Dhanbad News: धनबाद में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. सरायढेला थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक ऐसे शख्स को पकड़ा है, जो कथित तौर पर कार के भीतर बैठकर मोबाइल के जरिए अवैध ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क संचालित कर रहा था. पुलिस को गुप्त सूचना मिलने के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध गतिविधि में शामिल आरोपी को हिरासत में ले लिया. प्रारंभिक जांच में उसके पास से मिले मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया. पुलिस का कहना है कि आरोपी सिर्फ खुद सट्टा खेलने तक सीमित नहीं था, बल्कि वह दूसरों को भी इस जाल में फंसाने का काम कर रहा था. मामले के सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी अब मोबाइल और डिजिटल पेमेंट के सहारे शहरों में तेजी से पैर पसार रही है.
पीके राय कॉलेज के पास पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली थी कि पीके राय कॉलेज गेट के नजदीक एक काले रंग की एसयूवी में बैठा व्यक्ति मोबाइल के जरिए संदिग्ध वित्तीय गतिविधियां कर रहा है. जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और वाहन के अंदर मौजूद युवक से पूछताछ शुरू की. शुरुआत में उसने सामान्य जवाब देने की कोशिश की, लेकिन जब मोबाइल और लेन-देन से जुड़े सवाल पूछे गए तो वह घबराया हुआ नजर आया. पुलिस को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसे वाहन समेत थाने लाया गया, ताकि विस्तृत जांच की जा सके.
पूछताछ में सामने आई डिजिटल सट्टे की परतें
थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने आरोपी के पास मौजूद दो मोबाइल फोन की जांच की. इसी जांच में कई ऐसे डिजिटल संकेत मिले, जिन्होंने पूरे मामले की दिशा बदल दी. मोबाइल में मौजूद चैट, संपर्क, संदेश और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड से पता चला कि ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ी गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जा रही थीं. जांच में यह भी सामने आया कि मोबाइल के माध्यम से लोगों को जोड़ने, रकम लगाने और जीत-हार के हिसाब से भुगतान लेने-देने की प्रक्रिया चलाई जा रही थी. पुलिस को यह भी संदेह है कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क से भी जुड़ा हो सकता है.
व्हाट्सएप चैट और ऑनलाइन पेमेंट ने खोले राज
पुलिस सूत्रों के अनुसार मोबाइल में कई ऐसे चैट रिकॉर्ड मिले, जिनमें लोगों को कम समय में ज्यादा कमाई का झांसा देकर इस खेल में शामिल करने की कोशिश की जा रही थी. इसके अलावा डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म के जरिए पैसों के लेन-देन के प्रमाण भी सामने आए हैं. कई यूपीआइ आधारित ट्रांजेक्शन, संदिग्ध भुगतान एंट्री और संपर्कों की सूची ने यह संकेत दिया कि यह गतिविधि अकेले नहीं, बल्कि व्यवस्थित तरीके से चल रही थी. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के तार और किन लोगों तक जुड़े हुए हैं.
मोबाइल में मिले सट्टेबाजी से जुड़े प्लेटफॉर्म
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के मोबाइल में ऐसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और एप्स भी मिले, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर सट्टेबाजी से जुड़े संचालन में किया जा रहा था. पुलिस का मानना है कि इन्हीं माध्यमों से लोगों को खेल, मैच या अन्य लालच के नाम पर जोड़कर पैसे लगाए जाते थे. पूछताछ में आरोपी ने यह स्वीकार किया कि वह लोगों को अधिक कमाई का सपना दिखाकर अपने संपर्क में लाता था. इसके बाद उनसे रकम लेकर उन्हें सट्टे के इस चक्र में शामिल किया जाता था. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह या संगठित डिजिटल फ्रॉड नेटवर्क सक्रिय है.
आरोपी की पहचान और जब्ती की कार्रवाई
पकड़े गए व्यक्ति की पहचान बाबूडीह इलाके के रहने वाले दीपक सिंह उर्फ मामा के रूप में हुई है. पुलिस ने उसके पास से दो मोबाइल फोन और जिस एसयूवी में बैठकर गतिविधि संचालित की जा रही थी, उसे जब्त कर लिया है. मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है. जांच टीम इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को इस जाल में फंसाया और कितनी रकम का अवैध लेन-देन हुआ.
पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
ऑनलाइन सट्टेबाजी और डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि कोई भी प्लेटफॉर्म, लिंक, व्हाट्सएप ग्रुप या व्यक्ति अगर कम समय में मोटी कमाई का लालच दे, तो उससे दूरी बनाकर रखें. पुलिस ने यह भी कहा है कि इस तरह की गतिविधियों की सूचना तुरंत थाने या साइबर सेल को दी जानी चाहिए. धनबाद में हुई यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी अब सिर्फ मनोरंजन का खेल नहीं, बल्कि संगठित आर्थिक अपराध का रूप लेती जा रही है.
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