मुजफ्फरपुर में होटल उद्घाटन के दौरान रंगदारी का प्रयास.
Muzaffarpur News : मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल के सभागार में आयोजित टीकाकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया. कार्यक्रम के अंतिम दिन जिले की 79 सहायक नर्स दाइयों (एएनएम) को नियमित एवं विशेष टीकाकरण से जुड़ा प्रशिक्षण दिया गया.
प्रशिक्षण सत्र शिश कुमार, संतोष कुमार पांडे और अजय कुमार द्वारा संचालित किया गया. इस दौरान जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एस. के. पांडे, मनीष कुमार, लवली कुमारी, मनोज कुमार समेत विभाग के अन्य पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे.
खसरा टीकाकरण अभियान पर फोकस
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एस. के. पांडे ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त एएनएम अब अपने-अपने क्षेत्रों में बच्चों को आवश्यक सभी टीके देंगी. उन्होंने कहा कि जिन बच्चों को अब तक खसरा प्रथम या द्वितीय खुराक नहीं मिल पाई है, उन्हें विशेष अभियान के तहत टीकाकृत किया जाएगा.
सूची तैयार कर माइक्रोप्लान बनाने के निर्देश
प्रशिक्षण के दौरान एएनएम को निर्देश दिया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की ड्यू लिस्ट के अनुसार पहले लाभार्थियों की सूची तैयार की जाए. इन सूचियों को कार्यालय में जमा कराने के बाद क्षेत्रवार माइक्रोप्लान बनाया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा खसरा प्रथम या द्वितीय टीकाकरण से वंचित न रहे.
प्रशिक्षण सत्र में टीकाकरण की पूरी प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों और कार्यस्थल प्रबंधन की जानकारी दी गई. साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में बच्चों का सुरक्षित और प्रभावी टीकाकरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि जिले में पूर्ण प्रतिरक्षण लक्ष्य हासिल किया जा सके.
Bihar Political News: बिहार सरकार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री लेशी सिंह ने साफ शब्दों में कहा है कि योजनाओं के लाभार्थियों से पैसे मांगने वाले कर्मियों को अब किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. यदि किसी ने एक रुपये की भी मांग की, तो उसके खिलाफ सीधी कानूनी कार्रवाई कर जेल भेजा जाएगा.
शनिवार को धमदाहा अनुमंडल कार्यालय परिसर में आयोजित सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने आम लोगों की समस्याएं सुनीं. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतों और आवेदनों के साथ पहुंचे थे. इसी दौरान कुछ लाभार्थियों ने योजना के काम के बदले पैसे मांगे जाने की शिकायत की.
शिकायत मिलते ही कर्मी तलब
शिकायत सामने आते ही मंत्री लेशी सिंह ने आरोपित कर्मचारी को मौके पर तलब किया और कड़ी फटकार लगाई. अधिकारियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की सेवा के लिए सरकार वेतन देती है, न कि उनसे पैसे वसूलने के लिए. मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि अब यह सब नहीं चलेगा और दोबारा शिकायत मिलने पर सीधे जेल भेजा जाएगा.
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि काम में लापरवाही और जनता की शिकायतों पर अब तत्काल कार्रवाई होगी. किसी भी स्तर पर कोताही बरतने वालों को संरक्षण नहीं मिलेगा. उन्होंने मौके पर मौजूद सभी विभागों के अधिकारियों को जनता की समस्याओं का त्वरित निपटारा करने का निर्देश दिया.
815 आवेदन प्राप्त
सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में कुल 815 आवेदन प्राप्त हुए. इनमें सबसे अधिक 305 आवेदन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े रहे. बिजली आपूर्ति विभाग में 214, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में 112 आवेदन आए, जबकि अन्य विभागों से संबंधित 184 आवेदन प्राप्त हुए.
अनवरत चलेगा कार्यक्रम
मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार आपके द्वार कार्यक्रम लगातार चलाया जाएगा. जनता के कार्यों की अनदेखी करने और मनमानी रवैया अपनाने वाले कर्मियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि सभी आवेदनों की जांच कर संबंधित अधिकारियों को निष्पादन के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो.
Delhi Air Pollution : दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण ने खतरनाक रूप ले लिया है. हवा की गुणवत्ता के मौजूदा हालात और इसके और बिगड़ने की आशंका को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की सब-कमेटी ने पूरे एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के चौथे चरण के तहत सभी सख्त प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू करने का फैसला लिया है.
कई इलाकों में AQI बेहद खराब
राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है. आनंद विहार में AQI 488 दर्ज किया गया. बवाना में यह 496, चांदनी चौक में 479, बुराड़ी में 457 और ओखला फेज-2 में 445 रहा. अशोक विहार में AQI 434 रिकॉर्ड किया गया, जबकि आईजीआई एयरपोर्ट क्षेत्र में यह 394 दर्ज किया गया.
Keeping in view the prevailing trend of air quality and in an effort to prevent further deterioration of air quality in the region, the CAQM Sub-Committee on GRAP decides to invoke all actions as envisaged under Stage-IV of the extant GRAP – ‘Severe+’ Air Quality (DELHI AQI >… pic.twitter.com/I7cIDeTcss
GRAP के प्रावधानों के अनुसार वायु गुणवत्ता को चार चरणों में वर्गीकृत किया गया है. AQI 201 से 300 के बीच रहने पर पहला चरण, 301 से 400 के बीच दूसरा चरण, 401 से 450 के बीच तीसरा चरण और AQI के 450 से अधिक होने पर चौथे चरण के तहत कड़े प्रतिबंध लागू किए जाते हैं. मौजूदा स्थिति में AQI गंभीर श्रेणी में पहुंचने के कारण स्टेज-IV के सभी नियम पूरे एनसीआर में लागू कर दिए गए हैं.
Bhagalpur News : भागलपुर के मानिकसरकार घाट पर सोशल मीडिया के लिए रील बनाना एक युवक को भारी पड़ गया. गंगा नदी के किनारे वीडियो रिकॉर्ड करते समय युवक का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया. देखते ही देखते युवक गंगा में डूब गया, जिससे घाट पर अफरातफरी मच गई.
घाट पर मची अफरातफरी, स्थानीय लोगों ने की बचाने की कोशिश
युवक को डूबते देख वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाया और उसे बचाने का प्रयास शुरू किया. स्थानीय निवासी रणजीत सोलंकी ने साहस दिखाते हुए खुद गंगा में उतरकर युवक को तलाशने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और गहरे पानी के कारण सफलता नहीं मिल सकी.
सूचना पर पहुंची पुलिस, SDRF कर रही तलाश
घटना की जानकारी मिलते ही जोगसर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया. इसके बाद एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया, जो गंगा नदी में युवक की तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है.
युवक की पहचान अब तक नहीं
फिलहाल डूबे युवक की पहचान और उसके रहने के स्थान की जानकारी सामने नहीं आ सकी है. प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि नदी और घाटों पर सावधानी बरतें और जोखिम भरे तरीके से वीडियो या रील बनाने से बचें.
Bhagalpur Crime : भागलपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र में स्थित एक शिव मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है. मंदिर से जुड़े व्यक्ति ने थाने में लिखित आवेदन देकर चोरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. आवेदन में बताया गया है कि अज्ञात चोरों ने मंदिर में घुसकर दानपेटी को तोड़ दिया और उसमें रखे करीब 60 से 70 हजार रुपये नकद उड़ा लिए.
मंदिर में रखे अन्य सामान के चोरी होने का भी उल्लेख आवेदन में किया गया है. घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी और चिंता की लहर देखने को मिली. मंदिर जैसे पवित्र स्थल पर चोरी होने की यह घटना लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है.
जगदीशपुर थाना पुलिस ने मामले में आवेदन प्राप्त कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने बताया कि चोरों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल घटना की छानबीन और आसपास के क्षेत्र में सुराग तलाशने का काम जारी है.
Bihar Health News : बिहार सरकार ने ड्यूटी से लंबे समय से गायब चल रहे डॉक्टरों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है. स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे 150 से अधिक चिकित्सकों के खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर दी है. विभाग ने सभी संबंधित डॉक्टरों को अंतिम अवसर देते हुए 15 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है.
नौ-नौ साल से ड्यूटी से नदारद डॉक्टर
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कई डॉक्टर ऐसे हैं जो बिना किसी सूचना के वर्षों से ड्यूटी से गायब हैं. कोई छह से नौ साल तक अस्पताल नहीं लौटा, तो कुछ डॉक्टर योगदान देने के बाद कभी ज्वाइन ही नहीं किए. यह स्थिति बिहार सेवा संहिता 1950 के नियम 74 का सीधा उल्लंघन है, जिसमें लगातार पांच साल तक अनुपस्थित रहने पर सेवा समाप्त करने का प्रावधान है.
विभागीय रिकॉर्ड में गायब डॉक्टरों में महिला रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट और चिकित्सा पदाधिकारी शामिल हैं, जिनकी तैनाती जिला अस्पताल, सदर अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में थी.
इन डॉक्टरों पर गिरी गाज
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार गया के जयप्रकाश नारायण अस्पताल की चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ममता आनंद 1 जून 2016 से अनुपस्थित हैं. बक्सर के डुमरांव में पदस्थापित स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. माला सिन्हा योगदान के बाद से ड्यूटी पर नहीं लौटीं. कैमूर सदर अस्पताल के डॉ. राजेश कुमार सिंह 6 दिसंबर 2016 से और डॉ. रंजू सिंह 24 अगस्त 2016 से अनुपस्थित हैं. इसी तरह कुर्था सीएचसी की डॉ. पूजा कुमारी और गया के डुमरिया पीएचसी की डॉ. राखी कुमारी भी योगदान के बाद से गायब हैं.
15 दिन में जवाब नहीं तो बर्खास्तगी तय
स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव उपेंद्र राम ने स्पष्ट किया है कि सभी डॉक्टरों को 15 दिनों का समय दिया गया है. निर्धारित अवधि में जवाब नहीं देने या स्पष्टीकरण से विभाग संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति लेकर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी. इसके तहत संबंधित चिकित्सकों को सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जाएगा.
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों की सेवा में लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और व्यवस्था सुधारने के लिए आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे.
Chanakya Niti : रिश्तों में विश्वास, सहयोग और मदद को हमेशा एक सकारात्मक गुण माना गया है. लेकिन बहुत से लोगों की यह शिकायत रहती है कि वे जितनी निष्ठा से किसी का साथ देते हैं, बदले में उन्हें धोखा ही मिलता है. यह समस्या केवल आज के समय की नहीं है, बल्कि प्राचीन काल में भी समाज इसी मानसिकता से जूझ रहा था. आचार्य चाणक्य ने मानव स्वभाव और रिश्तों की इसी जटिलता को लेकर अपनी नीति में गहरी बातें कही हैं, जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक मानी जाती हैं.
स्वार्थ के चश्मे से देखी जाती है अच्छाई
चाणक्य नीति के अनुसार, अधिकांश लोग किसी की अच्छाई को भावना के स्तर पर नहीं, बल्कि अपने स्वार्थ और लाभ के नजरिये से देखते हैं. जब तक किसी व्यक्ति को आपसे लाभ मिलता रहता है, तब तक वह आपके प्रति अच्छा व्यवहार करता है. लेकिन जैसे ही उसका स्वार्थ पूरा हो जाता है या वह आपको कमजोर समझने लगता है, व्यवहार बदल जाता है. चाणक्य का मानना है कि अत्यधिक उपकार करने वाला व्यक्ति कई बार सम्मान के बजाय उपेक्षा का पात्र बन जाता है.
अच्छाई को कमजोरी मानने की भूल
चाणक्य नीति में यह स्पष्ट किया गया है कि बार-बार बिना सीमा के मदद करना लोगों के मन में गलत धारणा पैदा कर देता है. उन्हें लगने लगता है कि आप हर परिस्थिति में उपलब्ध रहेंगे और विरोध नहीं करेंगे. धीरे-धीरे आपकी उदारता को आपकी कमजोरी समझ लिया जाता है. यही कारण है कि कई बार सबसे अधिक चोट वही लोग पहुंचाते हैं, जिनके लिए व्यक्ति ने सबसे ज्यादा त्याग किया होता है.
सम्मान और भय का संतुलन जरूरी
चाणक्य कहते हैं कि समाज में केवल अच्छा होना पर्याप्त नहीं है. व्यक्ति के भीतर सम्मान के साथ-साथ अपनी सीमाओं को लेकर एक स्वाभाविक भय भी होना चाहिए. जहां केवल दया होती है और आत्मसम्मान नहीं, वहां लोग फायदा उठाने से पीछे नहीं हटते. चाणक्य नीति यह सिखाती है कि न तो व्यक्ति को जरूरत से ज्यादा कठोर होना चाहिए और न ही अत्यधिक नरम. संतुलन ही जीवन और रिश्तों की कुंजी है.
हर मुस्कान पर भरोसा नहीं
चाणक्य नीति में यह चेतावनी भी दी गई है कि हर मुस्कुराता चेहरा आपका शुभचिंतक नहीं होता. कई लोग आपकी अच्छाई को केवल अपने लाभ के साधन के रूप में देखते हैं. ऐसे लोगों को समय रहते पहचानना और उनसे दूरी बनाना ही समझदारी मानी जाती है.
आज के समय में भी प्रासंगिक
हजारों वर्ष पहले कही गई चाणक्य की ये बातें आज के सामाजिक और व्यक्तिगत रिश्तों में भी साफ नजर आती हैं. चाणक्य नीति यह संदेश देती है कि इंसान को मददगार जरूर होना चाहिए, लेकिन आत्मसम्मान और विवेक के साथ. तभी रिश्तों में संतुलन बना रहता है और धोखे की आशंका कम होती है.
Bihar IAS : सिविल सेवा परीक्षा के ताजा नतीजों में एक बार फिर बिहार ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है. इस बार राज्य से कुल 15 उम्मीदवार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में चयनित हुए हैं. यह उपलब्धि न केवल चयनित अभ्यर्थियों के लिए, बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है.
बिहार लंबे समय से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी का प्रमुख केंद्र रहा है. यहां से निकलने वाले अभ्यर्थियों ने हर वर्ष देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है.
तैयारी का मजबूत आधार बना बिहार
पटना, गया और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में वर्षों से सिविल सेवा की तैयारी का माहौल रहा है. बड़ी संख्या में छात्र यहीं से प्रारंभिक तैयारी कर दिल्ली और अन्य प्रमुख कोचिंग केंद्रों तक पहुंचते हैं. इस बार चयनित 15 आईएएस अधिकारियों की सफलता को इसी निरंतर परंपरा का विस्तार माना जा रहा है.
इन अभ्यर्थियों को अलग-अलग राज्यों के कैडर मिलने जा रहे हैं, जिससे उनके परिवारों और मार्गदर्शकों में उत्साह का माहौल है.
आईएएस कैडर अलॉटमेंट सूची वह प्रक्रिया है, जिसके तहत चयनित अधिकारियों को किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का कैडर आवंटित किया जाता है. यह आवंटन उम्मीदवार की रैंक, उसकी प्राथमिकताओं और केंद्र सरकार की नीति के आधार पर किया जाता है.
कैडर अलॉटमेंट किसी भी अधिकारी के प्रशासनिक करियर की दिशा तय करता है. इससे यह निर्धारित होता है कि अधिकारी को प्रारंभिक सेवा कहां देनी है और किस प्रशासनिक ढांचे में काम करने का अनुभव मिलेगा.
कैडर से तय होता है प्रशासनिक सफर
आईएएस अधिकारियों के लिए कैडर केवल तैनाती का स्थान नहीं होता, बल्कि उनके पूरे करियर का आधार होता है. बिहार से चयनित कई अधिकारी पहले भी दूसरे राज्यों में अपनी सेवाएं देकर प्रशासनिक दक्षता का परिचय दे चुके हैं. बाद में इनमें से कई अधिकारियों ने केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी संभाली हैं.
बिहार कैडर को मिले 10 आईएएस
यूपीएससी 2024 के तहत चयनित आईएएस अधिकारियों के लिए जारी कैडर अलॉटमेंट सूची में बिहार कैडर को इस बार कुल 10 अधिकारी मिले हैं. यह राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
यूपीएससी में ऑल इंडिया रैंक 8 हासिल करने वाले सीतामढ़ी के राज कृष्ण झा को होम कैडर बिहार आवंटित किया गया है. उनके चयन और कैडर अलॉटमेंट को लेकर राज्यभर में चर्चा है.
नई पीढ़ी से बढ़ी उम्मीदें
इस बार चयनित 15 आईएएस अधिकारियों से न केवल बिहार, बल्कि देश को भी बेहतर प्रशासन की उम्मीद है. सिविल सेवा में बिहार की निरंतर मजबूत उपस्थिति यह संकेत देती है कि राज्य के युवा आज भी कड़ी मेहनत और अनुशासन के दम पर देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपनी जगह बना रहे हैं.
कटिहार डीएम के पैर पकड़कर युवक ने लगाई इंसाफ की गुहार.
Katihar News : कटिहार जिले में प्रशासन और आम जनता के बीच एक अनोखा मामला सामने आया. एक जमीनी विवाद को लेकर फरियादी छोटू कुमार सिंह ने जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के निरीक्षण के दौरान उनके पैर पकड़कर मदद की गुहार लगाई. युवक की यह स्थिति देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई. हालांकि, जिलाधिकारी ने तुरंत स्थिति को संभाला और फरियादी से शांति बनाए रखते हुए अपनी बात रखने को कहा.
फरियादी ने लगाया इंसाफ का गुहार
छोटू कुमार सिंह ने बताया कि उनका मामला पिछले कई महीनों से लंबित था और उन्हें न्याय पाने के लिए कहीं से कोई समाधान नहीं मिल रहा था. ऐसे में जब नए जिलाधिकारी ने अपना पहला निरीक्षण फलका प्रखंड कार्यालय में किया, तो उन्होंने मौके का लाभ उठाते हुए सीधे जिलाधिकारी से अपनी समस्या साझा करने का प्रयास किया.
युवक ने कहा, “हम मर जायेंगे…दया कीजिये सर.” इस दौरान डीएम ने स्थिति को गंभीरता से लिया और फरियादी को सामान्य स्थिति में आकर अपनी समस्या विस्तार से बताने की सलाह दी.
जिलाधिकारी ने लिया मामला गंभीरता से
जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि प्रशासन का काम जनता की सेवा करना है. उन्होंने फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि मामले का निपटारा शीघ्र किया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता यही है कि ऐसे लंबित मामलों का समाधान समय पर हो और आम जनता को न्याय मिल सके.
जमीनी विवाद की लंबित समस्या
फरियादी छोटू कुमार सिंह ने बताया कि यह मामला जमीन के कब्जे को लेकर पिछले कई महीनों से लंबित था. बार-बार अधिकारीयों के चक्कर काटने के बावजूद समाधान नहीं मिल पाया. उन्होंने कहा कि अब डीएम के सीधे हस्तक्षेप के बाद उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है.
मौके पर अफरा-तफरी
युवक के पैर पकड़ने के कारण मौके पर अफरा-तफरी मच गई. आसपास मौजूद लोग और प्रखंड कार्यालय के कर्मचारी हैरान रह गए. हालांकि डीएम ने तुरंत स्थिति को शांत किया और फरियादी को सामान्य स्थिति में बैठकर अपनी बात रखने की सलाह दी.
Bhagalpur News : सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए) की तैयारी को लेकर सादर अस्पताल सभागार में शनिवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. दीनानाथ ने सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों (एमओआईसी) को निर्देश दिया कि निर्धारित समय सीमा के अंदर माइक्रो और एक्शन प्लान जिला स्तर पर उपलब्ध कराए जाएँ. 15 जनवरी तक सभी प्रखंडों से आए एक्शन प्लान को राज्य को भेजा जाएगा.
एमडीए और फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम पर जोर
वर्तमान कार्यशाला में वीडीसीओ आरती कुमारी ने बताया कि राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आगामी 10 फरवरी से जिले के सभी प्रखंडों में सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) शुरू किया जाएगा. उन्होंने सभी एमओआईसी और संबंधित कर्मचारियों से सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि कार्यक्रम से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी हों.
कार्यशाला में पिरामल स्वास्थ्य के पीएलसीडी विजय कुमार ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से आईआईएचपी पोर्टल अपडेट, एमएमडीपी क्लिनिक, किट डिस्ट्रीब्यूशन स्टेटस, एनबीएस डेटा, एमडीए टाइमलाइन, एक्शन प्लान, माइक्रो प्लान, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और कालाजार कार्यक्रम के तहत आरके 39 कीट स्टेटस व डोजियर प्रिपरेशन की विस्तृत जानकारी दी. वीडीसीओ कृति कुमारी ने सभी प्रखंडों में कालाजार वीएल और पीकेडीएल पेशेंट की लाइन लिस्ट, ट्रिटमेंट हिस्ट्री और आरके 39 कीट स्टेटस डेटा जल्द अपडेट करने का निर्देश दिया. उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंडों में डोजियर तैयार किया जा रहा है और कालाजार प्रभावित पीरपैंती प्रखंड को कालाजार डोजियर अवार्ड के लिए चयनित किया गया है.
मुख्य प्रतिभागी
कार्यशाला में डब्ल्यूएचओ के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. आशीष, पिरामल स्वास्थ्य के पीएलसीडी विजय कुमार, पीओसीडी मुकेश ठाकुर, शीतल पंडित, सीफार के सीनियर प्रोजेक्ट एसोसिएट जय प्रकाश कुमार सहित जिला के विभिन्न प्रखंडों से एमओआईसी, बीसीएम, वीबीडीएस, डाटा ऑपरेटर और शहरी क्षेत्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित रहे.