Bihar Census 2026: बिहार में प्रस्तावित जनगणना को लेकर राज्य सरकार ने कार्यक्रम तय कर दिया है. उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के अनुसार पूरी कवायद दो चरणों में पूरी होगी और कुल अवधि लगभग डेढ़ महीने की रहेगी. इसका संचालन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधीन जनगणना निदेशालय करेगा.
कब और कैसे शुरू होगा काम?
सरकार की योजना के मुताबिक पहला चरण अप्रैल 2026 के मध्य से शुरू होगा. इस दौर में मकानों, भवनों और आवासीय ढांचे से जुड़ी सूचनाएं जुटाई जाएंगी. यह चरण 17 अप्रैल से 1 मई तक चलेगा.
इसके तुरंत बाद दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें गणनाकर्मी घर-घर पहुंचकर परिवार और सदस्यों से संबंधित विवरण दर्ज करेंगे. यह प्रक्रिया 2 मई से 31 मई 2026 तक प्रस्तावित है.
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भारत की जनगणना-2027
— Revenue and Land Reforms Department (@BiharRevenue) February 7, 2026
स्व-गणना : 17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक
घर-घर सर्वेक्षण (मकान सूचीकरण) : 02 मई 2026 से 31 मई 2026 तक।@NitishKumar @VijayKrSinhaBih @IPRDBihar #Census#Population#BiharBhumi#BiharRevenueAndLandReformsDept pic.twitter.com/YXgL6o9hCZ
किन बातों का होगा रिकॉर्ड
सर्वे के दौरान परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, घर में उपलब्ध सुविधाएं और बुनियादी जरूरतों से जुड़ी जानकारियां संकलित की जाएंगी. प्रशासन का कहना है कि पूरी कवायद कानूनी प्रावधानों के तहत होगी और नागरिकों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी.
जाति संबंधी डेटा भी रहेगा शामिल
इस बार की गिनती को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें जाति से जुड़े प्रश्न भी शामिल किए जाएंगे. दूसरे चरण में लोगों की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं, और इसी दौरान जाति का ब्योरा भी दर्ज किया जाएगा.
अधिकारियों का कहना है कि जनगणना के आंकड़े भविष्य की योजनाओं, बजट आवंटन और विकास कार्यक्रमों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे. इससे सरकार को विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों की जरूरतों का आकलन करने में मदद मिलेगी.
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