Bihar Weather Alert: बिहार में मार्च की शुरुआत में ही गर्मी ने लोगों की धड़कनें तेज कर दी हैं. जहां आम तौर पर इस महीने हल्की गुलाबी ठंड और ठंडी हवाओं का अहसास होता था, वहीं इस बार फरवरी खत्म होते ही राज्य के कई हिस्सों में दिन का पारा 33 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है. दोपहर की तेज धूप लोगों को झुलसा रही है और बाहर निकलना मुश्किल होता जा रहा है.
IMD ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, लेकिन 10 मार्च को सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जिलों में हल्की बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है. इस तरह तपती गर्मी के बीच इन जिलों के लिए राहत और आफत दोनों एक साथ आने वाली है.
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धूप तेज, पारा 33 डिग्री के पार
राज्य के कई हिस्सों में दिन के समय सूरज की तपिश और बढ़ गई है. बीते 24 घंटों में बांका में सबसे ज्यादा 33.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. पटना, गया, मुजफ्फरपुर और आसपास के शहरों में दोपहर में धूप की तीखी गर्मी महसूस की जा रही है.
#अधिकतम #तापमान और #परिवर्तन पिछले 24 घंटा #बिहार जिलों से। pic.twitter.com/jeDQfovHJK
— Mausam Bihar- IMD Patna (@imd_patna) March 4, 2026
ग्रामीण इलाकों में अभी भी सुबह और देर रात हल्की ठंडक बनी रहती है, लेकिन दिन में सूरज की किरणें लोगों के लिए कष्टदायक बन गई हैं. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च की शुरुआत में इतनी तेज गर्मी असामान्य है और इसका असर कृषि, स्वास्थ्य और बिजली की खपत पर पड़ेगा.
10 मार्च को इन 5 जिलों में बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट
IMD ने 10 मार्च को बिहार के सीमांचल और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में मौसम के बदलाव का येलो अलर्ट जारी किया है. सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना है.
इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है. मौसम विभाग ने किसानों और ग्रामीणों से सतर्क रहने और अपने खेतों, घरों और बिजली उपकरणों को सुरक्षित रखने की अपील की है.
अगले 24-48 घंटों में तापमान में बढ़ोतरी के संकेत
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले एक-दो दिन में राज्य के अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री तक वृद्धि हो सकती है. न्यूनतम तापमान में भी 2 से 4 डिग्री तक वृद्धि होने की संभावना है.
अगर यह प्रवृत्ति जारी रही, तो अगले सप्ताह कई जिलों में तापमान 35-36 डिग्री तक पहुंच सकता है. विशेषज्ञों ने कहा कि इस तरह की अचानक बढ़ती गर्मी से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, खासकर वृद्ध और बच्चों को.
इस साल का मौसम पैटर्न: ला-नीना और हिंद महासागर का असर
2026 का मौसम पैटर्न विशेषज्ञों के लिए भी पेचीदा नजर आ रहा है. ला-नीना के कमजोर पड़ने और हिंद महासागर की तटस्थ स्थिति के कारण मानसून की गणित बिगड़ सकती है.
विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है, जबकि दक्षिण बिहार में सूखे की स्थिति देखने को मिल सकती है. इसके अलावा, जल संकट गहराने और खेतों में फसल नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है.
सावधानी और सुझाव
मौसम विभाग ने आम जनता और किसानों से अपील की है कि:
- तेज धूप में बाहर निकलते समय सुरक्षित कपड़े और पानी का प्रयोग करें.
- बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान घर के अंदर सुरक्षित स्थान चुनें.
- खेतों में फसल की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं.
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च में यह गर्मी असामान्य है, लेकिन आगामी हल्की बारिश और हवाओं से कुछ राहत मिलने की संभावना है.
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