Bihar Infrastructure Project : सुलतानगंज-अगुवानी गंगा ब्रिज परियोजना के एप्रोच मार्ग का निर्माण अब रफ्तार पकड़ चुका है. पहले जिन कारणों से काम प्रभावित हो रहा था, उन्हें प्रशासनिक स्तर पर सुलझा लिया गया है. इसके बाद निर्माण एजेंसी को काम करने में आसानी हुई है और अब साइट पर गतिविधियां तेज हो गई हैं. तय समयसीमा को ध्यान में रखते हुए कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है.
जमीन खाली होने से निर्माण में तेजी
अप्रोच पथ के रास्ते में बसे परिवारों के कारण काम बाधित हो रहा था. अधिकारियों के मुताबिक, कुल 12 प्रभावित परिवारों को 11 मार्च को मुआवजा दिया गया. इसके बाद उनके घर हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई. कई मकान हटाए जा चुके हैं और बाकी को भी जल्द खाली कराया जा रहा है. इससे निर्माण क्षेत्र अब लगभग साफ हो गया है और मशीनों के संचालन में सहूलियत मिली है.
बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
विभागीय मंजूरियों के बाद अड़चनें खत्म
परियोजना से जुड़े अन्य विभागों ने भी अपनी जिम्मेदारियां पूरी कर दी हैं. वन विभाग ने करीब 40 पेड़ों की कटाई और लगभग 70 पेड़ों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की अनुमति दी है. वहीं बिजली विभाग ने एप्रोच मार्ग में आ रहे 80 पोल को हटाकर दूसरी जगह स्थापित कर दिया है. इन कार्यों के पूरा होने से निर्माण में आ रही तकनीकी बाधाएं समाप्त हो गई हैं.
अंतिम चरण में एप्रोच रोड, आगे का काम जारी
करीब 4.1 किलोमीटर लंबे और 28 मीटर चौड़े फोरलेन एप्रोच पथ का निर्माण अब अंतिम चरण में है. जानकारी के अनुसार, लगभग 3.8 किलोमीटर हिस्से में मिट्टी भराव का कार्य पूरा हो चुका है. इसके बाद सड़क निर्माण के तहत अलकतरा बिछाने का काम तेजी से किया जा रहा है.
परियोजना के एक हिस्से में, जहां रेलवे लाइन गुजरती है, वहां गर्डर लॉन्चिंग के लिए रेलवे से अनुमति का इंतजार है. जैसे ही मंजूरी मिलती है, उस हिस्से का काम भी तेजी से शुरू किया जाएगा. निर्माण एजेंसी का अनुमान है कि वर्तमान गति बनी रही तो अगले दो वर्षों में पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है.
गंगा नदी में पिलर निर्माण का कार्य भी तेजी से जारी है. विशेष रूप से पाया संख्या 10, 11 और 12 पर काम को प्राथमिकता दी जा रही है. इंजीनियरिंग टीम इस हिस्से पर लगातार निगरानी रख रही है, ताकि गुणवत्ता और समयसीमा दोनों सुनिश्चित की जा सकें.
इस परियोजना के पूरा होने के बाद सुलतानगंज और उत्तर बिहार के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी. इससे व्यापार, आवागमन और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है. सरकार ने इस परियोजना के लिए एप्रोच रोड का कार्य 2026 तक और पूरे पुल का निर्माण 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
इसे भी पढ़ें-बिहार दिवस पर भागलपुर में रंगारंग सांस्कृतिक उत्सव, प्रतिभाओं को मिला सम्मान
इसे भी पढ़ें-भागलपुर में LPG आपूर्ति सामान्य, 12 हजार उपभोक्ताओं को मिला सिलेंडर, बैकलॉग तेजी से घटा
इसे भी पढ़ें-भागलपुर DM ने कृषि समन्वयक को किया सस्पेंड, परिवार के सभी सदस्यों को लाभ मिलने का मामला

