Chatra Plane Crash: चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कसारी जंगल में सोमवार रात बड़ा विमान हादसा सामने आया. तेज बारिश और अंधेरे के बीच हुई इस दुर्घटना में एयर एंबुलेंस के क्रैश होने की सूचना है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई है, हालांकि प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है.
तेज धमाका, फिर जंगल में उठीं आग की लपटें
सोमवार शाम करीब आठ बजे सिमरिया के ग्रामीणों ने तेज बारिश के बीच जोरदार धमाका सुना. कुछ ही क्षण बाद कसारी जंगल की ओर से आग की ऊंची लपटें दिखाई दीं. अनहोनी की आशंका में ग्रामीण मौके की ओर दौड़े.
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जंगल के भीतर पहुंचने पर वहां एक छोटा विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में पड़ा मिला. मलबे से धुआं उठ रहा था और आग सुलग रही थी. इसी बीच एक महिला का अधजला शव भी दिखाई दिया. सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर दी गई.
रांची से दिल्ली जा रही थी एयर एंबुलेंस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह एयर एंबुलेंस Birsa Munda Airport से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी. विमान ने शाम करीब सात बजे उड़ान भरी थी, लेकिन आधे घंटे बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से उसका संपर्क टूट गया. अंतिम सिग्नल पलामू-गढ़वा क्षेत्र के आसपास मिला था.
दुर्घटनाग्रस्त विमान रेड बर्ड कंपनी का सी-90 एयर एंबुलेंस बताया जा रहा है. इसमें पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत, को-पायलट कैप्टन समरजीत सिंह, डॉक्टर विकास गुप्ता, मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना देवी, ध्रुव कुमार और पैरामेडिकल स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा सवार थे.
65 फीसदी जले मरीज को ले जाया जा रहा था दिल्ली
जानकारी के अनुसार लातेहार जिले के चंदवा निवासी 41 वर्षीय संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था. वे आगजनी की घटना में करीब 65 प्रतिशत तक झुलस गए थे और रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे. हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली रेफर किया गया था.
कारणों पर सस्पेंस, जांच शुरू
फिलहाल हादसे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है. खराब मौसम, तेज बारिश और हवा को संभावित कारणों में माना जा रहा है. पुलिस का कहना है कि विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही दुर्घटना के असली कारणों का खुलासा होगा.
रात के अंधेरे और लगातार बारिश के कारण राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हुआ, फिर भी प्रशासनिक अधिकारी देर रात तक मौके पर डटे रहे.
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