Bomb Threat: दिल्ली से पटना जा रही तेजस राजधानी एक्सप्रेस उस वक्त सुरक्षा एजेंसियों के घेरे में आ गई, जब ट्रेन को लेकर बम रखे जाने की सूचना सामने आई. इस खबर से यात्रियों के बीच बेचैनी का माहौल बन गया और रेलवे प्रशासन में भी हलचल मच गई. सूचना मिलते ही संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया. ट्रेन में मौजूद यात्रियों को किसी भी अनहोनी की आशंका सताने लगी. सुरक्षा कारणों से पूरे रूट पर निगरानी बढ़ा दी गई. रेलवे और पुलिस विभाग के अधिकारी लगातार संपर्क में बने रहे. मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती गई.
दिल्ली से निकलने के बाद मिला फोन
जानकारी के अनुसार, ट्रेन के दिल्ली से खुलने के करीब डेढ़ घंटे बाद धमकी भरा फोन आया. कॉल करने वाले ने दावा किया कि ट्रेन की एक बोगी में विस्फोटक रखा गया है. सबसे पहले यह सूचना पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन के आरपीएफ अधिकारियों को दी गई. इसके बाद पटना रेल प्रशासन को भी इसकी जानकारी दी गई. उस समय ट्रेन अलीगढ़ के आसपास पहुंच रही थी. सूचना मिलते ही अधिकारियों ने तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया. सभी संबंधित एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया.
अलीगढ़ स्टेशन पर रोकी गई ट्रेन
हालांकि अलीगढ़ स्टेशन पर तेजस राजधानी का नियमित ठहराव नहीं होता है, लेकिन सुरक्षा कारणों से ट्रेन को वहां रोक दिया गया. स्टेशन पर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स और जीआरपी के जवान तैनात कर दिए गए. अन्य जांच एजेंसियां भी मौके पर पहुंचीं. यात्रियों को अपनी सीटों पर ही बने रहने को कहा गया. स्टेशन परिसर को भी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया. पूरे माहौल में सख्ती साफ नजर आ रही थी. किसी भी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही पर रोक लगा दी गई.
दो घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन
अलीगढ़ स्टेशन पर करीब दो घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया. ट्रेन के सभी कोचों की एक-एक कर जांच की गई. यात्रियों के बैग, सीटों के नीचे और तकनीकी हिस्सों को भी खंगाला गया. सुरक्षा बलों ने हर कोने को ध्यान से चेक किया. किसी भी संदिग्ध वस्तु को नजरअंदाज नहीं किया गया. जांच के दौरान यात्रियों को लगातार सूचना दी जाती रही. पूरे ऑपरेशन पर वरिष्ठ अधिकारी नजर बनाए हुए थे.
प्रयागराज और डीडीयू जंक्शन पर दोबारा जांच
अलीगढ़ से रवाना होने के बाद ट्रेन को प्रयागराज के पास सुबेदारगंज स्टेशन पर रोका गया. यहां भी सुरक्षा एजेंसियों ने तलाशी अभियान चलाया. इसके बाद पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन पर फिर से जांच की गई. हर कोच को दोबारा चेक किया गया. सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी गई. रेलवे प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया. यात्रियों को लगातार हालात की जानकारी दी जाती रही.
बिहार में प्रवेश के साथ हाई अलर्ट
ट्रेन के बिहार में दाखिल होते ही सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई. बक्सर, दानापुर और पटना जंक्शन को हाई अलर्ट पर रखा गया. इन स्टेशनों पर डॉग स्क्वॉड तैनात किए गए. हैंड मेटल डिटेक्टर और अन्य उपकरणों से जांच की गई. यात्रियों के सामान की बारीकी से तलाशी ली गई. कोचों के अलावा प्लेटफॉर्म एरिया भी चेक किया गया. पूरे स्टेशन परिसर में निगरानी बढ़ा दी गई.
वॉशरूम और पैंट्री कार तक जांच
जांच अभियान के दौरान ट्रेन के वॉशरूम, पैंट्री कार और अन्य तकनीकी हिस्सों को भी खंगाला गया. हर छोटे-बड़े हिस्से की जांच की गई. सुरक्षा एजेंसियों ने यह सुनिश्चित किया कि किसी तरह का खतरा न रह जाए. कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई. सभी यात्रियों पर नजर रखी गई. पूरे अभियान में कई घंटे का समय लगा. ट्रेन को आगे बढ़ाने से पहले पूरी तरह संतुष्टि की गई.
कई घंटे की देरी से पटना पहुंची ट्रेन
लगातार चलती रही जांच के कारण तेजस राजधानी अपने तय समय से काफी पीछे हो गई. अलीगढ़ से दानापुर तक चले सुरक्षा अभियान का असर पूरे शेड्यूल पर पड़ा. ट्रेन करीब पौने छह घंटे की देरी से पटना जंक्शन पहुंची. स्टेशन पर भी सुरक्षा बल पहले से तैनात थे. ट्रेन के पहुंचते ही दोबारा निगरानी की गई. यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली.
जांच एजेंसियां कॉल की कर रही पड़ताल
पटना रेल एसपी अनंत कुमार राय ने बताया कि बिहार में की गई जांच में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि जांच से जुड़ी सभी जानकारियां संबंधित आरपीएफ और जीआरपी अधिकारियों को भेज दी गई हैं. वहीं धमकी भरे फोन कॉल की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है. कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं. नंबर की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है. दिल्ली की जांच एजेंसियां भी मामले में जुटी हुई हैं. दोषी तक पहुंचने के लिए हर स्तर पर जांच जारी है.
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