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Train Accident Prevention : कवच सिस्टम से सुरक्षित होंगी ट्रेनें, रांची रेल डिवीजन में सर्वे शुरू

रांची रेल डिवीजन में सर्वे शुरू
रांची रेल डिवीजन में सर्वे शुरू.

Train Accident Prevention: रांची रेल डिवीजन में रेल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. यहां स्वदेशी ‘कवच’ ट्रेन सुरक्षा प्रणाली की स्थापना के लिए सर्वेक्षण कार्य आरंभ कर दिया गया है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह आधुनिक तकनीक ट्रेनों की टक्कर रोकने और मानवीय चूक से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से विकसित की गई है.

कवच एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जो लोको पायलट को सिग्नल उल्लंघन या तय गति सीमा से अधिक रफ्तार होने पर तुरंत चेतावनी देती है. यदि पायलट समय पर प्रतिक्रिया नहीं करता, तो यह सिस्टम खुद ही ट्रेन की गति को नियंत्रित कर सकता है.

सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता: डीआरएम

डीआरएम करुणानिधि सिंह ने बताया कि भारतीय रेलवे में सुरक्षा हमेशा सर्वोपरि रही है. ट्रेनों की आमने-सामने या पीछे से टक्कर जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कवच प्रणाली को देशभर में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है. इसी क्रम में रांची रेल मंडल में सर्वे का काम शुरू हुआ है. उन्होंने कहा कि यह तकनीक तेज रफ्तार ट्रेनों के संचालन को भी अधिक सुरक्षित बनाती है और जोखिम की स्थिति में रीयल-टाइम अलर्ट देकर ट्रेन को स्वतः रोकने में सक्षम है.

इन रूटों पर लागू होगी कवच प्रणाली

कवच सिस्टम को रांची, आद्रा, खड़गपुर और चक्रधरपुर रेल मंडलों के अंतर्गत आने वाले प्रमुख रेल खंडों पर लगाया जाना है. इसमें रांची-टोरी, खड़गपुर-आद्रा, आसनसोल-आद्रा-चांडिल, पुरुलिया-कोटशिला-मुरी और कोटशिला-बोकारो स्टील सिटी सेक्शन शामिल हैं. इन सभी रूटों की कुल लंबाई लगभग 1563 किलोमीटर है.

इस तरह काम करता है कवच

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक कवच प्रणाली रेडियो संचार और उन्नत सिग्नल प्रोसेसिंग तकनीक पर आधारित है. यदि किसी ट्रेन के सामने या पीछे निर्धारित दूरी के भीतर दूसरी ट्रेन मौजूद होती है, तो यह सिस्टम स्वतः हस्तक्षेप कर ट्रेन को रोक देता है. कवच को सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4 का प्रमाणन प्राप्त है, जिसे सुरक्षा मानकों में सर्वोच्च श्रेणी माना जाता है.

इस तकनीक के लागू होने से न केवल आमने-सामने की टक्कर, बल्कि पीछे से टक्कर और सिग्नल की अनदेखी जैसी घटनाओं पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होगा. कवच प्रणाली को 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से चलने वाली ट्रेनों के लिए मंजूरी दी गई है और परीक्षणों में यह तीनों प्रमुख जोखिम स्थितियों में प्रभावी साबित हुई है.

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New Income Tax Act : 2026 से लागू होगा नया आयकर कानून, महंगे और नुकसानदेह उत्पादों पर रहेगा ऊंचा टैक्स जारी

आयकर
पांच देशों में कौन वसूलता है सबसे ज्यादा इनकम टैक्स?

New Income Tax Act: देश की टैक्स व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. केंद्र सरकार 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर कानून लागू करेगी, जिसके साथ ही वर्ष 1961 से चला आ रहा पुराना इनकम टैक्स एक्ट इतिहास बन जाएगा. सरकार का कहना है कि नए कानून का मकसद टैक्स नियमों को सरल, स्पष्ट और आम लोगों के अनुकूल बनाना है.

सरकार अब जटिल प्रावधानों और दबाव वाली टैक्स वसूली की जगह ऐसा सिस्टम चाहती है, जिसमें लोग आसानी से नियम समझें और स्वेच्छा से टैक्स भरें. इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग पर पड़ेगा.

12 लाख रुपये तक की आय पूरी तरह टैक्स फ्री

नए आयकर ढांचे में आम करदाताओं को बड़ी राहत दी गई है. सालाना 12 लाख रुपये तक कमाने वालों को किसी तरह का इनकम टैक्स नहीं देना होगा. अलग-अलग छूट और कटौती के जटिल नियमों को हटाकर सीधे और साफ टैक्स स्लैब लागू किए जाएंगे. अधिक आय वालों के लिए टैक्स दर क्रमशः बढ़ेगी और 24 लाख रुपये से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत टैक्स तय किया गया है.

‘असेसमेंट ईयर’ जैसे शब्दों से मिलेगी मुक्ति

नए कानून में टैक्स से जुड़े तकनीकी शब्दों को भी सरल बनाया जाएगा. ‘असेसमेंट ईयर’ और ‘प्रीवियस ईयर’ जैसे शब्द अब इस्तेमाल में नहीं रहेंगे. उनकी जगह केवल ‘टैक्स ईयर’ शब्द लागू होगा. इससे रिटर्न फाइल करते समय होने वाली उलझन काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है.

सिगरेट और पान मसाले पर बढ़ेगा टैक्स बोझ

सरकार स्वास्थ्य के लिहाज से नुकसानदेह माने जाने वाले उत्पादों पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी में है. सिगरेट और पान मसाले पर अब GST के अलावा अलग से अतिरिक्त टैक्स लगाया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे एक ओर राजस्व में इजाफा होगा, वहीं इन उत्पादों के सेवन को हतोत्साहित करने में भी मदद मिलेगी.

GST में बड़े बदलाव की फिलहाल कोई योजना नहीं

वर्ष 2025 में GST दरों में जो संशोधन किए गए थे, वही व्यवस्था 2026 में भी जारी रहेगी. ज्यादातर वस्तुएं और सेवाएं 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत GST स्लैब के अंतर्गत ही रहेंगी. महंगे और हानिकारक उत्पादों पर अपेक्षाकृत ऊंची दरें लागू रहेंगी. सरकार का लक्ष्य GST सिस्टम को स्थिर बनाए रखना है, ताकि व्यापार और उपभोक्ता दोनों को स्पष्टता बनी रहे.

कस्टम ड्यूटी बनेगी अगला सुधार क्षेत्र

इनकम टैक्स और GST के बाद सरकार का अगला फोकस कस्टम ड्यूटी पर रहेगा. आयात-निर्यात से जुड़े कई टैक्स स्लैब पहले ही कम किए जा चुके हैं और आगे प्रक्रियाओं को और आसान करने की तैयारी है. इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार को गति मिलने की उम्मीद है.

कस्टम्स सिस्टम भी होगा डिजिटल

इनकम टैक्स की तरह कस्टम्स प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल और फेसलेस बनाने पर काम चल रहा है. इससे बंदरगाहों पर माल अटकने की समस्या कम होगी, कागजी औपचारिकताएं घटेंगी और कारोबारियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. सरकार का दावा है कि इससे कस्टम्स व्यवस्था तेज, पारदर्शी और ज्यादा भरोसेमंद बनेगी.

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Disclaimer: शेयर बाजार में निवेश से जुड़े किसी भी तरह के खरीद-फरोख्त का सुझाव HelloCities24 द्वारा नहीं दिया जाता है. यहां प्रकाशित बाजार विश्लेषण विभिन्न मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज संस्थानों के आकलन पर आधारित होते हैं. निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें.

Patahi Airport : मुजफ्फरपुर का पताही एयरपोर्ट नये साल में होगा चालू; उत्तर बिहार के यात्रियों के लिए राहत

मुजफ्फरपुर का पताही एयरपोर्ट नये साल में होगा चालू
मुजफ्फरपुर का पताही एयरपोर्ट नये साल में होगा चालू.

Patahi Airport : उत्तर बिहार के लोगों के लिए हवाई यात्रा का विकल्प जल्द ही उपलब्ध होने वाला है. पताही एयरपोर्ट को केंद्र सरकार की “उड़ान” योजना के तहत दोबारा चालू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है. हवाई अड्डे की सुरक्षा बढ़ाने के लिए चारदीवारी का निर्माण पूरा हो गया है और अब मुख्य काम रनवे के निर्माण पर केंद्रित है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, रनवे निर्माण के लिए सभी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं. अगले कुछ दिनों में औपचारिक टेंडर जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा.

कितने जिलों को मिलेगा लाभ?

पताही एयरपोर्ट केवल मुजफ्फरपुर के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि मोतिहारी, शिवहर, सीतामढ़ी और वैशाली के यात्रियों के लिए भी सुविधाजनक होगा. अब लोगों को पटना या दरभंगा एयरपोर्ट की लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी, जिससे समय और खर्च दोनों में बचत होगी. स्थानीय सांसद और केंद्रीय जलशक्ति राज्यमंत्री राजभूषण निषाद ने कहा कि एयरपोर्ट को चालू करना प्राथमिकता में है. रनवे निर्माण के लिए आवश्यक तकनीकी और कागजी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और अगले दस दिनों में टेंडर जारी कर निर्माण शुरू होगा.

रनवे की लंबाई और तकनीकी तैयारी

पताही एयरपोर्ट का रनवे वर्तमान में 1,300 मीटर लंबा है, जो छोटे विमानों के संचालन के लिए पर्याप्त है. आसपास की ऊंचाई और भवनों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है. रनवे का पुनर्निर्माण इसे टेकऑफ और लैंडिंग के लिए पूरी तरह सक्षम बनाएगा. एयरपोर्ट 101 एकड़ क्षेत्र में फैला है और छोटे विमानों के लिए अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता नहीं है. परिसर का जीर्णोद्धार किया गया है और सुरक्षा के लिए चारदीवारी का निर्माण 25 करोड़ रुपये की लागत में पूरा किया गया.

बदलाव और फायदे

  • व्यवसाय और पर्यटन: मोतिहारी के गांधी स्मृति स्थल और मुजफ्फरपुर के लीची उद्योग को बढ़ावा मिलेगा.
  • समय की बचत: अब यात्रियों को पटना या दरभंगा जाने में तीन-चार घंटे नहीं लगेंगे.
  • रोजगार के अवसर: एयरपोर्ट चालू होने से टैक्सी, होटल और लॉजिस्टिक्स में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

पताही एयरपोर्ट का इतिहास और वर्तमान स्थिति

  • 1952 में स्थापित.
  • 10 एकड़ क्षेत्र में फैला रनवे.
  • 1,300 मीटर लंबाई.
  • 2011 में सेना ने फाइटर विमान उतारने की योजना बनाई थी.
  • 2019 में पीएम मोदी ने पताही से हवाई सेवा शुरू करने की घोषणा की थी.

सुविधाएं और विस्तार

प्रशिक्षण अकादमी: एयरपोर्ट परिसर में प्रशिक्षण अकादमी का निर्माण होगा. इसके लिए एएआइ के साथ 15 साल का समझौता किया गया है. प्रारूप तैयार हो चुका है और विधि विभाग की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण शुरू होगा.

वीआईपी लाउंज: हवाई अड्डे पर वीआईपी लाउंज का निर्माण किया जाएगा. इसमें यात्रियों के लिए इंटरनेट, समाचार पत्र और आराम की सुविधाएं उपलब्ध होंगी.

पिछला अनुभव

1967 से 1982 तक पताही एयरपोर्ट से पटना के लिए नियमित उड़ानें संचालित होती थीं. 1982 में सेवाएं बंद हो गईं. 2018 में एयरपोर्ट को “उड़ान” योजना में शामिल किया गया और सर्वे व रिपोर्ट तैयार करने के बाद पुनः संचालन की कवायद शुरू हुई.

पताही एयरपोर्ट के चालू होने के बाद उत्तर बिहार के लिए हवाई यात्रा तेज, आसान और किफायती हो जाएगी. व्यवसाय, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में भी इससे महत्वपूर्ण अवसर पैदा होंगे.

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Trains Cancelled: 1750 लोकल ट्रेनें रद्द, वेस्टर्न रेलवे के बोरीवली–कांदिवली सेक्शन में झेलनी पड़ेगी परेशानी

वेस्टर्न रेलवे के बोरीवली–कांदिवली सेक्शन में झेलनी पड़ेगी परेशानी
वेस्टर्न रेलवे के बोरीवली–कांदिवली सेक्शन में झेलनी पड़ेगी परेशानी.

Trains Cancelled: मुंबई के वेस्टर्न रेलवे रूट पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं. बोरीवली–कांदिवली सेक्शन में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड को अंतिम रूप देने के लिए रेलवे प्रशासन ने कई तारीखों में ट्रैफिक ब्लॉक की घोषणा की है. इसके चलते बड़ी संख्या में लोकल ट्रेनें अस्थायी रूप से बंद रहेंगी.

अलग-अलग तारीखों में लिया जाएगा मेगा ब्लॉक

रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार 26, 27, 28 और 29 दिसंबर के साथ-साथ 10 जनवरी को भी लोकल ट्रेन संचालन पर असर पड़ेगा. इन दिनों हर दिन लगभग 350 लोकल सेवाएं रद्द की जाएंगी. कुल मिलाकर इन पांच तारीखों में करीब 1,750 लोकल ट्रेनें नहीं चलेंगी. ट्रेनों की संख्या घटने से प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.

नए सिग्नल सिस्टम और छठी लाइन से जुड़ा है काम

यह ब्लॉक बोरीवली स्टेशन पर नए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिग्नल सिस्टम की स्थापना के लिए लिया जा रहा है. इसके साथ ही कांदिवली से बोरीवली के बीच बन रही छठी अतिरिक्त रेल लाइन का काम भी अंतिम चरण में है. रेलवे का लक्ष्य है कि यह नई लाइन 18 जनवरी तक शुरू कर दी जाए, जिससे फास्ट और लोकल ट्रेनों का संचालन अलग-अलग ट्रैक पर हो सके.

गति प्रतिबंध और रूट में अस्थायी बदलाव

लोकल ट्रेनों की रद्दीकरण के अलावा यात्रियों को गति प्रतिबंध का सामना भी करना पड़ेगा. सुरक्षा कारणों से 20 दिसंबर से 18 जनवरी तक इस सेक्शन में ट्रेनों की रफ्तार सीमित रखी जाएगी. इस अवधि में जो ट्रेनें चलेंगी, उनके तय समय से देर से पहुंचने की संभावना है. इसके अलावा, बोरीवली और अंधेरी की ओर जाने वाली कुछ सेवाओं को गोरेगांव स्टेशन पर ही समाप्त किया जाएगा, जिससे वहां यात्रियों का दबाव बढ़ सकता है.

नए साल की रात राहत देने की तैयारी

रेलवे प्रशासन ने बताया है कि 31 दिसंबर को नए साल के मौके पर ट्रेनों के रद्दीकरण को न्यूनतम रखने की योजना बनाई गई है. उस दिन यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संचालन सामान्य रखने की कोशिश की जाएगी. ट्रेनों की कमी की भरपाई के लिए BEST की अतिरिक्त बसें रेलवे स्टेशनों के बाहर तैनात की जाएंगी.

रेलवे का कहना है कि यह अस्थायी असुविधा भविष्य में अधिक सुचारु, तेज और भरोसेमंद लोकल सेवा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम है.

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DRDO में टेक्निकल कैडर की भर्ती, ऑनलाइन आवेदन जारी; जानें कितनी होगी सैलरी?

DRDO में टेक्निकल कैडर की भर्ती
DRDO में टेक्निकल कैडर की भर्ती.

DRDO Recruitment 2025 : डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने CEPTAM-11 भर्ती 2025 के तहत टेक्नीशियन कैडर में नियुक्ति के लिए अधिसूचना जारी कर दी है. इस भर्ती के माध्यम से डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं और संस्थानों में तकनीकी पदों को भरा जाएगा. भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन रखी गई है.

आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि जानें

डीआरडीओ CEPTAM-11 भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत 11 दिसंबर 2025 से हो चुकी है. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 1 जनवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. निर्धारित तिथि के बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा.

आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को डीआरडीओ की आधिकारिक वेबसाइट drdo.gov.in पर जाना होगा. वेबसाइट के होमपेज पर CEPTAM-11 भर्ती से संबंधित लिंक उपलब्ध कराया गया है. नोटिफिकेशन पढ़ने के बाद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर लॉगिन करना होगा. आवेदन फॉर्म भरते समय व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक जानकारी और अन्य आवश्यक जानकारियां दर्ज करनी होंगी. मांगे गए दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करना होगा.

किन पदों पर होगी नियुक्ति

CEPTAM-11 भर्ती 2025 के तहत निम्न पदों को शामिल किया गया है—

  1. टेक्नीशियन
  2. सीनियर टेक्नीशियन (ग्रुप-C)

इन पदों पर चयनित कर्मियों की तैनाती डीआरडीओ की विभिन्न इकाइयों में की जाएगी, जहां वे तकनीकी और अनुसंधान से जुड़े कार्यों में सहयोग करेंगे.

शैक्षणिक योग्यता और पात्रता

इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में मान्यता प्राप्त संस्थान से BTech, BE या BSc डिग्री होना अनिवार्य है. पद के अनुसार विषय और योग्यता का विस्तृत विवरण आधिकारिक अधिसूचना में दिया गया है. केवल वही उम्मीदवार आवेदन के पात्र माने जाएंगे जो निर्धारित योग्यता मानकों को पूरा करते हैं.

आवेदन प्रक्रिया

  • आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा
  • CEPTAM-11 भर्ती लिंक खोलना होगा
  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा
  • आवेदन फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे
  • फॉर्म सबमिट करने के बाद प्रिंट आउट सुरक्षित रखना होगा

भर्ती संस्था:

  • डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO)

भर्ती का नाम:

  • CEPTAM-11 भर्ती 2025

पद:

  • टेक्नीशियन
  • सीनियर टेक्नीशियन (ग्रुप-C)

आवेदन मोड:

  • ऑनलाइन

आधिकारिक वेबसाइट:

  • drdo.gov.in

महत्वपूर्ण तिथियां

  • आवेदन शुरू: 11 दिसंबर 2025
  • आवेदन की अंतिम तिथि: 1 जनवरी 2026

शैक्षणिक योग्यता

  • संबंधित विषय में:
    • BTech
    • BE
    • BSc
  • मान्यता प्राप्त संस्थान से डिग्री अनिवार्य

चयन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी

चयन प्रक्रिया का पूरा विवरण डीआरडीओ द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में उपलब्ध कराया गया है. चयन विभिन्न चरणों के माध्यम से किया जाएगा, जिसकी सूचना समय-समय पर वेबसाइट पर जारी की जाएगी. उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक पोर्टल पर अपडेट चेक करते रहें.

वेतनमान और अन्य सुविधाएं

इस भर्ती में चयनित उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के पे लेवल-6 के अंतर्गत वेतन दिया जाएगा. प्रारंभिक वेतन 35,400 रुपये प्रति माह निर्धारित है. इसके साथ महंगाई भत्ता, हाउस रेंट अलाउंस, परिवहन भत्ता और अन्य सरकारी लाभ भी लागू होंगे.

भर्ती से जुड़ी अहम सलाह

आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को अधिसूचना को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है. गलत जानकारी या अधूरा आवेदन पाए जाने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है. आवेदन फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंट आउट सुरक्षित रखना जरूरी है.

DRDO CEPTAM-11 भर्ती 2025 तकनीकी क्षेत्र में स्थायी सरकारी सेवा की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है.

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Bhagalpur : भागलपुर में जिला परिषद अध्यक्ष के चुनाव को लेकर समीक्षा भवन में बैठक शुरू

भागलपुर
पीएम किसान योजना में पंजीकरण व e-KYC बढ़ाने पर जोर.

Bhagalpur : भागलपुर में जिला परिषद अध्यक्ष के चुनाव को लेकर समीक्षा भवन में बैठक शुरूभागलपुर जिला परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर समीक्षा भवन में सुबह 11 बजे से बैठक शुरू हो चुकी है. इसी बैठक में नए अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. अध्यक्ष चुने जाने के बाद शाम तक उन्हें पदभार भी सौंप दिया जाएगा. इस पद के लिए पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष अनंत कुमार और जिला परिषद सदस्य विपिन मंडल के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है.

(खबर अपडेट की जा रही है.)

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Bihar News : बिहार के शेखपुरा में ठंड से बचाव बना खतरा, बोरसी के धुएं से 3 लोग बेहोश

बोरसी के धुएं से 3 लोग बेहोश
बोरसी के धुएं से 3 लोग बेहोश(Photo : AI)

Bihar News : बिहार के शेखपुरा टाउन थाना क्षेत्र के खांडपर मोहल्ले में बंद कमरे में बोरसी जलाने से उठे धुएं के कारण एक महिला और उसके दो बेटे बेहोश हो गए. तीनों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज सदर अस्पताल शेखपुरा में जारी है.

घटना कटराचौक के महादलित मोहल्ला निवासी स्वर्गीय पोपट दास की पत्नी 45 वर्षीय पुतुल देवी और उनके दो पुत्र 20 वर्षीय रोशन कुमार तथा 17 वर्षीय राकेश कुमार के साथ हुई. तीनों खांडपर स्थित गोला रोड निवासी हीरा साव के मकान में किराये पर रहते थे और उनकी मनिहारी दुकान में काम करते थे.

बताया गया कि ठंड से बचाव के लिए कमरे में बोरसी जलाई गई थी. दरवाजा बंद होने के कारण धुआं कमरे में भर गया और दम घुटने से मां और दोनों बेटे बेहोश हो गए. काफी देर तक दुकान नहीं पहुंचने और फोन कॉल रिसीव नहीं होने पर दुकान मालिक को अनहोनी की आशंका हुई.

सूचना मिलने पर टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर तीनों को बाहर निकाला. इसके बाद सभी को गंभीर अवस्था में सदर अस्पताल शेखपुरा में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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President in Jharkhand : राष्ट्रपति के आगमन से पहले जमशेदपुर अलर्ट, 29 दिसंबर को कई कार्यक्रम तय

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (File Photo)
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (File Photo)

President in Jharkhand : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 29 दिसंबर को झारखंड के दौरे पर रहेंगी. वह रांची स्थित बिरसा मुंडा हवाई अड्डा पहुंचने के बाद सेना के तीन हेलीकॉप्टरों के माध्यम से जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट आएंगी. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह करीब 10:20 बजे उनका आगमन होगा, जहां उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा. इसके बाद राष्ट्रपति सड़क मार्ग से करनडीह स्थित दिशोम जाहेरथान जाएंगी.

करनडीह और एनआईटी में उच्च स्तरीय सुरक्षा इंतजाम

राष्ट्रपति के दौरे को लेकर करनडीह के जाहेरथान परिसर और आदित्यपुर स्थित एनआईटी कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है. शुक्रवार से ही स्पेशल फोर्स की तैनाती शुरू हो जाएगी. सुरक्षा एजेंसियों की अनुमति के बिना इन स्थलों पर किसी भी प्रकार की गतिविधि या आम लोगों की आवाजाही पर रोक रहेगी. प्रशासन और खुफिया एजेंसियां पूरे कार्यक्रम को लेकर सतर्क हैं.

आदिवासी परंपरा, ओलचिकी समारोह और दीक्षांत में शिरकत

करनडीह में राष्ट्रपति पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना करेंगी. इस दौरान वह ओलचिकी लिपि के प्रवर्तक पंडित रघुनाथ मुर्मू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगी. ओलचिकी लिपि के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर आयोजित समारोह में देश और विदेश से आए अतिथियों को सम्मानित किया जाएगा. आयोजकों के अनुसार राष्ट्रपति अपने संबोधन में संताली भाषा का प्रयोग कर सकती हैं. कार्यक्रम को लेकर पूजा स्थल और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सजावट और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है.

एक दिन पहले पहुंचेंगे राज्यपाल और मुख्यमंत्री

करनडीह में प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राष्ट्रपति के आगमन से एक दिन पहले ही जमशेदपुर पहुंचेंगे. समारोह में करीब 100 विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति प्रस्तावित है. राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए हवाई क्षेत्र से लेकर जमीनी स्तर तक बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है.

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Indian Railways Fare Hike : ट्रेनों का किराया बढ़ा; 26 दिसंबर से नई दरें लागू, यात्रियों की जेबें होंगी भारी!

ट्रेन
त्योहार से पहले दौड़ेंगी कई स्पेशल ट्रेनें.

Indian Railways Fare Hike : भारतीय रेलवे ने यात्रियों को जानकारी दी है कि 26 दिसंबर 2025 से ट्रेन किराया बढ़ाया जा रहा है. नई दरों में स्लीपर क्लास, फर्स्ट क्लास, मेल और एक्सप्रेस ट्रेन के एसी चेयर कार समेत कई श्रेणियों में 1 से 2 रुपये प्रति किलोमीटर तक की बढ़ोतरी शामिल है. रेल मंत्रालय का कहना है कि यह कदम ऑपरेशनल सस्टेनेबिलिटी और बढ़ती लागत को देखते हुए उठाया गया है.

किराया बढ़ाने की है वजह?

रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ईंधन कीमतों में वृद्धि, रखरखाव खर्च और नेटवर्क विस्तार की जरूरतों के बीच रेलवे को राजस्व संतुलन बनाए रखना जरूरी हो गया है. मंत्रालय ने यह भी बताया कि रोजाना यात्रा करने वाले और कम दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों पर इसका असर न्यूनतम रखने का प्रयास किया गया है.

कौन बचेगा किराया बढ़ोतरी से

भारतीय रेलवे ने कई श्रेणियों को नई दरों से बाहर रखा है. इनमें उपनगरीय ट्रेन सेवाएं, मासिक सीजन टिकट (MST) धारक और 215 किलोमीटर तक की सेकंड क्लास साधारण यात्रा शामिल हैं. रेलवे बोर्ड के ईडी (आईएंडपी) दिलीप कुमार ने बताया कि 25 दिसंबर की आधी रात से नई दरें लागू होंगी, लेकिन इन श्रेणियों के लिए किराया अपरिवर्तित रहेगा.

साधारण नॉन-एसी ट्रेनों में नई दरें

साधारण नॉन-एसी पैसेंजर ट्रेनों में दूरी के अनुसार बढ़ोतरी की गई है:

दूरी (किमी)किराया बढ़ोतरी (रुपए)
0 – 215कोई बदलाव नहीं
216 – 7505
751 – 125010
1251 – 175015
1751 – 225020

स्लीपर क्लास साधारण और फर्स्ट क्लास साधारण में 1 पैसा प्रति किलोमीटर की समान बढ़ोतरी लागू की गई है.

मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में किराया

मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में नॉन-एसी और एसी सभी श्रेणियों में प्रति किलोमीटर 2 पैसे की बढ़ोतरी हुई है. इसमें स्लीपर, फर्स्ट क्लास, एसी चेयर कार, एसी 3-टियर, एसी 2-टियर और एसी फर्स्ट क्लास शामिल हैं. उदाहरण के लिए, 500 किलोमीटर की नॉन-एसी मेल/एक्सप्रेस यात्रा पर यात्रियों को सिर्फ 10 रुपये अतिरिक्त देने होंगे.

प्रीमियम ट्रेनों में भी लागू होगी बढ़ोतरी

राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, वंदे भारत, हमसफर और तेजस जैसी प्रीमियम ट्रेन सेवाओं में भी किराया बढ़ाया गया है. हालांकि, बढ़ोतरी क्लास-वार नियंत्रित और सीमित रखी गई है.

शुल्कों में कोई बदलाव नहीं

यात्रियों को राहत यह है कि आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट चार्ज, जीएसटी और किराया राउंडिंग नियम में कोई बदलाव नहीं हुआ है. केवल मूल किराए में संशोधन किया गया है.

पहले बुक किए गए टिकटों पर राहत

नई दरें केवल 26 दिसंबर या उसके बाद बुक किए गए टिकटों पर लागू होंगी. पहले से बुक किए गए टिकटों पर अतिरिक्त किराया नहीं लगेगा, भले ही यात्रा की तारीख नई दरों के बाद क्यों न हो.

यात्रियों के लिए सुझाव

रेलवे स्टेशन और भारतीय रेलवे की वेबसाइट पर 26 दिसंबर से नई किराया सूची उपलब्ध होगी. यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले आधिकारिक कमर्शियल सर्कुलर जरूर देखें.

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Rajasthan Panchayat Election : सरपंच पद के लिए 10वीं पास अनिवार्यता फिर प्रस्तावित, शिक्षा की शर्त बहाल करने की तैयारी

Rajasthan Panchayat Election
Rajasthan Panchayat Election(फोटो-एआई)

Rajasthan Panchayat Election : राजस्थान सरकार पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनावी नियमों में बड़ा बदलाव करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. सरकार की मंशा है कि स्थानीय स्वशासन से जुड़े पदों पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता तय की जाए. इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री के स्तर पर भेजा गया है.

सरपंच और पार्षद पद के लिए तय होंगे नए मानक

सरकार की प्रस्तावित योजना के तहत ग्राम पंचायतों में सरपंच पद का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार के लिए कम से कम दसवीं पास होना आवश्यक किया जा सकता है. वहीं शहरी निकायों में पार्षद पद के लिए दसवीं या बारहवीं उत्तीर्ण में से किसी एक शैक्षणिक योग्यता को लागू करने पर विचार चल रहा है. सरकार का मानना है कि इससे पंचायतों और नगर निकायों में नीति निर्धारण, विकास योजनाओं और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े फैसलों में अधिक समझदारी आएगी.

कानून में संशोधन के बाद लागू होगी व्यवस्था

शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता लागू करने के लिए मौजूदा पंचायती राज अधिनियम और नगरपालिका अधिनियम में बदलाव जरूरी होगा. स्वायत्त शासन विभाग का कहना है कि मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद दो अलग-अलग विधेयक तैयार किए जाएंगे. इन्हें विधानसभा के आगामी बजट सत्र में पेश कर पारित कराने की योजना है, ताकि चुनावी नियमों को कानूनी आधार दिया जा सके. सरकार की कोशिश है कि संशोधित कानून को आगामी चुनावों से पहले प्रभावी किया जा सके.

वर्ष 2019 में प्रावधान को हटा दिया गया था

राजस्थान में यह पहली बार नहीं है जब पंचायत और निकाय चुनावों में शैक्षणिक योग्यता का मुद्दा उठ रहा है. वर्ष 2015 में तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में यह व्यवस्था लागू की गई थी. उस समय सरपंच पद के लिए आठवीं पास और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पांचवीं पास की शर्त रखी गई थी, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के लिए दसवीं पास होना अनिवार्य था. बाद में सत्ता परिवर्तन के बाद वर्ष 2019 में इस प्रावधान को हटा दिया गया था. अब एक बार फिर सरकार इसे पुनः लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जिस पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज होने की संभावना है.

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