Kolkata Rail News : पूर्व रेलवे के सियालदह मंडल ने 14-15 मार्च, 2026 की रात के दौरान बारुईपुर-डायमंड हार्बर सेक्शन में कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और रखरखाव परियोजनाओं को पूरा किया. इस पहल से स्थानीय निवासियों और यात्रियों दोनों को सीधे लाभ हुआ और रेलवे परिचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता में सुधार हुआ.
पुल संख्या S/34 पर मानसून में जलभराव का खतरा कम होगा
पुल संख्या S/34 के पास 10 प्रीकास्ट RCC बॉक्स लगाकर एक अतिरिक्त जलमार्ग बनाया गया है, जिसे आदगंगा जलग्रहण क्षेत्र की जल निकासी क्षमता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इस पहल से सोनारपुर, बारुईपुर और सूरजपुर के आसपास के क्षेत्रों में मानसून के दौरान पानी का जलभराव कम होगा और रेलवे ट्रैक स्थिर और सुरक्षित बने रहेंगे.
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मगराहाट स्टेशन पर नया फुट ओवर ब्रिज स्थापित किया गया
मगराहाट स्टेशन पर 3 मीटर चौड़े नए फुट ओवर ब्रिज (FOB) का उद्घाटन किया गया है. इसमें 21.75 मीटर के तीन गर्डर और 12.64 मीटर के तीन गर्डर सटीक रूप से स्थापित किए गए हैं. इस परियोजना से यात्रियों को ट्रैक पार करने का सुरक्षित और सुविधाजनक तरीका मिला है और स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन में भी सुधार हुआ है.
ट्रैक रखरखाव से परिचालन विश्वसनीयता में होगा सुधार
पूरे सेक्शन में कई महत्वपूर्ण तकनीकी रखरखाव कार्य किए गए हैं. तीन विशेष टीमों ने 32 वेल्डिंग कार्य पूरे किए. मगराहाट में बेहतर स्विच एक्सपेंशन जॉइंट (SEJ) स्थापित किया गया. इसके अलावा, रेल टेंसर का उपयोग करके 1772 मीटर रेल की डी-स्ट्रेसिंग (तनाव-मुक्ति) की गई. डायमंड हार्बर प्लेटफॉर्म क्षेत्र में 377 ट्रैक मीटर की गहरी छंटाई के लिए बैलास्ट क्लीनिंग मशीन तैनात की गई, जिससे ट्रैक की स्थिरता सुनिश्चित हुई है.
बिजली और संपर्क तारों का उन्नयन
‘अप लाइन’ पर घिसे हुए कॉन्टैक्ट वायर के 15 स्पैन (लगभग 1000 मीटर) बदले गए. होटार और बारुईपुर सेक्शन के बीच 12 अतिरिक्त स्पैन (लगभग 750 मीटर) पुराने और कई जोड़ों वाले तारों को भी बदला गया. इन उपायों से बिजली की विश्वसनीयता और ट्रेनों का परिचालन सुरक्षित हुआ.
स्थानीय निवासियों और यात्रियों को सीधे लाभ
यह व्यापक कार्य मंडल रेल प्रबंधक/सियालदह, श्री राजीव सक्सेना की सीधी देखरेख में और महाप्रबंधक/पूर्व रेलवे, श्री मिलिंद देऊस्कर के मार्गदर्शन में पूरे किए गए. मंडल रेल प्रबंधक ने बताया कि इस तरह की पहल रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने, परिचालन की विश्वसनीयता बढ़ाने और रोज़ाना यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक हैं.
रेलवे परिचालन की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित
इन परियोजनाओं से स्थानीय निवासी और रेलवे यात्रियों दोनों को लाभ मिला है. मानसून के दौरान जलभराव का खतरा कम हुआ है, स्टेशन पर ट्रैक पार करना सुरक्षित और सुविधाजनक हुआ है, और ट्रैक की स्थिरता और बिजली की विश्वसनीयता बढ़ी है. इस पहल से रोज़ाना यात्रा अनुभव बेहतर और भरोसेमंद हुआ है.
सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण बताया
पूर्व रेलवे ने यह दिखाया है कि समय पर बुनियादी ढांचे और रखरखाव कार्य करना रेलवे नेटवर्क की सुरक्षा और उच्च गति परिचालन के लिए कितना महत्वपूर्ण है. इस तरह की परियोजनाएं न केवल ट्रेनों के संचालन को बेहतर बनाती हैं, बल्कि यात्रियों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और सुविधा को भी सुनिश्चित करती हैं.
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