Nitish Kumar : बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर से गुजरती नजर आ रही है. लंबे समय तक राज्य की सत्ता संभालने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने की ओर बढ़ रहे हैं. लोकसभा, विधानसभा और विधान परिषद में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के बाद अब वे राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं. इसी के साथ यह अटकलें भी तेज हो गई हैं कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि खरमास समाप्त होने के बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जिससे बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय खुल सकता है.
लंबे कार्यकाल में लिए गए कई बड़े निर्णय
करीब दो दशकों तक मुख्यमंत्री रहते हुए नीतीश कुमार ने बिहार में कई ऐसे फैसले लागू किए, जिनका असर सीधे आम लोगों के जीवन पर पड़ा. बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने से लेकर सामाजिक संतुलन बनाने तक, उनकी सरकार ने कई मोर्चों पर काम किया. ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंचाने की पहल, महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रयास, शिक्षा के क्षेत्र में योजनाएं और सामाजिक आंकड़ों को सामने लाने के लिए सर्वेक्षण जैसे कदम उनके शासनकाल की प्रमुख पहचान बने. इन फैसलों ने राज्य के विकास मॉडल को एक अलग दिशा देने का काम किया.
10 फैसले जिन्होंने बनाई अलग पहचान
- पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया, जिससे बड़ी संख्या में महिलाओं को अवसर मिला.
- पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर स्थानीय शासन में उनकी हिस्सेदारी सुनिश्चित की गई.
- महिला रोजगार को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहायता योजनाएं शुरू की गईं, जिनमें शुरुआती सहायता राशि और आगे बढ़ी हुई वित्तीय मदद का प्रावधान रखा गया.
- राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू कर सामाजिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया.
- जीविका समूहों के विस्तार के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल को मजबूती दी गई.
- सात निश्चय योजना के माध्यम से सड़क, पानी, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसका तीसरा चरण भी स्वीकृत किया गया.
- हर घर बिजली पहुंचाने की योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को मजबूत किया गया.
- जातिगत सर्वेक्षण कराकर सामाजिक संरचना से जुड़े आंकड़ों को सामने लाया गया, जो नीतिगत फैसलों में सहायक बना.
- शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए साइकिल और पोशाक योजना लागू की गई, जिससे स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने का प्रयास हुआ.
- महादलित आयोग का गठन कर समाज के सबसे पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए विशेष पहल की गई.
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