Modi in Singur: बंगाल के सिंगूर इलाके में 18 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. सिंगूर लंबे समय से भूमि आंदोलन और औद्योगिक विवाद के लिए जाना जाता रहा है. 2008 में टाटा मोटर्स का नैनो प्रोजेक्ट इस इलाके से गुजरात चला गया था, जिसने बंगाल में औद्योगिक ठहराव और राजनीतिक विवाद को जन्म दिया. अब वही सिंगूर प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम और जनसभा का मंच बनने जा रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी असम से सिंगूर पहुंचेंगे और हुगली जिले में कुल 830 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं उद्घाटन करेंगे. इसमें नई जयरामबती-गोपीनाथ-मयनापुर रेलवे लाइन, बालागढ़ में ‘एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम’, और पर्यटन व जल परिवहन के लिए आधुनिक इलेक्ट्रिक बोट शामिल हैं. इसके अलावा सिंगूर से तीन अमृत भारत ट्रेनें रवाना की जाएंगी, जो कोलकाता को दिल्ली, बनारस और चेन्नई से जोड़ेगी.
टाटा नैनो प्रोजेक्ट के 17 साल बाद मोदी का दौरा
सिंगूर से जुड़ी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है. 17 साल पहले टाटा मोटर्स का नैनो प्रोजेक्ट सिंगूर से गुजरात चला गया, जिसे बंगाल के औद्योगिक ठहराव और अवसरों की हानि के रूप में देखा गया. भाजपा इसे चुनावी रणनीति के तहत औद्योगिक ठहराव और निवेश की कमी का प्रतीक मान रही है. पश्चिम बंगाल में भाजपा नेताओं का मानना है कि प्रधानमंत्री का दौरा न केवल निवेशकों को संदेश देगा, बल्कि आम जनता को यह दिखाने का प्रयास भी है कि औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए नए प्रयास किए जा सकते हैं.
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतीकात्मक माना जा रहा है. यह संकेत भी देता है कि टाटा के जाने के बाद बंगाल पिछड़ा नहीं रहा है, बल्कि नई परियोजनाओं और निवेश के माध्यम से आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा दिया जा रहा है.
830 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
प्रधानमंत्री मोदी सिंगूर में कुल 830 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. इनमें नई जयरामबती-गोपीनाथ-मयनापुर रेलवे लाइन, बालागढ़ में ‘एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम’, और हुगली नदी के किनारे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक इलेक्ट्रिक बोट शामिल हैं. पीएमओ की ओर से बताया गया कि यह छह इलेक्ट्रिक बोटों में से पहली है, जिन्हें स्वदेशी रूप से अंतर्देशीय जल परिवहन के लिए निर्मित किया गया है.
इसके अलावा सिंगूर से तीन अमृत भारत ट्रेनें रवाना की जाएंगी, जो कोलकाता को दिल्ली, बनारस और चेन्नई से जोड़ेंगी. इस कदम का उद्देश्य न केवल परिवहन और व्यापार को बेहतर बनाना है, बल्कि राज्य में औद्योगिक और आर्थिक निवेश के लिए एक स्पष्ट संदेश देना भी है.
सिंगूर दौरे से पहले पोस्टर विवाद और चुनावी तनाव
प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से पहले सिंगूर में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है. रतनपुर इलाके में सड़क किनारे विवादित पोस्टर लगाए गए, जिनमें मोदी को निशाना बनाया गया और नागरिकता से जुड़ा आरोप लगाया गया. भाजपा का आरोप है कि यह पोस्टर तृणमूल कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं, जबकि तृणमूल इसे आम जनता की प्रतिक्रिया बता रही है.
विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के संदेश और रणनीति का हिस्सा है. चुनाव के दृष्टिकोण से इसे प्रतीकात्मक रूप से देखा जा रहा है, जिससे जनता और निवेशकों के बीच राजनीतिक संदेश और विकास संबंधी संकेत दोनों भेजे जा सकें.
चुनाव और विकास के दृष्टिकोण से मोदी का सिंगूर दौरा
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा चुनाव और विकास दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. भाजपा इसे न केवल औद्योगिक और निवेश के संदेश के रूप में प्रस्तुत कर रही है, बल्कि आम जनता और चुनावी रणनीति के लिए भी इसे रणनीतिक रूप से इस्तेमाल कर रही है. विशेषज्ञों के अनुसार, सिंगूर दौरे के माध्यम से भाजपा यह दिखाना चाहती है कि औद्योगिक और आर्थिक विकास राज्य की प्राथमिकता है और इसे लागू करने के लिए पार्टी तैयार है.
इस दौरे में उद्घाटन और शिलान्यास की जाने वाली परियोजनाएं बंगाल में निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं. साथ ही चुनावी माहौल में यह दौरा पार्टी के संदेश को मजबूत करेगा और जनता के बीच विकास और औद्योगिक निवेश का भरोसा बनाएगा.
इसे भी पढ़ें-मुर्शिदाबाद में हालात तनावपूर्ण, सांसद यूसुफ पठान पर उठे सवाल; तृणमूल ने दी सफाई

