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18 February 2026, Wednesday
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Jharkhand Weather Forecast : रांची में बढ़ी ठंड, तापमान गिरकर 5.3°C, घना कोहरा बरकरार, जानें कल का मौसम

Jharkhand Weather
झारखंड में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज.

Jharkhand Weather Forecast: झारखंड की राजधानी रांची में ठंड का असर और बढ़ गया है. मौसम विभाग ने बताया कि रांची के कांके क्षेत्र में न्यूनतम तापमान घटकर 5.3 डिग्री सेंटीग्रेड हो गया है. दृश्यता सुबह के समय घटकर 600 मीटर तक सीमित रही. सुबह हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहा, लेकिन दोपहर तक आसमान साफ हो गया. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है.

झारखंड के पांच जिलों में येलो अलर्ट

मौसम केंद्र रांची ने जानकारी दी कि अगले 24 घंटे में गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग और लातेहार जिलों में कहीं-कहीं घना कोहरा रहेगा. इन जिलों में सुबह दृश्यता 50 से 200 मीटर तक घट सकती है. इसलिए लोगों को ड्राइविंग और सड़क पर सावधानी बरतने के लिए चेताया गया है.

Jharkhand Weather Forecast : रांची में बढ़ी ठंड, तापमान गिरकर 5.3°C, घना कोहरा बरकरार, जानें कल का मौसम Jharkhand Weather Forecast 1
Jharkhand Weather Forecast

उत्तर-पश्चिमी हवाओं से बढ़ी ठंड

राज्य में फिलहाल कोई विशेष असामान्य मौसम स्थिति नहीं है, लेकिन उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण ठंड बढ़ गई है. पिछले 24 घंटों में राज्य के अधिकतर हिस्सों में तापमान में कोई अचानक बदलाव नहीं देखा गया. बारिश या ओलावृष्टि जैसी घटनाएं नहीं हुई हैं.

झारखंड में तापमान की स्थिति

राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में उतार-चढ़ाव रहा. पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में अधिकतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं, रांची के कांके क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री रिकॉर्ड हुआ. बोकारो, देवघर, बहरागोड़ा, कोडरमा, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, पाकुड़, सिमडेगा के बानो और जगन्नाथपुर में अधिकतम तापमान 27 डिग्री से नीचे रहा. कुछ क्षेत्रों में तापमान में मामूली बदलाव 0.9 से 1.3 डिग्री तक दर्ज किया गया.

रांची में कल का मौसम

रांची में गुरुवार को सुबह हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा. दिन के समय आसमान साफ रहेगा. न्यूनतम तापमान 8 डिग्री और अधिकतम तापमान 23 डिग्री रहने का अनुमान है. पूरे राज्य में अगले कुछ दिनों तक तापमान में अधिक बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन सुबह और रात के समय ठंड का असर महसूस होगा.

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Delhi Air Pollution : दिल्ली की दमघोंटू हवा के बीच चीन का ‘बीजिंग मॉडल’, प्रदूषण घटाने के 6 कारगर तरीके, भारत के लिए संदेश

चीन का 'बीजिंग मॉडल', प्रदूषण घटाने के 6 कारगर तरीके
चीन का 'बीजिंग मॉडल', प्रदूषण घटाने के 6 कारगर तरीके

Beijing Model Air Pollution: दिल्ली की हवा एक बार फिर दमघोंटू हालात में पहुंच चुकी है. सर्दी बढ़ते ही स्मॉग की परत, आंखों में जलन और सांस की तकलीफ आम हो गई है. इसी बीच चीन ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया है कि कैसे कभी दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहा बीजिंग आज अपेक्षाकृत साफ हवा की मिसाल बन सका. सवाल यह है कि क्या बीजिंग का मॉडल दिल्ली और भारत के लिए कारगर हो सकता है.

दिल्ली-NCR में प्रदूषण की मौजूदा तस्वीर

दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) एक बार फिर खतरनाक दायरे में है. कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंच चुका है, जिसे ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक कुछ क्षेत्रों में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं. इंडिया गेट, सराय काले खां जैसे इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ के बीच झूलती दिखी. कुल मिलाकर, राजधानी की हवा अब भी स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है.

चीन के दूतावास का संदेश और बीजिंग का उदाहरण

इसी बीच भारत में चीन के दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए वायु प्रदूषण पर चीन के अनुभव साझा किए. उन्होंने कहा कि तेज शहरीकरण के चलते चीन और भारत दोनों को इस समस्या का सामना करना पड़ा, लेकिन पिछले एक दशक में चीन ने लगातार प्रयास कर हालात में बड़ा सुधार किया है. इसी कड़ी में उन्होंने बीजिंग का उदाहरण देते हुए बताया कि वाहन प्रदूषण पर काबू पाने के लिए वहां किस तरह सख्त फैसले लिए गए.

बीजिंग ने प्रदूषण घटाने के लिए अपनाए 6 बड़े फॉर्मूले

बीजिंग में सबसे पहले वाहनों से निकलने वाले धुएं पर कड़ी कार्रवाई की गई. चीन ने China-6 जैसे सख्त उत्सर्जन मानक लागू किए, जो यूरोप के Euro-6 के बराबर हैं. पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाया गया.

कारों की संख्या नियंत्रित करने के लिए लाइसेंस प्लेट लॉटरी, ऑड-ईवन और वीकडे ड्राइविंग जैसे नियम लागू किए गए. लोगों को निजी गाड़ियों से दूर रखने के लिए मेट्रो और बस नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया गया, जो आज दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक परिवहन तंत्रों में गिना जाता है.
इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया गया. बीजिंग ने तियानजिन और हेबेई क्षेत्र के साथ मिलकर क्षेत्रीय स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण की साझा रणनीति अपनाई. चीन का साफ कहना है कि साफ हवा एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए लगातार और सख्त कोशिश जरूरी है.

जब बीजिंग ने माना कि हालात हाथ से निकल चुके हैं

बीजिंग में बदलाव की नींव 2008 ओलंपिक से पहले पड़ी, जब अस्थायी आपात कदम उठाए गए और वायु गुणवत्ता की निगरानी बढ़ाई गई. 2013 में सरकार ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया कि प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है. इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा एक्शन प्लान लाया गया, जिसमें PM2.5 को घटाने के लिए कानूनी लक्ष्य तय किए गए.

2013–2017 का एक्शन प्लान और भारी निवेश

2013 से 2017 के बीच चीन ने परिवहन, उद्योग और ऊर्जा क्षेत्र पर एक साथ काम किया. सार्वजनिक परिवहन को इलेक्ट्रिक बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए. शेनझेन दुनिया का पहला शहर बना, जहां पूरी बस सेवा इलेक्ट्रिक कर दी गई.
पुरानी डीजल गाड़ियों और ट्रकों पर सख्त पाबंदियां लगीं, उद्योगों में प्रदूषण फैलाने वाले पुराने प्लांट बंद या अपग्रेड किए गए. कोयले की जगह गैस और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिला.

बीजिंग ने साफ हवा के लिए भारी निवेश किया. जहां 2013 में इस पर करीब 45 करोड़ डॉलर खर्च हुए, वहीं 2017 तक यह आंकड़ा 2.5 अरब डॉलर से ज्यादा पहुंच गया. नतीजा यह रहा कि भारी प्रदूषण वाले दिनों की संख्या में तेज गिरावट आई और PM2.5 का स्तर लगातार घटता गया.

‘वॉर ऑन पॉल्यूशन’ से भारत के लिए क्या संकेत.

एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स के अनुसार 2014 से 2022 के बीच चीन के शहरों में PM2.5 में तेज गिरावट दर्ज की गई और आज करीब तीन-चौथाई चीनी शहर राष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरते हैं. हालांकि यह भी सच है कि कुछ प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग दूसरे क्षेत्रों में शिफ्ट हो गए, जिससे वहां नई चुनौतियां पैदा हुईं.
विशेषज्ञ मानते हैं कि चीन का मॉडल सख्त कानून, कड़े अमल और क्षेत्रीय सहयोग का नतीजा है. दिल्ली में फिलहाल GRAP-4 जैसे कदम लागू हैं, लेकिन हालात अब भी पूरी तरह काबू में नहीं हैं. असली सवाल यही है कि क्या भारत भी बीजिंग की तरह लंबी और लगातार लड़ाई लड़ने को तैयार है, या फिर हर साल स्मॉग के बाद तात्कालिक उपायों तक ही सीमित रहेगा.

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Bomb Threat in Ahmedabad: अहमदाबाद में स्कूलों को ईमेल से बम धमकी, पुलिस ने सर्च ऑपरेशन तेज किया

अहमदाबाद में स्कूलों को ईमेल से बम धमकी.
अहमदाबाद में स्कूलों को ईमेल से बम धमकी.

Bomb Threat in Ahmedabad: गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में बुधवार सुबह कई प्रमुख स्कूलों को ईमेल के माध्यम से बम धमकी मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया. धमकी मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत घटनास्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी. यह घटना शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और आस-पास के इलाकों में चिंता का माहौल पैदा कर गई.

धमकी भरे ईमेल में कहा गया था कि दोपहर 1:11 बजे बम विस्फोट किया जाएगा और इस धमकी का संदर्भ केंद्रीय गृह मंत्री और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जोड़कर दिया गया. पुलिस ने जांच में पाया कि ईमेल की भाषा और संदर्भ खालिस्तानी आतंकियों के संदर्भ से जुड़ा प्रतीत होता है.

धमकी मिलने वाला स्कूल :

  • जेबर स्कूल
  • महाराजा अग्रसेन स्कूल
  • DAV इंटरनेशनल स्कूल
  • जायड्स स्कूल

इन स्कूलों के आसपास अतिरिक्त पुलिस गश्त की गई और सिक्योरिटी पर्सनल तैनात किए गए. पुलिस का कहना है कि फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन सभी सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं.

पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा प्रबंध

अहमदाबाद पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर शरद सिंघल के अनुसार धमकी मिलने के तुरंत बाद सुरक्षा दल सक्रिय किए गए और स्कूल परिसर का निरीक्षण किया गया. आसपास के इलाकों में वाहन जांच और पैदल गश्त भी बढ़ा दी गई.

छात्रों और शिक्षकों को सतर्क रहने की हिदायत

असपास के रहवासी और अभिभावक चिंतित हैं. कई माता-पिता ने बच्चों को अस्थायी रूप से घर पर रखने का निर्णय लिया. स्कूल प्रशासन ने छात्रों और शिक्षकों को सतर्क रहने और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की हिदायत दी.

पिछले मामले जानें

अहमदाबाद में इससे पहले भी कई बार बम धमकी मिलने की घटनाएं सामने आई हैं. कुछ मामले ऐसे भी रहे हैं, जिसमें ईमेल फर्जी तरीके से भेजे गए थे. लेकिन इस बार धमकी में केंद्रीय मंत्री और गैंगस्टर का नाम जुड़ा होने के कारण पुलिस ने पूरी सतर्कता बरती.

मामले की जांच जारी

अहमदाबाद पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है. तकनीकी और साइबर टीम ईमेल की प्रामाणिकता और स्रोत का पता लगाने में जुटी है. स्कूलों के चारों ओर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था लगातार जारी रहेगी.

अभिभावकों में दहशत: ‘बच्चे को तुरंत घर ले आए’

एक अभिभावक वैशालीबेन रावल ने बताया, ‘स्कूल से मैसेज आया कि बच्चे को घर ले जाएं. हम तुरंत पहुंचे तो पता चला बम धमकी का ईमेल आया है. स्कूलों को निशाना बनाना बहुत डरावना है.’ कई पैरेंट्स स्कूल गेट पर पहुंचे और बच्चों को लेकर घर लौटे.

जांच और संदेह: फेक धमकी की आशंका

पुलिस का मानना है कि यह धमकी फेक हो सकती है, जैसी पहले दिल्ली, बेंगलुरु और अमृतसर में हुईं. साइबर क्राइम टीम IP एड्रेस ट्रेस कर रही है. गृह मंत्री अमित शाह का लोकसभा क्षेत्र होने से मामला और संवेदनशील है. जांच जारी है, फिलहाल खतरा टला लग रहा है. ऐसी घटनाएं बच्चों और अभिभावकों में डर पैदा करती हैं. पुलिस ने अपील की कि अफवाहें न फैलाएं. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

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Bhagalpur News: सुलतानगंज रेफरल अस्पताल में रजिस्टर की फोटो लेने पर हंगामा, युवक फरार

भागलपुर
पीएम किसान योजना में पंजीकरण व e-KYC बढ़ाने पर जोर.

Bhagalpur News : रेफरल अस्पताल सुलतानगंज में मंगलवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब दो अज्ञात युवक एएनएम की उपस्थिति पंजी की तस्वीर लेने लगे. अस्पताल कर्मियों ने जब इसका कारण पूछा और विरोध किया तो दोनों युवक उत्तेजित हो गए और परिसर में हंगामा करने लगे. मौजूद कर्मचारियों के अनुसार दोनों युवक नशे की हालत में थे और किसी एएनएम के बारे में पूछताछ कर रहे थे.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इसी दौरान युवकों ने उपस्थिति रजिस्टर की फोटो खींचने की कोशिश की, जिसे लेकर कर्मचारियों ने आपत्ति जताई. विरोध होते ही दोनों युवक शोर-शराबा करने लगे. चिकित्सकों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया, लेकिन वे शांत होने को तैयार नहीं थे.

स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल प्रबंधक रमन कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और पूछताछ की. साथ ही डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों युवक बाइक से फरार हो गए. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि युवक स्वयं को दिलगौरी निवासी बता रहे थे और मामले को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है.

इधर, रेफरल अस्पताल सुलतानगंज में एक अन्य घटना में नौ माह के एक बच्चे की मौत हो गई. परिजनों के अनुसार कोलगामा निवासी सोहित कुमार का पुत्र सिमांत कुमार सोमवार तक स्वस्थ था, लेकिन देर रात अचानक उसे तेज बुखार हो गया. पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया, पर स्थिति बिगड़ने पर उसे रेफरल अस्पताल लाया गया. चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

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Bhagalpur News : मुख्य पार्षद ने थामा गरीब बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा, निजी खर्च से मिल रही मदद

भागलपुर
पीएम किसान योजना में पंजीकरण व e-KYC बढ़ाने पर जोर.

Bhagalpur News : नगर परिषद क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू ने एक सराहनीय पहल की है. उन्होंने बताया कि नगर परिषद के विभिन्न वार्डों के करीब आधा दर्जन ऐसे बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उन्होंने अपने निजी कोष से ली है, ताकि गरीबी उनके भविष्य में बाधा न बने.

मुख्य पार्षद के अनुसार इन बच्चों की बोर्ड परीक्षा तक की पढ़ाई का पूरा खर्च वे स्वयं वहन कर रहे हैं. बच्चों की शिक्षा में किसी प्रकार की रुकावट न आए, इसके लिए स्कूल फीस के साथ-साथ ट्यूशन, पोशाक, स्वेटर, बैग, किताबें और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री की व्यवस्था भी कराई जा रही है.

उन्होंने बताया कि वार्ड संख्या 2, 7, 15, 22 और 26 से एक-एक गरीब बच्चे की शिक्षा को गोद लिया गया है. उद्देश्य यह है कि आर्थिक अभाव के कारण कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे और आगे चलकर आत्मनिर्भर बन सके. मुख्य पार्षद ने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए यह प्रयास आगे भी लगातार जारी रहेगा.

विद्यालय में छात्राओं को मिले बैग

सुलतानगंज स्थित श्रीमती पार्वती देवी मुरारका बालिका इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय में मंगलवार को छात्राओं के बीच बैग का वितरण किया गया. यह वितरण बिहार शिक्षा परियोजना के तहत उपलब्ध कराए गए बैगों से किया गया.

विद्यालय के लेखापाल सुमन कुमार झा ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत कुल 80 छात्राओं को बैग प्रदान किए गए. कार्यक्रम के दौरान मुख्य पार्षद भी उपस्थित रहे. इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. अकबर अली, वरीय शिक्षक मो. तनवीर अहमद, मो. इतेशाम उल्लाह कैशर सहित अन्य शिक्षक मौजूद थे.

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Bihar Crime: मुजफ्फरपुर आत्महत्या मामला; चार शव, कई सवाल और अब CID की एंट्री

Muzaffarpur News
मुजफ्फरपुर में होटल उद्घाटन के दौरान रंगदारी का प्रयास.

Bihar Crime: मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र के नवलपुर मिश्रौलिया गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के मामले ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. पिता और उसकी तीन बेटियों की आत्महत्या की इस घटना की जांच अब राज्य अपराध अनुसंधान विभाग (CID) को सौंप दी गई है. पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद सीआईडी की विशेष टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है.

CID टीम ने संभाला मोर्चा

सीआईडी की जांच टीम डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में काम कर रही है. टीम को निर्देश दिए गए हैं कि वह घटनास्थल के साथ‑साथ परिवार की पृष्ठभूमि, हालिया परिस्थितियों और आसपास के माहौल की भी गहराई से पड़ताल करे. जांच का दायरा केवल आत्महत्या तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसके पीछे के कारणों को भी तलाशा जा रहा है.

आर्थिक दबाव और सरकारी योजनाओं की जांच

जांच में यह बिंदु भी शामिल किया गया है कि मृतक परिवार पर किसी प्रकार का कर्ज या बाहरी दबाव तो नहीं था. सीआईडी यह भी देख रही है कि परिवार को केंद्र या राज्य सरकार की किसी कल्याणकारी योजना का लाभ मिला था या नहीं. यदि योजनाओं से वंचित रहने या किसी तरह की अनदेखी के संकेत मिलते हैं, तो उस पहलू को भी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा.

अवैध सूदखोरी और गुंडा बैंक एंगल

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अवैध सूदखोरी और तथाकथित गुंडा बैंक से जुड़े पहलुओं की भी गंभीरता से जांच की जा रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं परिवार मानसिक या आर्थिक प्रताड़ना का शिकार तो नहीं था. इस एंगल से जुड़े हर इनपुट की पुष्टि की जा रही है.

जिला पुलिस को सहयोग के निर्देश

पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने मुजफ्फरपुर जिला पुलिस को निर्देश दिया है कि वह सीआईडी को हर स्तर पर सहयोग दे. उन्होंने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

सरकार की सख्ती, दोहराया गया रुख

इस घटना के बाद राज्य सरकार ने अवैध वसूली और गुंडा बैंक के खिलाफ कड़ा रुख दोहराया है. गृह मंत्री सम्राट चौधरी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कमजोर वर्गों को आर्थिक और मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

प्रशासन का मानना है कि यह मामला केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि समाज के लिए चेतावनी भी है. इसी कारण सीआईडी को निर्देश दिए गए हैं कि जांच निष्पक्ष, गहन और तथ्यों पर आधारित हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.

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Dhanbad News: धनबाद में कोल वर्कशॉप; कोयला क्षेत्र में सुशासन और आधुनिक तकनीक पर जोर

धनबाद
हेमंत सोरेन ने भाजपा पर विकास को बाधित करने का लगाया आरोप.

Dhanbad News: धनबाद में बीसीसीएल और सीआइएसएफ की साझेदारी में आयोजित दो दिवसीय कोल वर्कशॉप 2025 मंगलवार को कोयला भवन में समाप्त हुई. कार्यशाला का उद्देश्य खनन क्षेत्रों में सुशासन, पारदर्शिता और परिचालन दक्षता को बढ़ाना था. इसमें सुरक्षा, आधुनिक निगरानी प्रणाली और कार्यबल सशक्तिकरण जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई.

तकनीक और सुरक्षा पर केंद्रित सत्र

कार्यशाला को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए सीआइएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने खनन क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए आधुनिक निगरानी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि तकनीक का बेहतर उपयोग खानों में सुरक्षित और प्रभावी संचालन सुनिश्चित कर सकता है. वहीं, पूर्वी क्षेत्र के महानिरीक्षक दीपक वर्मा ने बीसीसीएल और सीआइएसएफ के बीच निरंतर और मजबूत साझेदारी का महत्व बताया.

समापन सत्र में प्रतिबद्धताओं की पुष्टि

कार्यशाला के अंतिम सत्र में बीसीसीएल ने सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम खनन प्रक्रियाओं को अपनाने की प्रतिबद्धता दोहराई. प्रतिभागियों ने सत्रों में साझा किए गए सुझावों और तकनीकी उपायों को अपने कार्यस्थलों पर लागू करने का संकल्प लिया.

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धनबाद
हेमंत सोरेन ने भाजपा पर विकास को बाधित करने का लगाया आरोप.

Dhanbad News: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के भौतिकी विभाग में सोमवार से एएनआरएफ के सहयोग से दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन शुरू हुआ. यह कार्यशाला “सेंसिंग और इमेजिंग के लिए नैनोपार्टिकल सिंथेसिस एवं ल्यूमिनेसेंस मापन तकनीकों” पर केंद्रित है, जिसमें देशभर के विभिन्न शैक्षणिक और शोध संस्थानों से आए शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी भाग ले रहे हैं. कार्यक्रम भारत सरकार की नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की साइंटिफिक सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी पहल के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है.

उद्घाटन सत्र में प्रयोग आधारित शोध पर जोर

रमन हॉल में आयोजित उद्घाटन सत्र का शुभारंभ प्रो. कौशल कुमार ने किया. इस दौरान आधुनिक मटेरियल साइंस और प्रयोगशाला आधारित प्रशिक्षण की उपयोगिता पर चर्चा की गई. भौतिकी विभाग की अध्यक्ष प्रो. विनीता कुमार राय ने कहा कि ल्यूमिनेसेंस आधारित अध्ययन सेंसिंग, इमेजिंग और फोटोनिक अनुप्रयोगों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं. उन्होंने बताया कि विभाग इस क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय रूप से शोध कार्य कर रहा है.

तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों के व्याख्यान

कार्यशाला के पहले दिन आयोजित तकनीकी सत्रों में एनआईटी राउरकेला के प्रो. सुप्रतिम गिरि ने “अपकन्वर्टिंग लैटिस की क्रिस्टल इंजीनियरिंग: मूल सिद्धांत और अनुप्रयोग” विषय पर व्याख्यान दिया. वहीं, आईआईएसईआर मोहाली के डॉ. नीरज कुमार मिश्रा ने ऑनलाइन माध्यम से स्टेडी-स्टेट और टाइम-रिजॉल्व्ड फोटोल्यूमिनेसेंस स्पेक्ट्रोस्कोपी की तकनीकों और उनके उन्नत प्रयोगों की जानकारी साझा की.

हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण पर विशेष फोकस

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को अपकन्वर्टिंग नैनोफॉस्फर्स के सिंथेसिस का प्रायोगिक प्रदर्शन कराया गया. इसके साथ ही सीसीडी स्पेक्ट्रोमीटर के जरिए अपकन्वर्जन एमिशन के मापन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया. आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का समापन खुले विचार-विमर्श सत्र और वैलिडिक्टरी समारोह के साथ किया जाएगा.

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Bihar Ka Mausam: बिहार में सर्दी का प्रकोप तेज, 3 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, 22 दिसंबर से कोल्ड डे का खतरा

22 दिसंबर से कोल्ड डे का खतरा
22 दिसंबर से कोल्ड डे का खतरा.

Bihar Ka Mausam:  बिहार में दिसंबर के मध्य के साथ ही ठंड ने अपना तीखा रूप दिखाना शुरू कर दिया है. सुबह और रात के समय घना कोहरा आम जनजीवन को प्रभावित कर रहा है, जबकि पछुआ हवाओं के चलते तापमान तेजी से नीचे जा रहा है. मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ठंड का असर और बढ़ेगा.

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 17 दिसंबर से राज्य में सर्दी का प्रभाव लगातार तेज होगा. अगले छह दिनों तक न्यूनतम और अधिकतम दोनों तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है. हालात ऐसे बन सकते हैं कि 22 दिसंबर के बाद कई जिलों में दिन के समय भी ठंड से राहत नहीं मिलेगी और ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बन सकती है.

पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ी ठंड की तीव्रता

उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने मौसम का मिजाज बदल दिया है. इस सिस्टम के प्रभाव से ठंडी और शुष्क हवाएं बिहार तक पहुंच रही हैं. इसके कारण रात का तापमान तेजी से गिर रहा है और दिन में निकलने वाली धूप भी असरदार साबित नहीं हो पा रही है.

घने कोहरे से यातायात पर असर

पटना, गया, बक्सर, भोजपुर, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज और चंपारण के इलाकों में घने कोहरे की आशंका जताई गई है. सुबह के समय विजिबिलिटी बेहद कम रह सकती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. वाहन चालकों और यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

उत्तर बिहार के जिलों में शीतलहर का खतरा

मुजफ्फरपुर, वैशाली और गोपालगंज जिलों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में तेज ठंडी हवाओं के कारण ठंड अधिक महसूस होगी. खेतों में काम करने वाले मजदूरों और खुले स्थानों पर रहने वालों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है.

22 दिसंबर के बाद ‘कोल्ड डे’ की संभावना

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक 22 दिसंबर के बाद मौसम और ज्यादा कठोर हो सकता है. सारण, भागलपुर, पूर्वी चंपारण, बक्सर, गया और सीतामढ़ी जैसे जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे जा सकता है. इस दौरान दिन में भी ठिठुरन बनी रह सकती है.

सबौर रहा सबसे ठंडा इलाका

पिछले 24 घंटों में भागलपुर का सबौर राज्य का सबसे ठंडा क्षेत्र दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया. पटना में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन और रात दोनों समय ठंड का असर महसूस किया जा रहा है.

आने वाले दिन क्यों हैं अहम

मौसम विभाग ने चेताया है कि अगले चार दिन बेहद महत्वपूर्ण होंगे. ठंड के साथ हल्के से मध्यम कोहरे का सिलसिला जारी रह सकता है. बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को इस दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

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Delhi Metro : रिठाला–कुंडली मेट्रो कॉरिडोर को हरी झंडी, 21 एलिवेटेड स्टेशनों से दिल्ली-NCR को मिलेगी नई कनेक्टिविटी

रिठाला–कुंडली मेट्रो कॉरिडोर को हरी झंडी
रिठाला–कुंडली मेट्रो कॉरिडोर को हरी झंडी.

Delhi Metro : दिल्ली-NCR के लिए मेट्रो विस्तार को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है. दिल्ली मेट्रो फेज-IV के तहत प्रस्तावित रिठाला–बावाना–नरेला–कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के रास्ते की सबसे बड़ी अड़चन अब दूर हो गई है. उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने दिल्ली जल बोर्ड की जमीन दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को आवंटित करने की मंजूरी दे दी है. यह जमीन रिठाला से रोहिणी सेक्टर-25 तक वायाडक्ट निर्माण के लिए जरूरी थी, जिसके कारण परियोजना लंबे समय से रुकी हुई थी.

निर्माण कार्य में आएगी तेजी

भूमि आवंटन को मंजूरी मिलने के बाद अब इस मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है. रिठाला से शुरू होकर बावाना और नरेला होते हुए हरियाणा के कुंडली तक जाने वाली यह लाइन दिल्ली और हरियाणा के बीच सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करेगी. अधिकारियों के अनुसार, अब तकनीकी और निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा, ताकि परियोजना तय समयसीमा के भीतर आगे बढ़ सके.

21 एलिवेटेड स्टेशन, ट्रैफिक दबाव होगा कम

रिठाला–कुंडली मेट्रो कॉरिडोर में कुल 21 एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित हैं. यह लाइन उत्तर-पश्चिम दिल्ली के रोहिणी, बावाना और नरेला जैसे इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से सीधे जोड़ेगी. मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद इन क्षेत्रों में सड़क यातायात पर निर्भरता कम होगी, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों में कमी आने की संभावना है. यह कॉरिडोर रेड लाइन से जुड़ेगा, जिससे पूरे दिल्ली-NCR में यात्रा और अधिक सुगम हो जाएगी.

2028 तक रोजाना 1.26 लाख यात्रियों का अनुमान

डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के मुताबिक, निर्माण पूरा होने के बाद वर्ष 2028 तक इस मेट्रो लाइन पर प्रतिदिन करीब 1.26 लाख यात्रियों के सफर करने का अनुमान है. वहीं, वर्ष 2055 तक यह संख्या बढ़कर लगभग 3.8 लाख तक पहुंच सकती है. यह कॉरिडोर औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा, जहां बड़ी आबादी रोजाना आवागमन करती है.

नरेला और आसपास के इलाकों को मिलेगा विकास का लाभ

मेट्रो कॉरिडोर को मंजूरी मिलने से नरेला क्षेत्र के विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) यहां आवासीय परियोजनाएं, शैक्षणिक संस्थान और खेल सुविधाएं विकसित कर रहा है. बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने से नरेला को शिक्षा, आवास और स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने की योजनाएं तेजी से आगे बढ़ सकेंगी.

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