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18 February 2026, Wednesday
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Bhagalpur News : भागलपुर में SC/ST Act की समीक्षा बैठक, दुरुपयोग रोकने पर जोर

भागलपुर
पीएम किसान योजना में पंजीकरण व e-KYC बढ़ाने पर जोर.

Bhagalpur News : भागलपुर में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की इस वर्ष की तीसरी बैठक समीक्षा भवन में आयोजित की गई. बैठक में अधिनियम के प्रावधानों के त्वरित और प्रभावी अनुपालन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई.

मुआवजा, पेंशन और मामलों की स्थिति

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस अधिनियम के अंतर्गत आवंटित राशि से अब तक 224 पीड़ितों/आश्रितों को मुआवजा दिया जा चुका है. इस वर्ष जिले में अब तक कुल 187 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें सभी मामलों में अधिनियम की धाराओं के अनुरूप जिला पदाधिकारी की स्वीकृति के बाद मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है.
SC/ST Act के तहत 46 आश्रितों को अनुमान्य पेंशन राशि का प्रतिमाह नियमित भुगतान किया जा रहा है. वहीं, नवंबर माह में दोनों पुलिस जिलों में न्यायालय में विचाराधीन चार मामलों में अंतिम निर्णय हुआ, जिसमें तीन अभियुक्तों को सजा सुनाई गई.

जांच, चार्जशीट और दुरुपयोग रोकने के निर्देश

जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अधिनियम का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग न हो और जांच पदाधिकारी संवेदनशीलता के साथ मामलों की जांच सुनिश्चित करें. भूमि विवाद से जुड़े मामलों में पंजीकरण से पहले समुचित जांच के बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने को कहा गया.
इसके साथ ही न्यायालय में आरोप पत्र समर्पण हेतु लंबित 319 मामलों में पुलिस पदाधिकारियों को त्वरित एवं संवेदनशील अनुसंधान पूर्ण कर चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया गया.

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Bhagalpur News : कालाबाजारी पर सख्ती, उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में निर्देश

भागलपुर डीएम
ई-केवाईसी के लिए 6 से 9 जनवरी तक लगेगा शिविर.

Bhagalpur News : भागलपुर में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में जिला उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में रबी 2025-26 के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता, आपूर्ति और गुणवत्ता को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई.

रबी 2025-26 में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता

बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी ने जानकारी दी कि रबी 2025-26 में आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों की आपूर्ति की जा रही है. वर्तमान में जिले में यूरिया 6079.188 मीट्रिक टन, डीएपी 4757.6 मीट्रिक टन, एनपीके 6225.8 मीट्रिक टन, एमओपी 1464.665 मीट्रिक टन तथा एसएसपी 2300.825 मीट्रिक टन उपलब्ध है.
अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि या किसान द्वारा यूरिया अथवा अन्य उर्वरकों की कमी की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है.

कालाबाजारी पर सख्ती, 6 लाइसेंस रद्द

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के पॉश मशीन में दर्ज स्टॉक का भौतिक भंडार एवं स्टॉक रजिस्टर से नियमित सत्यापन कराया जाए. साथ ही उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए छापामारी तेज करने और अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए.
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि रबी 2025-26 के दौरान अब तक 156 खुदरा उर्वरक प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिसमें 6 प्रतिष्ठानों में अनियमितता पाई गई. उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत इन सभी की अनुज्ञप्ति रद्द कर दी गई है.

गुणवत्ता जांच के निर्देश, नमूना संग्रह बढ़ाने पर जोर

बैठक में जिलाधिकारी ने उर्वरक की गुणवत्ता जांच को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक अधिकारियों की तैनाती कर नियमित सेम्पलिंग कराई जाए और अमानक उर्वरक पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई की जाए.

बताया गया कि वर्ष 2025-26 में 126 अकार्बनिक नमूनों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 88 नमूने संग्रह कर प्रयोगशाला भेजे गए हैं, जिनमें 19 नमूने मानक पाए गए हैं. जिलाधिकारी ने लक्ष्य के अनुरूप शीघ्र नमूना संग्रह और जांच पूरी करने का निर्देश दिया, ताकि गुणवत्ता सुनिश्चित होने के बाद ही किसानों को उर्वरक वितरित किया जा सके.

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Bhagalpur News : अवनीश कुमार सिंह ने संभाला प्रमंडलीय आयुक्त का पद, योजनाओं के तेज क्रियान्वयन पर जोर

अवनीश कुमार सिंह ने संभाला प्रमंडलीय आयुक्त का पद
अवनीश कुमार सिंह ने संभाला प्रमंडलीय आयुक्त का पद.

Bhagalpur News : भागलपुर प्रमंडल का प्रभार सोमवार को मुंगेर के आयुक्त श्री अवनीश कुमार सिंह ने ग्रहण किया. प्रभार ग्रहण से पूर्व जिला अतिथि गृह में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया. इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी नवगछिया व सदर भागलपुर, आयुक्त के सचिव, क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी, संयुक्त निदेशक जनसंपर्क सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

प्रमंडलीय कार्यालय परिसर में महिला पुलिस बल द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया.

योजनाओं के तेज क्रियान्वयन पर जोर

प्रभार ग्रहण करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि भागलपुर की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है. उन्होंने बताया कि वे पहले भी नगर आयुक्त के रूप में भागलपुर में कार्य कर चुके हैं और वर्ष 2017 में यहां से स्थानांतरण हुआ था.

उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों में भागलपुर और ग्रामीण क्षेत्रों में उल्लेखनीय विकास हुआ है. प्रगति यात्रा के दौरान की गई सभी घोषणाओं के साथ-साथ भागलपुर और बांका की महत्वपूर्ण योजनाओं को त्वरित गति से पूरा कराया जाएगा. अंतर-जिला, अंतर-विभाग और राज्य स्तर पर आवश्यक समन्वय स्थापित कर प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक

प्रभार ग्रहण के पश्चात आयुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भागलपुर प्रमंडल अंतर्गत जिला पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी एवं भूमि सुधार उप-समाहर्ताओं के साथ बैठक की.
बैठक में सभी कार्यालयों की वर्तमान स्थिति, दैनिक पत्रों एवं राजस्व न्यायालयों में नियमित सुनवाई की जानकारी ली गई. जिला पदाधिकारी भागलपुर एवं बांका ने बताया कि सभी कार्यालयों में संचिकाओं का समय पर निष्पादन हो रहा है और राजस्व न्यायालयों में नियमित सुनवाई की जा रही है.

अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश

आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी पदाधिकारी प्राथमिकता के आधार पर न्यायालयों में नियमित सुनवाई कर लंबित वादों का निष्पादन करें. भूमि सुधार उप-समाहर्ता अपने-अपने अंचलों का निरीक्षण कर मामलों का निपटारा सुनिश्चित करेंगे. नीलाम पत्र पदाधिकारियों को प्रत्येक माह कम से कम 10 वादों के निष्पादन और 5 लाख रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया गया.

इसके साथ ही अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर समस्याओं का त्वरित समाधान करने, मुख्यमंत्री द्वारा प्रगति यात्रा में घोषित योजनाओं के सफल क्रियान्वयन तथा कस्तूरबा बालिका विद्यालय व समाज कल्याण विभाग के छात्रावासों में सुधारात्मक कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.

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Bhagalpur : मार्च 2026 से शहरी क्षेत्र में शुरू होगी जलापूर्ति, जिला गंगा समिति की बैठक में समीक्षा

भागलपुर
पीएम किसान योजना में पंजीकरण व e-KYC बढ़ाने पर जोर.

Bhagalpur News : भागलपुर के समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में जलापूर्ति योजना की कार्य प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई. जिलाधिकारी ने बुडको के कार्यपालक अभियंता से योजनाओं की समय-सीमा को लेकर जानकारी ली और यह पूछा कि शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति कब से शुरू होगी.

इस पर बुडको के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि मार्च 2026 तक सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे और इसके बाद शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति आरंभ कर दी जाएगी. जिलाधिकारी ने इस आश्वासन को लिखित रूप में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि तय समय-सीमा के अनुसार जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके.

नर्सिंग होम और मेडिकल लैब के बायोवेस्ट पर सख्ती

बैठक में सिविल सर्जन, भागलपुर को निर्देश दिया गया कि जिले के सभी नर्सिंग होम और मेडिकल लैब में बायोमेडिकल वेस्ट के निष्पादन की स्थिति की समीक्षा करें. साथ ही, जो नर्सिंग होम पंजीकृत नहीं हैं, उनके बायोवेस्ट निष्पादन की भी जांच करने को कहा गया.
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जहां पंजीकरण की आवश्यकता है, वहां नियमानुसार रजिस्ट्रेशन कराया जाए और हर हाल में सभी नर्सिंग होम व मेडिकल लैब से बायोवेस्ट का सुरक्षित और नियमसम्मत निष्पादन सुनिश्चित किया जाए.

वरीय अधिकारियों की रही मौजूदगी

बैठक में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, प्रभारी वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे.

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PM Kisan 22nd Installment: अगली किस्त कब आएगी, नहीं किया ये जरूरी काम तो रुक सकता है पैसा

अगली किस्त कब आएगी
अगली किस्त कब आएगी जानें.

PM Kisan 22nd Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होती है. हर चार महीने में आने वाली यह रकम खेती से जुड़े खर्चों को संभालने में मदद करती है. नवंबर में पिछली किस्त जारी होने के बाद अब देशभर के किसान 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं.

फरवरी में आ सकती है अगली किस्त

सरकार ने अभी तक PM किसान योजना की 22वीं किस्त की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है. हालांकि, पिछले वर्षों के भुगतान पैटर्न को देखें तो आमतौर पर यह किस्त फरवरी महीने में जारी की जाती रही है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इस बार भी इसी अवधि में किसानों के खातों में पैसा ट्रांसफर हो सकता है. लेकिन इसका लाभ सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनका डेटा पूरी तरह सही और अपडेट है.

e-KYC न होने से अटक रहा पैसा

कई किसानों की किस्त इसलिए रुक जाती है क्योंकि उनकी e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं होती. सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना e-KYC के खाते में पैसा नहीं आएगा. किसान यह प्रक्रिया PM किसान पोर्टल पर ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं या नजदीकी CSC सेंटर से भी मदद ले सकते हैं.

बैंक खाते की स्थिति भी है जरूरी

सिर्फ e-KYC ही नहीं, बैंक से जुड़ी कुछ जरूरी शर्तें भी पूरी होनी चाहिए. आधार से बैंक खाते का लिंक होना, DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) का एक्टिव रहना बेहद जरूरी है. कई मामलों में DBT बंद होने या आधार लिंक न होने की वजह से रकम ट्रांसफर होकर वापस लौट जाती है.

छोटी गलतियां बन सकती हैं बड़ी रुकावट

नाम की स्पेलिंग में गलती, गलत खाता नंबर या जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में त्रुटि भी किस्त रोक सकती है. किसान PM किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं. इससे साफ पता चल जाता है कि किस्त आने वाली है या किसी कारण से भुगतान रोका गया है.

अगर आप चाहते हैं कि 22वीं किस्त समय पर आपके खाते में आए, तो इन सभी जरूरी कामों को जल्द से जल्द पूरा कर लेना ही समझदारी है.

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Disclaimer: शेयर बाजार में निवेश से जुड़ी किसी भी खरीद-फरोख्त की सलाह HelloCities24 नहीं देता. यहां प्रकाशित जानकारी बाजार विशेषज्ञों और ब्रोकरेज संस्थानों के विश्लेषण पर आधारित होती है. निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें.

US News : अमेरिका में बाढ़ का कहर: सेकेंडों में ढह गया पुल, उफनती नदी ने सड़क को निगला-वीडियो वायरल

सेकेंडों में ढह गया पुल
सेकेंडों में ढह गया पुल.

US News in Hindi: अमेरिका के मोंटाना राज्य का लिब्बी शहर भीषण बाढ़ की चपेट में है. 11 दिसंबर को हुई भारी बारिश के बाद उफनती नदी ने देखते ही देखते एक पुल को तोड़ दिया. इस भयावह घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तेज बहाव के बीच पुल का हिस्सा और सड़क पानी में बहते नजर आ रहे हैं.

कैमरे में कैद हुआ भयावह दृश्य

वायरल वीडियो में नदी का तेज बहाव कंक्रीट के बड़े-बड़े टुकड़ों को अपने साथ बहा ले जाता दिखता है. कुछ ही सेकेंड में पुल टूटकर नदी में समा जाता है और उसके ऊपर बनी सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाती है. आसपास मौजूद लोग इस दृश्य को देखकर स्तब्ध रह गए, क्योंकि पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि मजबूत ढांचा भी टिक नहीं सका.

उत्तर-पश्चिमी मोंटाना में भारी बारिश

मोंटाना के उत्तर-पश्चिमी इलाके में अचानक बदले मौसम के कारण रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई. इसका सबसे ज्यादा असर लिंकन काउंटी और आसपास के क्षेत्रों में पड़ा. बाढ़ के चलते कई सड़कें बंद करनी पड़ीं और एहतियातन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया.

कई पुल क्षतिग्रस्त, राहत कार्य जारी

न्यू यॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, लिंकन काउंटी शेरिफ कार्यालय ने बताया कि भारी बारिश और बाढ़ के कारण काउंटी क्षेत्र में करीब पांच पुल या तो टूट गए हैं या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. राहत और आपातकालीन टीमें हालात का आकलन कर रही हैं और प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचाने का काम जारी है.

पीने के पानी को लेकर अलर्ट

बाढ़ के बाद पीने के पानी में गंदगी और कीटाणुओं के मिलने का खतरा बढ़ गया है. इसी को देखते हुए लिंकन काउंटी स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को नल के पानी को उबालकर पीने की सलाह दी है. अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ के कारण जलापूर्ति व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है.

आपातकाल घोषित

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मोंटाना के गवर्नर ग्रेग जियानफोर्टे ने 11 दिसंबर को लिब्बी में आपातकाल घोषित किया. आदेश में कहा गया कि उत्तर-पश्चिमी मोंटाना के कई इलाकों में भारी बाढ़ आई है और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है.

CDC की चेतावनी

सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, जब पानी में हानिकारक कीटाणुओं की आशंका हो तो उसे उबालकर पीना जरूरी होता है. CDC ने कहा है कि स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी के दौरान लोगों को या तो बोतलबंद पानी का इस्तेमाल करना चाहिए या नल के पानी को अच्छी तरह उबालकर ही उपयोग में लाना चाहिए.

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दमघोंटू दिल्ली की हवा से जान बचाना मुश्किल! AQI 460 के पार; क्या बंद होंगे स्कूल-कॉलेज और ऑफिस ?

AQI 460 के पार; क्या बंद होंगे स्कूल-कॉलेज और ऑफिस ?
AQI 460 के पार; क्या बंद होंगे स्कूल-कॉलेज और ऑफिस ?

Grap 4 Restrictions : राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर गंभीर मोड़ ले लिया है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार रविवार 14 दिसंबर को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 460 से ऊपर दर्ज किया गया. बीते कुछ दिनों से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और हवा में मौजूद जहरीले कण लोगों की सेहत पर सीधा असर डाल रहे हैं.

ठंड बढ़ने के साथ हवा की रफ्तार थम गई है. नतीजतन धूल, धुआं और अन्य प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे हुए हैं. सुबह और रात के समय स्मॉग की परत और गहरी हो जाती है, जिससे दृश्यता घट रही है और सांस लेना मुश्किल हो गया है. दीपावली के बाद से ही राजधानी की हवा लगातार खराब बनी हुई है.

GRAP-4 के तहत सख्त पाबंदियां

प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने GRAP-4 लागू कर दिया है. इस चरण में सभी निर्माण और तोड़फोड़ के कार्य रोक दिए गए हैं. ईंट-भट्ठों और माइनिंग गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है. बाहरी राज्यों से आने वाले भारी वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है, ताकि प्रदूषण को और बढ़ने से रोका जा सके.

स्कूल बंद करने पर भी विचार

GRAP-4 को स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति माना जाता है. ऐसे में प्रशासन के पास स्कूलों को बंद करने और ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का विकल्प मौजूद है. जरूरत पड़ने पर सरकारी और निजी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम लागू किया जा सकता है. हालात की समीक्षा लगातार की जा रही है.

बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर

चिकित्सकों के अनुसार, प्रदूषित हवा बच्चों और बुजुर्गों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है. बच्चों के फेफड़ों के विकास पर असर पड़ता है, जबकि PM2.5 जैसे सूक्ष्म कण सांस की गंभीर परेशानी पैदा करते हैं. बुजुर्गों में अस्थमा, सांस की बीमारी और हृदय संबंधी जोखिम बढ़ जाता है.

फिलहाल राहत के आसार नहीं

मौसम विभाग का कहना है कि जब तक हवा की गति नहीं बढ़ती या मौसम में बदलाव नहीं होता, तब तक प्रदूषण से राहत मिलना मुश्किल है. आने वाले कुछ दिन भी राजधानी के लिए चुनौतीपूर्ण बने रह सकते हैं.

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Delhi Air Pollution: स्मॉग की गिरफ्त में दिल्ली-NCR, AQI ‘गंभीर’, हवा सेहत पर भारी

AQI 'गंभीर', हवा सेहत पर भारी
AQI 'गंभीर', हवा सेहत पर भारी.

Delhi Air Pollution: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. धीमी हवाओं और प्रतिकूल मौसम के कारण राजधानी और आसपास के इलाकों में स्मॉग की मोटी चादर छाई हुई है. कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया, जिससे दृश्यता घटने के साथ सांस की दिक्कतें बढ़ रही हैं.

शहर के प्रमुख इलाकों में AQI बेहद खराब

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सरदार पटेल मार्ग पर AQI 483 दर्ज किया गया. पंडित पंत मार्ग में 417, बाराखंबा रोड पर 474, अक्षरधाम क्षेत्र में 493 और बारापुला फ्लाईओवर पर 433 AQI रिकॉर्ड हुआ. सुबह से ही स्मॉग और धुंध के कारण सड़क और रिहायशी इलाकों में विजिबिलिटी बेहद कम रही, जो रात तक बनी रही.

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कोहरा, सड़कों पर रफ्तार थमी

एनसीआर के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा. नोएडा और ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क, प्रमुख सड़कों और मेट्रो स्टेशनों के आसपास दृश्यता काफी कम दर्ज की गई. यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-फरीदाबाद मार्ग पर वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा.

उड़ानों पर असर, एडवाइजरी जारी

कम विजिबिलिटी के चलते हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है. इंडिगो एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए संभावित देरी की जानकारी दी. रविवार को दिल्ली का औसत AQI 461 रहा, जो इस सीजन के सबसे प्रदूषित दिनों में शामिल है. एनसीआर में नोएडा का AQI 466 के साथ सबसे खराब रहा, जबकि गाजियाबाद में 459, ग्रेटर नोएडा में 435 और गुरुग्राम में 291 दर्ज किया गया. फरीदाबाद में AQI 218 रहा, जो तुलनात्मक रूप से बेहतर है.

अगले कुछ दिन राहत के नहीं

विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की रफ्तार 10 किमी/घंटा से कम रहने और ठंड बढ़ने से प्रदूषण के कण वायुमंडल में फंसे हुए हैं. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हवाएं और कमजोर हुई हैं. सीपीसीबी के मुताबिक, अगले दो-तीन दिनों तक हालात ‘बेहद खराब’ बने रह सकते हैं और तत्काल राहत की उम्मीद कम है.

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Basi Roti Khane Ke Nuksan : बासी रोटी खाने से पहले ये बातें जरूर जान लें, वरना पड़ सकता है पछताना

बासी रोटी खाने से पहले ये बातें जरूर जान लें
बासी रोटी खाने से पहले ये बातें जरूर जान लें.

Basi Roti Khane Ke Nuksan : भारतीय घरों में रात की बची रोटियों को सुबह नाश्ते में खाना आम है. कई लोग इसे घी, सब्जी या दही के साथ खाते हैं, लेकिन अधिकतर लोग नहीं जानते कि बासी रोटी अगर सही तरीके से स्टोर या खाई न जाए तो यह सेहत के लिए जोखिम बन सकती है.
आज हम विस्तार से बताते हैं बासी रोटी खाने के नुकसान, सही तरीका और किन लोगों को इससे बचना चाहिए.

बासी रोटी खाने के नुकसान

  1. फूड पॉइजनिंग का खतरा:
    रोटी अगर लंबे समय तक खुले में रखी गई हो, तो उसमें बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं. ऐसा खाने से उल्टी, दस्त, पेट दर्द और गैस जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
  2. सर्दी और खांसी बढ़ सकती है:
    जो लोग जुकाम, साइनस या खांसी से पीड़ित हैं, उनके लिए ठंडी बासी रोटी नुकसानदेह हो सकती है. इससे श्वसन तंत्र पर असर पड़ सकता है.
  3. पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है:
    रोजाना बासी रोटी खाने से पेट कमजोर हो सकता है, गैस और अपच जैसी शिकायतें बढ़ सकती हैं.
  4. कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग जोखिम में:
    छोटे बच्चे, बुजुर्ग और जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उन्हें बासी रोटी खाने से बचना चाहिए.

बासी रोटी क्यों बनती है खतरनाक?

  • खुला रखने पर बैक्टीरिया: रात भर खुले में रखी रोटी में सूक्ष्म जीवाणु तेजी से बढ़ सकते हैं.
  • नमी और गर्मी: अधिक गर्मी और नमी वाले वातावरण में बासी रोटी जल्दी खराब हो जाती है.
  • गलत मिश्रण: इसे बिना गर्म किए या सीधे खाने से पेट में जलन या अपच हो सकती है.

सही तरीके से बासी रोटी कैसे खाएं

  • स्टोरिंग टिप्स: रोटी को हमेशा ढककर या एयरटाइट कंटेनर में फ्रिज में रखें.
  • सही संयोजन: सुबह इसे दही, छाछ या दूध के साथ खाएं.
  • पुरानी रोटी न खाएं: रात से ज्यादा पुरानी रोटी को न खाएं.
  • मौसमी तरीका: गर्मियों में दही या छाछ के साथ लें और सर्दियों में हल्का गर्म दूध के साथ.
  • हाइजीन पर ध्यान: हाथ साफ करके और प्लेट/कटोरी साफ रखकर खाएं.

Disclaimer: इस रिपोर्ट में दी गई स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सुझाव केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से हैं. यह जानकारी उपलब्ध शोध, अध्ययनों और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. किसी भी उपाय या पद्धति को अपनाने से पहले उसकी पूरी जानकारी लें और अपने चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य करें.

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Sydney Shooting: सिडनी गोलीबारी के बाद नेतन्याहू का ऑस्ट्रेलिया पर हमला, बोले—यहूदी विरोधी सोच को मिल रहा संरक्षण

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू.

Sydney Shooting: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में एक धार्मिक आयोजन के दौरान हुई भीषण गोलीबारी ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है. इस हमले में 12 लोगों की जान चली गई, जिसके बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऑस्ट्रेलिया सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

बॉन्डी बीच पर धार्मिक उत्सव के दौरान हमला

रविवार शाम सिडनी के बॉन्डी बीच पर यहूदी समुदाय का धार्मिक आयोजन ‘चानुकाह बाय द सी’ चल रहा था. परिवार और दोस्त समुद्र किनारे हनुक्का उत्सव मना रहे थे, तभी अचानक गोलियों की आवाजों से अफरातफरी मच गई. न्यू साउथ वेल्स पुलिस के मुताबिक, फायरिंग में 12 लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक हमलावर भी शामिल है. दूसरे संदिग्ध को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया. कार्रवाई के दौरान दोनों हमलावरों को निष्क्रिय कर दिया गया और घटनास्थल से एक राइफल बरामद हुई है.

नेतन्याहू का ऑस्ट्रेलिया पर आरोप

हमले के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया में यहूदी विरोधी माहौल को बढ़ावा दिया जा रहा है. एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि एंटीसेमिटिज्म एक ऐसी बीमारी है, जो तब फैलती है जब नेता चुप्पी साध लेते हैं और समय रहते ठोस कदम नहीं उठाते.

नेतन्याहू ने यह भी खुलासा किया कि अगस्त में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी. यह पत्र उस समय भेजा गया था, जब ऑस्ट्रेलिया ने फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने की घोषणा की थी. नेतन्याहू के अनुसार, उन्होंने पत्र में लिखा था कि इस तरह की नीतियां यहूदी विरोधी सोच को और हवा दे सकती हैं.

हमलावर की पहचान और जांच

पुलिस ने एक हमलावर की पहचान 24 वर्षीय नवेद अकरम के रूप में की है, जो सिडनी के बोनिरिग इलाके का निवासी बताया जा रहा है. सुरक्षा एजेंसियां उसके ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस हमले के पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो नहीं है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला शाम करीब 6:40 बजे कैंपबेल परेड के पास हुआ, जब हमलावर एक वाहन से उतरकर अंधाधुंध फायरिंग करने लगे.

वायरल वीडियो और पुलिस की अपील

घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हुए हैं. एक वीडियो में एक आम नागरिक को बहादुरी दिखाते हुए एक हमलावर को पकड़ने और उससे हथियार छीनने की कोशिश करते देखा गया. माना जा रहा है कि उसकी हिम्मत से कई लोगों की जान बच गई. वहीं, एक अन्य वीडियो में दूसरा हमलावर ऊंचे वॉकवे से गोली चलाता नजर आता है.

न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने इसे गंभीर और विकसित होती स्थिति बताया है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बॉन्डी बीच और आसपास के इलाकों से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें. जांच जारी है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

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