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Bihar Politics: नीतीश कैबिनेट में दिलीप जायसवाल की एंट्री, मंत्री बनने के बाद बिहार BJP के कौन होंगे नए मुखिया

नीतीश कैबिनेट में दिलीप जायसवाल की एंट्री
नीतीश कैबिनेट में दिलीप जायसवाल की एंट्री.

Bihar Politics: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में गुरुवार को हुए कैबिनेट विस्तार में कुल 26 मंत्रियों ने शपथ ली. इस सूची में कई नए चेहरों के साथ ऐसे नेताओं के नाम भी शामिल थे जो पहले मंत्रिपरिषद का हिस्सा रह चुके हैं. इन्हीं में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल भी थे, जिन्होंने मंत्री पद की शपथ लेकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. अब उनके मंत्री बनने के बाद यह सवाल उठ गया है कि बिहार भाजपा का अगला प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा.

अध्यक्ष पद छूटने की वजह

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भारतीय जनता पार्टी लंबे समय से “एक नेता, एक पद” के सिद्धांत को आगे बढ़ाती रही है. इसी कारण माना जा रहा है कि दिलीप जायसवाल के विभाग संभालते ही पार्टी संगठन की कमान किसी नए चेहरے को सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इससे पहले भी जायसवाल नीतीश सरकार में मंत्री रह चुके थे, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद राजस्व मंत्री की कुर्सी उन्हें छोड़नी पड़ी थी. इसलिए राजनीतिक हलकों में यह लगभग तय माना जा रहा है कि भाजपा शीघ्र ही नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करेगी.

जायसवाल की वर्तमान स्थिति

फिलहाल दिलीप जायसवाल बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं. पिछले वर्ष सम्राट चौधरी के उपमुख्यमंत्री पद संभालने के बाद संगठन की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी. उस समय के मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें मंत्री पद से हटकर संगठन को प्राथमिकता देनी पड़ी, और उनके विभाग की जिम्मेदारी बाद में विधायक संजय सरावगी को दी गई.

जल्द मिल सकता है नया प्रदेश अध्यक्ष

पार्टी सूत्रों के अनुसार, आगामी कुछ हफ्तों में बिहार भाजपा संगठन में नया अध्यक्ष देखने को मिल सकता है. भाजपा ऐसे नेता की तलाश में है जो संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ सरकार और पार्टी की रणनीतियों के बीच संतुलन बनाए रख सके. यह भी माना जा रहा है कि नया अध्यक्ष आने वाले राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए चुना जाएगा, ताकि पार्टी अपने आगामी कार्यक्रमों और चुनावी रणनीतियों को मजबूती से आगे बढ़ा सके.

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अमेरिका के इस शहर में अब 65 दिन तक रहेगी सिर्फ रात, डूबा सूरज, भारत में ऐसा क्यों नहीं होता?

अमेरिका के इस श्डहर में डूबा सूरज
अमेरिका के इस शहर में अब 65 दिन तक रहेगी सिर्फ रात.

Polar night in Utqiagvik, Alaska: दुनिया के ज़्यादातर हिस्सों में दिन और रात का नियमित चक्र चलता रहता है—सुबह सूरज उगता है, शाम ढलते ही अंधेरा आता है. लेकिन पृथ्वी के उत्तरी छोर पर ऐसी जगहें भी हैं, जहाँ सूर्य का यह सामान्य क्रम कई हफ्तों तक रुक जाता है. अलास्का का छोटा-सा शहर उत्कियाग्विक (पहले बैरो) इस अनोखी प्राकृतिक घटना का हर साल अनुभव करता है. मंगलवार (18 नवंबर) को यहां सूर्यास्त हुआ और इसके साथ ही शहर लगभग 65 दिनों के लिए अंधकारमय ध्रुवीय रात में प्रवेश कर गया. अब यहां सुबह का उजाला 22 जनवरी 2026 को ही लौटेगा. लगभग 4,600 की आबादी वाला यह समुदाय इस अवधि के लिए पहले से खुद को तैयार कर चुका है.

उत्कियाग्विक की भौगोलिक स्थिति ही इसे बाकी दुनिया से अलग बनाती है. यह शहर आर्कटिक सर्कल से लगभग 483 किलोमीटर उत्तर में स्थित है, जहाँ पृथ्वी का झुकाव सूर्य के प्रकाश पर गहरा प्रभाव डालता है. सितंबर और मार्च के बीच उत्तरी गोलार्ध सूरज से हल्का दूर झुका रहता है. इसी वजह से सूर्य का मार्ग आसमान में नीचे की तरफ सरकने लगता है. सर्दियों का गहराता मौसम धीरे-धीरे इस स्थिति को चरम पर ले जाता है, और अंततः सूरज कई हफ्तों तक क्षितिज के ऊपर दिखता ही नहीं. इस अवधि में शहर को केवल दक्षिणी क्षितिज पर हल्की-सी नीली आभा मिलती है, जो दिन का धुंधला संकेत भर देती है.

अंधेरी सर्दियों की चुनौतियां

ध्रुवीय रात के दौरान जीवन सामान्य नहीं रहता. तापमान कई बार शून्य फ़ारेनहाइट से नीचे पहुँच जाता है. कई परिवार अपने घरों को अतिरिक्त हीटिंग से गर्म रखते हैं. स्कूलों और ऑफिसों के समय में भी कुछ बदलाव किए जाते हैं ताकि लोग सीमित रोशनी वाले समय में आवश्यक काम निपटा सकें. इसके बावजूद, स्थानीय समुदाय इस अंधकार को जीवनशैली का हिस्सा मानता है. लंबे समय तक सूरज न दिखने से कुछ लोगों को मानसिक और शारीरिक चुनौतियों का सामना भी करना पड़ता है, लेकिन शहर में सामुदायिक गतिविधियों, आइस–स्पोर्ट्स और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए माहौल को उत्साहपूर्ण बनाए रखने की कोशिश की जाती है.

इसके विपरीत, इस मौसम की सबसे मनमोहक चीज़ है—ऑरोरा बोरेलिस यानी उत्तरी रोशनी. आसमान में चमकती हरी–बैंगनी लहरें रात को किसी जादुई दृश्य में बदल देती हैं. पर्यटक इसी नजारे के लिए दुनिया भर से आर्कटिक की ओर रुख करते हैं, हालांकि चरम सर्दियों में यहां पहुंचना आसान नहीं होता.

ध्रुवीय रात के उलट—चमकदार गर्मियां

उत्कियाग्विक का मौसम दो चरम अवस्थाओं से गुजरता है. जैसे ही वसंत आता है, रोशनी बढ़ने लगती है और मई से लेकर अगस्त की शुरुआत तक यहां बिल्कुल उलटा दृश्य दिखता है—लगातार धूप, जिसे “मिडनाइट सन” कहा जाता है. इस दौरान रात का अंधेरा लगभग गायब हो जाता है. स्थानीय लोग इस मौसम को ऊर्जा और गतिविधियों के समय के रूप में देखते हैं, क्योंकि धूप भरपूर होती है और तापमान भी अपेक्षाकृत अनुकूल रहता है.
यानी एक तरफ लगभग 65 दिनों की रात, तो दूसरी तरफ लगभग 80 दिनों का अंतहीन दिन— यही ध्रुवीय इलाकों की अनूठी प्रकृति है.

भारत में कभी क्यों नहीं होता ऐसा?

भारत चाहे कितना भी उत्तरी हो, लेकिन इसकी भौगोलिक सीमा ध्रुवीय क्षेत्रों से बहुत दूर है. द्रास, लेह, गुलमर्ग या हिमाचल–उत्तराखंड के ऊँचे पहाड़ी इलाकों में भले ही दिन छोटे हो जाएँ, लेकिन सूर्य रोज क्षितिज के ऊपर उठता है. भारत लगभग उप-उष्णकटिबंधीय अक्षांश पर स्थित है, जहाँ सूर्य का मार्ग हमेशा पर्याप्त ऊँचाई पर रहता है. इसी कारण यहाँ ध्रुवीय रात या ध्रुवीय दिन जैसे चरम मौसम कभी नहीं बनते.

अलास्का जैसे इलाकों में यह क्यों संभव है?

वजह केवल पृथ्वी का 23.5° का झुकाव है. यह झुकाव ही सूर्य की रोशनी के वितरण में बड़ा अंतर पैदा करता है. आर्कटिक सर्कल के अंदर स्थित शहरों में सर्दियों के दौरान सूर्य इतना नीचे चला जाता है कि वह हफ्तों तक क्षितिज को छू भी नहीं पाता. दक्षिणी गोलार्ध में भी बिल्कुल यही घटना होती है—लेकिन वहाँ अंटार्कटिका में यह असर और भी ज्यादा दिखाई देता है. दक्षिणी ध्रुव पर तो लगभग छह महीनों तक रात रहती है, और जब वहाँ रोशनी लौटती है, तब उत्तरी ध्रुव रात में डूब जाता है.

पृथ्वी के ध्रुवों पर दिन–रात का अनोखा संतुलन

ध्रुवीय क्षेत्रों में दिन–रात की यह घटना पृथ्वी की गति और झुकाव के कारण ही होती है. जब उत्तरी ध्रुव अंधकार में डूबा होता है, तभी दक्षिणी ध्रुव पर सूरज लगातार चमकता रहता है. और जैसे ही उत्तरी क्षेत्र “मिडनाइट सन” में प्रवेश करता है, दक्षिणी ध्रुव अपनी लंबी ध्रुवीय रात में चला जाता है. यही चक्र हर साल दोहराता है और ध्रुवों को दुनिया के बाकी हिस्सों से अलग बनाता है.

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ब्राजील में COP30 के ब्लू जोन में भड़की आग.
ब्राजील में COP30 के ब्लू जोन में भड़की आग.

Brazil Belem COP30 massive fire breakes out: ब्राजील के बेलेम शहर में आयोजित हो रहे COP30 जलवायु शिखर सम्मेलन में गुरुवार को अचानक लगी आग ने पूरे आयोजन को थर्रा दिया. 10 नवंबर से चल रहा यह वैश्विक सम्मेलन 21 नवंबर को खत्म होना था, मगर समापन से चंद घंटे पहले लगी आग ने कार्यक्रम की रफ्तार रोक दी. आग इतनी तेज़ी से फैली कि हज़ारों प्रतिनिधियों को बिना देर किए स्थल से बाहर भागना पड़ा.

बताया गया कि घटना उस समय हुई जब वैश्विक वार्ताकार जलवायु संकट से निपटने की अंतरराष्ट्रीय रणनीति पर सहमति प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रहे थे. हालांकि आपातकालीन व्यवस्था तुरंत सक्रिय हुई और राहत कर्मियों ने हालात पर नियंत्रण पाने की पूरी कोशिश की. शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है. कई एंबुलेंस और दमकल टीमें तुरंत मौके पर तैनात कर दी गईं.

दोपहर करीब दो बजे स्थानीय समयानुसार सम्मेलन स्थल के ‘ब्लू ज़ोन’ में आग देखी गई—यह वही हिस्सा है जहाँ अंतरराष्ट्रीय बैठकों, पवेलियन गतिविधियों, मीडिया संचालन और उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों का पूरा कामकाज चलता है. घटना के बाद 13 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिन्हें धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. अधिकारियों ने कहा कि आग कुछ ही मिनटों में काबू कर ली गई और इसके पीछे की वजह की जांच शुरू कर दी गई है.

स्थानीय अग्निशमन विभाग के मुताबिक प्रारंभिक आशंका है कि आग किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण—संभवत: माइक्रोवेव—से भड़की.

बारिश ने बाहर खड़े लोगों की मुसीबत बढ़ाई

जब लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, उसी दौरान तेज़ बारिश होने लगी, जिससे खुले आसमान के नीचे जमा भीड़ को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि बारिश ने आग को और फैलने से रोकने में मदद भी की. यह घटना ऐसे वक्त हुई जब संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सम्मेलन के परिणामों को लेकर देशों से निर्णायक कदम उठाने की अपील की थी. आग से जुड़े एक वीडियो को सोशल मीडिया पर कई हैंडल्स ने शेयर किया है, जिसमें अचानक उठते काले धुएं और अफरातफरी को देखा जा सकता है.

UN टीम ने तुरंत राहत अभियान चलाया

UNFCCC की ओर से जारी बयान में कहा गया, “बेलेम में COP30 स्थल के ब्लू ज़ोन में आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा दल ने तत्काल कार्रवाई की और करीब छह मिनट के भीतर आग पर काबू पा लिया. सभी प्रतिनिधियों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया.” बयान में यह भी बताया गया कि धुएं से सांस संबंधी समस्या झेल रहे सभी 13 लोगों की मौके पर ही देखभाल की गई और उनकी स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है. UNFCCC ने राहत कार्य में लगे कर्मचारियों के तेज़ और समन्वित प्रयासों की सराहना की है.

गुटेरेस और भारत के मंत्री भूपेंद्र यादव भी सुरक्षित

आग लगने के तुरंत बाद पूरा परिसर खाली करा दिया गया. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को भी UN सुरक्षा विभाग ने सुरक्षित बाहर पहुंचाया. भारत की ओर से मौजूद पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव उस समय ब्लू ज़ोन में ही थे, मगर वे भी पूरी तरह सुरक्षित निकाले गए. भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रवक्ता ने बताया कि दल को समय रहते बाहर निकाल लिया गया. घटना के बाद हुई गिनती में सभी कर्मचारी सुरक्षित पाए गए.

ब्लू जोन अब ब्राजील सरकार के नियंत्रण में

आग लगने के बाद ब्लू ज़ोन से काले धुएं का घना बादल उठने लगा, जिसकी वजह से प्रतिनिधियों को दोबारा प्रवेश की अनुमति देने में कई घंटे लग सकते थे. आयोजकों ने बताया कि शाम 8 बजे से पहले किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि अब यह हिस्सा संयुक्त राष्ट्र के विशेष नियंत्रण क्षेत्र में नहीं रहेगा और आयोजन समाप्त होने तक मेज़बान देश ब्राज़ील के अधिकार क्षेत्र में संचालित होगा.

अंतिम चरण की वार्ता पर पड़ा असर

गुरुवार को COP30 की अध्यक्षता ‘मुतिराँ निर्णय’ के नए प्रारूप पर काम कर रही थी, जिसे सम्मेलन के संभावित परिणामों की मुख्य रूपरेखा माना जा रहा था. इसमें जीवाश्म ईंधनों से क्रमिक रूप से बाहर निकलने की दिशा में एक संभावित वैश्विक रोडमैप भी शामिल हो सकता था. शुक्रवार को सम्मेलन का समापन तय था, मगर आग की वजह से अंतिम चरण की वार्ताएं बाधित हो गईं. कार्यक्रमों और बैठकों को दोबारा कब शुरू किया जाएगा, इस पर आयोजकों और सदस्य देशों के बीच चर्चा जारी है.

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Bhagalpur : शादी समारोह से लौटे युवक की मौत, परिवार ने दूसरी पत्नी को बताया जिम्मेदार

मौत
सांकेतिक तस्वीर.

Bhagalpur : राजौन थाना क्षेत्र के कठचातर गाँव में दो शादी करना युवक को भारी पड़ गया. मंगलवार को जहर खाने से बादल कुमार (29) की मौत हो गई. पुलिस को दिए बयान में मृतक के पिता ने कहा कि बादल की दो पत्नियाँ थीं और दोनों को वह कठचातर में अलग-अलग कमरों में रखकर रहता था.

शादी समारोह से लौटने के बाद बिगड़ी तबीयत

18 नवंबर की रात करीब 9 बजे बादल अपनी दूसरी पत्नी काजल देवी के साथ गाँव में एक शादी समारोह में शामिल हुआ. समारोह के बाद काजल उसे अपने मायके ले गई. पिता का आरोप है कि वहीं काजल ने खाने में जहर मिलाकर बादल को खिला दिया.

घर लौटते ही गिर पड़ा, मुंह से निकला झाग

19 नवंबर की सुबह करीब 2 बजे बादल किसी तरह घर पहुँचा, लेकिन दरवाजे पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा. परिजनों ने देखा कि उसके मुँह से झाग निकल रहा था. परिजन तत्काल उसे राजौन सरकारी अस्पताल लेकर पहुँचे.

मायागंज रेफ़र, डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उसे मायागंज अस्पताल रेफ़र कर दिया. इलाज के दौरान शाम करीब 4:30 बजे डॉक्टरों ने बादल को मृत घोषित कर दिया.

घटना के बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है और आरोपित पत्नी काजल देवी से पूछताछ की तैयारी कर रही है.

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बिना विधायक या MLC बने ही दिलाई गई शपथ, कौन है दीपक प्रकाश और कैसे बन गए मंत्री?

मंत्री पद की शपथ लेने के बाद पीएम मोदी से दीपक कुशवाहा ने मुलाकात की
मंत्री पद की शपथ लेने के बाद पीएम मोदी से दीपक कुशवाहा ने मुलाकात की.

Bihar Minister Deepak Prakash Kushwaha: बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को गांधी मैदान, पटना में आयोजित किया गया. इस मौके पर नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. साथ ही उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की, जो इस समय किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं.

बिना सदस्य मंत्री बनने का प्रावधान

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164(4) के तहत, यदि किसी व्यक्ति को मंत्री बनाया जाता है और वह उस समय विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य नहीं है, तो उसे छह महीने तक मंत्री बने रहने की अनुमति है. इस अवधि के भीतर उसे किसी एक सदन का सदस्य बनना अनिवार्य है, अन्यथा उसे पद छोड़ना होगा.

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दीपक प्रकाश को मिला विधायकों का समर्थन

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, दीपक प्रकाश के मंत्री बनने में उनके पिता उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के विधायक अहम भूमिका निभाई. पार्टी ने कुल 6 सीटों पर चुनाव लड़ा और 4 सीटें जीतीं. इनमें सासाराम की विधायक स्नेहलता, जो कि उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी हैं, भी शामिल हैं.

विशेषज्ञ और अनुभवी नेताओं को शामिल करने की रणनीति

ऐसा कदम इसलिए उठाया जाता है ताकि मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल में योग्य विशेषज्ञ और अनुभवी अधिकारियों को शामिल कर सकें. बाद में ये लोग उपचुनाव या विधान परिषद के जरिए सदन का सदस्य बन सकते हैं.

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तेज प्रताप यादव ने नीतीश कुमार को दी बधाई
तेज प्रताप यादव ने नीतीश कुमार को दी बधाई.

Tej Pratap Yadav on Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 10वीं बार पद संभाला. इस मौके पर जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के जरिए उन्हें बधाई दी. उन्होंने उम्मीद जताई कि बिहार की 14 करोड़ जनता के सपनों को पूरा करने में नई सरकार सफलता हासिल करेगी.

तेज प्रताप यादव ने क्या कहा?

तेज प्रताप यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि नीतीश कुमार को दसवीं बार मुख्यमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. साथ ही उन्होंने नई मंत्रिपरिषद में शामिल सभी मंत्रियों को भी बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की.

बिहार की जनता और विकास पर फोकस

तेज प्रताप यादव ने आगे कहा कि बिहार के लोग बेरोजगारी और पलायन जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में इन चुनौतियों का समाधान किया जाएगा और राज्य को तेजी से विकास की ओर अग्रसर किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह सरकार 14 करोड़ आदरणीय बिहारवासियों के सपनों को साकार करने के लिए काम करेगी.

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नीतीश कुमार शपथ ग्रहण
नीतीश कुमार ने लिया बिहार के सीएम पद का शपथ ग्रहण.

Bihar CM Oath Ceremony: बिहार चुनाव में एनडीए की जीत के बाद नई सरकार का गठन हो गया है. नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ 26 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की. शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उपराष्ट्रपति चंद्रबाबू नायडू समेत कई केंद्रीय और राज्य के नेता उपस्थित रहे.

कैबिनेट का सामाजिक और राजनीतिक संतुलन

नई कैबिनेट में बीजेपी से 14, जेडीयू से 8, एलजेपी (रामविलास) से 2 और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा से एक-एक मंत्री शामिल हैं. दो डिप्टी सीएम भी बनाए गए हैं—सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा.

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सामाजिक प्रतिनिधित्व पर भी ध्यान दिया गया है. दलित समुदाय से पांच मंत्री, वैश्य और राजपूत से चार-चार मंत्री शामिल हैं. इसके अलावा कुर्मी, कोइरी, भूमिहार, निषाद, यादव, ब्राह्मण, कायस्थ और मुस्लिम समाज से भी मंत्रियों को जगह मिली है. इस कैबिनेट में तीन महिलाएं और तीन नए विधायक पहली बार मंत्री बने.

शपथ ग्रहण समारोह के प्रमुख पल

मंत्रियों में मंगल पाण्डेय, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, श्रेयसी सिंह, रमा निषाद और मदन सहनी शामिल रहे. जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से उनके पुत्र भी मंत्री बने.

पटना के गांधी मैदान में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने जनता का अभिवादन स्वीकार किया. शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार स्वयं पीएम मोदी को एयरपोर्ट तक विदा करने गए. इस दौरान नीतीश ने एक पल के लिए प्रधानमंत्री का पैर छूने का प्रयास किया.

एलजेपी नेता संजय कुमार सिंह ने कहा कि मंत्री बनना उनके लिए गर्व का पल है. उन्होंने चिराग पासवान का आभार जताया और कहा कि वे इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाएंगे.

नई राजनीतिक केमिस्ट्री

शपथ ग्रहण समारोह में मोदी और नीतीश का मंच पर साथ होना नई राजनीतिक केमिस्ट्री का प्रतीक माना गया. दोनों नेताओं की बॉडी लैंग्वेज ने परिपक्व रिश्ते और सहयोग का संदेश दिया.

पटना एयरपोर्ट पर PM मोदी को विदा करते दिखे नीतीश

पटना एयरपोर्ट पर उस समय खास नज़ारा दिखा जब शपथ ग्रहण समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वापस दिल्ली जा रहे थे. उन्हें विदा करने खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंचे. इस दौरान एक पल ऐसा आया जब नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री के पैर छूने की कोशिश की.

Bihar CM Oath Ceremony: नीतीश कुमार ने 10वीं बार लिया बिहार के सीएम पद का शपथ ग्रहण, पीएम मोदी-शाह-नायडू भी रहे मौजूद Bihar CM Oath Ceremony 1

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Bhagalpur News : समाहरणालय में शुरू होंगी भोजन-पेयजल सेवाएं, जीविका करेगी संचालन

समाहरणालय में शुरू होंगी भोजन-पेयजल सेवाएं
समाहरणालय में शुरू होंगी भोजन-पेयजल सेवाएं.

Bhagalpur News : भागलपुर में सरकारी कार्यालयों में पहुंचने वाले लोगों को अब भोजन और पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. समाहरणालय से लेकर अनुमंडल कार्यालय तक मूलभूत सुविधा केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.
जिलाधिकारी ने जीविका को संचालन का जिम्मा सौंपते हुए विभागों को जरूरी जगह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.

समीक्षा बैठक में तय हुई व्यवस्था

बिहार सरकार के निर्देश पर समाहरणालय और अनुमंडल कार्यालय परिसरों में भोजन, पेयजल और अन्य बुनियादी सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई.
बैठक में जीविका के डीपीएम सुनिर्मल गरेन ने इन सुविधाओं के संचालन के लिए पुराने आपदा प्रबंधन भवन को उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा. डीएम ने अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर भवन हस्तांतरित करने का निर्देश जारी किया.

अनुमंडलों में भी खुलेगा भोजन आउटलेट

नवगछिया और कहलगांव अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे जीविका को दो कमरे, एक स्टोर रूम, एक आउटलेट और खुला स्थान उपलब्ध कराएं.
इन परिसरों में जल्द ही आम नागरिकों, ग्रामीण इलाकों से आनेवाले लोगों और कर्मचारियों के लिए उत्कृष्ट गुणवत्ता वाला भोजन सस्ती दर पर उपलब्ध कराया जाएगा.

लोगों को मिलेगी वास्तविक राहत

इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी कामों से आनेवाले नागरिकों को भोजन या पेयजल की कमी का सामना न करना पड़े. प्रशासन का मानना है कि इन सुविधा केंद्रों के शुरू होने से लोगों की परेशानियां काफी कम होंगी और कार्यालय आने-जाने का अनुभव बेहतर होगा.

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Nitish Kumar Shapath Grahan Samaroh Live: शपथ ग्रहण से पहले हलचल तेज, नीतीश कुमार का परिवार गांधी मैदान के लिए रवाना

Nitish Kumar Shapath Grahan Samaroh Live
Nitish Kumar Shapath Grahan Samaroh Live

Nitish Kumar Shapath Grahan Samaroh : बिहार में नई सरकार के गठन की औपचारिक शुरुआत गुरुवार को होने जा रही है. नीतीश कुमार आज अपने राजनीतिक सफर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव तय करते हुए 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे.

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान दोपहर 1:30 बजे नीतीश कुमार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. समारोह में मुख्यमंत्री के साथ नई कैबिनेट के मंत्रियों का भी शपथ ग्रहण होगा. उधर, नीतीश कुमार का परिवार भी गांधी मैदान के लिए रवाना हो चुका है, जहां सुरक्षा और तैयारियों का व्यापक इंतजाम किया गया है.

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Nitish Kumar : दो दशक की सत्ता यात्रा में नया पड़ाव; नीतीश आज 10वीं बार संभालेंगे मुख्यमंत्री पद

नीतीश आज 10वीं बार संभालेंगे मुख्यमंत्री पद
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Nitish Kumar Shapath Grahan: नीतीश कुमार एक बार फिर इतिहास के पन्नों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने जा रहे हैं. गुरुवार को 11:30 बजे वे लगातार दो दशकों में 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं. पटना का गांधी मैदान इस समारोह को राजनीतिक शक्ति के बड़े प्रदर्शन में बदलने की तैयारियों से पूरी तरह सज चुका है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे.

प्रधानमंत्री का विशेष आगमन, चौकन्नी सुरक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 10:45 बजे हेलिकॉप्टर से सीधे गांधी मैदान के पास बने अस्थायी हेलिपैड पर उतरेंगे. उनके कार्यक्रम की सुरक्षा SPG के नियंत्रण में है, जबकि पूरा मैदान और आसपास का इलाक़ा बिहार पुलिस की निगरानी में रहेगा. PM मोदी के लिए राजभवन में एक विशेष भोज की व्यवस्था की गई है, जिसमें लगभग 150 आमंत्रित मेहमान शामिल रहेंगे.

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नई टीम के गठन की तैयारी, दो डिप्टी CM की ताजपोशी

नीतीश के नए मंत्रिमंडल में कुल 18 चेहरों के शामिल होने की संभावना है. अनुमान है कि जदयू से 7, भाजपा से 8 और लोजपा (आर), रालोमो तथा हम से एक-एक मंत्री शपथ ले सकते हैं.
सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को उपमुख्यमंत्री बनाया जाना तय माना जा रहा है, जिससे नई सरकार की सत्ता-संरचना मजबूत रूप में सामने आएगी.

होटल फुल बुक, स्कूल–कॉलेज बंद, शहर अलर्ट मोड पर

शपथ ग्रहण को लेकर ताज, मौर्या और चाणक्या सहित बड़े होटलों के लगभग 260 कमरे आधिकारिक तौर पर आरक्षित कर लिए गए हैं. भीड़ और सुरक्षा कारणों से गांधी मैदान के पास स्थित सभी स्कूल और कॉलेजों को एक दिन के लिए बंद किया गया है. ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए शहर में विशेष रूट प्लान लागू कर दिया गया है.

NDA का शक्ति प्रदर्शन, लाखों के जुटान की तैयारी

NDA इस आयोजन को अपनी ताकत दिखाने के बड़े मौके के रूप में देख रहा है. सभी दलों को अपने क्षेत्रों से समर्थक लाने की जिम्मेदारी दी गई है. हर विधायक को लगभग 5,000 लोगों को पटना पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मैदान में तीन लाख से अधिक लोगों की भीड़ हो सकती है.

20 राज्यों के मुख्यमंत्री भी बनेंगे गवाह

कार्यक्रम में भाजपा और NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री बड़ी संख्या में पहुंचेंगे. योगी आदित्यनाथ, पुष्कर सिंह धामी, चंद्रबाबू नायडू, भूपेंद्र पटेल, देवेंद्र फडणवीस, हिमंत बिस्वा सरमा, पेमा खांडू, माणिक साहा सहित कुल 20 मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी से आयोजन और भव्य होने जा रहा है.
इसके अलावा पद्म सम्मान प्राप्त अनेक हस्तियों, वैज्ञानिकों, साहित्यकारों और अन्य प्रमुख शख्सियतों को भी विशेष निमंत्रण दिया गया है.

VVIP के लिए सुरक्षित प्रवेश, जनता के लिए अलग द्वार

गांधी मैदान में कुल 13 प्रवेश द्वार तैयार किए गए हैं. गेट नंबर-1 को विशेष रूप से VVIP लिए आरक्षित रखा गया है. इसी मार्ग से प्रधानमंत्री, राज्यपाल, नीतीश कुमार और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री प्रवेश करेंगे. आम नागरिकों के लिए अन्य सभी गेट खुले रहेंगे और सुरक्षा जांच को और कड़ा किया गया है.

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