IED Blast: Manoharpur (West Singhbhum): झारखंड के सारंडा जंगल में अचानक हुए आईईडी विस्फोट ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया. पत्ता चुनकर लौट रही कोलबोंगा गांव की 18 वर्षीय युवती फूलो धनवार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य महिलाएं घायल होकर अस्पताल पहुंची. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि फूलो का शरीर कई फीट हवा में उछलकर जमीन पर आ गिरा और उसकी हालत देख गांववालों में कोहराम मच गया.
पहाड़ी रास्ते पर बिछे आईईडी की चपेट में आई तीन महिलाएं
दोपहर लगभग 2 बजे, जराइकेला थाना क्षेत्र के लेबरागढ़ जंगल में ग्रामीणों का दल रोज़ की तरह पत्ता चुनकर वापस लौट रहा था. इसी दौरान जंगल की पहाड़ी पर नक्सलियों द्वारा प्रतीक्षारत पुलिस व सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए लगाए गए आईईडी में अचानक जोरदार धमाका हुआ. विस्फोट की जद में आई फूलो की मौके पर मौत हो गई, जबकि उसके साथ की दो महिलाएं गंभीर रूप से जख्मी हो गईं.
मुखिया की बहन भी गंभीर रूप से घायल
घायल महिलाओं की पहचान बिरसी धनवार (35) और सालमी कांडुलना (32) के रूप में हुई है. सालमी लाइलोर पंचायत की मुखिया बिरसा कंडुलना की बहन हैं. उसे शरीर के कई हिस्सों में गहरी चोटें आई हैं और प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है.
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“दोनों पैर उड़ चुके थे” — प्रत्यक्षदर्शियों की आंखों देखा हाल
गांव के लोगों ने बताया कि धमाके के तुरंत बाद जब वे फूलो के पास पहुंचे, तो उसका शरीर खून से लथपथ था और दोनों पैर उड़ चुके थे. घुटने के ऊपर का हिस्सा बुरी तरह फट गया था. ग्रामीण उसे उठाए अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया. वह सुबह अपने पिता सामू धनवार के साथ पत्ता चुनने गई थी.
नक्सली बैलूमाइन से फिर ग्रामीणों पर खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में सुरक्षा बलों की हलचल बढ़ने के बाद नक्सलियों ने आईईडी की संख्या बढ़ा दी है. पुलिस को निशाना बनाने के लिए लगाए गए ये विस्फोटक अक्सर निर्दोष ग्रामीणों की जान पर भारी पड़ रहे हैं.
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