ऑर्डर देकर काम शुरू करने कहा जायेगा.
जानिए… किस पर कितना आयेगा खर्च
भागलपुर में जिला अभियोजन कार्यालय भवन : 01.42 करोड़ रुपये
Rahul Gandhi Speech: लोकसभा में दिए गए राहुल गांधी के भाषण के कुछ अंशों को हटाए जाने पर स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखी है. इसमें कहा कि मैंने सदन में सभी सही बात बोली है.
Rahul Gandhi Speech: लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने भाषण के कुछ हिस्सों को कार्यवाही से हटाने के खिलाफ हैं. स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखी और कहा कि मेरे विचारों को कार्यवाही से हटाना संसदीय लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है. मेरे भाषण के हटा दिए गए हिस्सों को फिर से बहाल किया जाना चाहिए.
Rahul Gandhi
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के भाषण में भी आरोपों की भरमार थी, लेकिन उनकी स्पीच से केवल एक शब्द हटाया गया. भेदभाव समझ के परे है. दरअसल, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान लोकसभा में दिए गए राहुल गांधी के भाषण के कुछ अंश सोमवार (1 जुलाई, 2024) को हटा दिए गए हैं. हटाए गए अंश में हिंदुओं और कुछ दूसरे धर्मों पर उनकी टिप्पणियां शामिल हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि मैंने सदन में सच्चाई रखी
राहुल गांधी ने कहा कि मैंने सदन में सच्चाई रखी. हर सांसद का अधिकार है. संसद में लोगों से जुड़े मुद्दे उठाए. इसको ध्यान में रखते हुए ही मैंने अपना भाषण दिया था. उन्होंने आज सुबह भी कहा कि पीएम Narendra Modi की दुनिया में सच्चाई को मिटाया जा सकता है, हकीकत में नहीं. वहीं, बीजेपी ने राहुल गांधी के लेटर लिखने पर पलटवार किया है.
बीजेपी ने क्या कहा? केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि राहुल गांधी के भाषण का अंश का कुछ हिस्से हटाने का अधिकाऱ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के पास है.
साल 2022 से कोल माइंस को लीज पर देने की चल रही कोशिश, एजेंसी नहीं ले रही रुचि-हाल के कुछ माह पहले नीलामी शिड्यूल को भी किया रिवाइज, फिर भी कोई नहीं आ रहा आगे.
340.35 मिलियन टन कोयले का है भंडार, चयनित एजेंसी को हर साल 17.5 मिलियन टन कोयले का ही कर सकेंगे उत्खननवरीय संवाददाता, भागलपुर
Pirpainti-Kahalgaon-Mahagama : Bihar के भागलपुर जिले के पीरपैंती-कहलगांव-महगााम तीनों के सीमावर्ती क्षेत्र के कोल माइंस को लीज पर देने की फिर से तैयारी होने लगी है. एजेंसी व फर्म का चयन के लिए निविदा मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन लिमिटेड(एमएसटीसी) की ओर से निकाली गयी है. पिछले तीन टेंडर में में सफलता नहीं मिली थी. कार्य एजेंसियों, फर्म व कांट्रैक्टरों की ओर से रूचि नहीं लिए जाने से तीनों बार में टेंडर रद्द करनी पड़ी थी. सीमावर्ती क्षेत्र के लक्ष्मीपुर नॉर्थ, मिरजागांव नॉर्थ व मिरजागांव साउथ कोल माइंस को लीज पर देने के लिए मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन लिमिटेड 3 नवंबर, 2022 से लगातार प्रयासरत है.
File photo
कुछ इस तरह से कोल मांइस के लिए चयनित होगी एजेंसी
coal mines tender : मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन लिमिटेड(एमएसटीसी) ने जो निविदा जारी की है, उसके के तहत टेक्निकल बिड 28 अगस्त, 2024 को खोली जायेगी. इसके बाद टेंडर में भाग लेने वाली एजेंसियों के कागजात का मूल्यांकन की जायेगी. इसमें सफल एजेंसियों का फिर फाइनेंसियल बिड खोला जायेगा. जिनके नाम से फाइनेंसियलब बिड खुलेगा, उन्हें कोयला खनन के लिए उक्त कोल माइंस को लीज पर भी दिया जायेगा.
कोल माइंस नीलामी की किस्त कई बार हुई रिवाइज
कोल माइंस नीलामी की किस्त अब तक में कई बार रिवाइज हुई है. कोल माइंस लक्ष्मीपुर नॉर्थ, मिरजागांव नॉर्थ व मिरजागांव साउथ पहले कोयला खदानों के तहत नीलीमी की 17 वीं किस्त के अधीन खानों एवं खनिजों में 7वीं किश्त में शामिल था. रिवाइज के बाद यह कोयला खदानों के तहत नीलामी की 18वीं व 19वीं किश्त के खानों एवं खनिजों के आठवीं व नवमीं किश्त में शामिल किया गया है. अभी रिवाइज के बाद यह कोयला खदानों के तहत नीलामी की 20वीं किश्त के खानों एवं खनिजों के 10वीं किश्त में शामिल किया गया है. रिवाइज शिड्यूल पर ही निविदा की प्रक्रिया अपनायी जा रही है.
90 मीटर बेस में 340.35 मिलियन टन कोयले का है भंडार
कोयले का भंडार करीब 340.35 मिलियन टन है. यह 78 से 90 मीटर के बेस में है और उसके ऊपर मिट्टी की मोटी परत है. इसे 10 सीमांत में बांटा है. कोयले की मोटाई और गहरायी सीमांत के हिसाब से बांटी गयी है. सबसे ज्यादा कायेले का भंडारण सीमांत-2 में है. यहां कोयले का 13.14 से 72.90 मीटर थीनेस रेंज है. जो 81.42 से 142.50 मीटर बेस में है. यहां सर्वाधिक कायेला का भंडारण 144.622 मिलियन टन है.
17.5 मिलियन टन कोयले का हर साल हो सकेगा खनन
जमीन के अंदर मिलने वाले कोयले के भंडार से खनन करने के लिए एम सीमा तय की गयी है. चयनित एजेंसी के लिए हर साल 17.5 मिलियन टन कोयले का उत्खनन करना अनिवार्य किया है.
जानें, कब-कब जारी हुआ था टेंडर
टेंडर-1 :
प्रकाशित : 03 नवंबर, 2022तकनीकी बिड खोलने की तिथि : 02 जनवरी, 2023
Chandrashekhar Azad : भीम आर्मी प्रमुख और नगीना लोकसभा सीट के नवनिर्वाचित सांसद चंद्रशेखर आजाद के एक विवादित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और इसके साथ बिहार में भी सियासत गरमा गई है. बीजेपी के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने सांसद चंद्रशेखर के बयान पर कहा कि वह अगर ऐसा सोचते हैं कि सनातन का विरोध करके दलितों का वह बड़ा नेता बन जाएंगे तो यह उनकी भारी भूल है.
यूपी की नगीना सीट से सांसद बने चंद्रशेखर आजाद (फाइल फोटो)
BJP Reaction : Bihar में भी सियासत गरमा गई है. जहां बीजेपी ने चंद्रशेखर आजाद को नया मुल्ला बनने की बात कह दी है. वहीं] दूसरी ओर इस पूरे मामले में आरजेडी ने बीजेपी पर हमला किया तो धार्मिक मामलों में समर्थन किया है.
बिहार बीजेपी के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने चंद्रशेखर आजाद के बयान पर हमला करते हुए सोमवार (01 जुलाई) को कहा, “भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद जी नया-नया मुल्ला बने हैं. इसलिए प्याज कुछ ज्यादा खा रहे हैं. ज्यादा प्याज खाने से कोई सेहतमंद नहीं होता है. चंद्रशेखर आजाद अपने आस्तीन पर सनातन विरोधी होने का तगमा लगाना चाहते हैं. “
दलित समाज सनातन धर्म का अटूट अंग है. किसी धर्म विशेष की तुष्टिकरण के लिए सनातन धर्म का अपमान नहीं करें. चंद्रशेखर जी बताएं कि कांवड़ यात्रा के दौरान किस अस्पताल को बंद किया जाता है, किस रास्ते को बंद किया जाता है, बल्कि आम लोगों को सहूलियत के लिए दूसरा रास्ता दिया जाता है.”
जानें, सांसद चंद्रशेखर आजाद ने क्या कहा है?
चंद्रशेखर आजाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रहा है. इसमें वह लोगों को संबोधित करते हुए कह रहे हैं कि मैंने अपनी बात कई बार नेशनल मीडिया में पूछी है कि अगर हिंदू धर्म की आस्था है कि दस दिन कांवड़ चलता है, फिर सारे होटल और अस्पताल बंद हो जाते हैं. अस्पताल बंद होने से कोई कहीं और जगह जाता है. कितनी परेशानी होती है, लेकिन उनकी आस्था को देखते हुए लोग सहते हैं.
Three New Criminal Law :तीन नये आपराधिक कानून आज 1 जुलाई, 2024 से लागू हो चुके हैं.दुष्कर्म पीड़िताओं का बयान कोई महिला पुलिस अधिकारी ही लेगी. थाने में भी अब ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेंगे. .. और भी जानें बदलावक्या हुआ?
New Criminal Law
New Criminal Law: देश में तीन नये आपराधिक कानून लागू हो चुके हैं. भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में व्यापक बदलाव आएंगे. ब्रिटिश काल के कानूनों का अंत हो चुका है. भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने ब्रिटिश काल के क्रमश: भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम का स्थान ले लिया है.
दुष्कर्म पीड़िताओं का बयान अब लेगी कोई महिला पुलिस अधिकारी
इस नये कानूनों के तहत आपराधिक मामलों में फैसला मुकदमा पूरा होने के 45 दिन के अंदर आयेगा. पहली सुनवाई के 60 दिन के भीतर आरोप तय कर दिए जाएंगे. दुष्कर्म पीड़िताओं का बयान कोई महिला पुलिस अधिकारी ही लेगी, साथ ही उसके अभिभावक या रिश्तेदार की मौजूदगी में बयान दर्ज किया जाएगा. मेडिकल रिपोर्ट 7 दिन के अंदर देनी होगी. राजद्रोह की जगह देशद्रोह लाया गया है. सभी तलाशी तथा जब्ती की कार्रवाई की वीडियोग्राफी होगी जो जरूरी है.
ZERO FIR, पुलिस में ऑनलाइन शिकायत
नये कानूनों के लागू हो जाने से ‘जीरो एफआईआर’, पुलिस में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराना, ‘एसएमएस’ (मोबाइल फोन पर संदेश) के जरिये समन भेजने जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के तहत लोगों को सहूलियत दी गयी है. सभी जघन्य अपराधों के वारदात स्थल की वीडियोग्राफी जरूरी जैसे प्रावधान नये कानून में शामिल हैं.
New Criminal Law : जानें.. नये कानूनों के बारे में
1.महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर एक नया अध्याय जोड़ा गया है. किसी बच्चे को खरीदना और बेचना जघन्य अपराध की श्रेणी में आएगा. किसी नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के लिए मृत्युदंड या उम्रकैद का प्रावधान नए कानून में जोड़ा गया है.
2. नए कानूनों के तहत अब कोई भी व्यक्ति पुलिस थाना गये बिना इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यम से घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज कराने में सक्षम है. इससे मामला दर्ज कराना आसान और तेज हो जाएगा. पुलिस द्वारा फौरी कार्रवाई की जा सकेगी.
3. ‘जीरो एफआईआर’ से अब कोई भी व्यक्ति किसी भी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज करा सकता है. भले ही अपराध उसके अधिकार क्षेत्र में न हुआ हो.
4. नए कानून में गिरफ्तारी की सूरत में व्यक्ति को अपनी पसंद के किसी व्यक्ति को अपनी स्थिति के बारे में सूचित करने का अधिकार दिया गया है. इससे गिरफ्तार व्यक्ति को तुरंत सहयोग प्राप्त होगा.
5. नए कानूनों में महिलाओं व बच्चों के खिलाफ अपराधों की जांच को प्राथमिकता दी गयी है. इससे मामले दर्ज किए जाने के दो महीने के अंदर जांच पूरी की जाएगी. नए कानूनों के तहत पीड़ितों को 90 दिन के भीतर अपने मामले की प्रगति पर नियमित रूप से जानकारी पाने का अधिकार होगा.
6. नए कानूनों में, महिलाओं व बच्चों के साथ होने वाले अपराध पीड़ितों को सभी अस्पतालों में निशुल्क प्राथमिक उपचार या इलाज मुहैया कराया जाएगा.
7. आरोपी तथा पीड़ित दोनों को अब प्राथमिकी, पुलिस रिपोर्ट, आरोपपत्र, बयान, स्वीकारोक्ति और अन्य दस्तावेज 14 दिन के भीतर पाने का अधिकार होगा.
8. अदालतें वक्त रहते न्याय देने के लिए मामले की सुनवाई में अनावश्यक विलंब से बचने के वास्ते अधिकतम दो बार मुकदमे की सुनवाई स्थगित कर सकती हैं.
9. नए कानूनों में सभी राज्य सरकारों के लिए गवाह सुरक्षा योजना लागू करना जरूरी है. ऐसा इसलिए ताकि गवाहों की सुरक्षा व सहयोग सुनिश्चित किया जाए और कानूनी प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता व प्रभाव बढ़ाया जाए.
10. पीड़ित को अधिक सुरक्षा देने तथा दुष्कर्म के किसी अपराध के संबंध में जांच में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए पीड़िता का बयान पुलिस द्वारा ऑडियो-वीडियो माध्यम के जरिए दर्ज किया जाएगा.
11. महिलाओं, पंद्रह वर्ष की आयु से कम उम्र के लोगों, 60 वर्ष की आयु से अधिक के लोगों तथा दिव्यांग या गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को पुलिस थाने आने से छूट दी जाएगी. वे अपने निवास स्थान पर ही पुलिस सहायता प्राप्त कर सकते हैं.