Kolkata Railway News : पूर्व रेलवे ने अपने उपनगरीय नेटवर्क में स्वच्छता को लेकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाते हुए लंबे समय से उपेक्षित पड़े कचरा स्थलों को साफ करने की बड़ी पहल की है. पर्यावरण और हाउसकीपिंग से जुड़े इस विशेष अभियान में उन जगहों को प्राथमिकता दी गई, जहां वर्षों से अवैध रूप से कचरा डाला जा रहा था. इस दौरान हजारों वर्ग फीट में फैले क्षेत्रों से सैकड़ों टन कचरे को हटाकर रेलवे की जमीन को दोबारा उपयोग योग्य बनाया गया. इस कार्रवाई से न सिर्फ स्टेशनों के आसपास का दृश्य बदला है, बल्कि यात्रियों को भी साफ-सुथरा माहौल मिलने लगा है.
कई स्टेशनों पर एक साथ चला अभियान, बड़े स्तर पर सफाई
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस अभियान के तहत 25 हजार वर्ग फीट से अधिक क्षेत्र को कवर किया गया, जहां से 400 टन से ज्यादा पुराने कचरे को हटाया गया. सबसे ज्यादा असर सियालदह मंडल के व्यस्त स्टेशनों पर देखने को मिला, जहां लंबे समय से जमा कचरे के कारण गंदगी और बदबू की समस्या बनी हुई थी.
संतोषपुर और बाघाजतिन स्टेशनों पर बड़े पैमाने पर सफाई की गई, जहां हजारों वर्ग फीट इलाके से भारी मात्रा में कचरा हटाया गया. इसी तरह सियालदह स्टेशन के आसपास भी कई टन कचरा साफ कर जगह को व्यवस्थित किया गया. इसके अलावा मोगराहाट, पातीपुकुर, टाला, बिधाननगर और कोलकाता स्टेशन जैसे स्थानों पर भी सफाई अभियान चलाकर वर्षों से जमा गंदगी को हटाया गया.
छोटे स्टेशनों तक पहुंचा अभियान, हर स्तर पर दिखा असर
यह पहल केवल बड़े स्टेशनों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उपनगरीय रूट के कई छोटे और मध्यम स्टेशनों को भी इसमें शामिल किया गया. लेक गार्डन, सोदपुर, सोनारपुर, हालीशहर, अगरपाड़ा और न्यू गड़िया जैसे इलाकों में भी सफाई कर कचरे के ढेर को खत्म किया गया. इन स्थानों पर सफाई के बाद न सिर्फ जगह खाली हुई, बल्कि वहां के वातावरण में भी सुधार देखा गया.
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रेलवे प्रशासन ने खास तौर पर उन इलाकों पर ध्यान केंद्रित किया, जो बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के पास स्थित हैं और जहां लगातार कचरा फेंका जाता था. ऐसे स्थानों को चिन्हित कर वहां विशेष अभियान चलाया गया.
बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष कार्रवाई
टॉलीगंज स्टेशन के पास स्थित एक प्रमुख रास्ता, जो लंबे समय से बाजार के कचरे से प्रभावित था, उसे पूरी तरह साफ किया गया. इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को आने-जाने में काफी सुविधा हुई है. वहीं संतोषपुर इलाके में सब्जी बाजार के पास कचरे से भरे रास्ते को साफ कर वहां भविष्य में कचरा फेंकने से रोकने के लिए घेराबंदी की व्यवस्था की जा रही है.
सफाई के बाद हरियाली पर जोर, बदलेगी तस्वीर
अभियान को केवल सफाई तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि कुछ स्थानों पर साफ किए गए इलाकों को हरित क्षेत्र में बदलने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं. संतोषपुर स्टेशन के पास पटरियों के किनारे एक स्थान को पूरी तरह साफ कर उसे छोटे उद्यान के रूप में विकसित किया गया है. इसे सुरक्षित रखने के लिए चारों ओर बाड़ भी लगाई गई है, ताकि दोबारा कचरा न डाला जा सके.
लोगों की सोच बदलने पर फोकस, जागरूकता भी जरूरी
पूर्व रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल कचरा हटाना नहीं, बल्कि लोगों की आदतों में बदलाव लाना भी है. रेलवे परिसरों को कचरा फेंकने की जगह के रूप में इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए लगातार जागरूकता बढ़ाई जा रही है.
इस पहल के जरिए गंदगी से भरे स्थानों को साफ-सुथरे और आकर्षक इलाकों में बदलने का प्रयास किया गया है, ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके और रेलवे परिसरों में स्वच्छता का स्तर लंबे समय तक बना रहे.
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